Dhurandhar में छाए Akshaye Khanna: रणवीर हीरो, पर चर्चा सिर्फ अक्षय खन्ना की धुरंधर में जबरदस्त कमबैक बिना ग्लैमर, बिना शोर
आज की बड़ी फिल्मी खबर सीधे धुरंधर के मैदान से। रणवीर सिंह भले ही फिल्म के आधिकारिक हीरो हैं, लेकिन सोशल मीडिया, थिएटर, रिव्यू प्लेटफॉर्म और सिनेमा के जानकारों ने जिस नाम को सबसे ऊपर रख दिया है, वह है अक्षय खन्ना। फिल्म की कहानी क्या है, आदित्य धर ने इसे किस अंदाज़ में पेश किया है, यह सब बाद की चर्चा है। पहली और सबसे गर्म चर्चा यह है कि अक्षय खन्ना ने पर्दे पर ऐसा जलवा दिखाया कि बाकी बड़े सितारे भी पीछे रह गए।
धुरंधर में अक्षय खन्ना रहमान बलोच यानी रहमान डकैत के किरदार में नज़र आए हैं। उनका डायलॉग डिलीवरी, उनका डांस स्टाइल और उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी इतनी दमदार रही कि दर्शक देखते ही रह गए। नतीजा यह हुआ कि सोशल मीडिया पर हर तरफ अक्षय खन्ना छाए हुए हैं। ट्विटर ट्रेंड में अक्षय खन्ना, फेसबुक पोस्टों में अक्षय खन्ना और इंस्टाग्राम की लगभग हर दूसरी-तीसरी रील में अक्षय खन्ना। हैरानी की बात यह है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर उनका खुद का कोई अकाउंट मौजूद नहीं है। बिना किसी सोशल मीडिया प्रमोशन, बिना किसी मार्केटिंग प्लान, बिना इंटरव्यू, बिना PR टीम—सिर्फ और सिर्फ अभिनय के दम पर अक्षय ने यह कमाल कर दिखाया है।
अक्षय हमेशा से लाइमलाइट से दूर रहने वाले कलाकार रहे हैं। न पार्टियां, न ज्यादा इंटरव्यू, न शो-ऑफ़ वाला रवैया। उनकी पर्सनैलिटी शांत, संयमित और बेहद सरल है। उनका यह विश्वास हमेशा अटूट रहा कि अगर फिल्म अच्छी होगी और अभिनय सच्चा होगा तो दर्शक खुद तलाश कर लेंगे। धुरंधर की सफलता इस बात को साबित कर रही है।
करीब 28 साल पहले हिमालय पुत्र से करियर की शुरुआत करने वाले अक्षय को सोलो हीरो के रूप में खास सफलता नहीं मिली। उनका सफर बॉर्डर, ताल, हमराज़, हंगामा और नकाब जैसी फिल्मों से गुजरता हुआ आगे बढ़ा, लेकिन वे हमेशा मल्टीस्टारर फिल्मों में सह-कलाकार के रूप में पहचान पाते रहे। इस बीच उनका झड़ते बालों वाला लुक भी चर्चा में रहा, जिसने उनका आत्मविश्वास भी हिला दिया था। जहां कई अभिनेता विग या ट्रांसप्लांट का रास्ता चुनते हैं, अक्षय ने खुद को उसी प्राकृतिक रूप में स्वीकार किया। दिल चाहता है से लेकर गांधी, माय फादर तक अक्षय ने अपने लुक को स्क्रीन पर अपनाया और धीरे-धीरे एक अलग पहचान बना ली।
इसी साल रिलीज़ हुई छावा में औरंगज़ेब का किरदार निभाकर उन्होंने एक बार फिर यह दिखा दिया था कि वे गहराई वाले किरदारों के लिए ही बने हैं। लेकिन धुरंधर ने तो मानो पूरा खेल ही बदल दिया है। यह फिल्म पहले से ही ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह अक्षय खन्ना का शानदार अभिनय है। कई पत्रकार, जिनमें यासिर उस्मान जैसे अनुभवी नाम शामिल हैं, अक्षय खन्ना के पुराने इंटरव्यू का जिक्र करते हैं, जहां उन्होंने कहा था—प्रमोशन जैसी चीजें उन पर फिट नहीं बैठतीं। यही कारण है कि वे शायद ही कभी किसी प्रमोशन इवेंट या अवॉर्ड शो में दिखाई देते हैं।
फिल्म समीक्षक भी लंबे समय से मानते हैं कि अक्षय खन्ना को अक्सर अंडररेटेड कहा जाता है, लेकिन इसका कारण उनका शांत और गहराई भरा अभिनय है। वे कभी भीड़ में खड़े होने की ज़िद नहीं करते, लेकिन जब भी स्क्रीन पर आते हैं, अपनी गंभीरता और प्रभाव से भीड़ को खुद खींच लेते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल उनके एक पुराने इंटरव्यू में वे कहते दिखते हैं क्या सफलता का मतलब सिर्फ शाहरुख खान बनना है? कम ही लोगों को फिल्मों में हीरो बनने का मौका मिलता है। मैंने अपनी शर्तों पर काम किया और यही मेरी सफलता है।”
धुरंधर की सफलता के बाद यह बात अक्षरशः सच साबित हो चुकी है। कम बोलने वाले, कम दिखने वाले अक्षय खन्ना आज असली लाइमलाइट में हैं। अपने अभिनय से उन्होंने प्रचार तंत्र पर नहीं, बल्कि प्रतिभा पर भरोसा दिखाया और खेल पलट दिया। अब देखने वाली बात यह होगी कि अक्षय खन्ना का यह शानदार सफर आगे कहाँ तक जाता है।





