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दिल्ली-NCR के आसमान में बेमौसम धुंध क्यों? क्या ईरान जंग का है असर? — मौसम विशेषज्ञों ने बताई असली वजह

दिल्ली-NCR के कई इलाकों में अचानक घनी धुंध छा गई। गाज़ियाबाद और मेरठ में दृश्यता काफी कम हो गई और दिल्ली-मेरठ Expressway पर वाहन रेंगते हुए चले। लोगों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं और पूछा कि क्या यह बेमौसम धुंध है या कोई असामान्य मौसमी घटना।

नोएडा में भी मार्च में गर्मी की दस्तक के बावजूद धुंध का असर कम नहीं हुआ। शहर का AQI Orange Zone में दर्ज किया गया। सड़कों और ऊँची इमारतों के आसपास धुंध की परत साफ नज़र आई।

फर्रुखाबाद में मार्च में दिसंबर जैसा कोहरा छाया और वाहन चालकों को लाइट जलाकर धीरे-धीरे चलने पर मजबूर होना पड़ा। कानपुर में भी अचानक मौसम ने करवट ली और Expressway पर वाहन रेंगते दिखे।

संक्षिप्त जानकारी — दिल्ली-NCR धुंध 10-11 मार्च 2026

विवरणजानकारी
घटनामार्च में बेमौसम घनी धुंध
प्रभावित क्षेत्रदिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, मेरठ, फर्रुखाबाद, कानपुर, अंबाला
दिल्ली AQI236 (खराब श्रेणी — Orange Zone)
सबसे खराब AQI230 — सुबह 7:31 बजे (Severe)
धुंध की असली वजहबलूचिस्तान और मध्य पाकिस्तान से आई धूल भरी हवाएँ
हवा की गति30 से 35 किमी प्रति घंटा (पश्चिम से)**
ईरान युद्ध का असर?नहीं — भारत तक धुआँ पहुँचने की संभावना नगण्य
न्यूनतम तापमान18.8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक)
अधिकतम तापमान36 डिग्री सेल्सियस (अनुमानित)
IMD का अलर्टYellow Alert जारी

असली कारण क्या है? — बलूचिस्तान और पाकिस्तान से आई धूल

दिल्ली-NCR में यह धुंध इसलिए छाई क्योंकि 5 और 6 मार्च के बीच पश्चिम से 30 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलीं और बलूचिस्तान तथा मध्य पाकिस्तान से धूल भरी हवाएँ भारत की तरफ बह आईं।

यह कोई पहली बार नहीं है। हर साल मार्च-अप्रैल में पश्चिमी विक्षोभ और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के रेगिस्तानी इलाकों से धूल भरी आँधियाँ उत्तर भारत तक पहुँचती हैं। इस बार हवाओं की गति और दिशा ऐसी रही कि यह धूल दिल्ली-NCR के ऊपर जमा हो गई और धुंध जैसा नज़ारा बन गया।

क्या ईरान जंग का धुआँ पहुँचा दिल्ली? — नहीं!

यह सबसे बड़ा सवाल है जो हर दिल्लीवाले के मन में है। सोशल मीडिया पर भी लोग पूछ रहे थे — “क्या युद्ध का धुआँ यहाँ पहुँच गया?” जवाब है — नहीं।

ईरान में बमबारी से उठे धुएँ के कारण Tehran के आसपास अम्ल वर्षा ज़रूर हुई लेकिन इसका असर केवल Tehran तक सीमित रहा। भारत तक इसके पहुँचने की संभावना बेहद कम है क्योंकि दूरी 2,500 से 3,000 किमी है। अगर हवाएँ पश्चिम से आती रहें तो यह धुआँ भारत तक आ सकता था लेकिन हवाओं की दिशा विपरीत है इसलिए वह धुआँ चीन और रूस की ओर जाएगा, भारत की ओर नहीं।

विश्लेषण — दिल्ली धुंध के कारण और ईरान जंग — तुलना

पहलूअसली कारणईरान जंग का असर
धुंध का स्रोतबलूचिस्तान/पाकिस्तान की धूलTehran तक सीमित
दूरी500-800 किमी2,500-3,000 किमी
हवाओं की दिशापश्चिम से भारत की ओरविपरीत दिशा
भारत पर असरहाँ — धूल और धुंधनहीं — नगण्य
AQI पर असरप्रत्यक्षअप्रत्यक्ष
IMD की रायधूल भरी पश्चिमी हवाएँयुद्ध से कोई संबंध नहीं

दिल्ली का तापमान — सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक

राष्ट्रीय राजधानी में Safdarjung Observatory पर न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है। Palam और Lodi Road पर भी न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री रहा। Ridge Station पर सबसे अधिक 19.6 डिग्री दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने दिन का अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।

ये धूल कण सूर्य की ऊर्जा को रोकते हैं जिससे पिछले कुछ दिनों में अचानक गर्मी बढ़ गई है।

AQI 236 — खराब श्रेणी में दिल्ली

दिल्ली का AQI सुबह 7:31 बजे 230 के साथ सबसे खराब स्तर पर था। मौजूदा AQI स्तर 201 है जो ‘Severe’ श्रेणी में आता है। ऐसे AQI में बाहर जाना हो तो Mask पहनना ज़रूरी है और घर के अंदर Air Purifier चलाने की सलाह दी जाती है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आँकड़ों के अनुसार सोमवार सुबह 9 बजे AQI 236 पर था जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

आने वाले दिनों में क्या होगा?

दिल्ली और आसपास के इलाके गर्मियों में Ozone प्रदूषण के लिए तैयार रहें क्योंकि तापमान बढ़ने के साथ यह खतरा और बढ़ेगा।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में पश्चिमी हवाओं की दिशा बदलने के बाद धुंध कम होने की उम्मीद है। लेकिन तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का मौसम जल्द शुरू होने वाला है।

क्या करें दिल्लीवाले? — ज़रूरी सुझाव

सुबह और शाम बाहर निकलने से बचें खासकर 6 से 10 बजे के बीच जब AQI सबसे खराब होता है। बाहर जाना ज़रूरी हो तो N95 Mask पहनें। घर में Air Purifier चलाएँ और खिड़कियाँ बंद रखें। बच्चों और बुज़ुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गाड़ी चलाते समय Headlights चालू रखें और धीरे चलें।

ईरान का धुआँ नहीं — पाकिस्तान की धूल है असली वजह

दिल्ली-NCR में छाई यह बेमौसम धुंध ईरान जंग की वजह से नहीं बल्कि बलूचिस्तान और मध्य पाकिस्तान की धूल भरी पश्चिमी हवाओं की वजह से है। यह हर साल मार्च-अप्रैल में होता है लेकिन इस बार हवाओं की गति और दिशा की वजह से असर ज़्यादा दिखा। ईरान में जंग की आँच भारत की रसोई, शेयर बाज़ार और LPG तक पहुँच चुकी है लेकिन कम से कम दिल्ली का आसमान उस युद्ध के धुएँ से अभी महफूज़ है।

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