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Sweet Corn Cultivation: किसानो की खेती में चार चाँद लगा देगी स्वीट कॉर्न की इस तरीके से खेती, होगा तगड़ा मुनाफा, देखे A1 फार्मूला

Sweet Corn Cultivation: आजकल, खेती के पारंपरिक तरीकों में तेज़ी से बदलाव आ रहा है, और किसान ज़्यादा से ज़्यादा स्मार्ट बिज़नेस मॉडल अपना रहे हैं। कई किसानों ने इस बदलाव को अपना लिया है, और कुछ ने तो मीठे मक्के की खेती से 10 लाख रुपये तक की कमाई भी कर ली है।

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आज के समय में, कम समय में ज़्यादा मुनाफ़ा कमाने के लिए मीठा मक्का सबसे मज़बूत विकल्प बनकर उभरा है। आमतौर पर रबी के मौसम में अक्टूबर के आस-पास बोई जाने वाली यह फ़सल व्यापारियों की पहली पसंद है। बाज़ार में इसकी इतनी ज़्यादा मांग है कि व्यापारी सीधे खेतों से ही 15 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से फ़सल खरीदने को तैयार रहते हैं।

Sweet Corn Cultivation: सही मिट्टी और सबसे अच्छी किस्म के बीजों

मीठे मक्के की खेती की पूरी सफलता सही मिट्टी और सबसे अच्छी किस्म के बीजों के चुनाव पर निर्भर करती है। इसके लिए दोमट मिट्टी को सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें पानी जमा नहीं होता। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने खेतों की अच्छी तरह जुताई करें और गोबर की खाद डालें, ताकि मिट्टी को ज़रूरी पोषक तत्व मिल सकें।

Sweet Corn Cultivation: इसकी सिंचाई कैसे करे

बीज बोने के बाद, बीजों के सही अंकुरण के लिए सिंचाई का इंतज़ाम भी समझदारी से करना चाहिए। शुरुआत में, फ़सल को हर 7 से 10 दिन के अंतराल पर पानी देना काफ़ी होता है। लेकिन, जब पौधों में फूल आने लगें या दानों में दूध भरने लगे, तो मिट्टी में नमी का सही स्तर बनाए रखना बहुत ज़रूरी हो जाता है, ताकि भुट्टों की क्वालिटी बेहतरीन बनी रहे।

Sweet Corn Cultivation: फ़सल को कीड़ों और बीमारियों से बचाना

फ़सल को कीड़ों और बीमारियों से बचाना एक बड़ी चुनौती है, जिसका असरदार तरीके से सामना करना ज़रूरी है। तना छेदक और फॉल आर्मीवर्म जैसे कीड़े फ़सल को काफ़ी नुकसान पहुँचा सकते हैं। समय पर निराई-गुड़ाई करके और ज़रूरत पड़ने पर सही कीटनाशकों का इस्तेमाल करके, किसान प्रति एकड़ 120 क्विंटल तक की शानदार पैदावार हासिल कर सकते हैं।

Sweet Corn Cultivation: कब तक पककर तैयार होगी फसल और इसके फ़ायदा

मीठे मक्के की खेती का सबसे बड़ा फ़ायदा इसकी कटाई के समय और इसके प्राकृतिक मीठेपन में है। यह फ़सल आमतौर पर लगभग 70 से 80 दिनों में पककर कटाई के लिए तैयार हो जाती है। भुट्टों की कटाई तब करनी चाहिए जब दाने अभी भी दूधिया और मुलायम हों। कटाई में थोड़ी सी भी देरी होने पर दानों का मीठापन कम हो सकता है, जिससे बाद में बाज़ार में उसकी कीमत भी गिर सकती है।

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Sweet Corn Cultivation: मुनाफ़े की बात करें तो,

खेती की लागत जो लगभग 30,000 रुपये आती है घटाने के बाद भी, प्रति एकड़ 2 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफ़ा कमाया जा सकता है। किसी भी पारंपरिक फ़सल की खेती से तीन महीने से भी कम समय में इतना ज़्यादा शुद्ध मुनाफ़ा कमाना बहुत मुश्किल है। ठीक इसी वजह से आज के प्रगतिशील किसान इस आधुनिक खेती को अपनी सफलता का मंत्र बना रहे हैं।

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