छत्तीसगढ़

CG : ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर पलटने से बड़ा हादसा, तीन नाबालिग मजदूर गंभीर रूप से घायल…

बलरामपुर । जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत कमलापुर गांव में एक ईंट भट्ठे पर बड़ा हादसा सामने आया है, जहां ट्रैक्टर पलटने से तीन नाबालिग मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य करते हुए बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में बालश्रम की स्थिति और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ईंट भट्ठे में कार्यरत तीन नाबालिग मजदूर ट्रैक्टर के माध्यम से काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान ट्रैक्टर अचानक असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में तीनों बच्चे ट्रैक्टर के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी उम्र लगभग 11 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हादसे के बाद आसपास काम कर रहे अन्य मजदूरों और ग्रामीणों ने शोर सुनकर मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। किसी तरह ट्रैक्टर को हटाकर बच्चों को बाहर निकाला गया। गंभीर हालत को देखते हुए तीनों को तत्काल कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति गंभीर बताई। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ईंट भट्ठों में लंबे समय से नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है, जो कानूनन गलत है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई जगहों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर बच्चों से जोखिम भरा काम कराया जाता है, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। हादसे ने प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर जांच और कार्रवाई होती तो नाबालिग बच्चों को इस तरह के खतरनाक कामों में नहीं लगाया जाता। घटना के बाद क्षेत्र में बालश्रम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित ईंट भट्ठा संचालकों और वहां कार्यरत श्रमिक व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तीनों घायल बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर बालश्रम और औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है।

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