रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ शहर स्थित प्रतिष्ठित होटल ट्रिनिटी में संचालित सनराइज स्पा में देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।सीएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए होटल की सातवीं मंजिल पर संचालित स्पा में दबिश दी। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई इस रेड के दौरान स्पा के अलग-अलग कमरों की जांच की गई, जहां आपत्तिजनक गतिविधियों के संकेत मिले।कार्रवाई के दौरान स्पा के कमरों से तीन महिलाएं मिलीं, जिससे स्पा की आड़ में देह व्यापार चलने की पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके की स्थिति, कमरों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया।रेड के बाद पुलिस ने स्पा संचालक विनयकांत बरगट और होटल मैनेजर देवेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है और इस अवैध गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
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होटल ट्रिनिटी में देह व्यापार का भंडाफोड़, स्पा संचालक व होटल मैनेजर गिरफ्तार
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भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह
बस्तर की संस्कृति को नए प्राण देने का कार्य कर रही छत्तीसगढ़ सरकार
पांच साल में विकसित बनेगा बस्तर
बस्तर पंडुम के विजेताओं को किया गया सम्मानित
जगदलपुर, 09 फरवरी 2026/ केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर भारत की संस्कृति का आभूषण है। बस्तर पण्डुम के माध्यम से यहां की संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को छत्तीसगढ़ सरकार ने नए प्राण देने का काम किया। बस्तर पंडुम 2026 के सभी विजेताओं को केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मानित किया। केंद्रीय गृहमंत्री ने बताया कि इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले लोक कलाकारों को राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहां उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने और सहभोज करने का अवसर भी मिलेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री श्री शाह ने जनजातीय कला एवं संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन तथा जनजातीय प्रकृति व परंपरा का उत्सव बस्तर पण्डुम के तीन दिवसीय संभाग स्तरीय आयोजन के समापन अवसर पर आज जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर संभाग के 07 जिले के 32 जनपद पंचायतों और 1885 ग्राम पंचायतों के 53 हजार से अधिक लोक कलाकारों ने 12 विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन्हीं लोक संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य बस्तर पण्डुम 2026 के माध्यम से राज्य की सरकार द्वारा किया जा रहा है।
आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना
श्री शाह ने कहा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु श्री राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। श्री शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।
उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।
40 गांवों के स्कूलों में गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती है
केन्द्रीय गृहमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के तहत प्रदेश सरकार लगातार माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में रोडमैप तैयार कर सड़क, पुल पुलिया, मोबाईल टॉवर स्थापित करने के साथ-साथ राशन वितरण, शुद्ध पेयजल, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बना रही है। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग के माओवाद प्रभावित गांवों में लाल आतंक के चलते विकास से कोसों दूर थे, वहां के 40 गांवों में स्कूल फिर से खोले गए। अब वहां गोलियों की आवाज की जगह स्कूल की घंटियां सुनाई देती हैं।
दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ जिले में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ
श्री शाह ने मंच से जानकारी दी कि बस्तर जिले में 118 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा तथा पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 02 लाख 75 हजार एकड़ में सिंचाई के लिए 220 मेगावॉट बिजली उत्पादन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। वहीं दूरस्थ अंचलों को मुख्यालयों से जोड़ने के लिए रेल परियोजनाओं और नदी जोड़ो परियोजना को विस्तार दिया जाएगा।
बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री श्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी श्री शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।
समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन
श्री साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।
बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।
बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे।
आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार – (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।
पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। श्री साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। श्री शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद श्री महेश कश्यप, पद्म श्री अजय मंडावी, श्रीमती बुधरी ताती, श्री हेमचंद मांझी, श्री पंडीराम मांझी, सांसद श्री भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर श्री संजय पांडे, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री सुन्दरराज पी, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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Rajnandgaon: वरिष्ठ कांग्रेसी हिंदूराव पवार (भाऊ) का निधन
अंतिम संस्कार 8 फरवरी को
राजनांदगांव। रामाधीन मार्ग निवासी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हिंदूराव पवार (भाऊ) का शनिवार को 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और उपचार के दौरान स्थानीय यूनाइटेड हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
परिजनों के अनुसार, स्व. पवार की इच्छा के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार 8 फरवरी को उनके गृह ग्राम सांगली, महाराष्ट्र में किया जाएगा। वे अपने पीछे तीन पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
स्व. हिंदूराव पवार प्रतिष्ठित आभूषण निर्माता नारायण पवार के अनुज तथा पूर्व पार्षद गणेश पवार के चाचा थे। उनके निधन से राजनीतिक, सामाजिक और पारिवारिक जगत में शोक की लहर है। कई गणमान्य नागरिकों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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Rajnandgaon: नियम विरूद्ध बने व्यवसायिक परिसर का आबंटन रोकेः कुलबीर
निगम आयुक्त व महापौर मधुसूदन यादव इस विषय को सामान्य सभा में जनप्रतिनिधियों से सहमति लेकर जनप्रतिनिधियों को फंसाने की तैयारी
निर्मित भवन को स्कूल के लैब के लिए दिया जाए
राजनांदगांव। म्युनिस्पल स्कूल आत्मानंद स्कूल पूर्व गांधी सभागृह पर नगर निगम द्वारा बनाए गए नियम विरूद्ध अवैध दुकानों के सामान्य सभा में प्रस्ताव लाने की तैयारी महापौर परिषद द्वारा की जा रही है। जिसको लेकर पूर्व पार्षद कुलबीर सिंह छाबड़ा ने आपत्ति लगाते हुए कहा कि पर्यावरण एवं नगरीय विकास विभाग सचिव विवेक ढांड द्वारा 10.12.2002 आदेश क्रमांक 1793/2017 पर्या.न.प्र/2002 के राजपत्रित आदेश के आदेशानुसार शैक्षणिक संस्थाओं के परिसर एवं उसके आसपास किसी भी दशा में दुकानों की अनुमति नहीं दी जायेगी। जब नगर निगम की अधिनस्त व्यवसायिक परिसर की भूमि नहीं है तो निगम द्वारा बनाए गए व्यवसायिक परिसर नियम विरूद्ध एवं पूर्णत अवैध निर्माण व नगर निगम द्वारा निर्माण कार्य में व्यय की गई राशि आर्थिक अनियमिता है। जबकि पूर्व में बने गांधी सभागृह स्कूल परिसर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा हुआ है जो कि डेंजर जोन में आता है, जहां पर आये दिन दुर्घटना होना सामान्य सी बात है, ऐसी जगह पर व्यवसायिक परिसर पूर्णता गलत है।
श्री छाबड़ा ने कहा कि बने व्यवसायिक परिसर दुकानों का अवैध निर्माण का विरोध मेरे द्वारा पहले भी किया जा चुका है और लिखित में निगम आयुक्त को पत्र के माध्यम से अवगत भी करा चुका हूं कि नियम विरूद्ध हो रही अवैध व्यवसायिक परिसर की आबंटन की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त कर स्कूल को सौंपने की कार्यवाही करें और परिसर के निर्माण में हुई आर्थिक शासकीय क्षति संबंधित लोगों पर कार्यवाही करें निगम द्वारा बनाए गए निर्माण को स्कूल के लैब से जोड़ा जाए ताकि यह निर्माण स्कूल में समायोजित होने से विद्यार्थियों के लिए हो रही कमी को पूरा किया जा सकता है। महापौर मधुसूदन यादव द्वारा नियम को ताक में रखते हुए आगामी होने वाली सामान्य सभा में लाया जा रहा है। जमीन आबंटन की प्रक्रिया भी नियम विरूद्ध की गई है एवं मास्टर प्लान का भी पालन न कर नियमों विरूद्ध कार्य किया गया है। मैं निगम प्रशासन से मांग करता हूं कि इस जनहित इस मुद्दें पर तत्काल रोक लगाई जाएं नहीं तो नियम विरूद्ध बने इस व्यवसायिक परिसर दुकानों की आबंटन की प्रक्रिया रोकने व बच्चों के भविष्य को देखते हुए एवं सभी इस विषय को पास करने वाले जनप्रतिनिधियों के विरूद्ध भी न्यायालयीन कार्यवाही हेतू मजबूर होना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।
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कपड़ा प्रेस दुकान में सट्टा लिखते सटोरिया गिरफ्तार, 38 हजार रुपये जप्त
राजनांदगांव। डोंगरगढ़ पुलिस ने अवैध सट्टा कारोबार पर कार्रवाई करते हुए एक सटोरिये को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल के माध्यम से अंकों पर रुपये-पैसों का दांव लगवाकर सट्टा-पट्टी लिख रहा था।
पुलिस को 06 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि भगत सिंह चौक स्थित कक्कड़ गोदाम के सामने अपनी कपड़ा प्रेस दुकान में रविन्द्र बाघमारे सट्टा लिख रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी और आरोपी को सट्टा लिखते हुए पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रविन्द्र बाघमारे (52 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 18, भगत सिंह चौक, डोंगरगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक रेडमी मोबाइल (लगभग 5,000 रुपये) और 33,000 रुपये नगद सहित कुल 38,000 रुपये जप्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल अपनी टीम के साथ अवैध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने कहा है कि जिले में अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में निरीक्षक संतोष जायसवाल, प्रधान आरक्षक प्रकाश चंद्रवंशी, आरक्षक राम खिलावन और नरेंद्र प्रजापति की सराहनीय भूमिका रही।
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चाकू लहराकर लोगों को डराने वाला युवक गिरफ्तार, बसंतपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
राजनांदगांव। थाना बसंतपुर पुलिस ने आम जनता को चाकू दिखाकर भयभीत करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर आर्म्स एक्ट के तहत जेल भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार चाकू भी जप्त किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 07 फरवरी 2026 को मोबाइल सूचना प्राप्त हुई कि त्रिवेणी परिसर के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लहराते हुए राहगीरों को डरा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नितिन यादव (19 वर्ष), निवासी ब्राम्हणपारा, थाना बसंतपुर, जिला राजनांदगांव के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक धारदार चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 60/2026 के तहत धारा 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस कार्रवाई में निरीक्षक एमन साहू, प्रधान आरक्षक किशोर यादव, दीपक जायसवाल और आरक्षक अतहर अली की सराहनीय भूमिका रही।
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रेलवे चौक के पास जुआ खेलते 7 आरोपी गिरफ्तार, 51 हजार से अधिक नकदी जप्त
राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र में जुआरियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी रेलवे चौक स्थित अन्ना इडली दुकान के पीछे 52 पत्ती ताश से रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे थे।
मुखबिर से सूचना मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस ने त्वरित घेराबंदी कर मौके पर रेड कार्रवाई की। पुलिस को देखकर जुआरियों में हड़कंप मच गया, लेकिन चौकन्नी टीम ने सभी को रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कुल 51,070 रुपये नगद और 52 पत्ती ताश जप्त की गई।
पकड़े गए आरोपियों में संदीप देवांगन, राजवीर सिंह, रामकृष्ण साहू, मोहम्मद इमरान, सैय्यद इमरान, पवन गौली और इन्द्रजीत सिंह शामिल हैं। सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 3(1) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन और एसडीओपी केशरी नंदन नायक के पर्यवेक्षण में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष जायसवाल अपनी टीम के साथ क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रेड कार्रवाई में एएसआई डेज लाल माण्डले सहित पुलिस स्टाफ के कई जवानों का विशेष योगदान रहा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
आरोपीगण का विवरण –
- संदीप देवांगन, पिता परमानंद देवांगन, उम्र 33 वर्ष, निवासी कंजरापारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- राजवीर सिंह, पिता बलजीत सिंह, उम्र 29 वर्ष, निवासी बुधवारी पारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- रामकृष्ण साहू, पिता अजर राम, उम्र 52 वर्ष, निवासी बुधवारी पारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- मोहम्मद इमरान, पिता मोहम्मद निखार, उम्र 26 वर्ष, निवासी कालकापारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- सैय्यद इमरान, पिता सैय्यद इस्माइल, उम्र 26 वर्ष, निवासी वार्ड नं. 24, कश्मीरी पारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- पवन गौली, पिता मोहन गौली, उम्र 26 वर्ष, निवासी बुधवारी पारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
- इन्द्रजीत सिंह, पिता स्व. केसर सिंह, उम्र 60 वर्ष, निवासी बुधवारी पारा, डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव (छ.ग.)
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तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे अमित शाह : मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद विमानतल पर किया आत्मीय स्वागत
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
इस दौरान एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पांडेय और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित रायपुर महापौर मीनल चौबे भी उपस्थित थीं।
इसके अलावा विधायक मोतीलाल साहू, राजेश मूणत, मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज पिंगुआ तथा रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने भी केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया।
अमित शाह के इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान राज्य में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने की संभावना है। दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही अलर्ट मोड पर है।
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Rajnandgaon: हत्या के प्रयास मामले में 8 माह से फरार 3 आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी शामिल
सिटी कोतवाली पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों को भेजा गया जेल
राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली राजनांदगांव पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 01 नाबालिग आरोपी सहित 03 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपीगण घटना के बाद से लगातार 08 माह से फरार चल रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 23 मई 2025 को प्रार्थिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि कुछ लोगों ने एक राय होकर उसके पति दीपेश ढीमर पर जान से मारने की नीयत से हाथ-मुक्का एवं चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को उपचार हेतु मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
प्रार्थिया की रिपोर्ट पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 253/25 धारा 109, 296, 351(2), 191(2), 191(3), 190 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने 07 फरवरी 2026 को दबिश देकर
आकाश मरकाम (19 वर्ष)
भैयालाल महिलांगे (19 वर्ष)
तथा एक विधि से संघर्षरत बालक
को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने पर विधिवत गिरफ्तारी कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल राजनांदगांव भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में शामिल अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।
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Rajnandgaon: दर्दनाक सड़क हादसा: युवक समेत दो मासूमों की मौत ….. दो घायल
राजनांदगांव/दुर्ग। आज दिनांक 07 फरवरी 2026, समय लगभग शाम 4:00 बजे, ग्राम फुलझर बोल बम धानांश इंजीनियरिंग स्टील कंपनी के पास नेशनल हाईवे से करीब 02 किलोमीटर अंदर एक भीषण सड़क हादसा हो गया।
जानकारी के अनुसार, माजदा ट्रक क्रमांक CG 07 BM 6153 के पीछे चल रही मोटरसाइकिल क्रमांक CG 07 BV 6467 ट्रक से टकरा गई। मोटरसाइकिल में कुल 05 लोग सवार थे, जो ग्राम थनौद से मड़ई कार्यक्रम में शामिल होकर ग्राम जराही जा रहे थे।
हादसे में मोटरसाइकिल चालक सूरज यादव (24 वर्ष) पिता नंदकुमार यादव निवासी थनौद जिला दुर्ग एवं दो मासूम बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई। वहीं राहुल यादव (11 वर्ष) पिता मनोज यादव एवं ईशान यादव (8 वर्ष) पिता सुरेश यादव, दोनों निवासी ग्राम थनौद, गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए दुर्ग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।
पुलिस द्वारा माजदा ट्रक को थाने में सुरक्षित रखा गया है। घटनास्थल से मोटरसाइकिल के पास शराब की बोतल भी बरामद हुई है, जिसे जांच में शामिल किया गया है। पुलिस ने मामले में ट्रक चालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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Rajnandgaon: सड़क हादसा बना हत्या का मामला, महिला की मौत, पति के खिलाफ अपराध दर्ज…
डोंगरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एक सड़क दुर्घटना के मामले में जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। मर्ग क्रमांक 69/2025 धारा 194 बीएनएसएस के तहत मृतिका नीतू श्रीवास्तव (40 वर्ष) पति कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, निवासी बीजाभांठा थाना अर्जुंदा जिला बालोद की मर्ग डायरी अग्रिम जांच हेतु थाना डोंगरगांव प्राप्त हुई थी।
मर्ग जांच के दौरान मौके के गवाहों, पंच गवाहों एवं मृतिका के परिजनों से विस्तृत पूछताछ कर कथन लिए गए। जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना दिनांक 27 अगस्त 2025 को दोपहर 12:43 बजे ग्राम राजाखुज्जी एवं डोंगरगांव के बीच हुई, जहां मृतिका अपने पति के साथ मोटरसाइकिल क्रमांक CG07CZ2117 पर सवार थी।
जांच में पाया गया कि मोटरसाइकिल चालक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव (47 वर्ष) द्वारा वाहन को तेज एवं लापरवाहीपूर्वक चलाया गया, जिससे मृतिका मोटरसाइकिल से नीचे गिर गई और गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद मृतिका को शासकीय मेडिकल कॉलेज पेण्ड्री, राजनांदगांव लाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उसे मृत अवस्था में लाया गया घोषित किया गया। अस्पताल द्वारा जारी लिखित मेमो के आधार पर थाना लालबाग में प्रारंभिक मर्ग कायम की गई थी, जिसे क्षेत्राधिकार के अनुसार थाना डोंगरगांव में असल नंबरी किया गया।
संपूर्ण जांच उपरांत यह पाया गया कि मामला धारा 106(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत गैर इरादतन हत्या का है। इसके आधार पर आरोपी चालक कृष्ण कुमार श्रीवास्तव के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
मर्ग पंचनामा की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है तथा मर्ग कायम किए जाने की सूचना एसडीएम डोंगरगांव को प्रेषित की जा चुकी है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना जारी है।
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रायपुर : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने हितग्राहियों को सौंपी सौगातें
स्थानीय सर्किट हाऊस में शुक्रवार की शाम उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित एक गरिमामय समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ जब जमीनी स्तर पर उतरा, तो हितग्राहियों के चेहरे खिल उठे। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं विधायक श्री किरण सिंह देव ने विभिन्न विभागों के माध्यम से पात्र लोगों को सामग्री और सहायता राशि वितरित कर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को चरितार्थ किया।
कार्यक्रम के दौरान सबसे भावुक और उत्साहजनक क्षण तब देखने को मिले जब समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने की पहल की गई। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा, वनमंत्री श्री कश्यप एवं विधायक श्री देव ने करण नाग, संजय सांतरा और विजय मौर्य को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सौंपी, जिससे अब उनकी जिंदगी की रफ्तार नहीं थमेगी। इसी क्रम में राकेश कुमार मिश्रा को कृत्रिम पैर और विपिन सिंह को श्रवण यंत्र प्रदान कर उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मान के साथ जीने का संबल दिया गया। शिक्षा और तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों, विवेक कुमार और सुभद्रा को मोबाइल किट तथा जयबती और गायत्री को टैबलेट वितरित किए गए, ताकि ये बच्चे डिजिटल युग के साथ कदमताल कर सकें।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिला समूहों को बड़े संसाधन सौंपे गए। जागृति, तिरंगा, इंद्रावती और झांसी की रानी महिला क्लस्टर संगठनों को ईंट-सीमेंट निर्माण इकाई के संचालन हेतु चेक व स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी। इसके साथ ही कंकालीन और दुर्गा स्व-सहायता समूहों जैसी संस्थाओं को भी प्रोत्साहित किया गया।
बरसों से अपने पक्के मकान का सपना देख रहे परिवारों के लिए भी यह शाम यादगार बन गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी बाई राव, बबिता कश्यप, अलाबती, गजमती और सेवती नायक समेत कई गृहणियों को उनके सपनों के घर की चाबी सौंपी। वहीं छोटे व्यापारियों को मदद पहुंचाने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के तहत ममता यादव और नासिर खान को चेक प्रदान किए गए, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुजुर्ग हितग्राहियों को प्रधानमंत्री वय वंदना योजना का लाभ देकर सरकार ने हर वर्ग के प्रति अपनी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
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डीजीसीए द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को ऑल वेदर ऑपरेशन की स्वीकृति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री
रायपुर,भारत सरकार के नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बिलासपुर एयरपोर्ट को 3C-VFR से 3C-All Weather Operations (IFR) श्रेणी में अपग्रेड किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस स्वीकृति के साथ अब बिलासपुर एयरपोर्ट पर सभी मौसमों में विमान संचालन संभव हो सकेगा। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हवाई सेवाएँ उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऑल वेदर ऑपरेशन की सुविधा मिलने से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्राप्त होगी। यह निर्णय औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का तीव्र गति से विस्तार हो रहा है, जो राज्य को विकास के नए आयामों तक ले जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि बिलासपुर एयरपोर्ट सहित पूरे छत्तीसगढ़ को आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगी तथा प्रदेश को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाएगी
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रायपुर : स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरना एथनिक रिसॉर्ट जशपुर को प्रदान किया ग्रीन लीफ अवॉर्ड
रायपुर, छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।
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विशेष लेख: जिन हाथों ने कभी बंदूक थामकर हिंसा को अंजाम दिया, वही प्रशिक्षण लेकर सीख रहे हुनर
नक्सल पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित 40 माओवादियों को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा
मुख्यधारा में लौटने के बाद चौगेल कैंप में दिया जा रहा विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण
तारा शंकर सहायक, संचालक जनसंपर्क
रायपुर, 05 फरवरी 2026/ अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा मन में हो तो जीवन में हर काम आसान हो जाता है। इस कथन को आत्मसमर्पित माओवादियों ने चरितार्थ किया है। जिन हाथों ने कभी बंदूक थामकर हिंसा की राह अख्तियार किया था, आज उन्हीं हाथों को राज्य की नक्सल पुनर्वास नीति के तहत कुशल और दक्ष बनाने की कवायद जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। शासन की मंशानुसार ग्राम चौगेल (मुल्ला) कैंप में प्रशिक्षण देकर ’हिंसा से हुनर’ की ओर लौटे माओवादियों को नया जीवनदान मिल रहा है।
आजीविका मूलक गतिविधियों का दिया जा रहा है प्रशिक्षण
कभी माओवाद गतिविधियों में संलिप्त रहे युवक-युवतियों को अब ड्राइविंग, सिलाई, काष्ठशिल्प कला, सहायक इलेक्ट्रिशियन जैसे विभिन्न ट्रेड में सतत् प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे समाज की मुख्य धारा में लौटने के बाद आजीविका मूलक गतिविधियों में कुशल होकर बेहतर ढंग से सम्मान पूर्वक जीवन निर्वाह कर सके।
चौगेल कैंप परिसर बना कौशलगढ़
वर्षों से लाल आतंक के साए में हिंसा का दंश झेल रहा बस्तर संभाग अब विकास की ओर शनैः-शनैः आगे बढ़ रहा है और माओवाद का दायरा धीरे-धीरे सिमटता जा रहा है। छत्तीसगढ़ सहित देश को माओवाद से मुक्ति दिलाने केंद्र सरकार के संकल्प को पूरा करने प्रदेश सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। वहीं हथियार उठाने वालों को भविष्य गढ़ने का सुनहरा अवसर भी सरकार द्वारा दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित/पीड़ित नक्सल पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत उन्हें विभिन्न सृजनात्मक और रोजगारमूलक गतिविधियों के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भानुप्रतापपुर विकासखंड से लगे ग्राम चौगेल (मुल्ला) का बीएसएफ कैम्प परिसर ‘कौशलगढ़’ बन गया है, जहां समाज की मुख्यधारा में लौटे 40 आत्मसमर्पित माओवादियों को अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, साथ ही उन्हें शिक्षित भी किया जा रहा है। आवश्यकतानुसार कक्षा पहली से आठवीं तक के पाठ्यक्रमों का नियमित अध्ययन कराया जा रहा है, जिसमें रूचि लेते हुए सभी आत्मसमर्पित माओवादी अपने भविष्य को पूरी शिद्दत से गढ़ने में संलग्न हैं। 20-20 का बैच बनाकर उन्हें हुनरमंद बनाने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं।
ड्राइविंग सीखने का शौक अब पूरा हो रहा- मनहेर तारम
चारपहिया वाहन चालन का प्रशिक्षण ले रहे आत्मसमर्पित माओवादी 40 वर्षीय श्री मनहेर तारम ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से उन्हें ड्रायविंग की ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसे वे पूरी रूचि के साथ सीख रहे हैं। ट्रेनर द्वारा स्टेयरिंग थामने से लेकर क्लच, ब्रेक व एक्सिलरेटर का प्रयोग करना सिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ड्रायविंग सीखने की चाहत अब पूरी हो रही है। इसके अलावा सिलाई और काष्ठशिल्प का प्रशिक्षण कैम्प में दिया जा रहा है। इसी तरह श्री नरसिंह नेताम ने बताया कि वह भी फोरव्हीलर की ड्रायविंग में अपना हाथ आजमा रहे हैं तथा यहां आकर ऐसी गतिविधियों से जुड़ रहे हैं, जिससे आगे का जीवन बेहतर हो सके। 19 साल के सुकदू पद्दा ने बताया कि यहां पिछले तीन महीने से ट्रेनिंग ले रहे हैं और खुद को आजीविका मूलक कार्यों से जोड़ रहे हैं, जबकि वह निरक्षर है। वहीं 19 वर्ष की कु. काजल वेड़दा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यहां आकर अलग-अलग पाठ्यक्रमों में नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें बचपन से कपड़ों की सिलाई करने की इच्छा थी, यहां आकर वह भी पूरी हो रही है। वहीं शिक्षकां के द्वारा प्राथमिक शिक्षा का भी वह लाभ ले रही हैं। इसी तरह कैंप में रह रहे जगदेव कोमरा, राजू नुरूटी, बीरसिंह मण्डावी, मैनू नेगी, सनऊ गावड़े, मानकी नेताम, सामको नुरूटी, उंगी कोर्राम, रमोती कवाची, मानकेर हुपेंडी, डाली सलाम, गेंजो हुपेंडी सहित सभी आत्मसमर्पित माओवादी अपनी रूचि अनुसार ड्राईविंग, काष्ठशिल्प कला, सिलाई मशीन तथा सहायक इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में बेहतर ढंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनका नियमितरूप से स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यकतानुसार दवाईयां दी जाती हैं। कैम्प में मनोरंजनात्मक गतिविधियां कैरम, वाद्य यंत्र, विभिन्न प्रकार के खेल भी आयोजित किया जाता है। पुनर्वास कैंप के नोडल अधिकारी श्री विनोद अहिरवार ने बताया कि कलेक्टर उत्तर बस्तर कांकेर के निर्देशानुसार आत्मसमर्पित 40 माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए विभिन्न पाठ्यक्रमों में 20-20 के बैच में चौगेल (मुल्ला) कैंप में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और सभी को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया जा रहा है। भविष्य में मशरूम उत्पादन, बागवानी सहित विभिन्न सृजनात्मक एवं स्वरोजगार मूलक पाठ्यक्रमों में जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस तरह आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों को राज्य शासन द्वारा अवसर देकर उन्हें आत्मनिर्भर तथा स्वरोजगारमूलक सकारात्मक कार्यों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने का मौका मिल सके।
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Rajnandgaon: महावीर चौक लाइब्रेरी के सामने चाकूबाजी, स्कूली छात्र पर धारदार हथियार से हमला
राजनांदगांव शहर के महावीर चौक स्थित लाइब्रेरी के सामने दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इस घटना में एक स्कूली छात्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बताया जा रहा है कि घटना से पहले कुछ युवको द्वारा लाइब्रेरी के पास छात्र पर पीछे से धारदार हथियार से वार किया गया।
हमले में छात्र की पीठ पर गहरा घाव आया और वह लहूलुहान हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध युवकों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश या आपसी विवाद की आशंका जताई जा रही है।
दिनदहाड़े व्यस्त इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय नागरिकों में चर्चा का विषय है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
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CG : पहचान भले ही अलग हो लेकिन सभी राज्यों की आत्मा एक भारत में हैं: राज्यपाल श्री डेका
लोकभवन में मनाया गया 6 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस
रायपुर, 05 फरवरी 2026
राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में 6 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पहचान भले ही अलग-अलग हो लेकिन इन सब की आत्मा एक भारत में है।
केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम में आंध्रप्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, झारखंड और नागालैण्ड राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आदान-प्रदान करना है जो आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस परिप्रेक्ष्य में आज का कार्यक्रम एक गौरवपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस, उस राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है। इन राज्यों का स्थापना दिवस, केवल उनके विकास की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।
उन्होंने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में आंध्रप्रदेश का शानदार योगदान है। यह राज्य मछली के लिए प्रसिद्ध है। यह तिरूपति बालाजी की देव भूमि है। इसी तरह पंजाब वीरों की भूमि है। गुरूतेग बहादुर के बलिदान को सब जानते है। भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व समुदाय में पंजाबियों का बहुत योगदान है। हरियाणा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राचीन परंपरा का मूलभूत केंद्र है। यह वही भूमि जहां से महाभारत का संदेश पूरी मानवता तक पहुंचा। झारखण्ड राज्य खनिज का हब है। चंडीगढ़ बहुत सुंदर और नियोजित प्रदेश है। नागालैण्ड बहुत खूबसुरत राज्य है। यहां की जनजातीय संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। इस राज्य के लोगों की बहादुरी की कहानियां दुसरों को प्रेरित करती हैं।
श्री डेका ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम हमारे बीच संवाद, सहयोग और सद्भाव को और मजबूत करता है।
समारोह में विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की विशेषताओं, परंपरा, संस्कृति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संस्कृति कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना सहित अन्य अधिकारी, वनवासी आश्रम की छात्राएं, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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CG: पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद
रायपुर, 05 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।
इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।
मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।
इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।
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CG : ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री श्री साय
स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात
होम-स्टे, रिसोर्ट, पाथवे, लैंडस्केपिंग सहित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का होगा विकास
रायपुर, 05 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। श्री साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र
मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।










