• CG : चक्रधर समारोह : नृत्यों ने कराया उत्तर-दक्षिण का संगम

    कथक और भरतनाट्यम की प्रस्तुतियों से भक्ति रस में डूबे दर्शक

    रायपुर,

     चक्रधर समारोह

    रायगढ़ में चल रहे चक्रधर समारोह के आठवें दिन नृत्यों ने उत्तर-दक्षिण का संगम कराया। उत्तर भारत की संस्कृति को दर्शाने वाले कथक तो दक्षिण भारत की गौरवशाली पुरातन संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल भक्तिमय कर दिया। समारोह में उपस्थित दर्शक दोनों नृत्यों की प्रस्तुतियों के दौरान भक्ति रस में डूबे रहे। 

     चक्रधर समारोह
    संगीता कापसे ने कथक में झलकाया कृष्ण लीला और भक्ति भाव
    समारोह के आठवंे दिन कथक नृत्यांगना और गुरु संगीता कापसे और उनकी होनहार शिष्याओं की प्रस्तुति ने शास्त्रीय नृत्य को कृष्ण भक्ति की गहराई से जोड़ा। उन्होंने तीनताल और झपताल की संरचनाओं पर आधारित नृत्य में श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
    संगीता कापसे और उनकी शिष्याओं ने मंच पर ‘कृष्ण सांवरिया‘ प्रसंग को जीवंत किया। आज चक्रधर समारोह में कृष्ण सांवरा की प्रस्तुति रही-कृष्ण के गोकुल आगमन पर खुशी और उल्लास का भाव, माखन चोरी करते समय यशोदा और कृष्ण की ममता का भाव, गोपियों को परेशान करना, फिर कालिया नाग से सारे गोकुल को मुक्त करना और अंत में गोपियों के साथ रास करके प्रेम का संदेश देना। इन सबको उन्होंने भाव और लय की सुंदरता से पिरोया। उनकी प्रस्तुति में कथक का सौंदर्य ही नहीं, बल्कि लोक और शास्त्र के संगम का भी अनुभव हुआ। कार्यक्रम में कला-प्रेमियों ने उनकी नृत्य साधना और कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति को सराहा।
    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मलेशिया और दुबई तक अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी संगीता कापसे को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। छत्तीसगढ़ में पंजीकृत संगीता कला एकेडमी, रायपुर उनकी संस्था है, जो सामान्य बच्चों के साथ-साथ गरीब बच्चों को भी नृत्य का निरूशुल्क प्रशिक्षण दे रही है और उनकी शिक्षा का दायित्व उठा रही है।

     चक्रधर समारोह
    अजीत कुमारी कुजूर और उनकी टीम ने भरतनाट्यम से दिखाई दक्षिण भारत की झलक
    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सुप्रसिद्ध नृत्यांगना अजीत कुमारी कुजूर और उनकी टीम ने भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी भावपूर्ण अभिव्यक्ति, सधे हुए पदचालन और नृत्य की बारीकियों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अजीत कुमारी की प्रस्तुति में दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपरा की झलक सजीव रूप में दिखाई दी। उन्होंने भरतनाट्यम के माध्यम से कहानी कहने और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए हाथों के हाव-भाव (मुद्रा), चेहरे के भाव (नवरस) और पैरों की तालबद्ध चाल का बेहतरीन उपयोग किया। यह प्रस्तुति न केवल भरतनाट्यम की शास्त्रीयता को दर्शाती थी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अद्भुत संगम भी प्रतीत हुई।

     चक्रधर समारोह
    अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए जानी जाने वाली अजीत कुमारी कुजूर ने जबलपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक और योग में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वह जल संसाधन विभाग, रायपुर में उप अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ-साथ, उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी नृत्य कला से एक विशिष्ट पहचान बनाई है। कला प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल भरतनाट्यम की उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि लगन और समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ अपनी कला साधना को भी नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। ज्ञात हो कि भरतनाट्यम तमिलनाडु, दक्षिण भारत का एक प्राचीन शास्त्रीय नृत्य है, जिसकी जड़ें मंदिरों में हैं और यह हिंदू धर्म की आध्यात्मिक विचारों और धार्मिक कहानियों को व्यक्त करता है।

  • CG : मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित अमल

    बाढ़ पीड़ितों को राशन-ईलाज के साथ अब जरूरी दस्तावेज बनाने का काम भी शुरू

    तत्काल मुआवजा और सहायता से मिली बड़ी राहत 

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर त्वरित अमल

    बस्तर संभाग में पिछले सप्ताह हुई अतिवृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया था। अपने विदेश दौरे से लौट कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा पहुंचकर संभागीय बैठक में जिला कलेक्टरों को राहत और बचाव कार्यो में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिये थे। अब मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर तेजी अमल किया जा रहा है।  बाढ़ पीड़ित नागरिकों को जहां एक ओर राशन, ईलाज और दवाईयां के साथ-साथ गैस चुल्हे और सिंलेण्डर दिये गये हैं वहीं राहत शिविरों में उनके दैनिक जीवन की उपयोगी सभी व्यवस्थाएं भी की गई है। अब बाढ़ का पानी उतरने के साथ ही नुकसान का वास्तविक आंकलन और अन्य जरूरी सहायता तथा मुआवजा देने की कार्यवाही पर भी तेजी से अमल किया जा रहा है। बाढ़ के पानी में खराब या नष्ट हो गये जरूरी दस्तावेजों को बनाने का काम भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया हैं। बाढ़ की इस भीषण आपदा में छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नेतृत्व में एक संवेदनशील पहल कर त्वरित राहत कार्य और सहायता-मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर पीड़ित परिवारों को एक बड़ी राहत दी है।


          बाढ़ से प्रभावित गाँवों में राहत दल तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रभावित गांवों में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहन्डीगुड़ा तहसील के मांदर गांव के प्रभावित किसानों को किसान किताब वितरित की जा रही है, जो बाढ़ के कारण बह गई थी। किसान किताब के मिलने से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और भविष्य में किसी भी सहायता के लिए पात्र बनने में मदद करेगी। वहीं प्रभावितों को नवीन राशन कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड एवं बैंक पासबुक तैयार कर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन की टीमें नुकसान का आकलन करने के लिए घर-घर सर्वे कर रही हैं और पात्रता के अनुसार तत्काल राहत राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर कर भुगतान कर रही हैं।


          सरकार का ध्यान इस बात पर है कि किसी भी पीड़ित परिवार को उनकी जरूरत के समय अकेला न छोड़ा जाए। इसके लिए, मकान क्षति सहित पशु, फसल और घरेलू सामग्री की क्षति का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर, हर एक प्रकरण पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है, ताकि जरूरतमंद प्रभावितों तक मुआवजा राशि सीधे और समय पर पहुँच सके।


    स्थानीय प्रभावित परिवारों ने सरकार की इस पहल की सराहना की है। एक प्रभावित ग्रामीण मुरहा पटेल ने कहा कि हमने सोचा था कि बाढ़ के बाद सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन सरकार की इस त्वरित मदद ने हमें फिर से जीवन को नये सिरे से शुरू करने की उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला आधिकारियों की इस पहल को प्रशासन की ओर से एक मजबूत और मानवीय दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। जो यह दर्शाता है कि आपदा की घड़ी में सरकार न सिर्फ राहत कार्य बल्कि पुनर्वास और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। इस तरह के प्रयास बाढ़ पीड़ितों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह से सहारा देते हैं, जिससे उन्हें जीवन को सामान्य पटरी पर लाने में मदद मिलती है।

  • CG : साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एसबीआई की अनूठी पहल : रवाना हुई जागरूकता वैन

    रायपुर, डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने ‘हर भारतीय का बैंकर‘ होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरुकता अभियान की शुरुआत की है।

    स्टेट बैंक द्वारा आज रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एसबीआई साइबर सुरक्षा जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस वैन के माध्यम से पूरे रायगढ़ जिले में साइबर सुरक्षा के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। अग्रणी बैंक प्रबंधक ने जानकारी दी की जागरूकता संदेशों को प्रदर्शित करने के लिए इस वैन में बड़े ऑडियो और विजुअल स्क्रीन हैं और साइबर धोखाधड़ी के उभरते तरीकों के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए नाचा दल व नुक्कड़ नाटक शो भी आयोजित किए जाएंगे।

    दल लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा। जागरूकता वैन इन्हीं क्षेत्रों में अपना ध्यान केंद्रित करेगी। वैन टीम दर्शकों को गोपनीय बैंकिंग विवरण, पासवर्ड या ओटीपी किसी के साथ साझा न करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने के लिए भी शिक्षित करेगी। 

  • CG : प्रदेश में अब तक 940.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 940.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1323.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 457.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
     
    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 809.2 मि.मी., बलौदाबाजार में 695.5 मि.मी., गरियाबंद में 781.3 मि.मी., महासमुंद में 688.3 मि.मी. और धमतरी में 836.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 971.8 मि.मी., मुंगेली में 954.3 मि.मी., रायगढ़ में 1146.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 791.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1125.7 मि.मी., सक्ती में 1015.0 मि.मी., कोरबा में 958.5 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 897.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 742.6 मि.मी., कबीरधाम में 660.9 मि.मी., राजनांदगांव में 830.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1161.6 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 688.2 मि.मी. और बालोद में 1011.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 673.0 मि.मी., सूरजपुर में 995.7 मि.मी., जशपुर में 913.0 मि.मी., कोरिया में 1013.5 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 924.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1312.8 मि.मी., कोंडागांव जिले में 867.7 मि.मी., कांकेर में 1068.3 मि.मी., नारायणपुर में 1142.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1280.1 मि.मी., सुकमा में 1020.7 मि.मी. और बीजापुर में 1282.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • CG : मनरेगा से डबरी निर्माण से बदली संतोष की किस्मत

    परेशानियों से मिली किसान को राहत, डबरी बनी सफलता की कुंजी

    रायपुर, जांजगीर-चांपा जिले के विकासखण्ड बलौदा के अंतर्गत ग्राम खैजा के किसान संतोष कुमार/बाबूराम की निजी भूमि पर लगभग 2.92 लाख रुपए की लागत से डबरी (छोटा तालाब) का निर्माण किया गया। इस कार्य से न केवल 552 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ बल्कि गांव के 13 परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ भी मिला। मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत जिले में सतत रूप से गतिविधियां भी संचालित की जा रही है।

    संतोष कुमार पाटले बताते है कि वे पहले बतख का पालन करते थे, डबरी नही होने से पहले वह छोटा गड्ढा खोदकर बतखों का पालन कर रहे थे। निजी डबरी निर्माण होने से पहले संतोष बेहद परेशान रहते थे, क्योंकि उनके खेतों में साल भर पानी की उपलब्धता नहीं होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में एक दिन उन्हें रोजगार सहायक के माध्यम से जल संरक्षण के तहत निजी डबरी निर्माण से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने आवयक दस्तावेज सहित आवेदन ग्राम सभा में दिया और ग्राम सभा से यह प्रस्ताव पास हुआ, तो तकनीकी प्रस्ताव तैयार कर उसे जनपद पंचायत के माध्यम से जिला पंचायत प्रशासकीय स्वीकृति के लिए भेजा गया।

    इसके बाद संतोष कुमार की जिंदगी में बदलाव आया जब उनके खेतों में डबरी निर्माण को लेकर 2 लाख 92 हजार रूपए की प्रशासकीय राशि स्वीकृत दी गई। इसके बाद फिर काम शुरू हुआ और महात्मा गांधी नरेगा के जॉबकार्डधारी परिवारों ने मिलकर संतोष कुमार पाटले की डबरी का निर्माण कर दिया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना से उनके स्वयं के जमीन पर डबरी निर्माण होने अब वे बतखो का पालन शुरू किये और अभी वह मछली पालन का कार्य कर रहे हैं। इससे उन्हें डबरी में मछली से हर साल 25 हजार से 30 हजार की अतिरिक्त आय हो रही है। अब खेतों की सिंचाई आसानी से हो पा रही है, जिससे धान और अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ा है। डबरी के पानी से पशुओं के लिए भी पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो गई।

    संतोष कुमार पाटले ने कहा मनरेगा योजना ने मेरी जिंदगी बदल दी। पहले खेतों में पानी की समस्या रहती थी और आमदनी सीमित थी, लेकिन अब डबरी से खेती आसान हो गई है। मछली पालन और सिंचाई से आमदनी में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो रही है। ग्राम पंचायत खैजा के सरपंच और रोजगार सहायक ने बताया कि डबरी निर्माण से गांव में कृषि उत्पादन, मछली पालन और पशुपालन को नई दिशा मिली है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरी है बल्कि मनरेगा योजना की सार्थकता भी गांव-गांव में दिखाई दे रही है। मनरेगा द्वारा निर्मित एक डबरी कैसे किसान और गांव दोनों की आर्थिक स्थिति को बदल सकती है और स्थायी आजीविका का साधन बन सकती है।

  • CG : मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर ग्राम बोड़ालता में बदला गया ट्रांसफार्मर

    पुनः बहाल हुई विद्युत आपूर्ति,  ग्रामीणों ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार

    रायपुर, मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की  पहल पर जशपुर जिला के विकासखंड कुनकुरी, ग्राम पंचायत दाराखरिका के आश्रित ग्राम बोड़ालता में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बाधित विद्युत आपूर्ति पुनः प्रारंभ हो गई है।  बिजली संकट से जूझ रहे ग्रामीणों को  इससे बड़ी राहत मिली है। ग्रामवासियों ने त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    उल्लेखनीय है कि विकासखंड कुनकुरी, ग्राम पंचायत दाराखरिका के आश्रित ग्राम बोड़ालता में ट्रांसफार्मर खराब होने की वजह से बिजली की आपूर्ति बाधित थी। इससे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कैंप कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की, जिसके तहत विद्युत विभाग द्वारा ग्राम बोड़ालता में ट्रांसफार्मर बदल दिया गया। इससे बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बहाल हो गई है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में जनसमस्याओं का तत्परता के साथ समाधान किया जाता है। विशेषकर बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से संबंधित समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जा रही है।

  • CG : बेबीलॉन टावर में अग्नि दुर्घटना

    मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

    टावर में मौजूद सभी  लोगों को सुरक्षित निकाला गया

    रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल जाबांज युवाओं को कलेक्टर-एसएसपी ने किया सम्मानित

    कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत

    रायपुर, राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया। 

    गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे। 

    इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें सोमेश साव, देवाशीष बरिहा, आकाश साहू, विशाल यादव, अभिषेक सिन्हा ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।     

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला। 

    घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।  

    सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें

    सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद सोमेश, ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।  

  • CG : छत्तीसगढ़ महिला नेटबॉल टीम ने जीता कांस्य पदक

    सरगुजा की खुशबू गुप्ता का शानदार प्रदर्शन

    रायपुर, पलवल (हरियाणा) में 28 से 31 अगस्त तक आयोजित 4थी सीनियर राष्ट्रीय फास्ट फाइव नेटबॉल चेम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।

    राष्ट्रीय कोच राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि सेमीफाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ टीम को हरियाणा से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन तीसरे स्थान के लिए हुए निर्णायक मुकाबले में टीम ने राजस्थान को हराकर कांस्य पदक जीता। पदक वितरण हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम द्वारा किया गया। खुशबू पूर्व में भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं।

    नेटबॉल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव रजत सिंह ने खुशबू गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि इस उपलब्धि से सरगुजा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में नेटबॉल खेल को नई पहचान मिलेगी। वर्तमान में वह जी माउंट लिटर स्कूल में प्रशिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें निरंतर प्रोत्साहन और सहयोग मिलता रहा है।

  • CG : लुत्ती बांध टूटने से प्रभावित परिवारों से मिले कृषि मंत्री

    बंधाया ढांढस, हर संभव मदद करने दिलाया भरोसा

    पशुहानि व फसल क्षति के लिए 02 लाख 57 हजार रुपये की सहायता राशि की प्रदान

    रायपुर,

    बंधाया ढांढस, हर संभव मदद करने दिलाया भरोसा
    बंधाया ढांढस, हर संभव मदद करने दिलाया भरोसा
    बंधाया ढांढस, हर संभव मदद करने दिलाया भरोसा

    बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

    मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है।

    इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया।

    आवागमन बहाल करने शुरू हुआ कार्य

    हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

  • CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: आदिवासी अंचलों सहित सभी नागरिकों तक पहुँचे विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

    बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर

    रायपुर, छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।

    इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।

    स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।

    यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।

    सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।

  • CG : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

    तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण

    रायपुर,

    तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा
    तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा
    तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

    सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

    राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है।

    तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।

    कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

  • प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी सुधारों की नई दिशा : मुख्यमंत्री ने जताया आभार

    रायपुर, 03 सितम्बर 2025/
    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक जीएसटी सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय भारत की कर प्रणाली को आमजन के लिए अधिक सरल और उद्योग-व्यापार के लिए प्रोत्साहनकारी बनाएगा।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आयकर में 12 लाख तक की छूट देने के बाद अब जीएसटी दरों में की गई भारी कटौती से रोज़मर्रा की ज़रूरत की वस्तुएं, खेती-किसानी के उपकरण, खाने-पीने की चीज़ें, दवाइयां, शिक्षा सामग्री, मनोरंजन की वस्तुएं, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सस्ते हो गए हैं। कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स दर शून्य कर दी गई है, जिससे नागरिकों के जीवन में सीधा लाभ पहुंचेगा।

    उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व से लागू होने वाला यह प्रावधान प्रधानमंत्री जी की Ease of Doing Business और Ease of Living की संकल्पना को साकार करेगा। इससे उद्योग-व्यापार को नई ऊर्जा मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करता हूँ। यह निर्णय आम आदमी के जीवन को सरल बनाने और देश को वैश्विक अर्थव्यवस्था की नई ऊँचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

  • राजनांदगांव : कलेक्टर की पहल पर भारतीय रेडक्रास सोसायटी द्वारा बस्तर जिले में बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए 500 नग मच्छरदानी भेजी गई


    राजनांदगांव। कलेक्टर एवं अध्यक्ष भारतीय रेडक्रास सोसायटी डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे की पहल पर भारतीय रेडक्रास सोसायटी राजनांदगांव द्वारा एवं उदयाचल समाज सेवी संस्था के सौजन्य से बस्तर जिले में बाढ़ पीडि़तों की सहायता के लिए भारतीय रेडक्रास सोसायटी बस्तर को 500 नग मच्छरदानी भेजी गई।

    इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सचिव भारतीय रेडक्रास सोसायटी राजनांदगांव डॉ. नेतराम नवरतन, रेडक्रास सोसायटी के अन्य सदस्य तथा उदयाचल  समाज सेवी संस्था के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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    – जिले में आज 175.2 मिमी बारिश हुई
    राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में 1 जून 2025 से अब तक जिले के सभी 7 तहसीलों में 5763.1 मिमी बारिश एवं औसत 823.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भू-अभिलेख से प्राप्त जानकारी अनुसार डोंगरगढ़ तहसील में 938.6 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 818 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 1073.3 मिमी, घुमका तहसील में 713 मिमी, छुरिया तहसील में 651.5 मिमी, कुमरदा तहसील में 750.4 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 818.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है। अब तक सर्वाधिक वर्षा राजनांदगांव तहसील में 1073.3 मिमी दर्ज की गई है।

    इसी तरह आज राजनांदगांव जिले के सभी 7 तहसीलों में 175.2 मिमी एवं औसत 25 मिमी बारिश दर्ज की गई है। डोंगरगढ़ तहसील में 36.7 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 38 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 24.4 मिमी, घुमका तहसील में 4.5 मिमी, छुरिया तहसील में 7.4 मिमी, कुमरदा तहसील में 31.7 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 32.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सर्वाधिक वर्षा लाल बहादुर नगर तहसील में 38 मिमी दर्ज की गई है।

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  • राजनांदगांव : पदयात्रियों की सुविधा के संबंध में 13 सितम्बर को बैठक


    राजनांदगांव 02 सितम्बर 2025। माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 22 सितम्बर 2025 से प्रारंभ होने वाले क्वांर नवरात्रि मेले में पदयात्रियों की सुविधा व्यवस्था हेतु अंजोरा से अछोली डोंगरगढ़ तक सेवा केन्द्रों की स्थापना एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था के संबंध में 13 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे डोंगरगढ़ में बैठक आयोजित की गई है।

    बैठक में सभी सबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है।

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    राजनांदगांव । माँ बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ में 22 सितम्बर 2025 से प्रारंभ होने वाले क्वांर नवरात्रि मेले में यात्रियों की सुविधा एवं कानून व्यवस्था के संबंध में 11 सितम्बर 2025 को दोपहर 12 बजे जिला कार्यालय सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई है।

    बैठक में सभी सबंधित अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है

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    राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 4 सितम्बर 2025 को राजनांदगांव जिले के प्रवास के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सुबह 11.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12 बजे हायर सेकेण्डरी स्कूल ग्राम सोमनी पहुंचकर सायकल वितरण एवं नीट व जेईई क्लास का शुभारंभ करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 12.45 बजे ग्राम सोमनी से कार द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 1 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव पहुंचकर सहकारी सम्मेलन कार्यक्रम में शामिल होंंगे। विधानसभा अध्यक्ष दोपहर 2.30 बजे पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर 2.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेगा।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह दोपहर 3.15 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 3.30 बजे ग्राम सुकुलदैहान पहुंचकर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शाम 4.30 बजे ग्राम सुकुलदैहान से कार द्वारा प्रस्थान कर शाम 4.45 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव पहुंचेंगे एवं समय आरक्षित रहेंगा। विधानसभा अध्यक्ष रात्रि 8 बजे स्पीकर हाऊस राजनांदगांव से स्पीकर हाऊस शंकर नगर रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे

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  • मोहला : वृद्धजनों के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    – छड़ी वितरण के साथ किया गया वय वंदना पंजीयन, अंगदान की दिलाई गई शपथ

            मोहला । कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में आज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोहला में आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।


           कार्यक्रम में 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद वृद्धजनों को  छड़ी वितरण, आयुष्मान एवं वय वंदना पंजीयन से लाभान्वित किया गया। इस दौरान कुल 35 लाभार्थियों को छड़ी प्रदान की गई एवं उनका पंजीयन किया गया।


           कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हुए मरणोपरांत अंगदान के विषय में जानकारी दी गई तथा उपस्थित नागरिकों को अंगदान की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। अधिकारियों ने वृद्धजनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिक तक पहुँचाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है। यह कार्यक्रम न केवल वृद्धजनों को सम्मान और सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक प्रयास है। इस अवसर पर बीएमओ डॉ.सीमा ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ.राकेश वर्मा उपस्थित रहें।

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  • मोहला : स्कूलों में जाति प्रमाण-पत्र बनाने चल रहा विशेष अभियान, एक माह में 2 हजार से अधिक बच्चे हुए लाभान्वित

    – कलेक्टर प्रजापति ने अभिभावकों से की अपील, शिविर के माध्यम से आसानी से बनाए बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र

    – प्रति माह चलेगा अभियान, शत-प्रतिशत बच्चों का बनाया जाएगा जाति प्रमाण-पत्र

             मोहला । कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन में शिक्षा विभाग द्वारा जिले के स्कूलों में बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र बनाने विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत विकासखंड स्तर पर संकुल केन्द्रों में लगातार शिविर आयोजित कर लगभग 2 हजार से अधिक बच्चों को जाति प्रमाण-पत्र से लाभान्वित किया जा चुका है।


           शिक्षा विभाग द्वारा जाति प्रमाण-पत्र बनाने हेतु अगस्त माह में 1 से 10 तारीख के मध्य जिले के सभी संकुल केंद्रों में शिविर आयोजित किया गया। जिसमें पटवारी प्रतिवेदन, वंश वृक्ष एवं वंशावली बनाने का कार्य किया गया। तत्पश्चात प्रधान पाठकों द्वारा विद्यार्थियों का जाति प्रमाण-पत्र प्रकरण तैयार कर लोक सेवा केंद्र तथा अन्य माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया गया। ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर पहले अस्थाई जाति प्रमाण-पत्र तथा बाद में स्थाई जाति प्रमाण-पत्र जारी किया गया। इस अभियान में राजस्व विभाग एवं स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा पालकों एवं विद्यार्थियों को सुविधा देने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास किए गए। जिसके परिणाम स्वरुप एक माह में ही बड़ी संख्या में बच्चों को जाति प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। यह अभियान जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को जाति प्रमाण-पत्र से  लाभान्वित करने हेतु प्रतिमाह आयोजित किये जायेगें।


           अभियान अंतर्गत विकासखंड मोहला में जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए 34 शिविर लगाए गए थे। जिसमें 826 प्रकरण तैयार किये गये, जिसमें 757 आवेदनों का लोक सेवा केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन करने पश्चात 474 स्थायी जाति प्रमाण-पत्र जारी किये गए। इसी प्रकार विकासखंड चौकी में गत माह जाति प्रमाण-पत्र बनाने 32 शिविर लगाए गए। जिसमें 807 प्रकरण तैयार कर ऑनलाइन किया गया, जिसमें से 842 स्थायी जाति प्रमाण-पत्र जारी किया गया। वही विकासखंड मानपुर में अगस्त माह में जाति प्रमाण-पत्र हेतु 06 शिविर लगाए गए। जिसमें 1276 प्रकरण तैयार किए, साथ ही 1090 प्रकरणों को सीएससी सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन किया। जिसके पश्चात 800 स्थायी जाति प्रमाण-पत्र जारी किये गए। इस तरह जिले में गत माह कुल 72 शिविर आयोजित कर 2 हजार 909 प्रकरण तैयार कर 2 हजार 116 बच्चों का स्थायी जाति प्रमाण-पत्र बनाया गया।
            जिला प्रशासन के इस पहल से जहां बच्चों का स्कूलो में ही जाति प्रमाण-पत्र बन पा रहा है, वही परिजनों को अनावश्यक परेशानियों निजात मिली है। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने अभिभावकों से अपील की है, कि जिन बच्चों के जाति प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, वे शिविर का लाभ उठाते हुए आसानी से बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र बनाए।

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  • मोहला : आदि कर्मयोगी अभियान के क्रियान्वयन में लाए तेजी-कलेक्टर प्रजापति

    – पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करना करें सुनिश्चित

    – जिले के 245 ग्रामों में हो रहा कार्यक्रम, जन सहभागिता पर आधारित अभियान

    – कलेक्टर प्रजापति ने ली आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा बैठक

          मोहला । कलेक्टर प्रजापति ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में  आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा आदिवासी बाहुल्य गांवों में शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि कर्मयोगी अभियान संचालित कर रही है। इस दौरान उन्होंने आदि कर्मयोगी अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत एवं जिला नोडल भारती चंद्राकर, सहायक नोडल सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम उपस्थित रहें।


             कलेक्टर प्रजापति ने कहा कि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले के 245 ग्रामों में अभियान चलाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत सामाजिक विकास, जनजागरूकता और सेवा की भावना को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने जिले में जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम, डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब, विकासखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम एवं ब्लॉक प्रोसेस लैब के आयोजन की समीक्षा की साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह अभियान जनभागीदारी पर आधारित है, इसलिए प्रत्येक ग्राम में लोगों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने प्रत्येक गतिविधि की दिनवार, साप्ताहिक एवं मासिक कार्ययोजना बनाते हुए तैयारियां सुनिश्चित करने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।

           कलेक्टर प्रजापति ने कहा कि प्रत्येक गांव से प्रशिक्षण प्राप्त स्थानीय, सक्रिय एवं अनुभवी लोगों का चयन कर सत्यापन कार्यों में शामिल किया करें। जिनके माध्यम से ग्रामीण अंचलों में जागरूकता लाने, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर बेहतर कार्य किया सके। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान अंतर्गत चिन्‍हांकित ग्रामों में विभागीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने का कार्य भी करें।