• CG : भारतीय थलसेना अग्निवीर भर्ती हेतु कौशल शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण के लिए 10 सितम्बर तक होगा पंजीयन

    जगदलपुर, भारतीय सैन्य अग्निवीर थलसेना 2025-26 भर्ती अधिसूचना जारी किया गया था। जिसका कम्प्यूटर परीक्षा का आयोजन सेना भर्ती कार्यालय द्वारा की गई थी।

    कम्प्यूटर परीक्षा में बस्तर जिले के उत्तीर्ण अभ्यर्थी जो शारीरिक प्रशिक्षण के इच्छुक हो, वे उत्तीर्ण संबंधी दस्तावेज के साथ स्वयं कार्यलयीन समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र आड़ावाल जगदलपुर में 10 सितम्बर तक उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं, ताकि भर्ती पूर्व कौशल शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण से लाभांवित किया जा सके।

  • CG : प्रदेश में अब तक 891.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 891.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1292.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 432.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
     
     रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 756.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.9 मि.मी., गरियाबंद में 747.1 मि.मी., महासमुंद में 651.2 मि.मी. और धमतरी में 797.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 843.2 मि.मी., मुंगेली में 829.7 मि.मी., रायगढ़ में 1055.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 721.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1038.6 मि.मी., सक्ती में 920.4 मि.मी., कोरबा में 851.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 851.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 627.5 मि.मी., राजनांदगांव में 798.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1143.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 666.9 मि.मी. और बालोद में 977.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 633.1 मि.मी., सूरजपुर में 965.0 मि.मी., बलरामपुर जिले में 1277.8 मि.मी., जशपुर में 871.3 मि.मी., कोरिया में 984.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 894.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 837.9 मि.मी., कांकेर में 1047.0 मि.मी., नारायणपुर में 1135.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1243.6 मि.मी., सुकमा में 988.8 मि.मी. और बीजापुर में 1211.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • CG : जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भण्डारण

    जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भण्डारण

    बलरामपुर, जिले के कृषकों के लिए खरीफ वर्ष 2025-26 में समितियों के माध्यम से कृषकों को सतत रूप से यूरिया का वितरण किया जा रहा है। साथ ही किसानों के बेहतर फसल के लिए कलेक्टर राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन में यूरिया का भंडारण किया जा रहा है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।


    यूरिया भंडारण के संबंध में जिला विपणन अधिकारी प्रितिका पूजा केरकेट्टा ने जानकारी दी है कि जिले में 550 टन यूरिया का भंडारण किया गया है इसके साथ ही यूरिया की आगामी रेक लगभग 400 टन यूरिया भंडारण किए जाने की योजना है ताकि इस खरीफ सीजन में जिले के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके।

    उल्लेखनीय है कि कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में किसानों को खरीफ फसल के लिए समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही उर्वरक के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर सतत कार्यवाही भी की जा रही है।

  • CG : कारखानों में श्रमिकों के नियमित स्वास्थ्य जाँच में नहीं चलेगी मनमानी, श्रम मंत्री देवांगन ने दिए कड़े निर्देश

    श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की

    रायपुर,

    श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की
    श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की

    श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्री देवांगन ने निजी उद्योगों द्वारा कराए जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच की गहन समीक्षा की। जोखिम वाले (खतरनाक) 913 कारखानों में मात्र 682 ने ही श्रमिकों की चिकित्सा रिपोर्ट अपलोड की गई, शेष की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने और जिनके द्वारा किये गए है उनके द्वारा बरती जा रही खानापूर्ति को लेकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए। उन्होने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ जांच में किसी तरह की मनमानी न हो इसके लिए फील्ड पर विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य जांच पर नियमित निगरानी रखे। उन्होंने जोखिम कारखानों का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरिक्षण के बाद पाई गई कमियों के निराकरण के सम्बन्ध में 929 कारखानो में 222 में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने को लेकर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव फरिहा आलम, उप सचिव अंकिता गर्ग, श्रम विभाग अपर आयुक्त सविता मिश्रा, एस.एल.जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मंत्री देवांगन ने बैठक में संगठित, असंगठित और श्रम कल्याण मण्डल की सभी श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग, ईएसआईसी विभाग की समीक्षा की। आवास योजना की राशि को एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख प्रति हितग्राही करने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । मंत्री देवांगन ने श्रमिकों को मिलने वाली सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने कई जिलों के कम परफॉरमेंस वाले श्रम अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही योजनाओं का अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

    श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों को मिले इस दिशा में अधिकारी मुस्तैदी से कार्य करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों श्रमवीर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। प्रदेश में लगभग 30 लाख 69 हजार पंजीकृत श्रमिक है। इसमें से 11 लाख श्रमिकों द्वारा 5 साल बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया है। केबिनेट मंत्री ने श्रमिकों का दोबारा पंजीयन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विभागीय अधिकारी श्रमिकों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित मंडलों द्वारा किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।

    देवांगन ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

    श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है। 

    श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से अटल उत्कृष्ट योजना , मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है।

  • राजनांदगांव : आज बाल रत्न मंच सेवा समिति गणेशोत्सव पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

    15 फीट के दिव्य अलौकिक राजाधिराज महाराज श्री गणेश मूर्ति
    आकर्षण का केंद्र बनी

    धार्मिक सामान्य ज्ञान मौखिक प्रतियोगिताएं, विभिन्न पुरस्कारों का वितरण

    राजनांदगांव। बाल रत्न मंच सेवा समिति के मुख्य प्रचार प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि संस्कारधानी राजनांदगांव में आनंद-उमंग गणपति महोत्सव हर्षोल्लास के साथ १० दिवसीय आयोजन सेवा में निरंतर 32 वर्षों से छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनंदगांव में बाल रत्न मंच सेवा समिति रामाधीन मार्ग द्वारा किया जा रहा है सनातन संस्कृति के अनुरूप में 15 फीट भव्य आकर्षक राजाधिराज गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई है पंडाल परिसर नव्य भव्य आकर्षक हरियाली , झूमर ,विद्युत झालर से ओत-प्रोत राजाधिराज गणपति का दरबार सजाया गया है |

    सनातन संस्कृति के संस्कारों पर आधारित सनातन की प्रेरणा शिक्षा प्रदान करते हुए बाल रत्न मंच सेवा समिति रामाधीन मार्ग राजनांदगांव में गणपति सेवा में समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी प्रशांत कुशवाहा, श्रेयांश जोशी एवं पंडाल प्रभारी सतपाल वातवानी के कुशल नेतृत्व में भाद्रपद शुक्ल दशमी, दिनांक ०२ सितंबर २०२५, मंगलवार, समय संध्या ६ बजे से आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित शर्मा के कुशल नेतृत्व में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम गणेशोत्वस पंडाल परिसर में आयोजित किया जा रहा है।

    गायन प्रतियोगिता धार्मिक एवं देशभक्ति, नृत्य प्रतियोगिता, धार्मिक एवं देशभक्ति वेशभूषा प्रतियोगिता (फैंसी ड्रेस), क्ले आर्ट में भगवान गणपति की मूर्ति बच्चों एवं महिला व पुरूष सभी उम्र के सभी वर्गों के प्रतिभागियों के लिये, प्रति प्रतियोगिता शुल्क ३०/- रूपये रहेगी। कार्यकारिणी वरिष्ठ सदस्य गोविंद जोशी, निलेश शर्मा ने कहा कि, प्रतियोगिता में संपर्क हेतु 98274 97252 , 7747817127 सांस्कृतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- नेहा गुप्ता (स्थायी लोक अदालत सदस्य दुर्ग संभाग), अल्का सुरजन (समाज सेविका), सुषमा सुरजन (समाज सेविका) द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार एवं सांत्वाना पुरस्कार प्रदान करते हुए पुरस्कृत किये जायेंगे। गणेश उत्सव आयोजन समिति सचिव चैतन्य अग्रवाल ने संस्था परिवार की ओर से बच्चों , महिला एवं पुरुष वर्ग से अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का आग्रह किया है लगातार संध्या 7:00 बजे से 5 दिन से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है l

    उपरोक्त जानकारी प्रचार-प्रचार प्रमुख महेश शर्मा एवं आयुष शर्मा, हर्ष अग्रवाल ने दी।

  • CG : किसानों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की बड़ी पहल : इस माह मिलेगा 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया

    चालू खरीफ सीजन में अब तक 6.39 लाख टन यूरिया वितरित, गत वर्ष इसी अवधि में हुआ था 6.17 लाख टन का वितरण

    राज्य में यूरिया और अन्य रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, किसानों की मांग पर केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया अतिरिक्त आबंटन

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा।

    मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है।

    प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है।

    प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी।

    इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया।

    अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।

    किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

  • CG : प्रशासन की तत्परता: बाढ़ प्रभावितों को मिला राशन

    बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गई

    रायपुर,

    बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गई

    दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।

    आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।

    बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया।

    इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।

    मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ी

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं।

    सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए सोमड़ी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।

    इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं।

    सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

  • CG : बाढ़ में बही पुस्तकें, टेबलेट भी हुआ खराब, पर नहीं रुकेगी पूनम की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी

    मुख्यमंत्री की पहल पर पूनम को मिली पुस्तकें और नया टेबलेट

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री की पहल पर पूनम को मिली पुस्तकें और नया टेबलेट

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

    दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।

  • CG : बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने उनके बीच पहुँचे मुख्यमंत्री साय: अधिकारियों को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण
    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण
    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण
    मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया

    मुख्यमंत्री साय ने यहाँ लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।

    साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

  • CG : किसानों के लिए बड़ी राहत : सितंबर माह में 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आबंटन

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार से स्वीकृत – समय पर होगी आपूर्ति

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश के किसानों को इस माह बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार ने सितंबर माह के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें 58,100 मीट्रिक टन स्वदेशी और 2,700 मीट्रिक टन आयातित यूरिया शामिल है।

    अधिकारियों ने बताया कि राज्य में यूरिया की आपूर्ति लगभग 100 प्रतिशत स्वदेशी कंपनियों के माध्यम से होती है। इसलिए इस माह किसानों को यूरिया की कोई कमी नहीं होगी। कंपनी प्रतिनिधियों से चर्चा के उपरांत यह जानकारी दी गई कि सितंबर माह के कुल स्वदेशी आबंटन का लगभग 30 से 35 प्रतिशत अर्थात् करीब 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्रथम सप्ताह में उपलब्ध हो जाएगा। इसके अतिरिक्त आगामी 15 दिनों में लगभग 60 प्रतिशत यानी 35 हजार मीट्रिक टन तथा शेष मात्रा भी माह के अंत तक आपूर्ति कर दी जाएगी।

    राज्य सरकार ने सभी कंपनियों को समयबद्ध रेकवार आपूर्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने और किसानों की मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 10 से 12 दिनों में मांग के अनुरूप आपूर्ति कर ली जाएगी और प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की सुविधा के लिए भारत सरकार के इस सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर उपलब्ध यूरिया से खरीफ फसलें सुरक्षित रहेंगी और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • CG: अनियमितता पाए जाने पर 5 कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी

    रायपुर,

    अनियमितता पाए जाने पर 5 कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी

    बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार जिले में कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने हेतु कृषि विभाग द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न विकासखण्डों में कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 5 कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार विकासखण्ड अंतर्गत निरीक्षक लोकनाथ दीवान ने गुरुदेव कृषि केंद्र, रसेडा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विक्रय केंद्र में बिल बुक अद्यतन नहीं पाया गया तथा कीटनाशक एवं उर्वरक का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं किया गया था। इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    पलारी विकासखण्ड अंतर्गत निरीक्षक सुचिन वर्मा ने ग्राम दतान स्थित 4 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में गुलशन कृषि सेवा केंद्र में कैश क्रेडिट मेमो अद्यतन नहीं था एवं कीटनाशकों का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं किया गया था। किसान कृषि केंद्र एवं विवेक कृषि सेवा केंद्र में भी कैश क्रेडिट मेमो अद्यतन नहीं पाया गया। वेद कृषि सेवा केंद्र में उपलब्ध कीटनाशकों का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं था। इन सभी 4 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

    भाटापारा विकासखण्ड अंतर्गत उर्वरक निरीक्षक अवधेश कुमार उपाध्याय ने अतुल एंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर टोकन प्रणाली के माध्यम से यूरिया का वितरण कराया गया। निरीक्षण में विक्रेताओं को शासन के नियमों का पालन करते हुए कृषि आदान विक्रय करने हेतु निर्देशित किया गया।

    उप संचालक कृषि दीपक नायक ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रय केंद्र संचालकों को निर्देशित किया है कि कृषकों को उर्वरक एवं अन्य कृषि आदान केवल निर्धारित दर पर ही विक्रय करें। कृषकों को प्रदाय की गई सामग्री का पक्का बिल अनिवार्य रूप से प्रदान करें तथा कृषक के हस्ताक्षरित प्रति विक्रय केंद्र में संधारित रखें।

  • CG : रेत, गिट्टी एवं मुरम के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई- 13 हाईवा जब्त

    रायपुर,

     रेत, गिट्टी एवं मुरम के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई- 13 हाईवा जब्त

    रायपुर जिले में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में खनिज विभाग द्वारा अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के अंतर्गत 13 हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना क्षेत्रों में रखा गया है।

    उपसंचालक खनिज प्राची अवस्थी के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने 31 अगस्त और 1 सितम्बर की दरम्यानी रात आरंग, नयापारा, माना एवं विधानसभा क्षेत्र में नाकेबंदी कर जांच-पड़ताल की। इस दौरान रेत से भरे 8 हाईवा, मुरम से लदे 2 हाईवा तथा गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए 3 हाईवा जब्त किए गए। इन वाहनों को मंदिर हसौद, विधानसभा एवं खरोरा थाना क्षेत्रों की सुपुर्दगी में रखा गया है।

    यह उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदी से रेत उत्खनन पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद अवैध रूप से रेत का परिवहन गरियाबंद, धमतरी, मोमेला एवं महासमुंद क्षेत्रों से अन्य स्थानों हेतु किया जा रहा था।

    खनिज सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में जितेंद्र केसरवानी, लोकेश वर्मा एवं जितेंद्र वर्मा का विशेष सहयोग रहा।जब्त वाहनों पर खनिज अधिनियम के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

  • CG : दरिमा में 35 ग्रामीणों ने सीखा राजमिस्त्री एवं रानी मिस्त्री का हुनर

    व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता, गांव में मिलेगा रोजगार: कलेक्टर

    रायपुर,

    व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगी कार्यकुशलता, गांव में मिलेगा रोजगार: कलेक्टर

    ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अंबिकापुर के दरिमा ग्राम पंचायत में जिला प्रशासन एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) के संयुक्त तत्वावधान में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में 16 महिलाओं को रानी मिस्त्री तथा 19 पुरुषों को राजमिस्त्री का कौशल सिखाया गया। कुल 35 प्रतिभागियों ने व्यावहारिक एवं तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।

    प्रशिक्षण सत्र के समापन समारोह में कलेक्टर विलास भोसकर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक विकास यादव, सेंट्रल बैंक के रिजनल हेड रणधीर सिंह, आरसेटी डायरेक्टर श्याम किशोर गुप्ता, जनपद पंचायत सीईओ राजेश सेंगर, साक्षर भारत जिला परियोजना अधिकारी गिरीश गुप्ता एवं प्रशिक्षण समन्वयक तमना निशा भी उपस्थित रहीं।

    कलेक्टर भोसकर ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव और सीखी गई तकनीकों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से कार्यकुशलता में निखार आता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। काम की गुणवत्ता में सुधार होता है और गति भी बढ़ती है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पंचायतों में सर्वाधिक आवास स्वीकृत हुए हैं, जिन्हें समय पर पूर्ण करना अब आपकी जिम्मेदारी है। यह प्रशिक्षण आपको केवल श्रमिक नहीं, बल्कि कुशल मिस्त्री बनाता है। इससे गांव में पर्याप्त कार्य एवं सम्मानजनक आय का अवसर प्राप्त होगा।

    प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि पहले वे सामान्य मजदूरी करते थे, किंतु प्रशिक्षण के बाद नाप-जोख, ईंट चिनाई, प्लास्टरिंग, लेवलिंग, लेआउट तथा भवन निर्माण की नई तकनीकों में दक्षता हासिल की है। अब वे आत्मविश्वास के साथ स्वयं को कुशल राजमिस्त्री के रूप में पहचान सकते हैं। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को भवन निर्माण कार्य हेतु आवश्यक टूल किट भी वितरित किए गए। ग्रामीण अब अपने अर्जित कौशल का उपयोग स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों में करेंगे, जिससे उन्हें रोजगार उपलब्ध होगा और गांव की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीणों को आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

  • CG : बालोद जिले के 2 कृषि केन्द्रों में उर्वरक विक्रय प्रतिबंधित

    अनियमितता के मामलें में प्रशासन ने की कार्रवाई

    रायपुर, उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग की टीम द्वारा बालोद विकासखण्ड के मेसर्स सार्थक कृषि केन्द्र, बालोद तथा गुरूर विकासखण्ड के मेसर्स हर्ष कृषि केन्द्र, पलारी में उर्वरक विक्रय पर प्रतिबंध लगाए जाने की कार्यवाही की गई है। इस संबंध में दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

    कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन एवं उप संचालक कृषि के निर्देशन में जिले में उर्वरक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। 28 अगस्त 2025 को अनुविभागीय कृषि अधिकारी महेश कुमार, सहायक संचालक कृषि जे.आर. नेताम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी केशव राम पिस्दा, कृषि विकास अधिकारी टिकेन्द्र कुमार पटेल (गुरूर) एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संनत कुमार भेड़िया द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान वहां अनियमितता का मामला पकड़ में आया जिसके फलस्वरूप उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 तथा उर्वरक (संचालन नियंत्रण) आदेश 1973 में निहित प्रावधानों के तहत यह कार्यवाही की गई।

    उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में गुणवत्ता नियंत्रण अंतर्गत उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का सतत निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

  • CG : निर्माण विभागों के कार्यपालन अभियंताओं को चेतावनी

    लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों का जवाब देने 7 दिन की मोहलत

    मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) पुराम ने ली बैठक

    रायपुर,

    लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों का जवाब देने 7 दिन की मोहलत

    मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) आर. पुराम ने आज वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिए राज्य के निर्माण विभागों के सभी संभागों के कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों के निराकरण की अद्यतन स्थिति की गहन समीक्षा की गई। बड़ी संख्या में लंबित निरीक्षण प्रतिवेदन के मद्देनजर उन्होंने सभी कार्यपालन अभियंताओं को इसके निराकरण के लिए एक सप्ताह की मोहलत देते हुए कहा कि इसमें चूक करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई के लिए नामजद प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। 

    बैठक में पुराम ने 30 जून 2025 की स्थिति में लोक निर्माण विभाग से संबंधित 493, जल संसाधन के 308, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के 203, नगरीय प्रशासन एवं विकास के 11, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के 73, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज के 86 लंबित निरीक्षण प्रतिवेदनों की संभागवार समीक्षा की और संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को तत्परता से इसका परीक्षण कर उत्तर भिजवाने के निर्देश दिए। 

    गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा मुख्य तकनीकी परीक्षक के कार्यों के त्रैमासिक प्रगति की समीक्षा की जाती है। संगठन द्वारा स्थल निरीक्षण किये जाने के पश्चात् निरीक्षण प्रतिवेदन जारी किया जाता है, जिसका जवाब संबंधित कार्य विभागों से प्राप्त कर निरीक्षण प्रतिवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

  • CG : सैनिक स्कूल शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण की नींव: मंत्री रामविचार नेताम

    सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न

    रायपुर,सैनिक स्कूल अम्बिकापुर का 17वां स्थापना दिवस समारोह आज गरिमामय वातावरण में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह अवसर न केवल संस्थान की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गरिमा, सैन्य अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता का जीवंत प्रतीक भी बना।

    समारोह के मुख्य अतिथि जनजातीय कल्याण एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने विद्यालय से जुड़े अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल अनुशासन और शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की नींव भी है। उन्होंने कैडेट्स को देशभक्ति, समर्पण और नेतृत्व के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ओर से सैनिक स्कूल के लिए तीन योजनाओं- विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना, आधुनिक इनडोर एरेना का निर्माण तथा हॉकी में कैडेट्स की प्रतिभा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निखारने हेतु एस्ट्रोटर्फ मैदान के निर्माण का आश्वासन दिया है। कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल तथा सासंद चिंतामणि महाराज ने भी अपने संबोधन में विद्यालय की भूमिका को सराहा और इसके कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सीतापुर  विधायक राम कुमार टोप्पो और अम्बिकापुर मेयर मंजूषा भगत, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम कलेक्टर विलास भोसकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

    समारोह में प्राचार्या कर्नल रीमा सोबती ने स्कूल के उप प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ पी श्रीनिवास एवं प्रशासनिक अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर जेम्स नायर की उपस्थिति में अपने स्वागत भाषण में विद्यालय की वर्ष भर की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, खेलकूद और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में कैडेट्स की भागीदारी और सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सैनिक स्कूल अम्बिकापुर के पूर्व कैडेट खिलानंद साहू और अनिमेष कुजूर, सैनिक स्कूल और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।

    इस ऐतिहासिक दिन पर, सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 17वें स्थापना दिवस और छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती का संयुक्त उत्सव एक अद्वितीय सांस्कृतिक और भावनात्मक संगम बन गया। जहाँ राज्य की गौरवशाली यात्रा और सैनिक स्कूल की अनुशासित शैक्षणिक परंपरा एक साथ मंच पर आलोकित हुईं। यह अवसर न केवल अतीत की उपलब्धियों को स्मरण करने का था, बल्कि भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देने वाला एक सशक्त संदेश भी था, कि शिक्षा, संस्कृति और सेवा भाव जब एकत्रित होते हैं, तो राष्ट्र निर्माण की नींव और भी मजबूत होती है।

    इस अवसर पर सैनिक स्कूल के कैडेटों ने एक शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, मूक अभिनय और सबसे बढ़कर महाभारत की नाट्य गीत प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। किड्स अम्बिकन प्राइमरी स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चों के द्वारा प्रस्तुत नृत्य इस कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण रहा। इस मौके पर विभिन्न सदनों को उनकी वार्षिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मानित किया गया। मानेकशा सदन को खेलों में सर्वश्रेष्ठ सदन का पुरस्कार प्राप्त हुआ, जबकि अरिहंत सदन को सर्वश्रेष्ठ कनिष्ठ सदन के रूप में सम्मानित किया गया। अर्जन सिंह सदन को शैक्षणिक एवं सहशैक्षणिक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ सदन घोषित किया गया। अर्जन सिंह सदन ने प्रतिष्ठित एनडीए ट्रॉफी भी अपने नाम की, जो राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में चयन हेतु सर्वाधिक कैडेट्स भेजने वाले सदन को प्रदान की जाती है। मुख्य अतिथि कृषि मंत्री नेताम के हाथों अर्जन सिंह सदन के  हाउस मास्टर शशिकांत ने सर्वश्रेष्ठ सदन की ट्रॉफी प्राप्त की।

    समारोह में विद्यालय के दो शिक्षकों सामाजिक विज्ञान के अध्यापक एवं एनसीसी ए. एन. ओ. शिवेश राय एवं सैनिक स्कूल के संस्थापक सदस्यों में से एक हिंदी के अध्यापक रवीन्द्र तिवारी को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही महेश सिन्हा एवं उदेश कुमार को भी उनके समर्पित कार्यों के लिए प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए।

  • CG : महिलाओं और बच्चों को मिले आंगनबाड़ी की सभी सेवाओं का लाभ : महिला एवं बाल विकास सचिव शम्मी आबिदी

    रायपुर जिले की आंगनबाड़ी सेवाओं की ली समीक्षा बैठक

    सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई

    रायपुर,

    रायपुर जिले की आंगनबाड़ी सेवाओं की ली समीक्षा बैठक

    महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने आज इंद्रावती भवन, रायपुर में विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा बैठक ली। बैठक में रायपुर जिले की आंगनबाड़ी सेवाओं, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, टेक होम राशन वितरण की स्थिति तथा पोषण अभियान की गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की।

    आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण आवश्यक

    सचिव आबिदी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रायपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी तथा क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी नियमित रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण करें और वास्तविक स्थिति का आंकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और हितग्राहियों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने का माध्यम होना चाहिए।

    बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना और महतारी वंदन योजना पर भी विशेष बल दिया गया। सचिव ने निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। महतारी वंदन योजना में हितग्राहियों के घर-घर जाकर सर्वे करें। जिन मामलों में लाभार्थी पते पर उपलब्ध नहीं हैं, दस्तावेज अधूरे हैं या हितग्राही की मृत्यु हो चुकी है, उनकी जानकारी तत्काल सत्यापित कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ और डीपीओ पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    टेक होम राशन वितरण की होगी सख्त निगरानी

    सचिव महिला एवं बाल विकास आबिदी ने टेक होम राशन (THR) के वितरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों गर्भवती एवं धात्री माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मात्रा में टेक होम राशन उपलब्ध कराना आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। राशन वितरण और एंट्री में किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    एनीमिया रोकथाम पर जोर

    सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बालिकाओं, शिशुवती महिलाओं और गर्भवती माताओं में एनीमिया की समस्या को रोकने के लिए पोषणयुक्त आहार पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और सामुदायिक स्तर पर जागरूक करने एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से हरी सब्जियों, सहजन (मोरिंगा), गुड़, तिल, चना और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य वस्तुओं के सेवन के लिए प्रोत्साहित करें।
    पोषण ट्रैकर और राष्ट्रीय पोषण अभियान

    सचिव शम्मी आबिदी ने पोषण ट्रैकर ऐप का सही उपयोग करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियमित गृहभेट करें और समय पर ऑनलाइन एंट्री करें। उन्होंने बताया कि 01 सितंबर से राष्ट्रीय पोषण अभियान की शुरुआत हो चुकी है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएगी हैं ताकि समुदाय में कुपोषण के प्रति जागरूकता बढ़े और पोषण स्तर में सुधार हो।
    कुपोषण रोकने के लिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश

    सचिव आबिदी ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में कुपोषण रोकने के लिए मिशन मोड में काम किया जाए ताकि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं और सेवाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब बच्चों, माताओं और किशोरियों को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त स्वस्थ जीवन मिल सके।

    बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक पी. एल्मा, संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी, रायपुर जिले की कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर, सीडीपीओ तथा सुपरवाइजर उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की।

  • CG : बालिका सुरक्षा माह के अंतर्गत चलाया जा रहा है जागरूकता कार्यक्रम

    लैंगिक शोषण की घटना को छुपाना अपराध है

    रायपुर,

    लैंगिक शोषण की घटना को छुपाना अपराध है

    छत्तसीगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव द्वारा राज्य में 19 अगस्त से 15 सितम्बर तक बालिका सुरक्षा माह मनाने के निर्देश सभी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को दिए हैं। सचिव महिला एवं बाल विकास के निर्देशों के परपिालन में सूरजपुर जिले के  शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय में प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स के द्वारा बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

    बालिका सुरक्षा माह के अन्तर्गत विकासखण्ड सूरजपुर के ग्राम पंचायतों में बाल अपराध बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल विवाह, बाल श्रम, भ्रुण  हत्या, लैंगिक अपराध एवं बालिकाओं के लिंगानुपात, गुड टच बैड टच. मानव तस्करी, सोशल मीडिया मोबाइल से दूरी के के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।  बालिका सुरक्षा माह का प्रारंभ में विकासखण्ड सूरजपुर के शासकीय हायर सेकेण्डरी विद्यालय केतका से की गई, जिसमें जिला बाल संरक्षण अधिकारी के द्वारा बालिकाओं को लैंगिक अपराधों से बालिका का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) के बारे में जानकारी प्रदान की गई। 

    बालिका सुरक्षा माह का उद्देश्य 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन उत्पीड़न, यौन शोषण और अश्लील सामग्री के दुरुपयोग से बचाना है। यह अधिनियम बच्चे के यौन अपराधों को परिभाषित करता है ऐसे अपराधी के लिए दण्ड का प्रावधान है और मामले की त्वरित निपटान के लिए विशेष न्यायालयों की स्थापना करता है। लडका एवं लडकी दोनों बच्चों की सुरक्षा करना है, बालिका को घुरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, गलत इरादे से बात करना एवं गुड टच बैड टच भी अपराध की श्रेणी में आता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला कर प्रेम जाल में फंसा कर या डरा धमका कर उसका लैंगिक शोषण किया जाता है या शोषण करने के लिए उकसाया जाता है और बार-बार लैंगिक शोषण करता है तो बालिका को उसके खिलाफ जाकर विश्वास पात्र व्यक्ति को बताना चाहिए। जैसे कि स्कूल में अपने शिक्षक को या फिर अपने परिवार में जो उनके सबसे करीब होते हैं उनको इस अपराध के बारे में जानकारी देनी चाहिए, जिससे कि उस अपराधी व्यक्ति पर तत्काल कार्यवाही की जा सके। लैंगिक शोषण की घटना को बालिका जिसको बताती है, चाहे वह कोई भी व्यक्ति हो वह बालिका का सहयोग नहीं करता है और उस अपराधी व्यक्ति के खिलाफ अपराध कायम नहीं कराता है तो उस व्यक्ति पर भी इस एक्ट के तहत कार्यवाही की जाती है।     

    किसी बालिका के साथ लैंगिक शोषण की हो रही ऐसी घटना को छुपाना अपराध की श्रेणी में आता है। कुछ बालिकाएं तो समाज व परिवार के डर से अपने साथ हो रही लैंगिक शोषण की घटना का जिक्र नहीं करती चुपचाप इस अपराध को सहती रहती है और गर्भवती हो जाती है। कुछ बालिकाएं समाज एवं परिवार के डर से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कर लेती हैं, जिससे उनकी जान को खतरा हो जाता है और उनकी स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ जाता है जो कि काफी घातक हो जाता है एवं कुछ बिना विवाह के भी कम उम्र में मां बन जाती है। इनमें से कुछ तो नवजात शिशु को मार देते है या फेंक देते हैं नवाजात शिशु को मारना या फेकना भी अपराध की श्रेणी में आता है ऐसे शिशु को वह अस्पतालों के पालना केन्द्र में डाल सकती है या बच्चे को बाल कल्याण समिति सूरजपुर के समक्ष अभ्यर्पित कर सकती हैं इनमे से जो नाबालिक बालिका होती हैं उनकी पहचान गोपनीय रखी जाती है। किसी भी बालिका को ऐसी परिस्थति का सामना न करना पड़े उसके लिए खुद उनको अपनी सुरक्षा के लिए जागरूक होना पड़ेगा एवं शुरूआत में भी अपने खिलाफ हो रहे हैं अपराध को आगे आकर बताना होगा तब कही यह अपराध रूकेगा। ऐसे अपराधो की जानकारी टॉल फ्री चाईल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098 महिला हेल्पलाइन नंबर 181, एमरजेन्सी नंबर 118 में सूचना कर सकती है। इस एक्ट में दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 3 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

    बालिका सुरक्षा माह के कार्यक्रम में विकसखण्ड प्रतापपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पंछीड़ाड में संरक्षण अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के पर्यवेक्षक भैयाथान, परशुरामपुर, बतरा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा सहित अन्य विद्यालय, सखी सेंटर से केन्द्र समन्वयक, मिशन सशक्तिकरण से जेंडर विशेषज्ञ, चाईल्ड लाईन के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

  • CG : धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा : आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष

    रायपुर,

    धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा रू आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष
    धमतरी की स्वर्णिम कृषि यात्रा रू आत्मनिर्भरता और समृद्धि के 25 वर्ष

    छत्तीसगढ़ के मध्य में बसा धमतरी जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उपजाऊ भूमि के लिए जाना जाता है। 06 जुलाई 1998 को रायपुर और महासमुंद जिलों से विभाजित होकर स्थापित धमतरी ने पिछले 25 वर्षों में अपने आत्मनिर्भरता और समृद्वि में उल्लेखनीय प्रगति की हैं। जिले के किसानों ने परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधाओं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाया हैं। परिणामस्वरूप उत्पादन, क्षेत्रफल और किसानों की आय में अभूतपूर्व वृद्धि हुई, जो जिले की कृषि क्षमता और मेहनतकश किसानों की जीवंत गाथा को दर्शाती है।

    इस जिले का प्रमुख खरीफ फसल धान रही है। वर्ष 2000 में खरीफ का क्षेत्रफल 1,37,575 हेक्टेयर था, जो 2025 में लगभग स्थिर रहते हुए 1,35,886 हेक्टेयर रहा। इसके विपरीत रबी फसलों का क्षेत्र 40,930 हेक्टेयर से बढ़कर 60,620 हेक्टेयर हो गया, जो 48.11 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह प्रगति आधुनिक सिंचाई साधनों और किसानों की नई सोच का परिणाम है।

    दलहन और तिलहन उत्पादन में भी जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल कीं। रबी दलहन का क्षेत्र 10,570 हेक्टेयर से बढ़कर 32,290 हेक्टेयर तक पहुँचा, जिसमें 205.49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसी प्रकार रबी तिलहन में 498.04 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई। यह परिवर्तन जिले को खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है।

    सिंचाई विस्तार कृषि उन्नति का आधार बना। खरीफ का सिंचित क्षेत्र 87,390 हेक्टेयर से बढ़कर 1,20,026 हेक्टेयर हुआ, वहीं रबी में 32,500 हेक्टेयर से बढ़कर 74,490 हेक्टेयर तक पहुँचा, जो 129.20 प्रतिशत की वृद्धि है। इससे रबी फसलों की उत्पादकता और स्थिरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
    बीज और उर्वरक वितरण व्यवस्था भी सुदृढ़ हुई है। वर्ष 2025 में 60,895 क्विंटल बीज और 26,950 टन उर्वरक वितरित किए गए। फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ में 10,864.4 हेक्टेयर और रबी में 5,445 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया, जिससे किसानों को जोखिम प्रबंधन का मजबूत साधन मिला।
    जैविक खेती में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है। खरीफ में जैविक क्षेत्र 1,180 हेक्टेयर से बढ़कर 1,680 हेक्टेयर और रबी में 100 हेक्टेयर से बढ़कर 250 हेक्टेयर हो गया। यह बदलाव पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि की दिशा में किसानों की जागरूकता को दर्शाता है। किसानों की आय संवर्धन हेतु प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जिले के 1,02,036 कृषक लाभान्वित हुए। समर्थन मूल्य पर उपार्जन ने किसानों को नई मजबूती दी। धान का समर्थन मूल्य वर्ष 2000 के 540 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2025 में 3,100 रुपये प्रति क्विंटल हुआ, जो 474 प्रतिशत की वृद्धि है। पहली बार जिले में चना उपार्जन भी हुआ, जिसमें 2,212 किसानों से 20,646.5 क्विंटल चना खरीदा गया और 1,166.52 लाख रुपये का भुगतान किया गया।

    पिछले 25 वर्षों में धमतरी की कृषि व्यवस्था ने स्वर्णिम उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। रबी फसलों, दलहन-तिलहन, सिंचाई विस्तार, जैविक खेती और समर्थन मूल्य पर उपार्जन में हुई प्रगति ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है बल्कि जिले को आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि मॉडल के रूप में स्थापित किया है। खरीफ 2025 की फसल क्षेत्राच्छादन की पूर्णता के बाद कृषि उपलब्धियों का नया अध्याय और भी सशक्त रूप में सामने आएगा।

  • Rajnandgaon: प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो ने फूंका राहुल गांधी का पुतला

    राजनांदगांव। बिहार के दरभंगा जिले में कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द कहे जाने पर प्रदेश एवं जिला भाजपा के निर्देशानुसार भारतीय जनता युवा मोर्चा ने कड़ा विरोध जताया। सोमवार को प्रदेश भाजयुमो के आह्वान पर जिला भाजयुमो ने शहर के महावीर चौक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया।

    Rajnandgaon: प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भाजयुमो ने फूंका राहुल गांधी का पुतला

    पुतला दहन कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत जी,भाजयुमो के जिला अध्यक्ष मोनू बहादुर सिंह,सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस मौके भाजयुमो पदाधिकारियों ने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं, जिसे देश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

    कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और राहुल गांधी के बयान की निंदा करते हुए भाजपा अध्यक्ष कोमल राजपूत एवं भाजयुमो अध्यक्ष मोनू बहादुर ने कहा कि इस तरह की राजनीति लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

    इस दौरान..भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, एम डी ठाकुर, शिव वर्मा,  मण्डल अध्यक्ष सुमित भाटिया मण्डल अध्यक्ष गोलू गुप्ता,रघुवीर वधवा,तरुण लहरवानी भाजयुमो जिला अध्यक्ष मोनू बहादुर सिंह,त्रिगून टाँक,अशोकादित्य श्रीवास्तव, हर्ष रामटेके बलवंत साव विनोद भारती पप्पी भाटिया चंद्रभान जंघेल नोमेश वर्मा सज्जन ठाकुर प्रखर शिवास्तव देवा झा पिंटू वर्मा रवि साहू प्रवीण शुक्ला आशीष जैन चिंटू सोनकर आकाश चोपडा उज्जवल कसेर मनोज यादव मनोहर साहू संयम शर्मा आशुतोष सिंह हेतल भोजानी जश्मीत भाटिया दिनेश साहू गेमू कुंजाम चेतन यादव यश पारख संजय मिश्रा प्रबोध साहू रानू मेश्राम प्रकाश मारकंडे लवकुश वर्मा हर्ष चौधरी आशीष सोरी गीतेश गुप्ता ज्ञानेश गुप्ता मोहम्मद ठाकुर नितेश नायक अंशुल श्रीवास्तव उन्नति तिवारी अरविंद बैद सोहन चौरसिया आदित्य पराते विकास साहू योगेश देवांगन कमलेश प्रजापति नीलेश पंसारी साकेत वैष्णव अभिषेक झा रोहित अवचत अशोक सिन्हा अंकित गारेवाल मनोज साहू राजा सावरकर पंकज वर्मा शिवम् जमुलकर राजू देशमुख लोकेश देशमुख अभिषेक यादव सूरज नायक अभिसेक यदु कमलेश लहरे कौशल देवांगन वासिम खान सौरभ टेभूलकर जैकी सोनकर टिक्कू राजपूत रोहित सिन्हा विशाल शर्मा संयम जैन चिंटू सोनी प्रकाश कंवर प्रशांत सोनी सोमू कन्नौजे कमल ध्रुव आँशु कसार रवि राजपूत अमितेश झा प्रह्लाद सिन्हा पियूष लनिया तोरण टेली नरेश कोचरे सुनील साहू रवि बंजारे रफीक खान नीलेश राजपूत आशीष साहू चुनेश्वर साहू सहित लगभग 100 से ज्यादा कार्यकर्ता उपस्थिति रहे.