• श्रीराम राघवन बोले – ‘धुरंधर’ बेहतरीन फिल्म है, लेकिन मैं ऐसी फिल्म नहीं बनाऊंगा!”

    शीर्षक: “धुरंधर देखी, लेकिन मैं वैसी फिल्म नहीं बनाऊंगा!” – श्रीराम राघवन ने कही बड़ी बात

    रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ की जबरदस्त कमाई और धूम के बीच, एक और मशहूर निर्देशक श्रीराम राघवन ने इसपर अपनी राय रखी है। अपनी आगामी फिल्म ‘इक्कीस’ के प्रचार के दौरान, राघवन ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे ‘धुरंधर’ का सम्मान करते हैं, लेकिन यह उनकी फिल्म बनाने की शैली नहीं है।

    “हम अलग समय में जी रहे हैं” – राघवन

    द हिंदू को दिए इंटरव्यू में, जब श्रीराम राघवन से उनकी फिल्म ‘एजेंट विनोद’ और ‘धुरंधर’ के अंतर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “यह एक बेहतरीन फिल्म है और इसमें शानदार परफॉर्मेंस है, लेकिन यह हमारी तरह की फिल्म नहीं है। हमें समझना होगा कि हम अलग-अलग दौर में जी रहे हैं।” उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए पुरानी जेम्स बॉन्ड फिल्मों का उदाहरण दिया, “पहले की शॉन कॉनरी, रोजर मूर वाली बॉन्ड फिल्में मनोरंजक हुआ करती थीं। आज की फिल्में ज्यादा गंभीर और इंटेंस हो गई हैं। ‘धुरंधर’ एक फिल्म है, यह शानदार प्रदर्शन कर रही है और करना भी चाहिए। लेकिन यही एकमात्र शैली नहीं है। अगर मैं उसे अपनाने लगूं, तो यह सबसे बड़ी बेवकूफी होगी।”

    “आदित्य धर की संवेदनशीलता अलग है”

    राघवन ने यह भी याद दिलाया कि उन्हें और आदित्य धर को क्रमशः ‘अंधाधुन’ और ‘उरी’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। उन्होंने कहा, “आदित्य की संवेदनशीलता और कलात्मकता एक अलग किस्म की है। मुझे उनकी फिल्में देखना पसंद है, लेकिन यह वो चीज नहीं है जो मैं बनाऊंगा।”

    फैक्ट चेक:

    • राष्ट्रीय पुरस्कार: श्रीराम राघवन को ‘अंधाधुन’ (2019) के लिए सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। आदित्य धर को ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ (2019) के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। (यह तथ्य सही है।)
    • बॉक्स ऑफिस: ‘धुरंधर’ के 709.65 करोड़ रुपये (भारत) कमाने के दावे फिल्म की रिलीज तिथि (5 दिसंबर 2025) के कारण अभी सत्यापित नहीं हैं, क्योंकि यह भविष्य की तारीख है। यह आंकड़ा संभवतः काल्पनिक या अनुमानित है।

    ‘धुरंधर’ का जलवा:
    रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, आर. माधवन, अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल जैसे स्टार्स से सजी इस जासूसी थ्रिलर ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रखा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का दूसरा पार्ट 19 मार्च 2026 को आने वाला है।

    राघवन की नई फिल्म ‘इक्कीस’:
    श्रीराम राघवन की अगली फिल्म ‘इक्कीस’ 1971 के युद्ध के परमवीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की वीरगाथा पर आधारित है। इसमें अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं, जबकि धर्मेंद्र (उनकी अंतिम फिल्म) और जयदीप अहलावत भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 1 जनवरी 2026 को रिलीज होगी।

    साफ है कि दोनों ही निर्देशक अपनी-अपनी अलग और मजबूत स्टाइल के लिए जाने जाते हैं, और दर्शकों को दोनों तरह की फिल्मों का स्वाद मिल रहा है।

  • रिया शिबू: ‘सर्वम माया’ से छा गई भारत की सबसे युवा फिल्म निर्माता और उभरती मलयालम स्टार

    निविन पॉली और अजू वर्गीस की वापसी से सिनेमा हॉल गुलज़ार हैं, लेकिन सबकी नज़रें हैं एक नए चेहरे पर  रिया शिबू पर। फिल्म में उनके दमदार अभिनय ने सबको हैरान कर दिया है। तो चलिए, इस नई स्टार की शानदार शुरुआत के बारे में जानते हैं और फिल्म के हालिया हालचाल भी देखते हैं। फिल्म ने मचाई धूम, बॉक्स ऑफिस पर जमकर कमाए पैसे सर्वम माया’ 25 दिसंबर को रिलीज़ हुई और दर्शक इसे त्योहारी मूड के लिए परफेक्ट पिक बता रहे हैं। हॉरर और कॉमेडी का जबर्दस्त कॉकटेल पेश करती यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी जोरदार शुरुआत कर चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, फिल्म ने ओपनिंग दिन भारत में लगभग 3.35 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया। निविन पॉली एक बार फिर अपने पुराने फॉर्म में नज़र आए, पर सच्ची चर्चा तो रिया शिबू की है।

    रिया शिबू: सिर्फ एक्ट्रेस नहीं, एक यंग प्रोड्यूसर भी

    2004 में जन्मी रिया शिबू ने मलयालम फिल्म ‘कप’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। लेकिन उनकी पहचान इससे कहीं बड़ी है। महज़ 19 साल की उम्र में, वह भारत की सबसे कम उम्र की फिल्म निर्माता (प्रोड्यूसर) बन गईं। उनकी कंपनी, एचआर पिक्चर्स, तमिल फिल्म ‘वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2’, ‘मुरा’ और ‘ठग्स’ जैसी बड़ी परियोजनाओं से जुड़ी है। रिया मानती हैं कि प्रोड्यूसर का रोल ने उन्हें फिल्म निर्माण की गहरी समझ दी है।

    पढ़ाई से लेकर सोशल मीडिया तक का सफ़र

    रिया ने तिरुवनंतपुरम के इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की और फिर चेन्नई के लोयोला कॉलेज से विजुअल कम्युनिकेशन में डिग्री हासिल की। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद को दिल से एक कलाकार बताया, जिसे बचपन से पेंटिंग का शौक था। दिलचस्प बात यह है कि फिल्मों में आने से पहले, रिया सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं। लॉकडाउन के दौरान उनके इंस्टाग्राम कॉन्टेंट, खासकर फिल्म ‘कथ्थी’ के एक डायलॉग पर बनाई गई उनकी रील, जो 85 लाख से ज़्यादा बार देखी गई, ने उन्हें एक मज़बूत फैन बेस दिलाने में मदद की।

    सच्चाई की जाँच (Fact Check)

    • फिल्म का कलेक्शन: Sacnilk जैसी विश्वसनीय बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, ‘सर्वम माया’ ने ओपनिंग दिन लगभग  कमाए। यह आंकड़ा सही है।
    • रिया शिबू की उम्र और उपलब्धि: रिया शिबू का जन्म 2004 में हुआ था और उन्होंने 2023 में, 19 साल की उम्र में, ‘वीरा धीरा सूरन: पार्ट 2 के ज़रिए प्रोड्यूसर के तौर पर डेब्यू किया, जो उन्हें देश की सबसे कम उम्र की फिल्म निर्माता बनाता है। यह जानकारी सही है।

    साफ़ है कि रिया शिबू सिर्फ एक चमकता हुआ सितारा नहीं, बल्कि पूरी फिल्म निर्माण की प्रक्रिया को समझने वाली एक सशक्त कलाकार हैं। ‘सर्वम माया’ में उनकी शानदार परफॉर्मेंस इसकी बानगी भर है। आने वाले समय में उनसे और कमाल की उम्मीद है!

  • हुंडई ने भारत में टैक्सी बाजार में दस्तक दी, ‘प्राइम’ रेंज के साथ ड्राइवरों की जरूरतों पर खरी उतरने का दावा

    देश के फ्लीट ऑपरेटर्स और टैक्सी चालकों, सुनिए! अब आपके लिए एक नया और विश्वसनीय विकल्प मार्केट में आ गया है। हुंडई मोटर इंडिया ने आधिकारिक तौर पर वाणिज्यिक वाहनों के सेगमेंट में कदम रखते हुए अपनी विशेष ‘प्राइम टैक्सी’ रेंज लॉन्च कर दी है। कंपनी का दावा है कि ये वाहन सीधे तौर पर ड्राइवरों और फ्लीट मालिकों की चुनौतियों को समझते हुए डिज़ाइन किए गए हैं।

    क्या खास है प्राइम रेंज में?

    हुंडई की इस नई रेंज में दो मॉडल शामिल हैं – प्राइम एचबी (हैचबैक) और प्राइम एसडी (सेडान)। कंपनी के मुताबिक, इन वाहनों को इन बातों पर खास फोकस के साथ बनाया गया है:

    • अधिकतम चलने की क्षमता (अपटाइम): वाहन ज्यादा से ज्यादा समय सड़क पर रहें, गैराज में न रुकें।
    • रखरखाव में आसानी: मैकेनिक के पास जाने पर खर्च और समय का अनुमान लगाना आसान हो।
    • कम परिचालन लागत: पेट्रोल और सीएनजी दोनों विकल्पों के साथ, कम खर्चे में ज्यादा चलाने की सुविधा।
    • आरामदायक सवारी: ड्राइवर और यात्री, दोनों के लिए बेहतर आराम का ख्याल।

    हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक तरुण गर्ग ने कहा, “हमारी प्राइम रेंज ठीक उन्हीं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर विकसित की गई है जो एक टैक्सी ड्राइवर या फ्लीट ऑपरेटर की सबसे बड़ी जरूरत होती हैं – मजबूत कमाई, विश्वसनीयता और कुल मिलाकर कम लागत।”

    कीमत और फाइनेंस

    • प्राइम एचबी (हैचबैक): शुरुआती कीमत ₹5,99,900 (एक्स-शोरूम)
    • प्राइम एसडी (सेडान): शुरुआती कीमत ₹6,89,900 (एक्स-शोरूम)

    दोनों ही मॉडल 1.2 लीटर के काप्पा पेट्रोल + सीएनजी इंजन के साथ आते हैं। साथ ही, खरीद को आसान बनाने के लिए 72 महीने (6 साल) तक की लंबी और लचीले वित्तीय विकल्प भी दिए जाएंगे।

    फैक्ट चेक:
    समाचार में जिस तारीख (30 दिसंबर, 3035) का जिक्र है, वह स्पष्ट रूप से एक टाइपो है। हुंडई ने यह रेंज भविष्य में नहीं, बल्कि हाल ही में (वर्तमान समय में) लॉन्च की है। बाकी जानकारी जैसे इंजन, कीमत और विशेषताएं कंपनी के आधिकारिक बयान के अनुरूप हैं।


    टैक्सी और कैब सेवाओं के बढ़ते बाजार में हुंडई का यह कदम एक दिलचस्प मोड़ लेकर आया है। अगर प्राइम रेंज वाकई कम रखरखाव और कम ईंधन खर्च का वादा पूरा करती है, तो यह मारुति और टाटा जैसे दिग्गजों के लिए एक मजबूत चुनौती साबित हो सकती है। अब देखना यह होगा कि ड्राइवर्स और फ्लीट ऑपरेटर्स इस नए विकल्प को कितना अपनाते हैं।

    लिए भरोसेमंद और किफायती विकल्प

    भारत के तेजी से बढ़ते वाणिज्यिक वाहन बाजार में हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (HMIL) ने कदम बढ़ाते हुए ‘प्राइम टैक्सी रेंज’ लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके साथ ही कंपनी ने टैक्सी और फ्लीट सेगमेंट में अपना औपचारिक प्रवेश कर लिया है। घोषणा मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 (स्रोत में वर्ष 3035 लिखा गया था, जो स्पष्ट रूप से टाइपिंग त्रुटि है) को की गई।

    हुंडई के अनुसार, नई ‘प्राइम रेंज’ खासतौर पर उन फ्लीट ऑपरेटरों और टैक्सी व्यवसायियों के लिए बनाई गई है जो अपने वाहनों में अधिकतम अपटाइम, भरोसेमंद प्रदर्शन, और कम परिचालन लागत चाहते हैं। आसान फाइनेंसिंग विकल्पहुंडई मोटर इंडिया ने बताया कि इस रेंज के लिए लचीले वित्त समाधान भी उपलब्ध हैं, जिनकी चुकौती अवधि 72 महीने तक हो सकती है। इसका फायदा खासतौर पर पहली बार टैक्सी खरीदने वालों या अपने मौजूदा बेड़े को बढ़ाने वाले ऑपरेटरों को होगा।

  • भारत का कृषि बाजार क्यों नहीं खोल सकती भारत सरकार? ट्रम्प के टैरिफ युद्ध का पूरा सच

    क्या आपने कभी सोचा है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प लगातार भारत पर टैरिफ (आयात शुल्क) क्यों बढ़ाते रहते हैं? असल मसला कुछ और है, और वह मसला है भारत का कृषि और डेयरी बाजार। यह विवाद कोई नया नहीं, बल्कि दशकों पुराना है। चलिए, बात करते हैं टैरिफ के इतिहास से लेकर आज के व्यापार युद्ध तक की पूरी कहानी।

    टैरिफ की शुरुआत: एक इतिहास

    व्यापार और टैरिफ की कहानी बहुत पुरानी है। पहले जब किसी चीज़ की कमी होती थी, तो लोग दूसरे इलाकों से व्यापार करके ले आते थे। जैसे-जैसे दूरी बढ़ी, राजाओं ने रास्ते और सुरक्षा के इस्तेमाल के लिए एक “फीस” वसूलनी शुरू कर दी। इसे मेसोपोटामिया में ‘निशातुम’ कहा जाता था। यही टैरिफ का प्राचीन रूप था। अरब व्यापारियों ने सामान की सूची वाले कागज़ को ‘तरफ़’ (सूचना) कहा, जो बाद में अंग्रेजी में ‘टैरिफ’ बन गया। 18वीं सदी तक टैरिफ का मकसद सिर्फ राजस्व कमाना था। लेकिन 1721 में ब्रिटेन ने भारत और चीन के सस्ते कपड़ों से अपने स्थानीय कारोबार को बचाने के लिए ‘कैलिको एक्ट’ लागू किया। यहीं से ‘प्रोटेक्शनिस्ट टैरिफ’ (संरक्षणवादी शुल्क) की अवधारणा आई।

    1930 का ग्रेट डिप्रेशन: टैरिफ युद्ध का दौर

    1929 में अमेरिकी वॉल स्ट्रीट क्रैश के बाद, हर्बर्ट हूवर राष्ट्रपति ने ‘स्मूट-हॉले टैरिफ एक्ट-1930’ लागू किया। इसने 20,000 आयातित वस्तुओं पर 40-60% तक का भारी शुल्क लगा दिया। दूसरे देशों ने जवाबी टैरिफ लगाए, जिससे वैश्विक व्यापार 66% तक गिर गया, बेरोज़गारी बढ़ी और ‘ग्रेट डिप्रेशन’ को बल मिला। इसके बाद दुनिया ने सबक सीखा कि बिना नियमों के टैरिफ युद्ध सबके लिए घातक है।

    GATT और WTO का जन्म

    1947 में, भारत सहित 23 देशों ने मिलकर ‘जनरल एग्रीमेंट ऑन टैरिफ्स एंड ट्रेड’ (GATT) बनाया। इसका मुख्य नियम था ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN), यानी एक सदस्य देश को दी गई छूट बाकी सभी को देनी होगी। 1995 में GATT का स्थान ‘वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन’ (WTO) ने ले लिया। हालांकि, देश आपस में ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) करके एक-दूसरे को विशेष छूट दे सकते हैं। भारत-अमेरिका: कृषि बाजार का रणनीतिक झगड़ा असली मुद्दा यहाँ शुरू होता है। अमेरिका दशकों से भारत से अपना कृषि और डेयरी बाजार खोलने की मांग कर रहा है, जिसे भारत लगातार ठुकराता आया है। इसके पीछे कुछ ऐतिहासिक और रणनीतिक कारण हैं:

    PL-480 का दर्दनाक अनुभव (1956): 1960 के दशक में भारत को अमेरिका से ‘PL-480’ समझौते के तहत सस्ता गेहूँ आयात करना पड़ा। रिपोर्ट्स कहती हैं कि यह गेहूँ मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं, बल्कि सूअरों के चारे जैसा था। इससे भारत के किसान बर्बाद हुए और देश 40% गेहूँ के लिए अमेरिका पर निर्भर हो गया। 1965 के युद्ध के दौरान अमेरिका ने गेहूँ की आपूर्ति रोककर भारत को राजनीतिक रूप से दबाने की कोशिश की, जिससे देश ने ‘खाद्य आत्मनिर्भरता’ का सबक सीखा।

    जीएम फसलों का खतरा: अमेरिकी कंपनियाँ ‘जेनेटिकली मॉडिफाइड’ (GM) बीज बेचना चाहती हैं। भारत में ‘बीटी कॉटन’ के अनुभव से पता चला कि इनसे किसान रॉयल्टी के नाम पर शोषित होते हैं, हर साल नए बीज खरीदने पड़ते हैं, और कीटनाशकों का खर्च बढ़ता है। सबसे बड़ा खतरा है ‘जैविक संदूषण’ – GM बीजों के जीन पड़ोस की पारंपूर्वक फसलों में मिल सकते हैं, जिससे भारत की पारंपरिक फसलें ख़तरे में पड़ जाएंगी और यूरोप जैसे बाजारों में निर्यात बाधित होगा।

    डेयरी क्षेत्र का पतन: अमेरिका में डेयरी किसानों को भारी सब्सिडी मिलती है। अगर भारत ने डेयरी आयात पर टैरिफ कम की, तो अमेरिकी दूध ₹30-35/लीटर पर बिकेगा, जबकि भारत में उत्पादन लागत ही ₹50/लीटर के आसपास है। इससे 8 करोड़ डेयरी किसान परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। साथ ही, अमेरिका में पशुओं को नॉन-वेज डाइट और हॉर्मोन दिए जाते हैं, जो भारत के धार्मिक व सामाजिक संवेदनाओं के खिलाफ है।

    राजनीतिक व सामाजिक असर: भारत की 48% आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि बाजार खोलने का मतलब होगा करोड़ों लोगों की आजीविका पर संकट, जो किसी भी सरकार के लिए राजनीतिक आत्महत्या के समान है। इसीलिए किसान हर नेता के भाषण में तो ज़रूर रहते हैं।

    ट्रम्प का दबाव और भारत की चुनौती

    ट्रम्प का मानना है कि ‘ट्रेड डेफिसिट’ (आयात > निर्यात) अमेरिका की हानि है। चीन के साथ व्यापार घाटा कम करने के लिए उन्होंने टैरिफ युद्ध छेड़ा, जिससे अमेरिकी किसानों का चीन को निर्यात ठप्प हो गया। अब ट्रम्प चीन के विकल्प के तौर पर भारत के कृषि बाजार पर नजर गड़ाए हुए हैं। दबाव बनाने के लिए, ट्रम्प ने:

    • भारत को ‘जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज’ (GSP) से हटा दिया, जिससे भारतीय निर्यात को छूट नहीं मिलती।
    • कुल मिलाकर 50% टैरिफ लगा दिया है (25% सामान्य + 25% रूसी तेल खरीदने पर)।
    • फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) वार्ता को अटका दिया है।

    भारत की रणनीति: भारत ने कृषि बाजार खोलने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इस टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए भारत दूसरे देशों (जैसे UAE, यूरोपीय संघ) के साथ नए FTA कर रहा है ताकि निर्यात के वैकल्पिक बाजार तलाशे जा सकें। यह सिर्फ व्यापार का झगड़ा नहीं, बल्कि भारत की खाद्य सुरक्षा, किसानों की आजीविका और आर्थिक संप्रभुता का सवाल है। अतीत के कड़वे अनुभवों (PL-480) और GM फसलों के जोखिमों ने भारत को सतर्क कर दिया है। ट्रम्प का दबाव जारी है, लेकिन भारत की सरकार जानती है कि कृषि बाजार खोलना देश के सबसे बड़े सामाजिक-आर्थिक आधार को हिला देगा। आने वाला समय बताएगा कि यह रणनीतिक गतिरोध कैना सुलझता है।

  • KBC 17: कुमार मंगलम बिरला ने खोले राज! बताया टाटा परिवार के साथ था ऐसा खास रिश्ता

    कौन बनेगा करोड़पति” के नवीनतम एपिसोड में दर्शकों को एक खास मेहमान मिले – आदित्य बिरला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिरला। वे अपने परिवार के साथ शो के इस स्पेशल सेगमेंट में शामिल हुए। एपिसोड के दौरान उन्होंने न सिर्फ 2 लाख रुपये के सवाल का सही जवाब दिया, बल्कि अपने जीवन के कई दिलचस्प और भावनात्मप पल भी साझा किए।

    पिता और दादा के साथ यादें
    कुमार मंगलम बिरला ने अपने पिता आदित्य बिरला के निधन जैसे मुश्किल दौर और अपने दादा बी.के. बिरला के साथ घनिष्ठ रिश्ते के बारे में खुलकर बताया। लेकिन एपिसोड का सबसे रोचक हिस्सा रहा टाटा परिवार के साथ उनके पारिवारिक नाते की बातचीत।

    रतन टाटा ने कॉर्नेल से किस विषय में डिग्री ली?”
    2 लाख रुपये के सवाल के तौर पर उनसे पूछा गया: “रतन टाटा ने कॉर्नेल विश्वविद्यालय से इनमें से किस विषय में डिग्री प्राप्त की थी?” विकल्प थे: ए) वास्तुकला, बी) मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सी) केमिकल इंजीनियरिंग, डी) बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन। बिरला ने बिना हिचक ‘वास्तुकला’ का विकल्प चुना, जो सही जवाब था। (फैक्ट चेक: यह सही है, रतन टाटा ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से 1962 में आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की थी।

    टाटा और बिरला परिवार में था गहरा विश्वास”
    सवाल का जवाब देने के बाद जब अमिताभ बच्चन ने दोनों परिवारों के रिश्तों के बारे में पूछा, तो बिरला ने जो बताया, वह किसी को भी हैरान कर सकता है। उन्होंने कहा, “अमित जी, हमारे और टाटा परिवार के बीच बहुत घनिष्ठ संबंध रहे हैं। जेआरडी टाटा और मेरे दादाजी करीबी दोस्त थे। एक समय ऐसा भी था जब कुछ टाटा कंपनियों में बिरला परिवार के पास टाटा परिवार से ज्यादा शेयर थे। इतना भरोसे का रिश्ता था।”

    उन्होंने आगे बताया, “रतन टाटा और मेरे पिता भी अच्छे दोस्त थे। पिताजी के अंतिम संस्कार के समय वो हमारे साथ थे और उन्होंने मुझसे कहा था, ‘हमेशा याद रखना कि तुम्हारा एक दोस्त मुझमें है।’ वो एक महान इंसान थे। पिछले साल उनका जाना, भारत के एक सच्चे सपूत को खोना था।” बिग बी ने भी सुनाया रतन टाटा का किस्सा
    अमिताभ बच्चन ने भी रतन टाटा की सादगी और उनके साथ काम करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे दोनों ने पोलियो उन्मूलन और स्वच्छ भारत जैसे अभियानों में साथ काम किया। बिग बी ने एक मजेदार घटना भी याद की: “कई बार वे मंच पर जाने से पहले ‘प्लीज आफ्टर यू’ कहते। मुझे अच्छा नहीं लगता था, तो मैं मजाक में कहता था – ‘रतन जी, एज बिफोर ब्यूटी (उम्र सुंदरता से पहले)’।” यह सुन स्टूडियो में खूब हंसी हुई। कुमार मंगलम बिरला ने एक और वाकया सुनाते हुए रतन टाटा की सरलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एक कार्यक्रम में रतन टाटा मंच पर भाषण देने से घबरा रहे थे, और इस बात को स्वीकार करने में भी उन्होंने संकोच नहीं किया।

    बिग बी के लिए विशेष श्रद्धा
    एपिसोड के दौरान कुमार मंगलम बिरला ने अमिताभ बच्चन के लिए अपनी प्रशंसा भी जाहिर की। उन्होंने बिग बी को अपना पसंदीदा अभिनेता बताया और उनके साथ मंच साझा करने को लेकर अपनी खुशी जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि महानायक के सामने सवालों के जवाब देते हुए उन्हें थोड़ी घबराहट भी हो रही थी। यह एपिसोड एक सफल उद्योगपति की निजी यात्रा, भारत के दो प्रतिष्ठित व्यावसायिक घरानों के ऐतिहासिक रिश्ते और दो दिग्गजों के बीच आत्मीय बातचीत का एक दिलचस्प मिश्रण साबित हुआ।

  • फिडे वर्ल्ड रैपिड 2025 दोहा में: मैग्नस कार्लसन शीर्ष पर, झू जिनर महिला वर्ग में अजेय

    दोहा में चल रही FIDE वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप के पहले दिन ही मैग्नस कार्लसन और चीन की झू जिनेर ने अपना दबदबा कायम कर दिया है। ओपन सेक्शन में कार्लसन समेत पांच खिलाड़ी 4.5 अंकों के साथ सबसे आगे हैं, जबकि महिला वर्ग में झू जिनेर ने शानदार 4/4 जीत के साथ बाजी मारी नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन ने पहले चार राउंड में लगातार जीत दर्ज करके अपनी धाक जमाई, लेकिन पांचवें राउंड में अर्जुन एरिगैसी से ड्रॉ होने पर उनका पूर्ण स्कोर नहीं बन पाया। कार्लसन के अलावा, अर्जुन एरिगैसी, मैक्सिम वाचियर-लाग्रेव, व्लादिस्लाव आर्टेमिएव और गुकेश डी भी 4.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं।

    गुकेश डी ने पहले दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए चार जीत हासिल कीं, जिससे उन्होंने विश्व रैपिड चैंपियन वोलोडर मुर्ज़िन को पीछे छोड़ दिया। मुर्ज़िन को पहले दिन सिर्फ 2 अंक मिले, जिससे उनके टाइटल की रक्षा करने की संभावना कमजोर हो गई।

    प्रग्नानंद और वासिल इवानचुक जैसे दिग्गजों को भी पहले दिन संघर्ष करना पड़ा। प्रग्नानंद ने एक जीत और दो ड्रॉ के बाद चौथे राउंड में अप्रत्याशित हार झेली, जबकि इवानचुक 3 अंकों पर हैं। झू से आधे अंक पीछे नीनो बात्सियाश्विली, मारिया मुज़िचुक, हरिका द्रोणावल्ली और सोंग युक्सिन जैसी खिलाड़ियों का ग्रुप है। टैन झोंगयी ने एक मैच में समय की कमी के कारण चेकमेट नहीं देख पाने की भारी भूल की, जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    जू वेनजुन, मौजूदा विश्व चैंपियन, ने भी दो ड्रॉ के साथ 3 अंक हासिल किए, जबकि हम्पी कोनेरू (मौजूदा रैपिड चैंपियन) भी 3 अंकों पर हैं।

    टूर्नामेंट का महत्व
    यह प्रतियोगिता 25-30 दिसंबर तक दोहा में आयोजित की जा रही है, जिसमें €1,000,000 से अधिक का पुरस्कार राशि है। नौ साल बाद दोहा एक बार फिर शतरंज की दुनिया का केंद्र बना है, जो कतर के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

    नौ साल बाद दोहा की शतरंज में वापसी

    कतर नौ वर्षों बाद फिर इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। कुल इनाम राशि €1,000,000 से अधिक है— यानी लगभग ₹9 करोड़ भारतीय रुपये। ऐसे में हर खिलाड़ी के लिए यह साल खत्म करने का परफेक्ट मौका है एक शानदार खिताब और मोटे चेक के साथ!

    किस्मत और वक्त ने टैन झोंगयी को रोका

    पूर्व वर्ल्ड चैंपियन टैन झोंगयी दिन की सबसे चर्चित हार की शिकार रहीं। तीसरे राउंड में वे भारत की वैशाली रामेशबाबू के खिलाफ लगभग जीता हुआ गेम टाइम प्रेशर में हार बैठीं— बैक-रैंक चेकमेट को वे कुछ ही सेकंड पहले देख नहीं पाईं। हालांकि उन्होंने बाकी गेम जीतकर वापसी की है और रेस में बनी हुई हैं।

    मौजूदा महिला रैपिड चैंपियन हम्पी कोनेरू और क्लासिकल वर्ल्ड चैंपियन जू वेनजुन दोनों ही पहले दिन के बाद तीन अंकों पर हैं। जू वेनजुन को पहले दौर में अज़रबैजान की युवा खिलाड़ी गोवहर बेदुल्लायेवा ने शानदार खेल के साथ ड्रॉ पर रोका— यह दिन का बड़ा सरप्राइज़ था।

    झू जिनर ने महिला वर्ग में दिखाया दम

    महिला रैपिड सेक्शन में चीन की युवा ग्रैंडमास्टर झू जिनर ने चारों गेम जीतकर स्पष्ट बढ़त हासिल की है। उन्होंने हर मुकाबले में शानदार रणनीति और सटीक टाइमिंग दिखाई, चाहे सामने अर्मेनिया की एलिना डेनियलियन हों या जॉर्जिया की दिग्गज नाना डज़ाग्निडज़े

    अब पांचवें राउंड में उनका सामना पूर्व वर्ल्ड चैलेंजर एलेक्जेंड्रा गोरियाचकिना से होगा— और यह मुकाबला दिन का “ब्लॉकबस्टर राउंड” कहलाया जा सकता है।झू से आधे अंक पीछे सात खिलाड़ी हैं, जिनमें नीनो बात्सियाश्विली, पूर्व चैंपियन मारिया मुज़िचुकएंटोनेटा स्टेफानोवाहरिका द्रोणावल्लीसारा खादेम, और सोंग युक्सिन जैसी नामी ग्रैंडमास्टर्स शामिल हैं।

  • सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीज़र रिलीज – 2026 में आ रही है दमदार पैट्रियॉटिक फिल्म

    नई दिल्ली: बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने अपने 60वें जन्मदिन (27 दिसंबर) के खास मौके पर फैंस को एक बड़ा तोहफा दिया। उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का टीज़र जारी किया, जिसमें वह एक भारतीय सेना अधिकारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

    क्या दिखा टीज़र में?

    टीज़र में सलमान खान को एक गंभीर और दृढ़ सेना अधिकारी के तौर पर देखा गया है, जो शांत अधिकार और जबरदस्त तीव्रता के साथ अपनी भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जहां भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच जंग हुई थी। फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लखिया कर रहे हैं, जो ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी हार्ड-हिट फिल्मों के लिए मशहूर हैं।

    क्या है टीज़र में खास

    टीज़र में सलमान पहली बार एक भारतीय सेना अधिकारी की भूमिका में नज़र आ रहे हैं। उनका लुक शांत, दृढ़ और प्रभावशाली है — जैसे वे सिर्फ एक किरदार नहीं, एक भावना को जी रहे हों। बैकग्राउंड में बजता संगीत और लद्दाख के ऊँचे पहाड़ों का दृश्य दर्शकों को रोमांचित करता है।

    फिल्म की रिलीज और कास्ट

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म सलमान खान प्रोडक्शन के बैनर तले बनी है और इसमें चित्रांगदा सिंह भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की कहानी और डायरेक्शन

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ की कहानी 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जिसने पूरे भारत को झकझोर दिया था। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लखिया कर रहे हैं, जिन्हें ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी हिट फिल्मों के लिए जाना जाता है। फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान द्वारा किया जा रहा है। सलमान ने बताई फिल्म की चुनौतियाँ

    पीटीआई को दिए इंटरव्यू में सलमान ने इस फिल्म को अपने करियर की सबसे मुश्किल फिजिकल प्रोजेक्ट्स में से एक बताया। उन्होंने कहा, यह शारीरिक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण है। पहले मैं 1-2 हफ्ते में ट्रेनिंग कर लेता था, लेकिन इस फिल्म के लिए मुझे लंबे समय तक दौड़ना, मुक्केबाजी करनी पड़ी। लद्दाख की ऊंचाई और ठंडे पानी में शूटिंग ने इसे और भी कठिन बना दिया।”

    फिल्म की कहानी और डायरेक्शन

    ‘बैटल ऑफ गलवान’ की कहानी 2020 के गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जिसने पूरे भारत को झकझोर दिया था। इस फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लखिया कर रहे हैं, जिन्हें ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ जैसी हिट फिल्मों के लिए जाना जाता है। फिल्म का निर्माण सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले सलमा खान द्वारा किया जा रहा है।

    सलमान खान के साथ इस फिल्म में चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म 17 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। सलमान बोले – “यह मेरे करियर की सबसे कठिन फिल्म है”

    एक पुराने इंटरव्यू में सलमान ने बताया था कि यह फिल्म उनके करियर की सबसे शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने कहा था, हर साल, हर महीने, हर दिन फिट रहना और मुश्किल होता जा रहा है। अब मुझे ट्रेनिंग के लिए पहले से कहीं ज़्यादा वक्त देना पड़ता है। पहले एक-दो हफ़्तों की प्रेप काफी होती थी, अब तो दौड़ना, किक मारना, पंच करना – सब दोगुनी मेहनत से करना पड़ता है। लेकिन ये फिल्म उसी की मांग करती है वे आगे बताते हैं कि लद्दाख की ऊंचाईकम ऑक्सीजन, और ठंडे पानी में शूटिंग ने मुश्किलों को कई गुना बढ़ा दिया।

  • Sunderland का घर है दुर्ग, क्रिस्टल पैलेस के डिफेंस पर संकट! फुटबॉल विश्लेषण

    Sunderland का घर, स्टेडियम ऑफ़ लाइट, इस सीज़न एक दुर्ग बन गया है। यहाँ आकर टीमों को सिर्फ मेजबान टीम से नहीं, बल्कि उसके आत्मविश्वास, ऊर्जा और मजबूत संरचना से लड़ना पड़ता है। आँकड़े खुद बयान करते हैं: प्रीमियर लीग में यहाँ लगातार 8 मैचों से कोई हार नहीं (5 जीत, 3 ड्रॉ)। यह निरंतरता बताती है कि यह टीम महज़ संयोग से नहीं, बल्कि टीम वर्क और स्पष्ट रणनीति से खेल रही है।

    हाँ, यह सच है कि सुंदरलैंड के कुछ प्रमुख खिलाड़ी अफ्रीकी कप ऑफ नेशंस में हैं। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि उन्हें कमजोर आंका जाए? जवाब नहीं में है। ब्राइटन के खिलाफ उनके शानदार प्रदर्शन ने यही साबित किया था। कुछ चेहरे बदल जाएँ, लेकिन टीम की नींव और खेल का तरीका वही रहता है

    लीड्स की मुसीबत: बाहर के मैच
    लीड्स यूनाइटेड की समस्या साफ है: घर से दूर प्रदर्शन। पिछले 8 अवे मैचों में उन्हें 6 हार का सामना करना पड़ा है। यह साफ दिखाता है कि अपने परिचित मैदान से बाहर उन्हें लगातार प्रभावी ढंग से खेलने में दिक्कत हो रही है।

    • Sunderland का घरेलू अजेय रन (8 मैच) ✅ सही है।
    • लीड्स का खराब अवे रिकॉर्ड (पिछले 8 में 6 हार) ✅ सही है।
    • सुंदरलैंड के कुछ खिलाड़ी अफ्रीकी कप में हैं ✅ सही है, लेकिन ब्राइटन के खिलाफ उनकी जीत दिखाती है कि टीम में गहराई है

    क्रिस्टल पैलेस: क्या रक्षात्मक संकट गहरा रहा है?

    दूसरी तरफ, क्रिस्टल पैलेस की हालत चिंताजनक लग रही है। हाल के दिनों में उनका रक्षात्मक तंत्र बुरी तरह लड़खड़ाया है। सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर पिछले महज 4 मैचों में उनके गोलपोस्ट में 10 गोल हुए हैं। यह और भी चौंकाने वाला है क्योंकि इससे पहले के 12 मैचों में वे सिर्फ 8 गोल ही खाए थे। लगता है टीम पर पड़ रहा दबाव अब उनके प्रदर्शन में साफ दिखने लगा है। ऐसे में रविवार शाम टोटेनहम जैसी तेज-तर्रार टीम से मुकाबला उनके लिए बड़ी चुनौती होगी।

  • Avatar Fire and Ash Box Office: दूसरे हफ्ते गिरावट के बावजूद, 2025 की टॉप हॉलीवुड फिल्म बनी! पूरी कमाई का हिसाब

    जेम्स कैमरून की मशहूर फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने भारत में पहले हफ्ते में धूम मचा दी थी। लेकिन दूसरे हफ्ते की शुरुआत में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती नजर आई है। बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने अपने आठवें दिन (दूसरा शुक्रवार) भारत में करीब 7.50 करोड़ रुपये का ही शुद्ध संग्रह किया। यह इसका अब तक का सबसे कम एक दिन का कलेक्शन है और पहले सोमवार (9 करोड़ रुपये) से भी कम है।

    फैक्ट चेक: Sacnilk द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़े अनुमानित हैं। अंतिम आंकड़े वितरकों द्वारा जारी किए जाते हैं, लेकिन ट्रैकिंग एजेंसियों के ये अनुमान आमतौर पर बॉक्स ऑफिस प्रवृत्ति को सही दर्शाते हैं।

    हालांकि, इस मंदी के बावजूद फिल्म का कुल कलेक्शन काफी मजबूत है। 8 दिनों के अंत तक फिल्म ने भारत में कुल लगभग 117 करोड़ रुपये का शुद्ध संग्रह जमा कर लिया है। ऑक्यूपेंसी देखें तो शुक्रवार को अंग्रेजी शो शाम के समय 56.27% तक पहुंच गए, जो यह दिखाता है कि दर्शकों की दिलचस्पी अभी बरकरार है।

    कहां से आ रही है कमाई?
    फिल्म की कमाई को अगर भाषा के हिसाब से देखें तो कहानी साफ हो जाती है: अंग्रेजी: सबसे आगे, लगभग 51.05 करोड़ रुपये। हिंदी: दूसरे नंबर पर, लगभग 37.4 करोड़ रुपये। तमिल डब्ड: करीब 16.68 करोड़ रुपये। तेलुगु डब्ड: करीब 11.42 करोड़ रुपये। कन्नड़ और मलयालम संस्करणों ने सबसे कम, क्रमशः लगभग 39 लाख और 11 लाख रुपये का योगदान दिया।

    कुल मिलाकर कहां पहुंची फिल्म?
    ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ का भारत में कुल सकल संग्रह (Gross Collection) लगभग 141.75 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। इसी के साथ फिल्म ने 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड फिल्म का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसने इसी साल रिलीज हुई फिल्म एफ1′ (129 करोड़ रुपये) के कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है।

    आने वाले दिनों में फिल्म को भारतीय स्टार्स वाली एक्शन-ड्रामा फिल्म धुरंधर से सीधी टक्कर मिलनी तय है, जो अभी सिनेमाघरों पर छाई हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर फिल्म की रफ्तार ऐसे ही बनी रही, तो यह दूसरे हफ्ते के अंत तक 200 करोड़ रुपये के आंकड़े को छू सकती है। हालांकि, पहले ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ (लगभग 500 करोड़ रुपये) के मुकाबले यह सफर अभी काफी लंबा है।

  • Drishyam 3 पर बवाल: निर्माता ने अक्षय खन्ना को भेजा लीगल नोटिस, कहा- ‘साइन किया समझौता तोड़ा’ | पूरी खबर

    बॉलीवुड की जानी-मानी फिल्म सीरीज ‘दृश्यम’ के तीसरे हिस्से के निर्माण के साथ ही एक नया विवाद शुरू हो गया है। फिल्म के निर्माता कुमार मंगत पाठक ने अभिनेता अक्षय खन्ना पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है।पाठक के मुताबिक, अक्षय खन्ना ने एक टेक्स्ट मैसेज के ज़रिए फिल्म ‘दृश्यम 3’ से खुद को अलग कर लिया, जबकि अनुबंध पर हस्ताक्षर हो चुके थे और अग्रिम राशि का भुगतान भी किया जा चुका था।

    • समझौता और अग्रिम भुगतान: निर्माता कुमार मंगत पाठक का दावा है कि पिछले महीने ही खन्ना के साथ फिल्म के लिए एक औपचारिक अनुबंध पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद अभिनेता को साइनिंग अमाउंट (अग्रिम) का भुगतान भी किया गया। पाठक के अनुसार, यह रकम ‘दृश्यम 2’ में खन्ना की फीस से तीन गुना ज़्यादा थी।
    • लंबी तैयारी: पाठक कहते हैं कि वे दो साल से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और खन्ना को पूरी स्क्रिप्ट सुनाई गई थी, जिसे उन्होंने पसंद किया था। किरदार के लुक (विग आदि) को लेकर भी चर्चा हुई और सहमति बनने के बाद ही अलीबाग में खन्ना के फार्महाउस पर हस्ताक्षर किए गए।
    • अचानक बदला रुख: पाठक के मुताबिक, अचानक एक दिन खन्ना ने सिर्फ एक टेक्स्ट मैसेज भेजकर फिल्म से इनकार कर दिया। यह मैसेज उनकी हालिया रिलीज़ ‘धुरंधर’ के आउट होने से ठीक पहले आया। इसके बाद उनका फोन या मैसेज का जवाब नहीं दिया गया।
    • कानूनी नोटिस और नुकसान: संपर्क टूटने के बाद पिछले हफ्ते पाठक ने खन्ना को एक कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें समझौते का पालन करने या कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। पाठक का कहना है कि फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी थी और खन्ना के कारण प्रोजेक्ट को नुकसान हो रहा है, जिसके चलते अब जयदीप अहलावत को उनकी जगह साइन किया गया है।

    दूसरी तरफ क्या है?
    इस खबर के लिखे जाने तक, अक्षय खन्ना या उनकी टीम की तरफ से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। निर्माता ने यह भी कहा कि पहले उनके और खन्ना के बीच (आक्रोश, सेक्शन 375 जैसी फिल्मों के दौरान भी) कभी कोई मतभेद नहीं रहे।

    निर्माता ने लगाया ये भी आरोप:
    कुमार मंगत पाठक ने इसे “निराशाजनक” बताते हुए आगे कहा, “ऐसा लगता है कि ‘धुरंधर’ की सफलता खन्ना के सिर चढ़ गई है। वे पहले मीडिया से दूर रहते थे, लेकिन अब हर जगह नज़र आते हैं। साफ लग रहा है कि यह एक सुनियोजित प्रचार अभियान है।”

    फिल्म ‘दृश्यम 3’ क्या है?
    यह फिल्म अजय देवगन और तब्बू अभिनीत सस्पेंस थ्रिलर सीरीज का तीसरा हिस्सा है। अभिषेक पाठक द्वारा लिखित और निर्देशित इस फिल्म का निर्माण स्टार स्टूडियो के बैनर तले किया जा रहा है। इसकी रिलीज़ तारीख 2 अक्टूबर, 2026 रखी गई है।बात अब कानूनी कार्रवाई की ओर बढ़ चुकी है। देखना दिलचस्प होगा कि अक्षय खन्ना इस आरोप का क्या जवाब देते हैं और आगे इस मामले का क्या रुख होता है।

    अचानक मैसेज आया- ‘मैं फिल्म नहीं कर रहा!’

    लेकिन सब कुछ सेट होने के बाद, एक दिन अक्षय ने मैसेज करके मना कर दिया। कुमार मंगत ने कहा कि ये मैसेज उनकी फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज से ठीक एक-दो दिन पहले आया। उसके बाद कॉल्स और मैसेजेस का कोई जवाब नहीं मिला। प्रोड्यूसर बोले, “हमारे पास लीगल एक्शन लेने के अलावा कोई चॉइस नहीं बची। पिछले हफ्ते नोटिस भेजा, जिसमें लिखा कि एग्रीमेंट फॉलो करो वरना कोर्ट जाएंगे। एक हफ्ता हो गया, कोई रिप्लाई नहीं।”

    अब फिल्म में अक्षय की जगह जयदीप अहलावत को साइन कर लिया गया है। कुमार मंगत ने ये भी कहा कि अक्षय के लुक और कॉस्ट्यूम्स पर काम हो चुका था, और उनकी वजह से प्रोडक्शन को नुकसान हो रहा है। उन्होंने घटना को ‘निराशाजनक’ बताया और कहा, “हमारे बीच पहले कभी कोई इश्यू नहीं था। मैंने उनके साथ ‘आक्रोश’ और ‘सेक्शन 375’ में काम किया है। लेकिन अब लगता है ‘धुरंधर’ की सक्सेस उनके सिर चढ़ गई है। पहले मीडिया से दूर रहते थे, अब सोशल मीडिया पर हर जगह नजर आते हैं- जैसे कोई प्लान्ड PR चल रहा हो!”

    फिल्म का प्रोडक्शन आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक कर रहे हैं। ये स्टार स्टूडियो 18 द्वारा प्रेजेंट की जा रही है और 2 अक्टूबर 2026 को थिएटर्स में रिलीज होगी। अक्षय खन्ना की टीम से इस पर कोई कमेंट नहीं आया है।

  • कांग्रेस में अत्यधिक केंद्रीकरण पर दिग्विजय सिंह का सवाल, CWC बैठक में संगठन सुधार को लेकर हलचल

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में पार्टी के भीतर ज़ोरदार सवाल खड़े किए। उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में ‘अत्यधिक केंद्रीकरण’ और संगठनात्मक कमज़ोरियों पर चिंता जताई।

    क्या है मुख्य मुद्दा?

    दिग्विजय सिंह ने बैठक में सवाल किया कि मई 2022 की उदयपुर सीडब्ल्यूसी बैठक में घोषित “चुनाव प्रबंधन विभाग” का गठन आखिर अब तक क्यों नहीं हुआ? उन्होंने कहा कि राज्य और जिला अध्यक्षों की नियुक्ति तो दिल्ली से होती है, लेकिन उस स्तर से नीचे पार्टी का कोई मज़बूत कार्यात्मक ढांचा नहीं है, जिससे काम प्रभावित हो रहा है।

    बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, जब सिंह ये बात कह रहे थे, तो कई नेताओं ने सहमति में सिर हिलाया।

    बैठक से पहले ही X पर ज़मीन तैयार की

    बैठक से ठीक एक घंटे पहले, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक दिलचस्प पोस्ट लिखी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के सामने ज़मीन पर बैठे हैं। इसे ‘प्रभावशाली’ बताते हुए सिंह ने लिखा, “आरएसएस/भाजपा का एक जमीनी नेता, जो अपनी पार्टी के नेताओं के चरणों में बैठा, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बना। यही इस संगठन की ताकत है।”

    इस पोस्ट में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और जयराम रमेश को भी टैग किया था।

    “कांग्रेस को चुनाव आयोग जैसे सुधारों की ज़रूरत”

    इससे पहले 19 दिसंबर को एक पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी के काम की सराहना करते हुए भी पार्टी में बदलाव की मांग की थी। उन्होंने लिखा था कि कांग्रेस को भी भारत के चुनाव आयोग की तरह सुधारों और “अधिक व्यावहारिक विकेंद्रीकृत कार्यप्रणाली” की ज़रूरत है।

    “भाजपा का विरोधी, लेकिन उसके संगठन की तारीफ”

    बाद में पत्रकारों से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा और आरएसएस के कट्टर विरोधी हैं और उन पर संविधान का सम्मान न करने का आरोप लगाया। लेकिन साथ ही, उन्होंने यह भी दोहराया कि उनके संगठनात्मक ढांचे और जमीन से जुड़ाव की ताकत की वह प्रशंसा करते हैं। उनका कहना था, “जब तक हमारा संगठन बूथ स्तर तक मजबूत नहीं हो जाता, हम संतुष्ट नहीं होंगे।”

    राज्यसभा सीट से क्या है संबंध?

    दिग्विजय सिंह की राज्यसभा सदस्यता मई 2026 में समाप्त हो रही है। ऐसे में कुछ लोग इन टिप्पणियों को उस सीट को बरकरार रखने की कोशिश से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, उनके एक करीबी सहयोगी ने इस बात से इनकार किया है। सहयोगी के मुताबिक, सिंह का मकसद मध्य प्रदेश कांग्रेस के पुनर्गठन में देरी और महत्वपूर्ण समितियों के न बनने पर चिंता जताना है, ताकि वे भविष्य में राज्य में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

    भाजपा ने क्या कहा?

    भाजपा ने दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों का स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सिंह द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर भाजपा की उस कार्यशैली को दिखाती है, जहां एक जमीनी कार्यकर्ता अपनी मेहनत और संगठन के बल पर सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है।

    फैक्ट चेक:

     दिग्विजय सिंह ने कहा कि उदयपुर CWC बैठक में घोषित “चुनाव प्रबंधन विभाग” अब तक नहीं बना। हकीकत: सही। मई 2022 की उदयपुर ‘चिंतन शिविर’ के बाद की गई घोषणा के बावजूद, अब तक ऐसा कोई अलग, औपचारिक विभाग कांग्रेस में नहीं बना है। हालांकि, चुनावी कार्यों की देखरेख के लिए समितियाँ या समन्वयक ज़रूर नियुक्त किए जाते रहे हैं।  दिग्विजय सिंह ने भाजपा/आरएसएस की संगठनात्मक ताकत की प्रशंसा की। हकीकत: सही। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट और मीडिया बातचीत में स्पष्ट रूप से इन संगठनों के जमीनी ढांचे और अनुशासन की तारीफ की, भले ही उनकी विचारधारा से वह सहमत नहीं हैं।

  • प्रभास की फिल्म ‘द राजा साहब’ का फर्स्ट-लुक पोस्टर रिलीज, मालविका मोहनन के भैरवी अवतार ने बढ़ाया सस्पेंस

    साउथ सुपरस्टार प्रभास की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द राजा साहब’ का फर्स्ट-लुक पोस्टर आखिरकार सामने आ गया है, और रिलीज होते ही इसने फैंस के बीच जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह है कि इस पोस्टर को मालविका मोहनन ने डिजाइन किया है, जिसमें उनका किरदार भैरवी रहस्य, आत्मविश्वास और शांति का अनोखा संगम नजर आता है।

    पोस्टर को फिल्म की भव्य थिएटर रिलीज (9 जनवरी, 2026) से कई महीने पहले लॉन्च किया गया है। यह तारीख खास इसलिए भी है क्योंकि फिल्म को संक्रांति के बड़े त्योहार पर रिलीज किया जाएगा, जो तेलुगु और दक्षिण भारतीय सिनेमा के लिए बेहद अहम माना जाता है।

    हाल ही में जारी तस्वीर में मालविका मोहनन पारदर्शी काली साड़ी, एक बोल्ड स्टेटमेंट ब्लाउज और कई कंगनों के साथ बेहद प्रभावशाली दिखाई दे रही हैं। उनके हाथ में पकड़ा गया टेक्सचर्ड एक्सेसरी और गंभीर भाव, किरदार की गहराई को और मजबूत करता है।

    इस पोस्टर की सबसे खास बात यह है कि यह जरूरत से ज्यादा नाटकीय होने के बजाय संयमित विज़ुअल भाषा का इस्तेमाल करता है। भैरवी को यहां एक ऐसी महिला के रूप में पेश किया गया है जो बिना बोले ही बहुत कुछ कह जाती है—शांत, रहस्यमयी और आत्मविश्वास से भरी हुई।

    फिल्म ‘द राजा साहब’ को लेकर पहले से ही जबरदस्त बज़ बना हुआ है और यह फर्स्ट-लुक पोस्टर उस उत्सुकता को और बढ़ा देता है। प्रभास के फैंस अब बेसब्री से फिल्म से जुड़ी अगली झलक और ट्रेलर का इंतजार कर रहे हैं।

    प्रभास की आगामी फ़िल्म ‘द राजा साहब’ का पहला लुक पोस्टर जारी हो गया है, जिसमें उनकी नायिका मालविका मोहनन नज़ार आ रही हैं। पोस्टर में मालविका का किरदार ‘भैरवी’ दिखाया गया है। यह पोस्टर 9 जनवरी, 2026 को फ़िल्म की रिलीज़ से कई महीने पहले जारी किया गया है।

    मालविका मोहनन ने इस पोस्टर में पारदर्शी काले रंग की साड़ी और एक बोल्ड ब्लाउज पहना है। उनके हाथ में बने टेक्सचर्ड हेनना आर्ट और कई कंगन उनके किरदार की ख़ासियत को उभारते हैं। पोस्टर की खास बात यह है कि इसमें ज़्यादा नाटकीयता नहीं दिखाई गई है। बल्कि, एक शांत और आत्मविश्वास से भरा रहस्यमयी अंदाज़ अपनाया गया है, जो दर्शकों के उत्सुकता बढ़ाता है

    अब फैक्ट चेक की बात करें – मैंने रिसेंट न्यूज सोर्सेज जैसे इंडिया टुडे, टाइम्स ऑफ इंडिया और बॉलीवुड हंगामा से क्रॉस-चेक किया है। पोस्टर रिलीज की डेट, फिल्म की रिलीज डेट (9 जनवरी 2026), और मालविका का लुक सबकुछ मैच करता है। पुरानी रिपोर्ट्स में रिलीज डेट दिसंबर 2025 की थी, लेकिन लेटेस्ट अपडेट्स कन्फर्म करते हैं कि अब ये संक्रांति 2026 पर शिफ्ट हो गई है।

  • धुरंधर ने तोड़ा जवान का रिकॉर्ड, 648 करोड़ की कमाई के साथ बनी भारत की सबसे बड़ी बॉलीवुड फिल्म

    बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस पर एक नया बादशाह आ गया है! रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर ने जबरदस्त धमाल मचाते हुए महज 22 दिनों में ही इतिहास रच दिया है। फिल्म ने भारत में ₹648.50 करोड़ का शुद्ध संग्रह कर लिया है, जिससे यह अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गई है।

    क्या तोड़े रिकॉर्ड?

    ‘धुरंधर’ ने शाहरुख खान की ‘जवान’ (₹640 करोड़) का रिकॉर्ड तोड़कर पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले, फिल्म ने ‘छावा’ (₹601 करोड़) और ‘स्त्री 2’ (₹598 करोड़) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लाइफटाइम कलेक्शन को भी सिर्फ तीन हफ्तों में ही पीछे छोड़ दिया था।

    फैक्ट चेक: क्या ‘धुरंधर’ अब तक की सबसे बड़ी हिट है?
    स्पष्टता के लिए, बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों को दो तरह से देखा जाता है: शुद्ध संग्रह (Net Collection): टिकट बिक्री से मिली कमाई में से टैक्स और अन्य खर्चे निकालने के बाद जो रकम बचती है। इस लिहाज से ‘धुरंधर’ बॉलीवुड की नंबर 1 फिल्म है। सकल संग्रह (Gross Collection): टैक्स से पहले की कुल कमाई। यहां भी ‘धुरंधर’ ने ‘जवान’ को पीछे छोड़ दिया है।

    अगला लक्ष्य क्या है?

    फिल्म का सफर थमता नहीं दिख रहा। अपने चौथे हफ्ते में भी मजबूत कमाई करते हुए, ‘धुरंधर’ अब ₹700 करोड़ के घरेलू आंकड़े की ओर बढ़ रही है। ऐसा लगता है कि यह अखिल भारतीय ब्लॉकबस्टर पुष्पा 2: द रूल (हिंदी संस्करण: ₹812 करोड़) के रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकती है।

    बॉलीवुड की ‘500 करोड़ क्लब’
    ‘धुरंधर’ के इस धावे ने बॉलीवुड की 500 करोड़ क्लब की लिस्ट भी बदल दी है। इस क्लब में शामिल अन्य फिल्में हैं:

    • पठान (₹543 करोड़)
    • एनिमल (₹553 करोड़)
    • गदर 2 (₹525 करोड़)

    पैन-इंडिया फिल्मों का दबदबा
    हालांकि, सभी भाषाओं को मिलाकर देखें तो भारतीय बॉक्स ऑफिस पर सबसे ऊपर पैन-इंडिया फिल्में हैं:

    • पूरे भारत में सबसे ज्यादा कमाई का रिकॉर्ड पुष्पा 2: द रूल (सभी भाषाएं: ₹1234 करोड़) के नाम है।
    • बाहुबली 2 (हिंदी: ₹511 करोड़) भी इस लीग में शामिल है।

    साफ है कि ‘धुरंधर’ ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस के सारे समीकरण बदल दिए हैं, बल्कि यह दर्शाती है कि दमदार कहानी और शानदार परफॉर्मेंस के साथ बनी फिल्में दर्शकों को सिनेमा घर खिंच लाने की ताकत रखती हैं। अब देखना यह है कि यह फिल्म आखिर कितनी ऊंचाइयों को छूती है!

  • Israel ने पहचाना Somaliland को—Somalia भड़का, African Union चेतावनी, क्या बदलेगा?

    शुक्रवार को इज़राइल ने एक ऐतिहासिक और विवादास्पद फैसला लेते हुए सोमालिया के उत्तरी हिस्से में स्थित सोमालीलैंड क्षेत्र को एक “स्वतंत्र और संप्रभु राज्य” के रूप में आधिकारिक मान्यता दे दी। ऐसा करने वाला इज़राइल दुनिया का पहला देश बन गया है। इस फैसले से सोमालिया की सरकार और अफ्रीकी संघ (AU) में तुरंत रोष फैल गया है।

    सोमालिया के विदेश मंत्रालय ने इस कदम को अपनी “संप्रभुता पर जानबूझकर हमला” बताते हुए चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्र में शांति भंग होगी। अफ्रीकी संघ ने भी इज़राइल के कदम को “दृढ़ता से खारिज” करते हुए कहा है कि यह पूरे अफ्रीका महाद्वीप में शांति के लिए खतरनाक मिसाल कायम करता है।

    सोमालीलैंड का संक्षिप्त इतिहास:
    सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया से अपनी स्वतंत्रता की एकतरफा घोषणा की थी। हालाँकि, इसके बाद से इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी देश द्वारा मान्यता नहीं मिली है। इस क्षेत्र की अपनी मुद्रा, पासपोर्ट और सेना है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय अलगाव के कारण यह गंभीर गरीबी और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है

    इज़राइल और नेतन्याहू की दलील:
    इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि यह निर्णय ‘अब्राहम समझौतों’ की भावना के अनुरूप है, जिसके तहत पिछले कुछ वर्षों में कई अरब देशों ने इज़राइल के साथ संबंध सामान्य किए हैं। नेतन्याहू ने सोमालीलैंड के राष्ट्रपति मूसा बीही अब्दी को इज़राइल आने का निमंत्रण भी दिया है। सोमालीलैंड की ओर से इस फैसले का स्वागत किया गया है और इसे एक “रणनीतिक साझेदारी” की शुरुआत बताया गया है।

    अमेरिका का रुख:
    दिलचस्प बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने, जिनकी अगुवाई में अब्राहम समझौते हुए थे, सोमालीलैंड को अमेरिकी मान्यता देने के विरोध में हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक साक्षात्कार में जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट कहा, “नहीं,” और यहाँ तक कहा, “क्या वास्तव में कोई जानता है कि सोमालीलैंड क्या है?”

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:

    तुर्की और मिस्र: सोमालिया के करीबी सहयोगी तुर्की ने इज़राइल के इस कदम को “खुला हस्तक्षेप” करार दिया है। मिस्र ने भी सोमालिया की एकता और अखंडता के लिए अपना समर्थन दोहराया है। रणनीतिक महत्व: विश्लेषकों का मानना है कि इज़राइल का यह कदम रणनीतिक है। सोमालीलैंड अदन की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है, जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इज़राइल यमन में हौथी विद्रोहियों जैसे खतरों के मद्देनजर इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करना चाहता है।

    इज़राइल का यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नया और जटिल मोड़ लाया है। जहाँ एक ओर सोमालीलैंड के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक जीत है, वहीं दूसरी ओर इसने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है और सोमालिया के साथ साथ कई अफ्रीकी और मुस्लिम देशों की नाराजगी मोल ली है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अन्य देश भविष्य में इज़राइल के इस कदम का अनुसरण करते हैं या फिर सोमालीलैंड अंतरराष्ट्रीय अलगाव में ही रहता है।

  • जन नायकन” का भव्य ऑडियो लॉन्च आज! तारीख, समय, लाइव स्ट्रीमिंग और मुख्य आकर्षण की पूरी डिटेल

    हेलो फैन्स! विजय सर की आगामी और अत्यंत खास फिल्म जन नायकन” का ऑडियो लॉन्च इवेंट आज, 7 जनवरी को होने जा रहा है। यह कोई साधारण कार्यक्रम नहीं, बल्कि विजय सर के तीन दशक लंबे शानदार सिनेमाई सफर का एक जश्न है, जिसका नाम है थलपति तिरुविझा“।

    ऑडियो लॉन्च में क्या होगा खास?

    इस मेगा इवेंट में विजय की सुपरहिट फिल्मों के आइकॉनिक गानों के साथ-साथ जना नायकन’ के हाल ही में रिलीज हुए गानों की लाइव परफॉर्मेंस होगी। फिल्म के संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर एकग्रैंड लाइव ऑर्केस्ट्रा का नेतृत्व करेंगे, जो इस शाम को और भी यादगार बना देगा। भारत में लाइव दिखेगा: जो फैन्स मलेशिया नहीं जा पा रहे, उनके लिए यह कार्यक्रम ZEE तमिल चैनल पर प्रसारित और ZEE5 तमिल ऐप पर लाइव स्ट्रीम किया जाएगा।

    संगीत का जादू: संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर खुद एक भव्य लाइव ऑर्केस्ट्रा का नेतृत्व करेंगे। गायकों की फौज: विजय येसुदास, एसपी चरण, हरिचरण, अनुराधा श्रीराम, श्वेता मोहन, टिप्पु समेत कई दिग्गज गायक विजय सर के हिट गाने और “जन नायकन” के नए गाने पेश करेंगे।

    स्टार्स की चमक: विजय सर के अलावा, फिल्म की हीरोइन पूजा हेगड़े और खलनायक बॉबी देओल सहित पूरी स्टार कास्ट मौजूद रहेगी। डायरेक्टर लोकेश कनगराज और अन्य सेलेब्स भी इवेंट को रौनक भरेंगे। विशेष पल: चूंकि “जन नायकन” विजय सर के राजनीति में पूर्णकालिक कदम रखने से पहले की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, इसलिए यह इवेंट और भी ऐतिहासिक और भावुक होगा।

    “जन नायकन” की शूटिंग पूरी हो चुकी है और यह 9 जनवरी, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म के डायरेक्टर एच. विनोथ हैं और निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस हैं। इसमें विजय सर के अलावा, पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियमणि और ममिता बैजू जैसे बड़े कलाकारों ने काम किया है।

    घर बैठे देखना चाहते हो? आज लाइव स्ट्रीमिंग नहीं हो रही, लेकिन पूरा इवेंट 4 जनवरी 2026 को ZEE तमिल चैनल पर टेलीकास्ट होगा और ZEE5 तमिल पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध रहेगा। फिल्म खुद 9 जनवरी 2026 को पोंगल पर थिएटर्स में रिलीज हो रही है – एच. विनोथ डायरेक्टेड ये पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर है, जिसमें विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, प्रकाश राज, प्रियमणि, गौतम मेनन और मामिता बैजू जैसे स्टार्स हैं।

  • बॉक्सिंग डे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड ने रचा इतिहास, स्टीव स्मिथ ने मानी हार, 5-0 का सपना टूटा

    मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में इंग्लैंड ने शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने करीब 14 साल (5000 दिन से अधिक) बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट मैच जीता है। हालांकि पांच मैचों की एशेज सीरीज ऑस्ट्रेलिया 3-1 से जीत चुका है, लेकिन इंग्लैंड की यह जीत उनके ‘व्हाइटवॉश’ (5-0) के सपने को तोड़ने के लिए काफी है।

    क्या हुआ मैच में?
    इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह फैसला सही साबित हुआ और जोश टोंग की धारदार गेंदबाजी (5 विकेट) के सामने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी महज 152 रन पर समेट दी गई। हालांकि, इंग्लैंड भी बेहतर नहीं कर पाई और वह सिर्फ 110 रन बना सकी, जिससे ऑस्ट्रेलिया को 42 रन की बढ़त मिली।

    लेकिन दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया का बल्लेबाजी क्रम फिर से फ्लॉप हो गया और पूरी टीम 132 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रनों का लक्ष्य मिला।

    इंग्लैंड ने पीछा करते हुए शुरुआत में ही दबाव बना लिया। ज़ैक क्रॉली और बेन डकेट ने मजबूत शुरुआत दी। बाद में, हैरी ब्रूक (पहली पारी में 41, दूसरी में 18) और जेमी स्मिथ ने महत्वपूर्ण योगदान देकर टीम को 4 विकेट के नुकसान पर यादगार जीत दिला दी। स्टीव स्मिथ ने मानी हार, हैरी ब्रूक को दिया श्रेय ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने साफ तौर पर कहा कि इंग्लैंड ने उन्हें पूरी तरह पछाड़ दिया। उन्होंने खासतौर पर हैरी ब्रूक की आक्रामक पारी को जीत की बड़ी वजह बताया।

    स्मिथ ने कहा, “हम हर मैच जीतना चाहते थे, लेकिन इंग्लैंड ने बहुत अच्छा खेला। खासकर ब्रूक ने विकेट पर दौड़-भाग कर और अलग शॉट खेलकर हमारी गेंदबाजी की लंबाई बिगाड़ दी। उस विकेट पर वही सबसे सफल बल्लेबाज रहे।”

    उन्होंने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया की टीम अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर सकती है, लेकिन मुश्किल पिच पर आक्रामकता और डटकर खेलने के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था।

    क्या ऑस्ट्रेलिया को रणनीति बदलनी चाहिए?

    स्मिथ ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में ऑस्ट्रेलिया थोड़ी ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाने पर विचार कर सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि आक्रामकता और धैर्य के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। अगर कुछ साझेदारियां लंबी चल जातीं, तो गेंद नरम होती और बल्लेबाज़ी आसान हो सकती थी। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। दोनों टीमें 50 ओवर के भीतर ही ऑलआउट हो गईं।”

  • तारा सुतारिया का एपी ढिल्लों के साथ चुंबन, वीर पहाड़िया की Reaction पर हंगामा | Viral Video की सच्चाई

    मुंबई में शुक्रवार रात हुए एपी ढिल्लों के कॉन्सर्ट में तारा सुतारिया और उनके बॉयफ्रेंड वीर पहाड़िया भी मौजूद थे। तारा ने गायक एपी ढिल्लों के साथ मंच पर जमकर धमाल मचाया और उनके हिट गाने ‘थोड़ी सी दारू’ पर डांस किया। इन वीडियोज़ के वायरल होने के बीच एक और वीडियो ने सबका ध्यान खींचा, जिसमें एपी ढिल्लों तारा को गले लगाते और उनके गाल पर चुंबन करते नज़र आए।

    जैसे ही कैमरा दर्शक दीर्घा में बैठे वीर पहाड़िया पर गया, तो उनके चेहरे के भाव चर्चा का विषय बन गए। कई लोगों ने कहा कि वह स्थिति से असहज या नाखुश लग रहे थे। यह देखकर सोशल मीडिया पर एक तीखी बहस छिड़ गई। कॉन्सर्ट के दौरान तारा सुतारिया को स्टेज पर एपी ढिल्लों के साथ उनके सुपरहिट गाने थोड़ी सी दारू पर थिरकते देखा गया। इसी बीच वायरल हुए एक वीडियो में एपी ढिल्लों तारा को गले लगाते और उनके गाल पर किस करते नजर आए। यह सब कैमरे में कैद हो गया और फिर कैमरा सीधे वीर पहाड़िया की ओर घूम गया।

    वायरल वीडियो और वीर पहाड़िया की प्रतिक्रिया

    वीडियो में वीर पहाड़िया दर्शक दीर्घा में बैठे दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि उनके चेहरे के भाव बदले हुए और असहज लग रहे थे। हालांकि, यह साफ नहीं है कि वह वाकई नाराज़ थे या यह सिर्फ एक पल का गलत अंदाज़ा था।वायरल वीडियो की पुष्टि किसी आधिकारिक बयान से नहीं हुई है। वीर या तारा में से किसी ने भी अब तक इस घटना पर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    इस वीडियो के सामने आते ही इंटरनेट पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने वीर का बचाव करते हुए लिखा,कुछ लोगों ने इस मौके पर आदर जैन–अलेखा आडवाणी शादी विवाद का भी ज़िक्र किया, जहां आदर जैन को एक भाषण के लिए ट्रोल किया गया था, जिसे तारा पर कटाक्ष माना गया।

    तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया की लव स्टोरी

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तारा सुतारिया और वीर पहाड़िया ने 2025 में डेटिंग शुरू की थी। साल की शुरुआत में दोनों को साथ समय बिताते और प्राइवेट इवेंट्स में देखा गया। 2025 के मिड तक सोशल मीडिया पर उनकी बॉन्डिंग और पब्लिक अपीयरेंस ने उनके रिश्ते की चर्चाओं को और हवा दे दी।

    क्या कह चुके हैं तारा-वीर अपने रिश्ते के बारे में?

    इस घटना के बीच तारा और वीर के पुराने इंटरव्यू फिर से याद किए जा रहे हैं। दोनों ने ‘ट्रैवल + लीजर इंडिया’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से कभी नहीं हिचकिचाते।वीर ने कहा था, “हमने पहली मुलाकात से ही अपने प्यार और स्नेह को स्वीकार किया है और जहां भी हैं, उसे व्यक्त करने से नहीं कतराते।” तारा ने भी कहा था, “हम एक-दूसरे का हर सुख-दुख में ऐसे साथ देते हैं जैसे हम एक-दूसरे को पूरी ज़िंदगी से जानते हों।”

    यह घटना एक बार फिर सेलिब्रिटी जीवन में निजता और सार्वजनिक आचरण पर बहस छेड़ देती है। जहां एक तरफ़ प्रशंसकों ने वीर पहाड़िया की प्रतिक्रिया को लेकर सहानुभूति जताई, वहीं दूसरी तरफ़ इसे एक सामान्य मित्रता का प्रदर्शन भी बताया गया। अंतत: यह तारा और वीर ही हैं जो अपने रिश्ते की गतिशीलता को सबसे बेहतर समझते हैं।

  • South Cinema Highlights: थलपति विजय का मलेशिया आगमन, ममूटी का भावुक संदेश और रश्मिका-विजय की चर्चा

    थलपति विजय का भव्य मलेशिया आगमन, ‘जना नायकन’ ऑडियो लॉन्च को लेकर उत्साह चरम पर

    थलपति विजय अपनी मां शोभा और मशहूर संगीत निर्देशक अनिरुद्ध रविचंदर के साथ जना नायकन’ के ऑडियो लॉन्च से पहले मलेशिया पहुंच चुके हैं।
    कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर उनका पारंपरिक और शाही अंदाज़ में स्वागत किया गया, जिसमें सांस्कृतिक नृत्य और रीति-रिवाज शामिल थे।

    विजय और अनिरुद्ध की मुस्कुराती तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है, क्योंकि यह भव्य स्वागत 27 दिसंबर को बुकिट जलील स्टेडियम में होने वाले ‘थलपति तिरुविझा’ के लिए माहौल पूरी तरह बना चुका है।

    एमटी वासुदेवन नायर को याद कर भावुक हुए ममूटी, ‘रंदामूझम’ पर भी अपडेट

    महान साहित्यकार एमटी वासुदेवन नायर के निधन (25 दिसंबर 2024) को एक साल पूरा हो चुका है। इस मौके पर अभिनेता ममूटी ने अपने गुरु को याद करते हुए भावुक संदेश साझा किया—
    “मेरे प्रिय गुरु हमेशा मेरी यादों में जीवित रहेंगे।”

    मलयालम सिनेमा में ममूटी और एमटी का रिश्ता गुरु-शिष्य के आदर्श संबंध के रूप में जाना जाता है। एमटी का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘रंदामूझम अब एक ग्लोबल फिल्म के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जिसकी रिलीज़ 2026 में संभावित है। वहीं, ममूटी जल्द ही अपनी आगामी एक्शन फिल्म पैट्रियट में नज़र आएंगे।

    अनुसूया भारद्वाज ने ट्रोलिंग पर दिया करारा जवाब

    फिल्म ‘धंदोरा’ के प्री-रिलीज़ इवेंट में अभिनेत्रियों के पहनावे पर अभिनेता शिवाजी की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुसूया भारद्वाज को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया, जहां कुछ लोगों ने उनकी उम्र को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं।

    अनुसूया ने साफ शब्दों में सवाल उठाया कि जब शिवाजी को सम्मान से “गारू” कहा जाता है, तो उन्हें “आंटी” क्यों कहा जाता है। 40 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा कि एक प्रोफेशनल कलाकार होने के नाते फिट और ग्लैमरस रहना उनका अधिकार है। उन्होंने साफ कर दिया कि ट्रोलिंग उन्हें कमजोर नहीं करेगी और वह पॉजिटिविटी के साथ आगे बढ़ेंगी।

    राम चरण की ‘पेड्डी’ से बीटीएस तस्वीरें वायरल, दमदार लुक ने बढ़ाया क्रेज

    राम चरण की आने वाली फिल्म ‘पेड्डी’ की दिल्ली शूटिंग से जुड़ी कुछ बीटीएस (Behind The Scenes) तस्वीरें सामने आई हैं। सिनेमैटोग्राफर रत्नवेलु ने तस्वीरें शेयर करते हुए दिल्ली शेड्यूल पूरा होने की पुष्टि की।

    ठंडी सुबह में शूट किए गए इन सीन्स में टीम का समर्पण साफ नजर आता है। इसके साथ ही, दाढ़ी और लंबे बालों में राम चरण का लीक हुआ लुक सोशल मीडिया पर छा गया है, जिससे फिल्म को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट और बढ़ गई है।

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा का ट्विनिंग मोमेंट, रिलेशनशिप चर्चाएँ फिर तेज

    रश्मिका मंदाना ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपनी वेकेशन सेल्फी शेयर की, जिसमें वह वही स्टाइल की हुडी पहने नजर आईं, जैसी कुछ दिन पहले विजय देवरकोंडा ने एयरपोर्ट पर पहनी थी।

    विजय की ग्रे हुडी और रश्मिका की अलग रंग की लेकिन सेम डिजाइन वाली हुडी ने फैंस का ध्यान खींच लिया। नए साल की छुट्टियों से पहले यह ट्विनिंग मोमेंट एक बार फिर दोनों के रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं को हवा दे रहा है।

  • पश्चिम बंगाल मतदाता सूची विवाद: अधिकारियों ने उठाए सवाल, क्या ईआरओ की भूमिका हो रही है कमजोर?

    पश्चिम बंगाल में चल रही मतदाता सूची के विशेष संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर राज्य के सिविल सेवा अधिकारियों के एक संघ ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मतदाताओं के नाम सूची से बिना उनकी जानकारी के हटाए जा रहे हैं, जबकि कानून के मुताबिक यह अधिकार सिर्फ मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के पास है।

    पश्चिम बंगाल सिविल सेवा (कार्यकारी) अधिकारी संघ ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आगाह किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरन मतदाता सूची से नाम हटाने का काम एक केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए हो रहा है। संघ का दावा है कि इस प्रक्रिया में ईआरओ, जो कानूनन इसके लिए जिम्मेदार प्राधिकारी हैं, को दरकिनार किया जा रहा है।

    क्या कहता है कानून?

    जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार, अगर किसी मतदाता की पात्रता पर सवाल उठता है, तो उसे नोटिस भेजने और उसकी सुनवाई करने का अधिकार केवल संबंधित ईआरओ का है। नियम यह भी कहता है कि किसी का नाम हटाने से पहले उसे स्पष्टीकरण देने का मौका जरूर दिया जाए।

    अधिकारियों की क्या चिंता है?

    संघ के महासचिव सैकत अशरफ अली के मुताबिक, सॉफ्टवेयर के जरिए स्वचालित तरीके से नोटिस जारी हो रहे हैं और नाम हटाए जा रहे हैं। इससे दो बड़ी समस्याएं हैं: आम नागरिक यह समझेंगे कि नाम हटाने की जिम्मेदारी ईआरओ की है, जबकि वास्तव में वे इस प्रक्रिया से अलग-थलग हैं। हो सकता है कि कई वास्तविक और पात्र मतदाताओं का नाम गलती से सूची से काट दिया जाए, क्योंकि उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित मौका नहीं मिल पा रहा।

    एक ईआरओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “सॉफ्टवेयर खुद ही 2002 की पुरानी सूची से मिलान न होने वाले मतदाताओं के लिए नोटिस तैयार कर देता है। जिन मामलों में ‘तार्किक विसंगतियां’ हैं, उनमें किसे बुलाना है, यह फैसला भी ईआरओ का नहीं, बल्कि चुनाव आयोग का है।”

    चुनाव आयोग का क्या कहना है?

    पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि इस प्रक्रिया की शुरुआत से पहले ही अक्टूबर में सभी अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे। उनका कहना है कि सबसे पहले उन 31 लाख मतदाताओं के मामलों की सुनवाई होगी, जिनका 2002 की सूची से मिलान नहीं हुआ है। इसके बाद, ‘तार्किक विसंगतियों’ वाले मतदाताओं पर विचार किया जाएगा

    आगे क्या?

    अधिकारियों के संघ ने मांग की है कि चुनाव आयोग कानून का पालन सुनिश्चित करे और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाए। साथ ही, यह स्पष्ट किया जाए कि अगर नाम हटाए जाते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी ईआरओ पर नहीं डाली जाए। यह मामला चुनावी डेटाबेस के डिजिटलीकरण और कानूनी प्रावधानों के बीच के तनाव को उजागर करता है।

    चुनाव आयोग का पक्ष क्या है?

    राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से एक अधिकारी ने कहा कि अक्टूबर में ही सभी डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर्स, EROs और असिस्टेंट EROs को निर्देश दे दिए गए थे। उन्होंने पूछा, “अब क्यों सवाल उठा रहे हैं? सिर्फ उन 31 लाख मतदाताओं को नोटिस जा रहे हैं जिनका 2002 डेटा से मैच नहीं। उसके बाद 1.36 करोड़ लॉजिकल अनोमली वाले केस देखे जाएंगे।” कुल मिलाकर, 1.67 करोड़ मतदाताओं पर नजर है, लेकिन ये संख्या बदल सकती है।

    संघ ने चिट्ठी में ये भी जोड़ा कि बड़े पैमाने पर सिस्टम से नाम हटाना मतदाताओं के नैचुरल राइट्स का उल्लंघन है। मसलन, अगर कोई हाउसहोल्ड सर्वे के दौरान घर पर नहीं था, तो क्या उसका नाम कट जाएगा? कानून कहता है कि नाम हटाने से पहले सुनवाई जरूरी है (धारा 22 के तहत)।

    मैंने इसकी जांच की और पाया कि इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट्स (दिसंबर 2025) से ये पूरी तरह मैच करता है। उदाहरण के लिए, 3 दिसंबर की खबर में 47 लाख नाम हटाने की बात है, जिसमें 22 लाख मृतक और 6 लाख शिफ्टेड शामिल हैं। 16 दिसंबर के ड्राफ्ट रोल में 58 लाख नाम हटाए गए, जो SIR प्रक्रिया का हिस्सा है। चुनाव आयोग की वेबसाइट और अन्य मीडिया जैसे यूट्यूब वीडियोज भी यही पुष्टि करते हैं कि EROs की चिंताएं वाजिब हैं, और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग हो रही है। कोई बड़ा विरोधाभास नहीं मिला, लेकिन ये प्रक्रिया अभी चल रही है, तो अपडेट्स पर नजर रखें।

  • चाँदी ने पार किए 75 डॉलर! सोना-प्लैटिनम का कमाल, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

    वैश्विक बाजारों में जारी आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की मजबूत उम्मीदों के बीच शुक्रवार को कीमती धातुओं ने नया इतिहास रच दिया। सोना, चांदी और प्लैटिनम – तीनों की कीमतें अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गईं।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों की सट्टेबाजी गतिविधियों और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग के चलते चांदी ने पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस का अहम स्तर पार कर लिया। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है।

    चांदी ने मारी सबसे बड़ी छलांग

    हाजिर चांदी की कीमत में एक ही दिन में 3.6% की तेजी दर्ज की गई और यह 74.56 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई, जबकि कारोबार के दौरान यह 75.14 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।

    इस साल अब तक चांदी की कीमतों में करीब 158% का उछाल देखने को मिला है, जो सोने की लगभग 72% की बढ़त से कहीं ज्यादा है। विशेषज्ञों के मुताबिक,वैश्विक आपूर्ति की कमी अमेरिका द्वारा चांदी को Critical Mineral घोषित किया जाना और इलेक्ट्रॉनिक्स व सोलर सेक्टर से मजबूत औद्योगिक मांग इस तेज़ी के बड़े कारण हैं।

    सोना भी रिकॉर्ड जोन में

    वहीं, सोने की कीमत भी पीछे नहीं रही। शुक्रवार को 0423 GMT तक हाजिर सोने की कीमत में 0.6% की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,504.79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान सोना 4,530.60 डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर तक गया।फेडरल रिजर्व की नरम मौद्रिक नीति, कमजोर डॉलर, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और ETF होल्डिंग्स में बढ़ोतरी के चलते सोने ने 1979 के बाद से अपना सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन दर्ज किया है।

    प्लैटिनम और पैलेडियम की भी सुनो! प्लैटिनम में 7.8% की उछाल आई और ये 2,393.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि दिन की शुरुआत में ये रिकॉर्ड 2,429.98 डॉलर तक चढ़ा। पैलेडियम में 5.2% की बढ़त हुई और ये 1,771.14 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले सेशन के तीन साल के हाई से भी आगे है। ये दोनों धातुएं ऑटोमोबाइल कैटेलिटिक कन्वर्टर्स में इस्तेमाल होती हैं, और सप्लाई शॉर्टेज, टैरिफ की अनिश्चितताएं плюс सोने से शिफ्ट हो रही इन्वेस्टमेंट डिमांड ने इन्हें रॉकेट की स्पीड दी है। इस साल प्लैटिनम 165% ऊपर है, जबकि पैलेडियम 90% से ज्यादा चढ़ चुका है।

    क्या ये रैली थमने वाली है? OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग ने रॉयटर्स से कहा, “दिसंबर की शुरुआत से ही मोमेंटम और स्पेकुलेटिव प्लेयर्स सोने-चांदी में तेजी ला रहे हैं। साल के आखिर में लिक्विडिटी की कमी, अमेरिकी ब्याज दरों में लंबे समय तक कटौती की उम्मीदें, कमजोर डॉलर और भू-राजनीतिक रिस्क्स – ये सब मिलकर कीमती धातुओं को नए हाई पर ले जा रहे हैं।” वोंग ने ये भी भविष्यवाणी की कि 2026 के पहले छह महीनों में सोना 5,000 डॉलर तक जा सकता है, जबकि चांदी 90 डॉलर के आसपास पहुंच सकती है।

    अगले साल अमेरिका में ब्याज दरों में दो बार कटौती की उम्मीद है, जो सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स के लिए अच्छा सपोर्ट देगी। ऊपर से भू-राजनीतिक टेंशन ने बाजार में पैनिक बढ़ा दिया है – जैसे अमेरिका वेनेजुएला के ऑयल पर अगले दो महीनों में ‘प्रतिबंध’ लगाने की तैयारी में है, और उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में ईसाई कम्युनिटीज पर अटैक्स के बाद इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है।