• राजधानी भोपाल में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन आज, ट्रैफिक अलर्ट जारी

    भोपाल
    राजधानी भोपाल में शनिवार को छोटी बड़ी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा इसके साथ ही शहर में चल समारोह भी निकलेगा। शनिवार सुबह 9 बजे से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हथाईखेड़ा डैम पर किया जाएगा। शाम 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होगा और रानी कमलापति घाट पर पहुंचकर संपन्न होगा। जुलूस इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई मार्गों से गुजरेगा। इसी के चलते पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। शनिवार सुबह 8 बजे से शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, इस्लाम नगर, रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे। शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड, अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। प्रेमपुरा घाट, खटलापुरा घाट, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, रानी कमलापति घाट शहर के प्रमुख घाट हैं। जहां सुरक्षा के खास इंतेजाम किए गए हैं।

    मुख्य चल समारोह का रूट
    शाम 7 बजे से मुख्य बल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमेराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। रेतघाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता बौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की और यातायात बंद कर दिया जाएगा। यातायात पुलिस ने अपील की है कि नागरिक असुविधा से बचने के लिए निर्धारित मार्गों का पालन करें।

    आज ऐसी रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था, रास्ते डायवर्ट रहेंगे

    सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का शहर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
    खजूरी सड़क, लालघाटी, करोंद, भानपुर, एयरपोर्ट, जगदीशपुर रत्नागिरी समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट से बड़े वाहन शहर नहीं आ पाएंगे।
    शाम 5 बजे से भारत टॉकीज, नादरा बस स्टैंड और अल्पना तिराहा क्षेत्र में सिटी बस और मैजिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा।

    शाम 6 बजे से मंगलवारा, दयानंद चौक और जुमेराती क्षेत्र से किसी भी वाहन को बस स्टैंड की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी।

    रात 8 बजे से तीन मोहरा से भारत टॉकीज की ओर जाने वाले वाहन इस्लामी गेट और सिंधी कॉलोनी होकर ही निकल सकेंगे।

    अल्पना टॉकीज से नादरा की ओर जाने वाले वाहन संगम टॉकीज मार्ग से डायवर्ट होंगे।

    बैरागढ़ क्षेत्र में विसर्जन जुलूस सीहोर रोड से निकलेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर मार्ग पर डायवर्जन रहेगा। इंदौर- देवास की ओर जाने वाले वाहनों को लालघाटी से एयरपोर्ट तिराहा होते हुए बायपास का उपयोग करना होगा। वहीं, रेलवे स्टेशन, रोशनपुरा और न्यू मार्केट की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।

    पुलिस कंट्रोल रूम, जेल मुख्यालय, कोर्ट चौराहा, मैदा मिल, सुभाष नगर ओवरब्रिज से होकर यातायात को डायवर्ट किया जाएगा। उधर, इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें हलालपुरा बस स्टैंड पर ही समाप्त होंगी। आईएसबीटी से चलने वाली बसें भारत टॉकीज और प्रभात चौराहा मार्ग से नहीं गुजर पाएंगी, उन्हें बायपास से निकाला जाएगा।

    गुना और ग्वालियर की बसों का संचालन भी हलालपुरा से ही होगा। बैरसिया की बसें बेस्ट प्राइज तिराहा तक ही आ पाएंगी।

    रात 7 बजे से मुख्य चल समारोह भारत टॉकीज चौराहे से रवाना होकर इतवारा, मंगलवारा, गल्ला मंडी, जुमैराती, मोती मस्जिद, कमला पार्क समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान आसपास के सभी मार्गों को बंद कर दिया जाएगा।

    रेत घाट क्षेत्र में प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। भारत माता चौक पर जुलूस पहुंचने पर भदभदा पुल से सिटी डिपो की ओर यातायात बंद कर दिया जाएगा। 

  • मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

  • ईद मिलाद जुलूस में नारेबाजी, मंत्री सारंग ने दी कड़ी चेतावनी

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के सागर जिले में ईद मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान लगाए गए विवादित नारों ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. बताया जा रहा है कि शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तीन बत्ती इलाके में यह जुलूस कांग्रेस नेता फिरदौस कुरैशी और पम्मा कुरैशी के नेतृत्व में निकाला गया था. इसी दौरान 'सर तन से जुदा' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

    आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

    घटना के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आ गई. अधिकारियों के अनुसार, वीडियो की जांच के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने कहा कि किसी भी सूरत में शहर की अमन-शांति को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

    इस पूरे मामले पर प्रदेश सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है. राज्य के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने इसे बेहद गंभीर मामला बताया. उन्होंने कहा कि जब-जब समाज में विघटनकारी गतिविधियां होती हैं, उसका तार कांग्रेस से ही जुड़ जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में लव जिहाद का आरोपी पार्षद अनवर कादरी भी कांग्रेस से जुड़ा हुआ है और अब सागर में भड़काऊ नारों में कांग्रेस नेताओं का नाम सामने आ रहा है.

    ऐसे कृत्य बर्दाश्त से बाहर: सारंग

    सारंग ने चेतावनी दी कि मध्य प्रदेश में ऐसे कृत्यों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'यह बेहद गंभीर मामला है, एफआईआर दर्ज हो चुकी है, इसमें जो नाम सामने आए हैं, उनका कांग्रेस से जुड़ाव चिंता का विषय है. प्रदेश में समाज को बांटने और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी जो नज़ीर बनेगी.'

    'माहौल बिगाड़ने की कोशिश'

    स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन बत्ती क्षेत्र शहर का मुख्य इलाका है और यहां इस तरह की नारेबाजी जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश है. फिलहाल पुलिस ने वीडियो को प्रमाण के तौर पर जब्त कर लिया है और संबंधित लोगों की तलाश जारी है. इस घटना से सागर में तनाव का माहौल बन गया है. प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

  • सरल और सहज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दिखा अपनत्व, नन्हे इवान को गोद में लेकर किया दुलार

    रायपुर,

    रायगढ़ के खरसिया पहुँचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सहजता, सरलता और अपनेपन ने आज सभी को गहरे तक प्रभावित किया। खरसिया हेलीपैड पर जब उनकी नज़र ढाई साल के इवान पर पड़ी तो वे बच्चे को दुलारे बिना नहीं रह सके। आत्मीय मुस्कान के साथ मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे इवान को अपनी गोद में उठाया और बड़े स्नेह से दुलार किया। नर्सरी में पढ़ने वाला इवान अपने पिता के साथ बड़े उत्साह से हेलीपैड पर मुख्यमंत्री को देखने आया था। बच्चे को अचानक मुख्यमंत्री  साय की गोद में देखकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक और आश्चर्यचकित रह गए। यह दृश्य मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सहजता, आत्मीयता और संवेदनशील व्यवहार का सजीव उदाहरण बन गया। इसे देखकर लोगों के मन में यह भाव सहज ही उमड़ पड़ा कि मुख्यमंत्री के दिलो-दिमाग में केवल प्रदेश की प्रगति और जनकल्याण का ही संकल्प नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के प्रति उनका गहरा अनुराग भी है।

    इवान के पिता  अमन गर्ग ने कहा कि अपने बेटे को मुख्यमंत्री की गोद में देखना उनके परिवार के लिए भावुक, अनमोल और अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह स्मृति जीवन भर उनके साथ रहेगी।  गर्ग ने बताया कि इवान बड़े उत्साह से मुख्यमंत्री और हेलीकॉप्टर को देखने उनके साथ हेलीपैड आया था। मुख्यमंत्री की गोद में जाते ही उसकी खुशी दोगुनी हो गई। आज एक बार फिर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनत्व और बच्चों के प्रति उनका अनुराग सबके सामने आया। उनके इस आत्मीय व्यवहार ने न केवल अमन गर्ग के परिवार का दिल जीत लिया, बल्कि वहां मौजूद सभी लोगों के हृदय में भी अमिट छाप छोड़ दी।

  • इंदौर का चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस, हनीमून से हत्या तक की कहानी चार्जशीट में दर्ज

    इंदौर

    मेघालय पुलिस ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में पुलिस की एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उनके तीन साथी आकाश राजपूत, आनंद कुरमी और विशाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

    हनीमून मर्डर केस में दाखिल चार्जशीट कितने पन्नों की है?

    पुलिस ने यह चार्जशीट सोहरा सब-डिवीजन के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल की है. इसमें 790 पन्नों में घटनाक्रम, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों का ब्योरा दर्ज किया गया है.

    हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है?

    चार्जशीट के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि शादी के बाद हनीमून ट्रिप के दौरान ही पति की हत्या की प्लानिंग की गई थी. अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में मदद की.

    हनीमून मर्डर चार्जशीट में कौन से सबूतों का जिक्र है?

    चार्जशीट में हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर धारा 103(1) BNS (हत्या), धारा 238(a) BNS (सबूत मिटाना), और धारा 61(2) BNS (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान भी इसमें शामिल किए गए हैं.

    क्या सोनम ने हनीमून मर्डर केस में अपनी भूमिका स्वीकार की है?

    बता दें कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सोनम रघुवंशी ने स्वीकार किया था कि हत्या के समय वह मौके पर मौजूद थी. जांच टीम को दिए बयान में उसने बताया था कि पार्किंग लॉट में ही उसने किलर्स को इशारा कर दिया था. अब चार्जशीट में सोनम को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है.

    ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जैसे ही अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाती है. ये तीन सह आरोपी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, लोकेन्द्र तोमर (वह बिल्डिंग मालिक जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी) और बलबीर अहिरवार (सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं. इन तीनों को सबूत नष्ट करने और छिपाने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल ये जमानत पर बाहर हैं.

    हनीमून मर्डर केस में ट्रायल कब शुरू होगा?

    अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है. हत्या का यह मामला बेहद चर्चा में रहा, यह घटना शादी के तुरंत बाद हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अदालत में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है.

  • ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम

    रायपुर : ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार – मंत्री गजेंद्र यादव

    कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी– मंत्री गजेंद्र यादव

    ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम

    रायपुर

    ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।

    मंत्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके।

    बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • नया रायपुर ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।

    प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

    उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।

    प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

  • अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

    रायपुर : महतारी वंदन योजना : माताओं-बहनों के सम्मान से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि संभव – मुख्यमंत्री साय

    महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित

    अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई।

    मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। 

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़

    महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान – मुख्यमंत्री साय

    रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प – समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ में चक्रधर समारोह के समापन कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायगढ़ में कला और संस्कृति के प्रति अलग ही प्रेम है। इस प्रेम को स्थायी बनाए रखने की दिशा में यहाँ कला और संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा विगत वर्ष की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके लिए बजट का प्रावधान कर दिया गया है और महाविद्यालय हेतु स्थान का चयन भी हो चुका है। कुछ माह के पश्चात यह महाविद्यालय अस्तित्व में आ जाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने विगत 20 माह में अनेक योजनाएँ बनाई हैं और उन्हें जन-जन तक पहुँचाकर लोगों को लाभान्वित किया है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो गारंटी दी थी, उसे हमारी सरकार ने अल्प समय में ही पूरा किया है और 2047 तक के लिए छत्तीसगढ़ का विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों को महतारी वंदन योजना से लाभान्वित करते हुए हर माह उनके खाते में एक एक हजार रुपये की राशि डाली जा रही है। इससे राज्य की लगभग 70 लाख महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार ने नई उद्योग नीति लागू कर राज्य में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश आकर्षित किया है और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को रोजगार देने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने राज्य में संस्कृति और आस्था की पहचान राजिम कुंभ को भी भव्य रूप देने की बात कही।

    *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित अन्य अतिथियों ने पद्मगायक कैलाश खेर के गीतों का उठाया आनंद*

    मुख्यमंत्री साय सहित अन्य अतिथियों ने चक्रधर समारोह के समापन समारोह में आज के प्रमुख आकर्षण, प्रख्यात गायक पद्मकैलाश खेर की प्रस्तुतियों का आम दर्शकों के साथ आनंद लिया।

    *महाराजा चक्रधर सिंह पर विशेष आवरण का किया विमोचन*

    मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथियों ने मंच से डाक विभाग द्वारा महाराजा चक्रधर सिंह पर जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। उन्होंने सुग्घर छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर आधारित रायगढ़ नगर पालिक निगम के शुभंकर अप्पू राजा को भी लॉन्च  किया। मंच पर कथक प्रस्तुत करने वाली विख्यात कलाकार पद्मडॉ. नलिनी, डॉ. कमलिनी अस्ताना एवं उनकी टीम को सम्मानित भी किया गया।

    *छत्तीसगढ़ की पहचान है कला और संस्कृति : उपमुख्यमंत्री अरुण साव*

    समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान प्रारंभ से ही कला और संस्कृति की रही है। महाराजा चक्रधर सिंह ने यहाँ की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। उन्होंने मंच से अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।

    *कला और संस्कृति की नगरी है रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी*

    चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर उपस्थित हजारों की भीड़ को कला-प्रेमियों की पहचान बताते हुए स्थानीय विधायक एवं वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ कला और संस्कृति की नगरी है। राजा चक्रधर सिंह ने कथक नृत्य और अन्य सांस्कृतिक विरासतों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। हम सभी रायगढ़ के विकास को लेकर निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रायगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रशिक्षण केंद्र के शुभारंभ और उससे होने वाली जॉब गारंटी का भी उल्लेख किया। साथ ही नालंदा परिसर की स्थापना के साथ आईआईटी, नीट, लॉ यूनिवर्सिटी सहित प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश हेतु अवसर उपलब्ध कराने की बात कही। वित्त मंत्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विकास में अनेक प्रोजेक्ट संचालित होने की जानकारी दी।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह समारोह महाराजा चक्रधर सिंह के योगदान को समर्पित है। उन्होंने संगीत की खोती हुई विरासत को सहेजने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए कार्य किया और संगीत के गौरव को पुनर्स्थापित किया। उन्होंने सभी कलाकारों का आभार भी जताया।

    इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया, बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन, आईजी संजीव शुक्ला, सीसीएफ प्रभात मिश्रा, कलेक्टर एवं एसपी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • मध्यप्रदेश में बारिश का कहर: भोपाल का तालाब ओवरफ्लो, हलाली डैम से पानी छोड़ने के बाद इंदौर में मकान ढहा

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में सुबह से ही बारिश का दौर चल रहा है। कभी तेज कभी हल्की बारिश हो रही है। भोपाल में भदभदा डैम के गेट सीजन में पहली बार खुले हैं। शनिवार सुबह 10.35 बजे महापौर मालती राय और निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंसी ने पूजा की, इसके बाद बांध के दो गेट खोल दिए गए। पानी निकासी के बाद इनमें से एक गेट बंद कर दिया गया है। कुल 11 में से एक गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव होने से मध्यप्रदेश में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात हैं। रायसेन में हलाली बांध के 3 गेट 2-2 मीटर तक खोले गए हैं। इनसे 451.89 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है।

    पुलिस बल तैनात
    डैम के पास सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम से अतिरिक्त जवान भी बुलाए गए हैं और आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद लोग परिवार सहित डैम के गेट खुलते देखने पहुंच रहे हैं।

    दरअसल, कैचमेंट एरिया और सीहोर जिले में बारिश होने से बड़ा तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया। इसके बाद डैम प्रबंधन ने गेट खोलने का निर्णय लिया। गेट से निकला पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंच रहा है, जिससे वहां भी गेट खोले जाने की संभावना है। वहीं, केरवा डैम में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

    शुक्रवार को इंदौर के अम्मार नगर, खजराना में नाले किनारे बना तीन मंजिला मकान ढह गया। राजगढ़, नीमच और उज्जैन में कारें पानी में बह गईं। एक युवक लापता है। वहीं, इंदिरा सागर समेत 5 डैम के गेट खोलने पड़े।

    रतलाम में खाचरौद रोड पर कुछ परिवार बच्चों के साथ पानी के बीच फंस गए थे। एसडीईआरएफ की टीम ने देर रात सभी लोगों को रेस्क्यू किया।

    12 जिलों में साढ़े 4 इंच तक बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार को इंदौर में हल्की बारिश का दौर रहेगा जबकि उज्जैन समेत 12 जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

    जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, झाबुआ, धार, शाजापुर, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है।

    जाने कब खुलता है डैम का गेट
    जानकारी के लिए बतादें कि कोलांस नदी जब उफान पर रहती है तो बड़ा तालाब में पानी जमा होता है। जब बड़ा तालाब पूरा भर जाता है तो भदभदा डैम के गेट खोले जाते हैं। यह पानी सीधे कलियासोत डैम में पहुंचता है। जिससे इस डैम का लेवल भी बढ़ जाता है और फिर इसके गेट भी खुल जाते हैं। पिछले साल जुलाई-अगस्त में ही ये सभी डैम लबालब भर गए थे, लेकिन इस बार अगस्त सूखा रहा। यही कारण है कि भदभदा, केरवा, कलियासोत और कोलार डैम के गेट अब तक नहीं खोले जा सके थे।

    राजधानी के डेमों की वर्तमान स्थिति
    कोलार डैम: इसका वाटर लेवल 1516.40 फीट है। अभी इसमें 1506.82 फीट पानी जमा है। इस हिसाब से यह काफी खाली है। 

    केरवा डैम: कुल 1673 फीट वाले केरवा डैम में अब तक करीब 1666.60 फीट पानी आ चुका है। तेज बारिश होने के बाद डैम में पानी का लेवल बढ़ जाएगा।

    कलियासोत डैम: डैम का अभी वाटर लेवल लगभग 1649.67 फीट है। इसकी कुल जलभराव क्षमता 1659.02 फीट है। इसके चलते डैम अभी भी करीब 9 फीट खाली है।  

  • 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए उपलब्ध होगी सिंचाई सुविधा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

    मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है। 

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं।

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती गंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

  • रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा को नई दिशा देने के लिए नवगुरुकुल का उद्घाटन किया

    रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षा को नई दिशा देने के लिए नवगुरुकुल का उद्घाटन किया

    नवगुरुकुल : बालिकाओं की शिक्षा और संस्कारों के संवर्धन की नई पहल

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के प्रवास के दौरान खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम गढ़ उमरिया में नवगुरुकुल का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को लैपटॉप वितरित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। 

    मुख्यमंत्री साय ने नवगुरुकुल में स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बालिकाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा और मूल्य आधारित संस्कार प्रदान करें ताकि उनका भविष्य सुनहरा बने। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए सर्वप्रथम गणेशोत्सव, शिक्षक दिवस और चक्रधर समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है, इसलिए समाज में उनका सर्वोच्च सम्मान होना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने स्मरण कराया कि पिछले वर्ष चक्रधर समारोह के समापन अवसर पर रायगढ़ में प्रयास विद्यालय का उद्घाटन किया गया था और आज नवगुरुकुल की स्थापना इस कड़ी को आगे बढ़ाती है। उन्होंने इस अभिनव पहल के लिए वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुनिधि और उनकी टीम की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम में उपस्थित सभी बालिकाओं को बधाई देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीति लागू की गई है, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से नवगुरुकुल संस्था द्वारा जशपुर जिले की 150 बालिकाओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने की सराहना की और इस प्रयास को और व्यापक बनाने की प्रेरणा दी।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संस्था में प्रवेश पाने वाली 120 बालिकाएँ अपनी योग्यता और मेहनत का प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास, ऊर्जा, जज्बा, जुनून और कठिन परिश्रम की पराकाष्ठा आवश्यक है। निराशा के लिए जीवन में कोई स्थान नहीं होना चाहिए क्योंकि निराशा के साथ कोई भी व्यक्ति प्रगति नहीं कर सकता। उप मुख्यमंत्री ने सभी बालिकाओं को निरंतर आगे बढ़ने और सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।

    वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार बनने के बाद से प्रदेश में निरंतर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने नवगुरुकुल की स्थापना को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया और कहा कि यह संस्था विशेष रूप से बहनों के लिए समर्पित होकर काम कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ जिले में 35 करोड़ रुपये की लागत से नालंदा परिसर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 

    महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बदलती तकनीक और समय की जरूरतों के अनुरूप छात्राओं को शिक्षा प्राप्त कर जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    नवगुरुकुल की सह-संस्थापक सुनिधि ने गुरुकुल की शिक्षा प्रक्रिया और प्रशिक्षण पद्धति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य छात्राओं को न केवल तकनीकी शिक्षा देना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने योग्य बनाना है। शुभारंभ समारोह में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, गुरुपाल भल्ला, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ जितेंद्र यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित थीं। सभी ने नवगुरुकुल की स्थापना को इस क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए इसे बालिकाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर करार दिया।

  • सिंगरौली में कोल ब्लॉक परियोजना की मंजूरी, अदाणी पावर करेगी संचालन

    भोपाल
    सिंगरौली जिले के धिरौली में अदाणी पावर लिमिटेड कंपनी कोयला खदान का संचालन करेगी। कंपनी को खदान संचालन की स्वीकृति मिल गई है। धिरौली खदान की पीक उत्पादन क्षमता 6.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है।

    इसमें से पांच एमटीपीए उत्पादन ओपन कास्ट माइनिंग से और शेष भूमिगत खनन से होगा। भू-विज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार इस ब्लाक में 620 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) ग्रास जियोलाजिकल रिजर्व और 558 एमएमटी शुद्ध भंडार मौजूद है, जो आने वाले कई दशकों तक स्थिर आपूर्ति, ईंधन सुरक्षा और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित करेगा।
     
    जिम्मेदार खनन पहल के तहत, अदाणी पावर खदान क्षेत्र में ही कोयले को धोकर और प्रोसेस करके उसकी अशुद्धियों को यहीं सीमित रखेगी, ताकि बाहरी क्षेत्र में अनावश्यक उत्सर्जन न हो और पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। यह अदाणी पावर की पहली कैप्टिव खदान है।

    खदान की ओपन कास्ट पीक रेट क्षमता वित्त वर्ष 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य है, जबकि भूमिगत खनन का आरंभ नौ वर्षों बाद किया जाएगा। अदाणी पावर के पास इस ब्लाक की 30 वर्ष की लीज़ है।

    धिरौली ब्लाक से अदाणी पावर की मर्चेंट पावर आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही 1,200 मेगावाट क्षमता वाले पावर प्लांट को आपूर्ति की जाएगी, जिसे वर्तमान में 3,200 मेगावाट तक विस्तारित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम हो रहा है।

     

  • सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर सीएम डॉ. यादव की बड़ी घोषणा, वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव होगा शामिल

    सिंहस्थ 2028 की तैयारी: सीएम डॉ. यादव ने अनुभवी अधिकारियों से मांगा मार्गदर्शन

    सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर सीएम डॉ. यादव की बड़ी घोषणा, वरिष्ठ अधिकारियों का अनुभव होगा शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 प्रतिष्ठापूर्ण आयोजन है। इसके लिए उज्जैन में पिछले दो सिंहस्थ वर्ष 2004 और 2016 के दौरान पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के अनुभव का लाभ भी लिया जाए। इलाहाबाद में सम्पन्न महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है कि सिंहस्थ : 2028 श्रद्धालुओं की दृष्टि से सुविधाजनक, दुर्घटनाविहीन, आवास, आवागमन, भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के साथ श्रेष्ठ आपदा प्रबंधन का भी उदाहरण बने।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में सिंहस्थ : 2028 की व्यवस्थाओं के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ : 2028 के प्रबंधों पर गत मंगलवार को भी विस्तृत बैठक हुई है। बैठक और संवाद का सिलसिला निरंतर चलेगा। प्रत्येक व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए विभागों को दायित्व दिए गए हैं। तैयारियों की नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार के संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न रेल मंडल प्रबंधकों ने उनसे भेंट कर सिंहस्थ के लिए रेल सुविधाओं की उपलब्धता और विस्तार के संबंध में अवगत करवाया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित होने वाले घाटों और उनके निकट विभिन्न सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सरलता और सुगमता से स्नान सम्पन्न हो सकें, इस दृष्टि से सभी जरूरी प्रबंध किए जाएंगे। पर्यटन विभाग और निजी क्षेत्र द्वारा होटलों की व्यवस्था, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों के लिए रहवास व्यवस्था को सुनिश्चित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश

    •     सिंहस्थ से जुड़े कार्यों की सतत् समीक्षा की जाए। विभागवार बैठकें भी हों।
    •     अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं।
    •     सिंहस्थ के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का प्राथमिकता से उपयोग हो।
    •     विभिन्न देवस्थानों के परिसरों के विकास कार्य भी प्रारंभ किया जाए।
    •     अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं और मार्गदर्शन लेने का कार्य भी किया जाए।
    •     भीड़ नियंत्रण में एआई के उपयोग के लिए आवश्यक अध्ययन किया जाए।
    •     अन्य देशों में सिंहस्थ केन्द्रित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा को अंतिम रूप दें।
  • भोपाल जमीन घोटाला: तहसीलदार की कार्रवाई, कलेक्टरों को नहीं हुई भनक

    भोपाल
    राजस्व विभाग ने पशुपालन विभाग को वर्ष 1990 में कोकता के आसपास 99 एकड़ जमीन आवंटित की थी। तब से अब तक 35 साल में विभाग के 21 संचालक आए और चले गए, लेकिन जमीन की सुरक्षा को लेकर लापरवाह रहे। राजधानी में सरकारी जमीनों पर कुख्यात मछली परिवार के कब्जे का मामला खुला को विभाग गहरी नींद से जागा। उसे अपनी जमीन की याद आई, तब तक जमीन का एक हिस्सा उनके पांव के नीचे से खिसक चुका था। सरकारी जमीन की यह लूट अधिकारियों के नाक के नीचे हुआ है।

    नाक के नीचे लुट गई जमीन
    दरअसल, पशुपालन विभाग के आग्रह पर तीन तहसीलदार, तीन आरआइ और 11 पटवारियों की टीम ने सीमांकन किया तो जमीन की लूट का खेल खुला। सामने आया कि कुल 99 एकड़ जमीन में से 11 एकड़ पर पशुपालन विभाग की पोल्ट्री है। उसके बाद करीब सात एकड़ जमीन में 80 से अधिक स्थायी अतिक्रमण मिले हैं। इनमें मकान, दुकान, पेट्रोल पंप, स्कूल, रिसोर्ट के अलावा सड़क और एसटीपी तक शामिल है। चिंता की बात यह है कि विभाग के अलावा जिले में पदस्थ रहे कलेक्टरों को भी इस फर्जीवाड़ा की भनक नहीं लगी और तत्कालीन तहसीलदारों ने नामांतरण किया और पंजीयक इन जमीनों की रजिस्ट्रियां करते रहे।

    35 साल में 21 संचालक बने
    पशुपालन विभाग में अभी डा. पीएस पटेल संचालक हैं। 1990 से अब तक 35 वर्ष में इस विभाग को 21 संचालक संभाल चुके हैं। इनमें डॉ. पीआर शर्मा, डॉ.पीडी लिमिये, डॉ. एमएम तट्टे, डॉ. एसआर नेमा, डॉ. आरके निगम, एसके चतुर्वेदी, डॉ. आरएस यादव, डॉ. आरएन सक्सेना, वीसी सेमवाल, शैलेंद्र सिंह, केके सिंह, डॉ. राजेश राजौरा, केसी गुप्ता, एससी प्रजापति , आइसीपी केशरी,शिखा दुबे, डॉ. आरएस श्रीमाल, डॉ. बीडी लारिया, डॉ. पीएस जाट, डॉ. आरके रोकड़े, डॉ. आरके मेहिया शामिल हैं।

    डॉ. रोकड़े के समय से शुरू हुआ कब्जा
    पशुपालन विभाग में सबसे लंबा कार्यकाल डॉ. आरके रोकडे का रहा। वे वर्ष 2009 से 2021 तक यानि 12 साल तक संचालक बने रहे। इसी दौरान वहां से भोपाल बायपास निकला। उसके बाद ही यह जमीन भू माफिया की नजर में आई। कोकता का मुख्य बायपास 200 फिट तक इसी जमीन पर बना दिया गया और नगर निगम ने 50 दुकानें बनाकर बेच डालीं। धीरे-धीरे जमीन पर कब्जे होते गए और संचालक अनभिज्ञ रहते हुए ही सेवानिवृत्त हो गए।

    इन तहसीलदारों के समय हुई गड़बड़ी
    गोविंदपुरा तहसील में पिछले 12 साल में पदस्थ तहसीलदारों ने भी नामांतरण करते समय यह ध्यान नहीं दिया कि जमीन किसकी है और किस प्रयोजन से वहां छोड़ी गई है। नतीजतन पशुपालन विभाग की जमीन पर लोगों को सभी तरह की अनुमतियां मिलती चली गई और उन्होंने निजी भूमि समझ पक्के निर्माण कर लिए। वर्ष 2015 से गोविंदपुरा तहसीलदार की कुर्सी पर हरिशंकर विश्वकर्मा, भुवन गुप्ता, सुधीर कुशवाह, मनीष शर्मा, संतोष मुदग्ल , मनोज श्रीवास्तव, देवेंद्र चौधरी, सुनील वर्मा, मुकेश राज, दिलीप कुमार चौरसिया पदस्थ रहे और अब सौरभ वर्मा जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    तत्कालीन कलेक्टरों को भी पता नहीं चला
    राजस्व के रिकॉर्ड में यह जमीन पशुपालन विभाग के नाम पर दर्ज है। इसके बाद भी तत्कालीन कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त तक को पता नहीं चला। यही कारण है कि निगम ने दुकानें बनाकर बेच डालीं। पिछले 12 साल में भोपाल में जिलाधीश की कुर्सी पर शिवशेखर शुक्ला, निकुंज कुमार श्रीवास्तव, निशांत बरबड़े, डॉ. सुदाम खाड़े, तरूण कुमार पिथौड़े, अविनाश लवानिया, आशीष सिंह पदस्थ रहे और अब कौशलेंद्र विक्रम सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

    सीमांकन में यह कब्जे आए सामने
    नगर निगम द्वारा निर्मित 50 दुकानें, एसटीपी प्लांट – एचपी पेट्रोल पंप – निर्माणाधीन कस्तूरी कोर्टयार्ड, कोर्टयार्ड प्राइम का गेट, पहुंच मार्ग

    पार्क – डायमंड सिटी कालोनी का पहुंच मार्ग व 20 मकान – द ग्रीन स्केप मेंशन शादी हाल
    रिसोर्ट – बीपीएस स्कूल – राजधानी परिसर पहुंच मार्ग – कोकता मुख्य बायपास मार्ग 200 फिट – फर्सी-पत्थर की दुकान – शुकराचार्य फार्म्स का पहुंच मार्ग – फार्म हाउस
    पक्का निर्माण – सवा सात एकड़ में भूमि पर कृषि कार्य

    अधिकारियों ने क्या कहा?
    पशुपालन विभाग सेवानिवृत्त संचालक डॉ. आरके रोकड़े ने इस पर कहा कि कोकता ट्रांसपोर्ट नगर और हथाईखेड़ा डैम के पास विभाग की 99 एकड़ जमीन स्थित है। उसके 11 एकड़ में पोल्ट्री फार्म बना है। उस पर पूरी नजर रखी जाती थी। पोल्ट्री में पदस्थ उप संचालक सहित अन्य अधिकारियों से भूमि की जानकारी समय-समय पर ली जाती थी तो वहां से कोई अतिक्रमण नहीं होने की रिपोर्ट ही मिलती थी।

    पशुपालन विभाग संचालक डॉ. पीएस पटेल ने कहा कि विभाग की 99 एकड़ जमीन का सीमांकन प्रशासन द्वारा पूरा कर दिया गया है। जिसमें से लगभग छह एकड़ में अवैध कब्जे मिले हैं, जिन्हें हटाकर जमीन को मुक्त करवाने की कार्रवाई की जाएगी।

    कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि गोविंदपुरा एसडीएम और तहसीलदार ने पशुपालन विभाग की जमीन का सीमांकन कर रिपोर्ट सौंप दी है। जिसमें अतिक्रमण सामने आए हैं, सभी को चिह्नित कर लिया गया है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • खंडवा में गणेश मूर्ति विसर्जन के दौरान वाहन पलटा, 20 घायल, 10 रेफर किए गए

    खंडवा
    तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में शुक्रवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया।गणपति विसर्जन के लिए जा रहे लोडिंग वाहन में सवार होकर जा रहे श्रद्धालु वाहन पलटने से हादसे का शिकार हो गए।बाइक को बचाने में लोडिंग वाहन पलट गया।जिसमें 30 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। इनमें महिला-पुरुषों सहित बच्चे भी शामिल थे। घायलों को उपचार के लिए ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां 15 से ज्यादा घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। करीब 10 श्रद्धालुओं को चोटें अधिक होने से खंडवा जिला अस्पताल सह मेडिकल कालेज रेफर किया गया। जहां उनका उपचार जारी है।
     
    घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक से दो बजे की बीच की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार खरगोन जिले के भीकनगांव तहसील के ग्राम मनोहरपुरा के पास से आए श्रद्धालुओं का लोडिंग वाहन ओंकारेश्वर में नया बस स्टैंड से अभय घाट को जोड़ने वाले मार्ग पर बाइक को बचाने में अनियंत्रित होकर पलट गया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार उदय मंडलोई, ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी, विश्व हिंदू परिषद के महेश राठौर, नीरज वर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से सभी घायलों को सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर ले जाया गया। बीएमओ डाक्टर रवि वर्मा ने प्राथमिक उपचार के बाद 10 घायलों को खंडवा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं, कुछ लोगों को हल्की-फुल्की चोटें भी आई हैं।

    अभय घाट जाने वाले मार्ग पर मोड ज्यादा
    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लोडिंग वाहन में लगभग 30 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें महिलाएं, बच्चे और युवक शामिल थे। फिलहाल सभी घायलों का इलाज जारी है। विश्व हिंदू परिषद के महेश राठौर का कहना है कि नए बस स्टैंड से शंकराचार्य जी की ओर जो सड़क जाती है उसे पर मोड ज्यादा है एवं ढलान वाला रोड है। इससे कि टर्न में सामने से आ रहा वाहन दिखाई नहीं देता है। सड़क महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां आदिगुरु शंकराचार्य जी की ओर सड़क की जाती है।इस पर टर्न कम करने चाहिए और जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनाए जाना चाहिए।

  • बच्चों के स्वास्थ्य मानकों के सुधार में हर घर जल की बड़ी भूमिका : नोबेल विजेता प्रो. क्रेमर

    मुख्य सचिव श्री जैन ने विभागीय विकास रणनीतियों को प्रभावी बनाने पर की चर्चा
    प्रदेश में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों पर प्रो. क्रेमर ने जताया संतोष

    भोपाल
    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन एवं नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. माइकल रॉबर्ट क्रेमर ने शुक्रवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदेश की विकास पहलों को और अधिक प्रभावी बनाने और साक्ष्य-आधारित विकास रणनीतियों पर चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और जल क्षेत्रों में साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों के माध्यम से, राज्य की विकास पहलों को और अधिक मज़बूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

    प्रो. माइकल क्रेमर अमेरिकी विकास अर्थशास्त्री हैं, जिन्हें वैश्विक गरीबी उन्मूलन के उनके प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए वर्ष 2019 में अभिजीत बनर्जी और एस्थर डुफ्लो के साथ संयुक्त रूप से अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। प्रो. क्रेमर ने बताया कि उनके अध्ययन का एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि यदि परिवारों को पीने के लिए सुरक्षित जल उपलब्ध कराया जाए तो लगभग 20% शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। नवजात शिशु, जल जनित बीमारियों के प्रति संवेदनशील होते हैं और उनके शोध के दौरान किए गए सर्वेक्षण से यह निष्कर्ष निकला है कि बच्चों से संबंधित हर चार में से एक मृत्यु सुरक्षित जल उपलब्ध कराकर रोकी जा सकती है। प्रो. क्रेमर ने बताया कि 'हर घर जल' कार्यक्रम, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य मानकों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    प्रो. क्रेमर ने नवीन प्रयोगात्मक पद्धतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो शोधकर्ताओं, भारतीय सरकारी संस्थाओं, निजी फर्मों और गैर-लाभकारी संगठनों को एक साथ लाकर लाखों लोगों को लाभ पहुँचाने की क्षमता वाले तौर-तरीकों की पहचान, परीक्षण और परिशोधन प्रदान करती है। प्रो.क्रेमर ने कहा कि विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने से पहले कठोर परीक्षण जरूरी है। प्रो. क्रेमर ने मध्यप्रदेश की इस पहल पर प्रसन्नता जाहिर की कि जल जीवन मिशन द्वारा ग्रामीण घरों में जल उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि जल निर्धारित गुणवत्ता का हो। प्रो. क्रेमर ने अधिकारियों के पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित विविध प्रश्नों के उत्तर एवं आवश्यक सुझाव भी दिए।

    एविडेंस एक्शन संस्था के कंट्री डायरेक्टर श्री अंकुर गर्ग ने भारत में 'एविडेंस एक्शन' के किए गए कार्यों का विस्तृत प्रेजेन्टेशन दिया। श्री गर्ग ने बताया कि संस्था, प्रमाणित शोधों को कैसे बड़े पैमाने पर प्रभावी कार्यक्रमों में परिवर्तित करती है। श्री गर्ग ने प्रदेश सरकार को विशेष रूप से स्वास्थ्य और जल संबंधी क्षेत्रों में, संस्था द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग की जानकारी भी साझा की।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्रीमती रश्मि अरुण शमी, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, सचिव कृषि विकास एवं किसान कल्याण श्री निशांत वरवड़े, सचिव महिला एवं बाल विकास सुश्री जी.वी. रश्मि, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्य सचिव श्री जैन से डेवलेपमेंट इनोवेशन लैब के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट
    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन से शिकागो विश्वविद्यालय के डेवलेपमेंट इनोवेशन लैब और वैश्विक गैर-लाभकारी संस्था एविडेंस एक्शन के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। मुख्य सचिव श्री जैन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ समसामयिक विषयों पर सार्थक चर्चा की और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों से अवगत कराया।

     

  • एसआरएस रिपोर्ट में स्वास्थ्य सूचकांकों में मध्यप्रदेश ने की उल्लेखनीय प्रगति

    एमएमआर में 17, यू5 एमआर में 5, आईएमआर और एनएमआर में 2-2 अंकों का सुधार

    भोपाल 
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग के केन्द्रित एवं समन्वित प्रयास अब ठोस परिणाम दे रहे हैं। मध्यप्रदेश मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने की दिशा में सही मार्ग पर है। हम स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, मैनपावर की वृद्धि, बेहतर लक्ष्यीकरण, सतत् मॉनिटरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान के माध्यम से आगामी वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सैम्पल रजिस्ट्रेशन सिस्टम-2023 की रिपोर्ट में प्रदेश ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए हैं—मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) 159 से घटकर 142, नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 29 से घटकर 27, शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 40 से घटकर 37 और 5 वर्ष से कम आयु बाल मृत्यु दर (यू5 एमआर) 49 से घटकर 44 हो गई है। ये आँकड़े सकारात्मक संकेत हैं कि हमारे प्रयास सही दिशा में हैं।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यह उपलब्धि प्रदेश की स्वास्थ्य टीम की अथक मेहनत का परिणाम है। आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सीएचओ, नर्स, डॉक्टर, विशेषज्ञ, प्रशासक और नीति निर्धारक सभी ने मिलकर निरंतर कार्य किया है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि यह सफलता आगे बढ़ने की प्रेरणा है। सतत प्रयास, वैज्ञानिक योजना और जनभागीदारी के माध्यम से मध्यप्रदेश वर्ष 2030 तक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध है।

    उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 7 अप्रैल 2025 को मातृ शिशु संजीवन मिशन और अनमोल 2.0 पोर्टल का शुभारंभ इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मातृ-शिशु संजीवन मिशन के तहत वर्ष 2030 तक मातृ मृत्यु दर को 80 प्रति लाख, नवजात मृत्यु दर को 10 प्रति हजार से कम और शिशु मृत्यु दर को 20 प्रति हजार से कम करने का लक्ष्य रखा गया है। अनमोल 2.0 और ई-पीएमएसएमए जैसे डिजिटल टूल्स के माध्यम से हाई रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और प्रबंधन किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच हर माह की 9 और 25 तारीख को की जा रही है तथा पोषण किट, आयरन सप्लीमेंट और आवश्यक इंजेक्शन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चिन्हित अस्पतालों को एफआरयू के रूप में सक्रिय कर एचडीयू/आईसीयू, एसएनसीयू/एनबीएसयू को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है।

    मातृ-शिशु संजीवन मिशन के साथ-साथ सीएचसी और पीएचसी को सुदृढ़ बनाने, टेलीमेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध कराने, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की पहचान और समय पर देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुस्कान और लक्ष्य कार्यक्रमों से गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है तथा ई-रूपी और “यू कोट वी पे” योजनाओं के तहत सोनोग्राफी और एनेस्थीसिया सेवाएँ सुलभ हुई हैं।

    उन्होंने कहा कि मातृ और शिशु स्वास्थ्य सुधारों के साथ-साथ किशोर स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में स्वस्थ गर्भधारण सुनिश्चित हो सके। शत-प्रतिशत ट्रैकिंग, मातृ एवं शिशु प्रकरणों की रिपोर्टिंग और समीक्षा, टीबी व सिकल सेल स्क्रीनिंग, कैंसर नियंत्रण, एनसीडी स्क्रीनिंग और एचपीवी टीकाकरण जैसे उपायों से व्यापक स्वास्थ्य सुधार का रोडमैप तैयार किया गया है।

     

  • मुख्यमंत्री साय बोले – रायगढ़ मेरा परिवार, मैं अपने परिवार से मिलने आया हूँ

     

    100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए उपलब्ध होगी सिंचाई सुविधा

    रायगढ़,

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

    मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है।

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं।

    वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री श्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।

    महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्यगंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

  • एमपीसीएसटी में एनजीओ के लिए प्रस्ताव लेखन में समस्या कथन की पहचान पर हुई कार्यशाला

    भोपाल
    मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और विज्ञान भारती द्वारा शुक्रवार को एमपीसीएसटी भोपाल के ऑडिटोरियम में एनजीओ के लिए “प्रस्ताव लेखन में समस्या कथन की पहचान” विषय पर एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला 12 से 14 सितंबर, 2025 को ग्वालियर में आयोजित होने वाले “टेक फॉर सेवा” कार्यक्रम के अंतर्गत थी। कार्यशाला एनजीओ के लिए प्रस्ताव लेखन में वैज्ञानिक और तार्किक दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

    एमपीसीएसटी के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा कि प्रस्ताव स्पष्ट, तार्किक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित होना चाहिए। समस्या कथन में उसकी जड़ तक जाना आवश्यक है जिससे निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सके। उन्होंने “टेक फॉर सेवा” में अधिक से अधिक एनजीओ से भागीदारी की अपील की, जिससे तकनीक को नया आयाम मिल सके। विज्ञान भारती (मध्य क्षेत्र) के संगठन मंत्री श्री विवस्वान हेबालकर ने कहा कि प्रस्ताव में समस्या को स्पष्ट और सटीक रूप से प्रस्तुत करना जरूरी है। समाज के उत्थान के लिए नवाचारों को अपनाना होगा और “टेक फॉर सेवा” इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    एमपीसीएस के कार्यकारी संचालक डॉ. विवेक कटारे ने कहा कि समस्या कथन लिखना एक कला है। इसे जितना स्पष्ट और सटीक लिखा जाएगा, परिणाम उतने ही बेहतर होंगे। कॉपी-पेस्ट से बचकर जमीनी स्तर के कार्यों को आधार बनाना चाहिए। नर्मदा समग्र न्यास के सीईओ श्री कार्तिक सप्रे ने सुझाव दिया कि प्रस्ताव तैयार करते समय गहन शोध और स्पष्ट समस्या कथन जरूरी है।

    एमपीसीएसटी के प्रिंसिपल साइंटिस्ट श्री विकास शेंडे ने कहा कि प्रभावी समस्या कथन के लिए गहरी समझ और ठोस शोध की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, दस्तावेज़ को व्यवस्थित और सटीक रखने तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित फंडिंग स्कीम्स के बारे में जानकारी दी। विशेषज्ञ डॉ. तृप्ती सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से समस्या कथन को प्रभावी बनाने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी।

    कार्यशाला में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्किल डेवलपमेंट और जागरूकता से जुड़े 50 से अधिक एनजीओ के प्रतिनिधि और संस्थापक शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने "प्रस्ताव लेखन में समस्या कथन की पहचान" और प्रभावी लेखन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में एमपीसीएसटी के सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. जी.डी. बैरागी, तकनीकी अधिकारी डॉ. एस.के. गर्ग सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद थे।