• नई मैडम…नया सर.. युक्ति युक्तकरण से स्कूलों में पढ़ाई हुई बेहतर

    पहली से लेकर बारहवीं तक के रिक्त पदों में शिक्षको की पदस्थापना से बदला माहौल

    दूरस्थ गाँव में शिक्षकों को भी मिलने लगा है सम्मान के साथ पहचान

     

    कोरबा,

    वक़्त का पहिया बहुत तेजी से आगे बढ़ गया है…गाँव का वह तालाब, तालाब के किनारे का पेड़, पेड़ पर घोंसला, गांव के गौटियां के घर के पास का कुआं, कीचड़ वाले रास्ते, खपरैल वाले घर और उन घरों से ही दूर-दूर तक नजर आती खेत…खेत के मेढ़ से बस्ता टांगकर दूर तक स्कूल का सफर सहित आसपास के नजारे अब भले ही बदलाव के दौर में  बदल गये हैं…. इन्हीं बदलाव में गाँव का वह स्कूल भी अब पहले जैसा नहीं रहा…भले ही कई स्कूल जहाँ संचालित थे, वहीं है लेकिन उन स्कूलों की दीवारें बदल गई है। छते बदल गई है, विद्यार्थी, शिक्षक भी बदल गए हैं..किताबें बदल गई है, ड्रेस बदल गया है…लेकिन कक्षा के भीतर मास्टरजी की सीख, बच्चों के शोर, शाला लगने और शाला से घर जाने सुनाई देने वाली घंटी की आवाजें, प्रार्थना, कतार…सबकुछ वैसा का वैसा ही तो है..। नई पहचान के साथ अब शहर से लेकर दूरस्थ गाँव तक के हर विद्यालय में क, ख, ग और ए, बी सी,डी की शोर सुनाई देती है, लेकिन यह शोर वह शोर नहीं.. जिन्हें सुनकर कान बन्द करने की नौबत आन पड़े…यह तो वह शोर है…जिसमे आने वाले भविष्य का कल छिपा है…इसे सुनकर पूरा गाँव निश्चिंत है..और खुश भी है कि उनके गांव के विद्यालय में मास्टरजी आ गये हैं। यह खुशी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में भी है कि उन्हें नई मैडम और नया सर मिल गया है। स्कूल आने-जाने का समय हो या फिर घर में अपने भाई-बहन, माता-पिता के बीच गुजरने वाला वक्त, स्कूल की नई मैडम और नये सर का जिक्र सबकी जुबां पर है। गांव के स्कूलों में पदस्थ होने के साथ ही शिक्षकों का भी मान सम्मान बढ़ने लगा है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में अपनाई गई युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया से शहर से लेकर दूरस्थ गांव तक के सरकारी विद्यालयों मे पढ़ाई करने वाले गरीब विद्यार्थियों के भाग खोल दिये हैं। अतिशेष शिक्षकों के समायोजन से उन हजारों विद्यालयों को शिक्षक मिल गया है, जहां वर्षों से शिक्षक की कमी थी। प्रदेश के लगभग 6 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षको का समायोजन किया गया है, जिससे 4 हजार 721 विद्यालय लाभान्वित हुए है। वही युक्ति युक्तकरण से पूर्व प्रदेश भर में 453 शिक्षकविहीन विद्यालय थे। इन विद्यालयों में से 446 विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना कर राज्य शासन ने शिक्षक की कमी से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने के साथ ही शिक्षको की गारंटी और पढ़ाई के साथ बच्चों की भविष्य भी सुनिश्चित कर दी है। कोरबा जिले  में 500 से अधिक शिक्षकों को शिक्षकविहीन, एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। हाइ और हायर सेकंडरी विद्यालय के अतिशेष व्याख्याताओं को उन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है, जहाँ गणित, रसायन, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेजी, कामर्स विषयों के शिक्षकों की कमी थी। इससे पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा होगा।  

      विद्यालयों में शिक्षक की पदस्थापना से विद्यार्थी भी खुश है। शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच पंडोपारा में रहने वाले पंडो समाज गाँव में स्कूल में बनी शिक्षको की कमी से चिंतित थे, क्योंकि उनके बच्चे पाठशाला तो नियमित जाते थे, लेकिन विद्यालय में एकमात्र शिक्षक होने का खमियाजा भी बच्चों को भुगतना पड़ता था। आखिरकार जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ऐसे शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की सुध ली गई तो युक्ति युक्तकरण जैसी व्यवस्था ने घने जंगलों में बसे पंडो जनजाति के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की राह आसान कर दी। पंडोपारा के ग्रामीण मंगल सिंह पंडो ने बताया कि गाँव में स्कूल में दो शिक्षक होने से क्लास में सभी बच्चों की पढ़ाई तो होगी ही, अब कोई खाली नहीं बैठेगा। इसी विद्यालय में कक्षा चौथी के छात्र जगदेश्वर पंडो, तीसरी कक्षा के राजेन्द्र और दूसरी के मुकेश पंडो को भी खुशी है कि उनके स्कूल में नए गुरुजी पढ़ाने आ रहे हैं।

    कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक श्री शेखरजीत टंडन ने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला।

    करतला ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में स्थित छोटे से गांव तिलईडबरा में भी शिक्षा की तस्वीर अब बदलने लगी है। वर्षों से शिक्षक की कमी से जूझते शासकीय प्राथमिक शाला में अब युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका श्रीमती संगीता कंवर की पदस्थापना की गई है, जिससे गांव में शिक्षा की नई रोशनी पहुंची है। शिक्षिका संगीता कंवर ने विद्यालय में पदभार ग्रहण करने के साथ ही बच्चों को पढ़ाना प्रारंभ किया। आज वे नियमित रूप से कक्षाएं ले रही हैं और बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दे रही है। शिक्षिका की उपस्थिति से  बच्चों का मन भी पढ़ाई में मन जम रहा और वे भी अध्ययन में रुचि ले रहे।  

     पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र मांचाडोली स्थित  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय की शिक्षिका श्रीमती राजमणि टोप्पो की पदस्थापना की गई है। विद्यालय में लंबे समय से जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की विशेषज्ञ शिक्षक की कमी महसूस की जा रही थी। 12वीं  जीव विज्ञान के छात्र दीक्षांत दास मानिकपुरी ने कहा नई मैडम के आने से जीव विज्ञान विषय आसान हो गया है। पहले हम कोशिका, डीएनए, आरएनए, हार्मोन जैसे शब्दों के अर्थ को समझने में उलझे रहते थे। अब शरीर की बनावट, शारीरिक अंगों के क्रियाकलाप को बेहतर समझ पा रहे है। पादप, जंतु और  सूक्ष्म जीवों के सरंचनाओं की समझ बढ़ी है। अब हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षिका के आने से कक्षा की सोच  बदल गई है। अब हम सभी डॉक्टर, वैज्ञानिक बनने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।

    इसी क्रम में ग्राम पचरा में संचालित हाई स्कूल में भी शिक्षको की कमी बनी हुई थी। विद्यालय में कक्षा नवमीं में 48 और कक्षा 10वीं में 25 विद्यार्थी है। विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं विद्या, मानमती, सुहानी यादव ने बताया कि गांव के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी विषय थोड़ा कठिन लगता है, गणित के शिक्षक पहले से हैं, अब हमारे स्कूल में अंग्रेजी के सर आ गए हैं। स्कूल में बहुत दूर-दूर के गाँव से लड़के-लड़कियां पढ़ाई करने आती है। सभी विषयों की पढ़ाई होने से हम लोग का मन भी स्कूल आने में होता है। यहां अंग्रेजी विषय में युक्तियुक्तकरण से श्री गोपाल प्रसाद भारद्वाज पदस्थ हुए हैं। इसी तरह कोरबा ब्लॉक के चचिया में हायर सेकेण्डरी स्कूल में गणित और करतला के ग्राम केरवाद्वारी में भौतिक विषय की शिक्षिका पदस्थ हुई है। विद्यार्थियों को कठिन सा विषय लगने वाले गणित, भौतिक, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के व्याख्याता मिल जाने से विद्यार्थी बहुत खुश है।

    मानदेय शिक्षक भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

    जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अजीत वसन्त द्वारा डीएमएफ से मानदेय शिक्षको की नियुक्ति अनेक विद्यालयों में की गई है। जिले के प्राइमरी स्कूल में 243,मिडिल स्कूल में 109 और हायर सेकंडरी स्कूल में 120 शिक्षको को मानदेय पर रखा गया है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें विद्यालयों में शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त संविदा से नियुक्त शिक्षक भी अध्यापन करा रहे हैं।

    स्कूल भवनों सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया जा रहा है ध्यान

    जिले के जर्जर विद्यालयों को मरम्मत के साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर नवीन विद्यालय भवन, किचन शेड, टॉयलेट, बाउंड्रीवाल, साइकिल स्टैंड, न्यूज़ पेपर स्टैंड सहित अन्य सुविधाओं के लिए कलेक्टर श्री अजीत वसंत द्वारा खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। स्कूलों में भृत्य के रिक्त पदों पर मानदेय में 310 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। खास बात यह भी है कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से संबंधित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया गया है। स्कूली विद्यार्थियों के लिए नाश्ते का वितरण और प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट, जेईई  सहित अन्य में प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था ने जिले में शैक्षणिक माहौल कायम किया है।

  • शिवपुरी में ड्रग्स तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, नेपाल लिंक के साथ 6.21 करोड़ की चरस जब्त

    शिवपुरी 

    शिवपुरी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। मामले में आरोपी संदीप सिंह सिख (38), निवासी रमतला की किया गिरफ्तार। 

    एसपी अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक, गुरुवार को देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई।

    जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया।

    ऐसे आया पुलिस की पकड़ में पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले गुना की केंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है।

    करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तब बंटी ने संदीप की मुलाकात उस राजस्थान की पार्टी से कराई। इसके बाद संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी।

    डील तय हुई कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने सिर्फ 7 दिन पहले ही नई किओ कार खरीदी थी, जिससे वह चरस की डिलीवरी देने पहुंचा था।

    ढाबे से होटल तक- 7 साल का काला सफर संदीप सिंह के माता-पिता मूलतः पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा।

    सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है। इसके अलावा उसने काली कमाई से कई जमीनें और मकान खरीदे हैं। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने यह भी कहा है कि आरोपी ने अचानक ही पैसा बनाया और प्रॉपर्टी खड़ी कर ली। अब उसकी संपत्ति की जांच भी होगी।

    आरोपी का नेटवर्क और आपराधिक रिकॉर्ड मोहन ठाकुर लखनऊ का रहने वाला है। वही नेपाल से टमाटर की खेप ले जाने वाला व्यापारी है, जिसने नेपाल से चरस लाकर संदीप को देता था। बंटी कैदी साथी जिससे जेल में मुलाकात, जिसने राजस्थान की बड़ी पार्टी से संदीप का कनेक्शन कराया।

    संदीप सिंह का रिकॉर्ड, पहले भी कई मामले दर्ज, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।

  • जमानत आरोपी के धमकी देने पर खंडवा में तनाव, हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी

     खंडवा
     खालवा के खारकला में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी अनुसार जमानत पर रिहा मुबारिक पुत्र मेहबूब ने बजरंग दल कार्यकर्ता विजय बागड़ा को घर के सामने धमकाने का प्रयास किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताते हुए खंडवा-खालवा मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे रहे और पुलिस कार्रवाई की मांग करते रहे।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया

    सूचना पर हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेडिया, एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह खालवा तहसीलदार राजेश कोचले नायव तहसीलदार विनोद यादव व रोशनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझा।

    मुस्लिम समुदाय ने निकाला था जुलूस

    विजय बागड़ा ने बताया कि 13 जून 2024 को उनके भाई विनोद बागड़ा पर मुबारिक ने हमला किया था। इस मामले में खालवा थाने में धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा है। विजय ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय का जुलूस जानबूझकर उनके घर के सामने से निकाला गया, जबकि इससे पहले कभी इस गली से जुलूस नहीं निकला।

     

  • अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति 2025 हेतु आवेदन प्रांरभ इस वर्ष 2.5 लाख छात्राओं को मिलेगी यह छात्रवृत्ति

    (वर्ष 2024-25 कुल 25000 छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई थी जिसमे मध्यप्रदेश की 18,000 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हुई । छात्रवृत्ति के पहले वर्ष की धनराशी को इन छात्राओ के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है)
    भोपाल

    अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति पायलट के तौर पर शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड के कुछ चुनिन्दा जिलों में लॉन्च किया गया था । इस पायलट कार्यक्रम में 25,000 से अधिक छात्राओ को यह  छात्रवृत्ति दी गई है  मध्य प्रदेश में 18,000 से अधिक छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिसमे से भोपाल जिले की लगभग 295 छात्राएं लाभान्वित हुई | अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति का उद्देश्य स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली छात्राओ को वित्तीय सहायता प्रदान करना है एवं यह सुनिश्चित करना है की धन की कमी से कोई  भी छात्रा अपनी पढ़ाई न छोड़े | अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन का अनुमान है कि वह शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में 2.5 लाख छात्राओ को अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही होगी । यह कार्यक्रम इस साल से देश के 18 राज्यों में शुरू किया जा रहा है  
    इस वर्ष छात्रवृत्ति हेतु आवेदन 10 सितंबर से प्रारंभ हो रहे है | प्रथम चरण में आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 सितम्बर है ।
     अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति के बारे में मुख्य बातें:
    पात्रता:
    ऐसी छात्रायें जिन्होने सरकारी (पब्लिक) स्कूलों से कक्षा 10वी और 12वी की पढ़ाई की हो।
    किसी प्रामाणिक उच्च शिक्षा संस्थान (HEI) में डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश लिया हो। ‘प्रामाणिक’ HEI की सूची में सभी सरकारी (पब्लिक) HEI और चुनिंदा निजी HEI भी शामिल होंगे।
    उपरोक्त पात्रता  रखने वाली कोई भी छात्रा  इस छात्रवृति  हेतु  ऑनलाइन आवेदन कर सकती है
     आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है  
    छात्रवृत्ति:
    डिग्री या डिप्लोमा कार्यक्रम की अवधि के लिए प्रति वर्ष 30,000 रुपये, जब तक छात्रा सफलतापूर्वक कार्यक्रम में जारी रहती है ।
    उदाहरण के लिए, 4 वर्षीय बीएससी नर्सिंग प्रोग्राम करने वाली छात्राओं को उन 4 वर्षों में 1,20,000( एक लाख बीस हजार) रुपये की छात्रवृत्ति सहायता मिलेगी । यह धनराशि हर साल दो किश्तों में छात्राओ के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाएगी । वह अपनी जरूरत के हिसाब से इस धनराशि का उपयोग कर सकती है ।
    । अठारह राज्यों की सूची इस प्रकार है: अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड । कार्यक्रम का विवरण और कार्यक्रम के डिजाइन या कवरेज में कोई भी बदलाव आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत में अधिसूचित किया जाएगा । आने वाले वर्षों में ये संभावना है की छात्रवृत्ति कार्यक्रम में देश के सभी राज्यो को शामिल किया जाएगा

     

  • मांदर के बाढ़ पीड़ितों के लिए सहकारी बैंक ने उठाया खास कदम

    पासबुक वितरण और माइक्रो एटीएम से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पिछले दिनों बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई एवं जमीनी निरीक्षण करते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं पुर्नवास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को सभी स्तरों पर संवेदनशीलता एवं तत्परता से प्रशासनिक मदद दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में अतिवृष्टि से प्रभावित गाँव मांदर के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर बस्तर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के प्राधिकृत अधिकारी हरिस एस के द्वारा शाखा लोहंडीगुड़ा और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अलनार ने बाढ़ पीड़ितों को उनके जरूरी दस्तावेज और पैसों तक पहुंचने में मदद की है।

    बाढ़ पीड़ितों को मिली बड़ी मदद
    बाढ़ के कारण मांदर गाँव के कई घरों का घरेलू सामान बह गया था, जिसमें ग्रामीणों के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी शामिल थे। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक जैसी चीजें शामिल थीं, जिनके बिना सरकारी योजनाओं और बैंक सेवाओं का लाभ उठाना मुश्किल हो रहा था।

    पासबुक और माइक्रो एटीएम से हुआ भुगतान
    ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक लोहंडीगुड़ा ने गाँव में ही नवीन बैंक पासबुक का वितरण किया गया। इसके साथ ही आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अलनार ने माइक्रो एटीएम मशीन की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से जिन किसानों के पास एटीएम कार्ड था, उन्हें तत्काल उनकी जरूरत के अनुसार नकदी का भुगतान किया जा रहा है।

    किसानों को मिली खेती के लिए राहत
    इस पहल से सबसे अधिक फायदा उन ग्रामीण परिवारों को हुआ है, जिनकी खेती-किसानी के लिए पैसे निकालने की सख्त जरूरत थी। नई पासबुक मिलने से वे अब अपने बैंक खाते से आसानी से रकम निकाल सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी फसल और खेती से जुड़े कार्यों को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी। इस मुश्किल घड़ी में बैंक और समिति द्वारा किए गए इस प्रयास ने ग्रामीणों को एक बड़ा सहारा दिया है, जिससे वे अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर सकें।

  • शिक्षक दिवस 2025: CM मोहन यादव ने सम्मानित किए शिक्षक, मेगा गिफ्ट से बढ़ी खुशियाँ

    भोपाल 
    ‘भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है. प्रचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे. जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र जी भगवान श्री राम और लक्षमण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया. इसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं.’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भोपाल में कही.

    सीएम डॉ. यादव आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह 2025 को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी मौजूद थे. कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात भी दी. कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षकों का सम्मान भी किया गया.

    शिक्षकों के सम्मान का महान दिन
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि एआई के युग में आप मशीनें तो अच्छी से अच्छी बना सकते हैं, लेकिन संस्कार केवल गुरु ही दे सकते हैं. हजारों सालों से भारतीय संस्कृति ने संस्कारों के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान की है, शिक्षा के क्षेत्र में तक्षशिला और नालंदा की भूमिका को कौन भूल सकता है. भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिवस को शिक्षक दिवस और उनके सम्मान के रूप में मनाने की बात कही थी, तब से देश में 5 सितंबर को शिक्षकों का सम्मान किया जाता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य का जीवन भी मध्यप्रदेश आकर ही बदला था. ओंकारेश्वर की धरती ने उन्हें शंकराचार्य बनाया.

    बच्चों को बड़ी भूमिका के लिए करें तैयार
    कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में पारिवारिक माहौल भी बदल रहा है. ऐसे में बच्चों को अनुशासित रखना आवश्यक है. शिक्षक स्कूल में और अभिभावक घर में अनुशासन का ध्यान रखें. इससे बच्चों के मन में बड़ों के प्रति आदर का भाव आएगा. समाज में शिक्षकों का सम्मान होना चाहिए. पिछले दिनों राजधानी में शिक्षकों की एक गोष्ठी हुई. इसमें बच्चों में आत्महत्या की घटनाएं बढ़ने जैसे गंभीर विषय पर विचार-विमर्श हुआ. पति-पत्नी बच्चों के सामने झगड़ा न करें. हमारे शिक्षक और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को ऐसा माहौल दें, जिससे वे भावनात्मक रूप से मजबूत हों. जीवन में छोटी-मोटी कठिनाइयां आने पर हार न मानें और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें.

    स्कूली बच्चों-शिक्षकों के खिले चेहरे
    गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज 55 लाख बच्चों को स्कूल यूनिफॉर्म के लिए 330 करोड़ रुपये दिए. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं. हमारे सरकारी स्कूलों का परिणाम निजी स्कूलों से बेहतर रहा है. यह परिणाम 15 साल में सबसे अच्छा रहा है.

    शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात देते हुए कहा कि सरकार शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ कार्यमान वेतनमान दिया जाएगा. इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे. इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा और 2025-26 से शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात मिलेगी. इससे सरकार पर 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा.

     

  • OBC आरक्षण मामले में तेज हुई कानूनी तैयारी, दो दिन में मिलेगा नामों का पैनल

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने के बाद नई दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन में राज्य शासन के अधिवक्ताओं और ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि मप्र शासन द्वारा नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी मामले में शामिल किया जाएगा। इस उद्देश्य से ओबीसी महासभा के अधिवक्ताओं ने दो दिनों के भीतर अतिरिक्त वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए दो नामों का पैनल देने की सहमति दी है।

    बैठक में आगामी सुनवाई के दौरान ओबीसी वर्ग के हितों की सुरक्षा के लिए साझा पैरवी पर सकारात्मक चर्चा हुई। इसमें मप्र शासन के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, पूर्व महाधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता  जून चौधरी, रामेश्वर ठाकुर, वरुण ठाकुर, विनायक शाह,  शशांक रतनू, रामकरण, हनुमत लोधी सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। सरकार और ओबीसी महासभा के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस समन्वय और साझा पैरवी से आगामी सुनवाई में प्रदेश का पक्ष और अधिक मजबूत होगा।

    सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है मामला 
    बता दें मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को फिलहाल 14 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। 2019 से 27 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून बनने के बाद से सरकारी भर्तियों के 87 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति दी जा रही है, जबकि 13 प्रतिशत पद कोर्ट का फाइनल निर्णय आने तक होल्ड कर दिए गए हैं। इसके खिलाफ ओबीसी वर्ग के छात्रों और ओबीसी महासभा ने कोर्ट में याचिका दायर की है। यह मामला हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।  

  • रायपुर में CSVTU उप रजिस्ट्रार का अंतिम संस्कार आज, कमल तोड़ते समय दलदल में हुआ हादसा

    दुर्ग

    भिलाई स्थित स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्विद्यालय के उप-कुलसचिव की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब उप रजिस्ट्रार भास्कर चन्द्राकर तालाब में कमल का फूल तोड़ने उतरे थे। यह घटना ग्राम पतोरा की है। प्रोफेसर चंद्राकर के पार्थिव शरीर को दुर्ग से पीएम के बाद उनके निवास पचपेड़ी नाका नवजीवन कॉलोनी रायपुर ले जाया जाएगा। उनका अंतिम संस्कार आज ही दोपहर 2 बजे किया जाएगा।

    दरअसल 4 सितंबर को शाम 5 बजे कार्यालयीन समय के बाद प्रोफेसर भास्कर चंद्राकर मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) के साथ अपने उतई स्थित प्लाट देखकर वापस रायपुर जा रहे थे। तभी ग्राम पतोरा (उतई) से गुजरते समय कमल फूल तोड़ने के लिए वहां के तालाब में उतरे थे, लेकिन कमल के जड़ो और दलदल की वजह से वे बाहर नहीं आ सके, फिर सहकर्मी ने गांव वालों की सहायता से उन्हें तुरंत तालाब से निकालकर सीपीआर दिया और उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया। उन्हें बीएसपी के सेक्टर 9 होस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थी मूल पदस्थापना
    सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. अरुण अरोरा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि उप रजिस्ट्रार चंद्राकर का असमय जाना तकनीकी शिक्षा जगत के साथ हम सभी लिए व्यक्तिगत अपूरणीय क्षति है। सरल, सहज व विनम्र स्वभाव के साथ प्रो. चंद्राकर अकादमिक व प्रशासनिक क्षमता के दक्ष व्यक्तित्व थे। मूल रूप से रायपुर निवासी डॉ. चंद्राकर ने शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय जगदलपुर से लेकर सीएसवीटीयू भिलाई सहित अन्य संस्थाओं में 15 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी। वे 4 साल से सीएसवीटीयू में प्रतिनियुक्ति पर थे। मूल पदस्थापना जगदलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में थी।

  • आज इन जिलों में भारी बारिश के आसार, MP में मॉनसून हुआ मेहरबान

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश के कई जिलों में आज भी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक और बारिश होने की संभावना जताई है। भोपाल जिले में अब तक 38 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो इस सीजन के कोटे से केवल 2 इंच कम है। बड़ा तालाब छलकने की कगार पर पहुंच गया है। ऐसे में भदभदा डैम के गेट किसी भी समय खोले जा सकते हैं। बात दें कि मौसम विभाग के अनुसार, इस बार मध्य प्रदेश में इस मॉनसूनी सीजन में औसत से अधिक करीब 40 इंच बारिश हो चुकी है, जो कोटे का 108 प्रतिशत है। हालांकि अब तक 32.1 इंच बारिश होनी थी, प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। पिछले मॉनसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। यह लगातार दूसरे साल प्रदेश में सामान्य से ज्यादा है। फिलहाल मॉनसून के 25 दिन ओर बाकी हैं, ऐसे में यह आंकड़ा और भी बढ़ने के संभावना जताई जा रही है।
    उज्जैन इंदौर रतलाम में हालात बिगड़े

    लगातार हो रही बारिश से इंदौर, उज्जैन और रतलाम जिले के हालात बिगड़ रहे हैं, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। अगले 24 घंटे में रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। यहां साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। उज्जैन संभाग के नीमच, मंदसौर, देवास और आसपास के जिले इंदौर, बड़वानी, खंडवा, राजगढ़, गुना, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 24 घंटे में यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में गुरुवार को चार सिस्टम एक्टिव रहे। इनमें एक मॉनसून समेत दो टर्फ, एक लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम शामिल हैं। शुक्रवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल सकती है, इसलिए कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। एमपी में जब से मॉनसून एंटर हुआ, तब से पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश हुई है। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़, उमरिया समेत कई जिलों में बाढ़ आ गई। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल में भी मॉनसून जमकर बरसा है। प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का कोटा फुल हो गया है।
    उज्जैन घाट पर बने मंदिरों में पानी भरा

    बुधवार ओर गुरुवार उज्जैन और आसपास के जिले देवास ओर इंदौर में रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। बुधवार देर रात और गुरुवार रुक-रुक कर हुई बारिश से शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिप्रा नदी उफान पर आ गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर से रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर पानी आने से मंदिर डूब गए। वहीं अंगारेश्वर महादेव मंदिर में क्षिप्रा का जल घुस गया। घाट पर स्थित सभी मंदिर जलमग्न हो गए हैं। साथ ही चिंतामण जवासिया, खरेट सहित गांव के घरों तक पानी पहुंचा। दाउदखेड़ी में बन रही कॉलोनियों के चलते गांव के रास्ते पानी में डूब गए। नालों के ऊपर हो रहे निर्माण से पानी निकल नहीं पा रहा। यहां से आरटीओ जाने वाला रास्ता पानी भरने के चलते तालाब जितना भरा मिला, जहां एक बस भी काफी समय तक फंसी रही। इस दौरान शहर में हुई बारिश के कारण बहादुरगंज, एटलस चौराहा, केडी गेट, नीलगंगा, इंदौर गेट, दशहरा मैदान सहित कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है। इन क्षेत्रों के रहवासी जलभराव के कारण खासे परेशान नजर आ रहे हैं।

    उज्जैन जिले में प्रशासन ने लोगों से नदियों-घाटों के पास नहीं जाने की अपील की है, क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण उज्जैन बड़नगर मार्ग स्थित छोटा ब्रिज पूरी तरह से डूब गया है। उज्जैन कलेक्टर ने पुलिस बल के साथ एसडीई आरएफ टीम को मौके पर तैनात किया है।

    क्षिप्रा किनारे रामघाट पर नगर निगम, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की टीमें तैनात हैं। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को दूर रखा जा रहा है बात दे कि उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि घाट किनारे स्थित मंदिर गुंबद तक जलमग्न हो गए है। ग्रामीण क्षेत्र के चिंतामन थाना के दाउद खेडी गांव में एक स्कूल बस और सरकारी स्कूल में कुछ छात्र और टीचर जलभराव के दौरान फंस गए। आसपास इतना पानी भर गया कि मोटर बोट से टीचर्स को रेस्क्यू करना पड़ा। 7 सदस्यीय एसडीईआरएफ टीम ने सभी टीचर्स को निकालकर सकुशल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
    गुना में सबसे ज्यादा, 5 जिलों में कम

    एमपी के गुना जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश हुई है तो वहीं उज्जैन संभाग सहित एमपी के 5 जिलों में बारिश फिलहाल औसत से कम है, यह जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। इसमें खरगोन में सबसे कम 24.7 इंच, खंडवा में 24.9 इंच, बड़वानी में 25.2 इंच, बुरहानपुर में 25.5 इंच और शाजापुर में 25.6 इंच बारिश हुई है। इस मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 62.9 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 30.5 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 55.5 इंच बारिश हो चुकी है। शिवपुरी में 52.9 इंच, अशोकनगर में 52.6 इंच और श्योपुर में 55.3 इंच पानी गिर चुका है।
    ब्लॉक की वजह से ट्रेनें निरस्‍त

    रतलाम नागदा खंड में ब्‍लॉक के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से काम जारी है। रतलाम-नागदा खंड में ऑटोमेटिक ब्‍लॉक सिगनलिंग सिस्‍टम को कार्यान्वित करने के लिए 6 सितंबर को प्रस्‍तावित ब्‍लॉक के कारण मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित होगी।

    6 सितंबर 25 को निम्‍न ट्रेनें निरस्‍त रहेंगी : 59318 उज्‍जैन – नागदा पैसेंजर 59346 नागदा-उज्‍जैन पैसेंजर,59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर 6 सितम्‍बर, 25 को नागदा से चलने वाली गाड़ी संख्‍या 19341 नागदा बीना एक्‍सप्रेस, उज्‍जैन से चलेगी तथा नागदा से उज्‍जैन के मध्‍य निरस्‍त रहेगी। ट्रेनों की आगमन/प्रस्‍थान समय सहित अन्‍य अद्यतन जानकारियों के लिए यात्री कृपया www.enquiry. indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।

  • मंत्रियों की संख्या को लेकर हाईकोर्ट पहुंची कांग्रेस, सोमवार को होगी सुनवाई

    बिलासपुर

     साय सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का मामला एक बार फिर से हाईकोर्ट में पहुंच गया है. अबकी बार कांग्रेस ने 11 से मंत्रियों की संख्या 14 किए जाने के खिलाफ याचिका लगाई है, जिस पर आगामी सोमवार को सुनवाई होगी.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में मंत्रियों की संख्या में लंबे इंतजार के बाद 20 अगस्त को 11 से बढ़ाकर 14 हुई है. नए मंत्रियों के तौर पर पहली बार विधायक बने गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल ने शपथ ली थी. इस पर बसदेव चक्रवर्ती ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री सहित सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में शुरू भी हो चुकी है.

    अबकी बार कांग्रेस की ओर से पार्टी के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने याचिका दायर की है. याचिका दायर करने से पहले ही कांग्रेस ने मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज करा चुकी है.

    कांग्रेस का तर्क है कि मंत्रियों की संख्या विधानसभा में कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती. छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के हिसाब से यह संख्या अधिकतम 13.50 यानी 13 मंत्री होनी चाहिए. लेकिन 20 अगस्त को तीन नए मंत्री बनाए जाने के बाद कैबिनेट में अब 14 सदस्य हो गए हैं, जो इस सीमा से अधिक है. कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 164 (1 क) का उल्लंघन है.

  • भिंड में कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का अनोखा अंदाज़, तलवार थाम कर जताया संदेश

    भिंड
    एमपी में भिंड कलेक्टर और विधायक के बीच चल रहे विवाद के बीच अब हालात दिलचस्प मोड़ ले रहे हैं। जहां एक ओर जिले के कुछ लोग कलेक्टर का विरोध कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके समर्थन में भी लोग खुलकर सामने आने लगे हैं। क्षत्रिय समाज और सर्व समाज के प्रतिनिधि कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्हें तलवार भेंट की गई है। कलेक्टर ने भी ऑफिस में चमचमाती तलवार लहराई है।

    क्षत्रिय समाज ने कलेक्टर को किया सम्मानित

    कलेक्टर के चैंबर में पहुंचकर समाज के लोगों ने पहले उन्हें फूल मालाएं पहनाईं, उसके बाद पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही मंत्रोच्चारण के बीच उन्हें तलवार भेंट की गई। बताया जाता है कि कलेक्टर ने अपने चैंबर में ही इस तलवार को म्यांन (खोल) से बाहर निकाला, औपचारिक रूप से हाथ में लिया और फिर वापस म्यांन में रख दिया।

    शक्ति प्रदर्शन है यह

    कलेक्टर द्वारा तलवार निकालना कुछ लोगों के बीच शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर उस समय जब कलेक्टर और स्थानीय विधायक के बीच विवाद गहराया हुआ है। इस विवाद के बाद जिले में प्रशासन और राजनीति के बीच टकराव का माहौल बन गया है। विधायक और कलेक्टर दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज कराई थीं, जिसके बाद से जिले में सियासी हलचल तेज है। इस सम्मान समारोह में मौजूद क्षत्रिय समाज के पदाधिकारी और अधिवक्ता अशोक सिंह भदौरिया ने कहा कि कलेक्टर साहब ने जो काम किया, जो निर्णय लिए, वह जनहित में थे। समाज हमेशा उनके साथ खड़ा है। तलवार सम्मान का प्रतीक है, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं।

    हालांकि, जिले के कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग राय रख रहे हैं। विरोध करने वाले कुछ लोगों का मानना है कि अधिकारी को राजनीतिक मामलों में संयमित रहना चाहिए और ऐसी गतिविधियां प्रशासन की निष्पक्ष छवि पर सवाल खड़े कर सकती हैं।

    दो धड़ों में बंट रहा जिला

    कुल मिलाकर, विधायक-कलेक्टर विवाद के बीच भिंड में माहौल दो हिस्सों में बंटता नजर आ रहा है। एक पक्ष जहां कलेक्टर को गलत ठहरा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष उनके सम्मान में आगे आकर समर्थन दे रहा है। तलवार भेंट और पगड़ी पहनाने जैसी परंपरागत रस्मों के बीच प्रशासन और राजनीति के टकराव ने जिले में हलचल बढ़ा दी है।

    यह हुआ था विवाद

    गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले भिंड कलेक्टर के आवास के बाहर विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कलेक्टर के साथ उनकी नोकझोंक हो गई थी। विधायक ने कलेक्टर पर मुक्का तान दिया था। साथ ही विधायक ने भी उन्हें उंगली दिखाई थी। वीडियो वायरल होने के बाद भिंड कलेक्टर ने पुलिस में शिकायत भी दी है। इसके बाद विधायक ने भी शिकायत की थी।

  • सीमा पर हुई हिंसक मुठभेड़, सुरक्षा बलों ने कई नक्सलियों को किया खत्म

    नारायणपुर- दंतेवाड़ा

    नारायणपुर और दंतेवाड़ा सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जबर्दस्त मुठभेड़ चल रही है. STF, DRG कोबरा और नारायणपुर की टीम के जॉइंट ऑपरेशन में कई नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की खबर हे. यह मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर पूर्व बस्तर इलाके में चल रही है.

    दंतेवाड़ा एसपी गौरव रॉय ने सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन की पुष्टि की है उन्होंने बताया कि मुठभेड़ नारायणपुर और दंतेवाड़ा की सीमा पर चल रही है, जिसमें कई नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है और कई नक्सली मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी मिली है.

    गौरतलब है छ्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन के तहत केंद्र और राज्य की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. केंद्रीय मंत्री गृह मंत्री अमित शाह ने पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च, 2026 की तारीख मुकर्रर की है. सुरक्षा बलों के संयुक्त ऑपरेशन से नक्सली हलकान है और लगातार सरेंडर कर रहे हैं.

  • फेस्टिव सीजन ट्रैवल आसान, मऊ-उधना रूट पर स्पेशल ट्रेन के साथ स्टॉपेज की सूची जारी

    रतलाम
     त्योहारी सीजन के दौरान ट्रेनों में अतिरिक्त यात्रियों की भीड़ को समायोजित करने के लिए रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव के साथ मऊ से उधना के मध्य स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में छह-छह फेरे चलेंगी। 05017 मऊ-उधना स्पेशल मऊ से 27 सितंबर से एक नवंबर तक चलेंगी।

    यह ट्रेन मऊ से प्रति शनिवार सुबह 5.30 बजे चलकर अगले दिन रविवार दोपहर 12 बजे उधना पहुंचेंगी। इस ट्रेन का नागदा तड़के 4.28 बजे तथा रतलाम 6.15 बजे आगमन होगा। इसी प्रकार 05018 उधना-मऊ स्पेशल उधना से 28 सितंबर से दो नवंबर तक प्रति रविवार को चलेंगी।

    यह ट्रेन उधना से प्रति रविवार दोपहर तीन बजे चलकर अगले दिन सोमवार रात 10.30 बजे मऊ रेलवे स्टेशन पहुंचेंगी। इस ट्रेन का रतलाम में रात 9.30 बजे तथा नागदा 10.40 बजे प्रति रविवार को आगमन होगा। यह ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर व सामान्य श्रेणी कोच के साथ चलेंगी।

    इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बेलथरा रोड, सलेमपुर, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलिलाबाद, बस्ती, गोंडा, बाराबंकी, बादशाहनगर, ऐशबाग, कानपुर सेंट्रल, टूंडला, इदगाह, बयाना, गंगापुर सिटी, भवानी मंडी, शामगढ़, नागदा, रतलाम व वड़ोदरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव दिया गया है।

    गौतमपुरा रोड स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का प्रायोगिक ठहराव

    यात्रियों की मांग व सुविधा को ध्यान में रखकर रेल मंडल के गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का ठहराव दिया जा रहा है। पांच सितंबर, को सांसद शंकर लालवानी अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में हरी झंडी दिखाकर ट्रेन के ठहराव का शुभारंभ करेंगे।

    पांच सितंबर से जोधपुर से चलने वाली 14801 जोधपुर-इंदौर एक्सप्रेस का गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान रात 9.50/9.52 बजे होगा। इसी प्रकार छह सितंबर से इंदौर से चलने वाली 14802 इंदौर-जोधपुर एक्सप्रेस का गौतमपुरा रोड रेलवे स्टेशन पर आगमन/प्रस्थान सुबह 5.17/5.19 बजे होगा।

    रतलाम-नागदा खंड में ब्लाक के कारण तीन ट्रेनें निरस्त

    रेल मंडल के रतलाम-नागदा खंड में आटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग प्रणाली को लागू करने के लिए शीघ्रता से कार्य जारी है। रतलाम-नागदा खंड में आटोमेटिक ब्लाक सिग्नलिंग सिस्टम को कार्यान्वित करने के लिए छह सितंबर को प्रस्तावित ब्लाक के कारण मंडल की चार ट्रेनें प्रभावित होंगी। 59318 उज्जैन-नागदा पैसेंजर, 59346 नागदा-उज्जैन पैसेंजर, 59345 रतलाम-नागदा पैसेंजर निरस्त रहेंगी। नागदा से चलने वाली 19341 नागदा-बीना एक्सप्रेस उज्जैन से चलेंगी तथा नागदा से उज्जैन के मध्य निरस्त रहेंगी।

  • आठ माह में पांच जानें गईं, बालाघाट में बाघ के खौफ से villagers दहशत में

    बालाघाट/ कटंगी
     वन परिक्षेत्र कटंगी के कन्हड़गांव सर्किल अंतर्गत अंबेझरी-देवरी सड़क मार्ग पर गुरुवार की शाम साढ़े चार से पांच बजे के बीच बाघ ने एक किसान पर हमला कर दिया। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में भर्ती किया गया। जहां से हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यहां रात्रि साढ़े 11 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। इस परिक्षेत्र में बाघ के हमले से आठ माह के भीतर यह पांचवीं मौत है। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित है।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम अंबेझरी निवासी किसान सेवकराम पिता रामाजी गौपाले 61 वर्ष रोजाना की तरह खेत में बैल और मवेशी चराने के लिए गया था। जिन्हें चराने के बाद उन्हें लेकर घर लौट रहा था। तभी वह अंबेझरी-देवरी सड़क पहुंचा था कि उस पर बाघ ने पीछे से हमला कर घायल कर दिया। इस हमले को देख अन्य किसानों ने शोर मचाया तो बाघ जंगल के अंदर भाग गया। किसान किसी तरह से घर पहुंचा और स्वजनों को जानकारी दी गई। घटना में सेवकराम के गर्दन, चेहरे पर गंभीर चोटें आई थी।
    21 दिन पूर्व में दूसरा हमला

    बाघ के हमले से 21 दिन पूर्व 14 अगस्त को ग्राम अंबेझरी निवासी विठ्ठल आसटकर अपने घर की गाय व भैंस चराने जंगल के पास गया था। उस समय बाघ ने हमला कर घायल कर दिया था। ऐसे में अब बाघ और मानव के बीच बढ़ते द्वंद को लेकर लोग भयभीत नजर आ रहे है। इस क्षेत्र के लोगों की मांग है कि खेत किनारे जंगल में फेंसिंग लगाई जाए। ताकि बाघ का प्रवेश सड़क व खेतों में आने से रूक सके। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो लगातार बाघ के लोग निवाले बनते जाएंगे और घायल होते रहेंगे। आठ माह के भीतर बाघ ने पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया है।
    मृतक के परिजनों को दिलाया जाएगा मुआवजा

        ग्राम अंबेझरी निवासी सेवकराम गौपाले का खेत जंगल से सौ मीटर दूरी पर है। वह अपने बैल सहित अन्य मवेशी को चराने के बाद शाम को घर लौट रहा था कि बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल को कटंगी से बालाघाट रेफर कर दिया गया था। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के स्वजनों को विभाग की तरफ से आठ लाख रुपए का मुआवजा दिलवाया जाएगा। जिसकी कार्यवाही डीएफओ कार्यालय से होगी।– बाबूलाल चढार, वन परिक्षेत्र अधिकारी कटंगी।

     

  • NIRF रैंकिंग में इंदौर को मिली खुशखबरी, IIT आगे बढ़ा, DAVV को एक पायदान का लाभ

    इंदौर 

    शिक्षा मंत्रालय द्वारा NIRF (नेशनल इंस्टीट्यूशनल फ्रेम वर्क) रैंकिंग-2025 गुरुवार को जारी की गई। सूची में IIT इंदौर की रैंकिंग में चार स्थान का सुधार हुआ है। वहीं IIM इंदौर की रैंकिंग में कोई सुधार नहीं आया है, वह पिछले दो बार से 8वें नंबर पर ही बना हुआ है। 

    NIRF रैंकिंग-2025 रिपोर्ट में IIM इंदौर ने देशभर के मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में 8वीं रैंक हासिल की है। IIM इंदौर को पिछले साल यानी 2024 और 2023 में भी यही रैंक मिली थी। जबकि 2022 में IIM इंदौर को 7वीं रैंक हासिल हुई थी। वहीं इंजीनियरिंग कैटेगरी में IIT इंदौर की रैंकिंग पिछले साल की तुलना में इस साल सुधरी है। IIT इंदौर इस साल 12वें स्थान पर पहुंच गया है। 2024 में IIT इंदौर को 16वां स्थान मिला था। 2023 में IIT इंदौर को 14वां स्थान मिला था। 2022 में भी इसे 16वां स्थान मिला था।

    ओवरऑल कैटेगरी में भी हुआ सुधार

    यही नहीं IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में भी फायदा हुआ है। इस साल ओवरऑल रैंकिंग में आईआईटी इंदौर को 6 पायदान का फायदा हुआ है। ओवर ऑल रैंकिंग में IIT इंदौर इस साल 27वें स्थान पर है। पिछले साल यानी 2024 में IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में 33वां स्थान मिला था। इसके पहले साल यानी 2023 में IIT इंदौर को ओवर ऑल कैटेगरी में 28वां स्थान मिला था। बता दें कि 2022 में IIT इंदौर की ओवरऑल रैंकिंग 30वीं थी।

    अंकों में नहीं हुआ सुधार

    इस साल IIT को रैंकिंग में सुधार हुआ है, लेकिन अंकों में गिरावट आई है। IIT को 66.65 अंक प्राप्त हुए हैं। पिछले साल IIT को 64.72 अंक प्राप्त हुए थे। वहीं पिछले साल इंदौर को ओवरऑल कैटेगरी में जहां 57.31 अंक मिले थे। इस साल 60.13अंक मिले हैं। IIM की बात करें तो इसे 75.68 अंक मिले हैं। जबकि IIM इंदौर को NIRF रैंकिंग 2024 में 73.53 अंक मिले थे। इस साल IIT और IIM दोनों के अंक में नुकसान हुआ है।

    अब हो रहा रैंकिंग में सुधार

    NIRF रैंकिंग में IIT और IIM इंदौर की रैंक पिछले साल तक लगातार गिरती जा रही थी, लेकिन अब इस साल से इसमें सुधार होना शुरू हुआ है। IIM इंदौर की 2019 में अब तक की सबसे बेहतर 5वीं रैंक आई थी, 2020 में यह गिरकर 7 नंबर पर आ गई। इसके बाद IIM इंदौर ने 2021 में फिर 6वीं रैंक हासिल की थी। पिछले तीन साल से IIM इंदौर की रैंकिंग लगातार गिरती जा रही थी। वहीं पिछले दाे साल से IIM इंदौर की पिछली रैंक ही बरकरार है।

    स्टेट कैटेगरी में देअविवि को फायदा

    इस साल देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को स्टेट कैटेगरी में टॉप-100 यूनिवर्सिटी में इस साल 49वें नंबर पर जगह मिली है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी को स्टेट कैटेगरी में 50वें स्थान पर रखा गया था। वहीं यूनिवर्सिटी को इस साल 50.41 पांइट मिले हैं। जानकारों का कहना है कि 2026 की रैंकिंग में गिरावट आ सकती है। यूनिवर्सिटी में हाल ही में रैगिंग की शिकायतों में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

    डेंटल कॉलेज इस साल भी सूची से बाहर

    डेंटल कैटेगरी में शहर के गवर्नमेंट डेंटल कॉलेज की रैंकिंग में दो साल से लगातार नुकसान हो रहा है। देश के शीर्ष डेंटल कॉलेजों की सूची में इंदौर शासकीय डेंटल कालेज 2023 में 32वें स्थान पर था। वहीं 2024 में वह टॉप 40 की सूची से बाहर हो गया था। इस साल भी वह टॉप 40 की सूची से बाहर है। वहीं इंदौर आईआईटी को रिसर्च रैंकिंग में भी इस साल 24वां स्थान मिला है।

  • 11 दिन पहले हटाई गईं, अब हाईकोर्ट के फैसले से नेहा जैन फिर बनेंगी नपा अध्यक्ष

    सागर

    जबलपुर हाईकोर्ट ने सागर जिले की देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा अलकेश जैन को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनके पद से हटाने के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा है कि अगली सुनवाई तक वे अपने पद पर बनी रहेंगी। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने यह आदेश सुनाते हुए राज्य सरकार को चार सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।

    मनमानी नियुक्तियों और फर्जी खरीदी के लगे हैं आरोप

    देवरी नगर पालिका अध्यक्ष नेहा जैन के खिलाफ 25 अगस्त को आदेश जारी करते हुए उन्हें पद से हटाया गया था। इस आदेश में कहा गया था कि अध्यक्ष ने नियुक्तियों और खरीद में गड़बड़ियां की हैं। आरोप लगाया गया कि उन्होंने 13 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को बिना मंजूरी के रख लिया, अध्यक्ष परिषद का गठन नहीं किया जिससे कामकाज प्रभावित हुआ, और एयर कंडीशनर खरीद में भी गड़बड़ी की।

    जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि परिषद ने 5 एसी खरीदने की मंजूरी दी थी लेकिन दस्तावेजों में इसे बदलकर 8 कर दिया गया और कुल 7 एसी खरीदे गए। आरोपों के अनुसार जांच में निरीक्षण के दौरान इन सात में से भी कुछ AC गायब पाए गए थे।

    "संदेह प्रमाण नहीं हो सकता": हाईकोर्ट

    हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता (नेहा जैन) के खिलाफ लगाए गए वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोप संदेहास्पद तो हैं, लेकिन सिद्ध नहीं किए जा सके हैं। जांच रिपोर्ट में केवल इतना कहा गया है कि कुछ लेन-देन, जैसे कि एयर कंडीशनर की खरीदी, संदिग्ध पाई गई है।

    अदालत ने साफ कहा कि "संदेह कितना भी मजबूत क्यों न हो, वह प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता"। इसलिए याचिकाकर्ता को इस आधार पर पद से हटाना उचित नहीं है।

    मस्टर रोल पर नियुक्तियों के लिए अकेले जिम्मेदार नहीं

    याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि 13 मस्टर रोल कर्मचारियों की नियुक्ति परिषद की मंजूरी के बाद की गई थी, इसलिए इसके लिए अकेले अध्यक्ष नेहा जैन को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

    वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पूरी तरह प्रमाणित नहीं पाए गए, इसलिए न्यायालय ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए शासन के आदेश पर रोक लगा दी।

    परिषद ने की नियुक्तियां और GEM पोर्टल से हुई खरीददारी

    नेहा जैन की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि उन्हें अकेले जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि कर्मचारियों की नियुक्तियां अध्यक्ष परिषद की मंजूरी से की गई थीं। परिषद का गठन न हो पाने की वजह सदस्यों का सहयोग न करना था, जिसकी जानकारी उन्होंने बार-बार अधिकारियों को दी थी। साथ एयर कंडीशनर खरीद का पूरा लेन-देन सरकार के आधिकारिक जीईएम पोर्टल से हुआ। जिसमें 5 AC 99 हजार रुपये की दर से और 2 AC 79 हजार 999 रुपये की दर से खरीदे गए और इनकी एंट्री भी लॉग बुक में है। इसलिए वित्तीय गड़बड़ी का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना था कि जांच केवल संदेह के आधार पर की गई और सुनवाई का पूरा मौका भी नहीं दिया गया।

    अगले आदेश तक नेहा जैन ही रहेंगी अध्यक्ष

    कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक इस मामले पर अगला आदेश नहीं आता, तब तक नेहा जैन को देवरी नगर पालिका के अध्यक्ष के रूप में काम करने दिया जाए। राज्य शासन को रिट याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है।

    सरिता जैन को मिला था प्रभार

    नेहा जैन को हटाए जाने के बाद शासन द्वारा 29 अगस्त को सरिता जैन को देवरी नगर पालिका के अध्यक्ष पद का कार्यभार सौंपा गया था। उन्होंने पदभार ग्रहण भी कर लिया था। लेकिन हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब देवरी नगर पालिका की अध्यक्ष फिर से नेहा जैन ही रहेंगी। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

    राज्य सरकार ने किया अंतरिम राहत का विरोध

        राज्य की ओर से डिप्टी एडवोकेट जनरल ने अंतरिम राहत का कड़ा विरोध किया। उनका कहना था कि जांच अधिकारी ने तीन आरोपों को सही पाया है और एयर कंडीशनर खरीद में गड़बड़ी साफ दिखाई देती है। निरीक्षण में भी कुछ एसी उपलब्ध नहीं मिले और दस्तावेजों में हेरफेर के सबूत भी सामने आए हैं। ऐसे में नेहा जैन को अध्यक्ष को वापस पद पर बैठाना सार्वजनिक हित के खिलाफ होगा। 

    इसके साथ ही पार्षद सरिता जैन जिन्हें देवकीनंदन नगर परिषद अध्यक्ष का प्रभार मिला हुआ है, उन्होंने भी इस मामले में इंटरवीनर (हस्तक्षेपकर्ता) बनाए जाने के निवेदन के साथ ही राहत का विरोध किया, हालांकि कोर्ट ने अभी उनके इस आवेदन पर विचार नहीं किया है।

  • बड़ा हादसा टला: 161 यात्रियों से भरे विमान की इंदौर में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग

    इंदौर

    इंदौर में शुक्रवार को एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक विमान की इमर्जेंसी लेडिंग कराई गई। दिल्ली पहुंचे विमान का हवा में ही एक इंजन बंद हो गया था जिसके बाद विमान को आपात स्थिति में उतारा गया। विमान में 161 लोग सवार थे।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान (AXB 1028) को लेकर इंदौर एयरपोर्ट पर उस समय हड़कंप मच गया जब पायलट ने एटीसी को विमान का एक इंजन बंद हो जाने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और सीआईएसएफ की टीम ने मोर्चा संभाल लिया। गनीमत रही कि विमान को एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया गया।

    एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक सुबह दिल्ली से इंदौर आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान के इंजन में तकनीकी खराबी के चलते इंदौर एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी।

    एटीसी कंट्रोल से सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस की टीमें तैनात कर दी गई थी। विमान को सुबह 09.54 बजे सुरक्षित उतरा गया। यात्रियों को कोई नुकसान नहीं हुआ। विमान फिलहाल रनवे-02 पर खड़ा है और तकनीकी टीम खराबी की जांच कर रही है।

  • MP टीचर्स के लिए खुशखबरी, शिक्षक दिवस पर मिला चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का तोहफा

    भोपाल
     सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में शिक्षक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश के शिक्षकों को एक बड़ा तोहफा दिया है, उन्होंने चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान की घोषणा की है। इससे प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। शिक्षकों के लिए सरकार 117 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

    शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। इसमें राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्रेष्ठ कार्य करने वाले सरकारी स्कूलों के 14 शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों को 25 हजार रुपये की सम्मान निधि, शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसमें प्राथमिक व माध्यमिक श्रेणी के आठ और उच्च माध्यमिक श्रेणी के छह शिक्षक शामिल हैं।

    सीएम ने कहा कि इससे 117 करोड़ का अतिरिक्त भार सरकार पर आएगा लेकिन इसमें भी हमें आनंद की अनुभूति होगी। सरकार शिक्षकों के लिए हमेशा बेहतर काम करेगी।

    भोपाल के प्रशासन अकादमी में चल रहे कार्यक्रम में सीएम यादव ने कहा- हमारे मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षक देश में मौजूद हर बोर्ड (सीबीएसई और आईसीएससी) को सीधी टक्कर दे रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चे देश में आयोजित होने वाली कठिन परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षकों के लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर 24-26 के लिए चौथा वेतनमान लागू किया जाएगा।

    वहीं वर्ष 2024 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को समारोह में शाल-श्रीफल, स्मृति चिह्न और पांच हजार रुपये सम्मान निधि भेंट कर सम्मानित किया गया। इनमें शासकीय माध्यमिक शाला लिधौरा, दमोह के माधव प्रसाद पटेल और शासकीय हाई स्कूल, मंदसौर की शिक्षिका सुनीता गोधा शामिल हैं।

    समारोह में पहली से आठवीं तक के 55 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में गणवेश की 330 करोड़ रुपये की राशि का अंतरण भी सिंगल क्लिक के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और राज्यमंत्री कृष्णा गौर भी उपस्थित रहे।

    इन प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षकों के नाम शामिल

    शासकीय प्राथमिक शाला बिसोनिया, गुना के शिक्षक जितेंद्र शर्मा, शासकीय उमावि क्रमांक-2, शाजापुर के दिलीप जायसवाल, ईपीईएस भाटीवाड़ा, सिवनी के दिलीप कटरे, शासकीय प्राथमिक विद्यालय, दमोह के श्रीकांत कुर्मी, शासकीय उमावि, रुस्तमपुर, खंडवा की माध्यमिक शिक्षिका श्रद्धा गुप्ता, शासकीय माध्यमिक विद्यालय सतौआ, दमोह के मोहन सिंह गौंड, शासकीय माध्यमिक शाला चंदेसरा, उज्जैन के अपूर्व शर्मा और शासकीय माध्यमिक शाला उबालाद, आलीराजपुर के उच्च श्रेणी शिक्षक धनराज वाणी शामिल हैं।

    हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल के इन शिक्षकों के नाम

    इसमें शासकीय उत्कृष्ट उमावि बाग, धार की राधा शर्मा, शासकीय उमावि, मेडिकल कॉलेज जबलपुर के डॉ. नरेंद्र कुमार उरमलिया, शासकीय उमा संभागीय ज्ञानोदय विद्यालय, तिलीवार्ड, सागर के महेंद्र कुमार लोधी, शासकीय उमावि, जावरा, रतलाम की शिक्षिका विनीता ओझा और माध्यमिक शिक्षक शासकीय हाई स्कूल पांदा, राजगढ़ की शिक्षिका डॉ. सरिता शर्मा, शासकीय उमावि माडल विद्यालय बालाघाट के सौरभ कुमार शर्मा के नाम शामिल हैं।

  • राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला, पर्यटन और संस्कृति विभाग को मिलेगी नई दिशा

    रायपुर

    पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित कार्यालय मे विधिवत पूजा अर्चना कर कामकाज की शुरूआत की। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक अनुज शर्मा, संपत अग्रवाल, प्रबोध मिंज, श्रीमती उद्धेश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा एवं पवन साय और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर बधाई और शुभकामनाएं दी।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला

    संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव के मार्गदर्शन में राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी तेजी से कार्य करना है। राज्य में पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में काफी संभावनाऐं है। पर्यटन क्षेत्रों के विकसित होंने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेगें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की मदद से राज्य में सड़क कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार हो रहा है, इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य में नई सड़कों की स्वीकृति के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय भू-तल परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी के प्रति आभार जताया।  

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने मंत्रालय में कामकाज संभाला
        इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग सुब्रत साहू, संस्कृति विभाग के सचिव रोहित यादव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के जनरल मैनेजर वेदव्रत सिरमौर, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव श्रीमती पुष्पा साहू सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

  • उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा का निर्देश: विद्यार्थियों को मिले उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा

    रायपुर

    उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करें, ताकि वे देश और दुनिया में अपनी पहचान बना सकें और विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित कर सकें।  

          मंत्री वर्मा आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

            बैठक में मंत्री वर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्रॉपआउट नहीं होना चाहिए, इसके लिए विश्वविद्यालयों को कड़ी निगरानी रखनी होगी और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कुलपतियों से कहा कि परीक्षा का टाइम-टेबल पहले से तय करें ताकि परीक्षाएं समय पर आयोजित हो सकें।

           बैठक में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रमों पर चर्चा की गई। वर्मा ने विश्वविद्यालयों से अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं के कोर्स और नई शैक्षणिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया। विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं नॉन-शैक्षणिक पदों की स्थिति, स्वीकृत पद, कार्यरत प्राध्यापकों की संख्या तथा पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। 

        बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने अवगत कराया कि सभी पाठ्यक्रम यूजीसी और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप निर्धारित होंगे। कुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध कॉलेजों की स्थिति का प्रस्तुतीकरण भी दिया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।