• राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम पर राज्य स्तरीय एडवाइजरी बैठक

    भोपाल
    मिशन डायरेक्टर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना की अध्यक्षता में एनएचएम सभागार भोपाल में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की राज्य स्तरीय एडवाइजरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में 23 सितम्बर को होने वाले राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस की कार्ययोजना, आई.एफ.ए. अनुपूरण, एनीमिया स्क्रीनिंग, प्राइवेट स्कूलों में क्रियान्वयन की चुनौतियाँ तथा विभागीय समन्वय पर चर्चा की गई। साथ ही डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर प्रसार एवं एनीमिया स्क्रीनिंग गतिविधि भी आयोजित की गई। एल्बेन्डाजोल वितरण से बच्चों और महिलाओं में कृमिनाशन व एनीमिया नियंत्रण की जानकारी साझा की गई। बैठक में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के लिये तैयार पोस्टर एवं आई.ई.सी. सामग्री का विमोचन भी किया गया। साथ ही निर्णय लिया गया कि छूटे हुए बच्चों को 26 सितम्बर को मॉप-अप डे पर कृमिनाशक दवा उपलब्ध कराई जाएगी।

    बैठक में महिला एवं बाल विकास, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, सी.बी.एस.ई. स्कूल, मदरसा शिक्षा, पंचायती राज, एन.एस.एस., नेहरू युवा केन्द्र के साथ यूनिसेफ, एविडेन्स एक्शन और न्यूट्रिशन इंटरनेशनल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मुलाक़ात कर भेंट की वैदिक घड़ी

    केंद्रीय मंत्री ने वैदिक घड़ी की पहल को सराहा
    लोककल्याणकारी योजनाओं तथा जनहित से जुड़े विषयों पर हुई चर्चा

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से उनके आवास पर बुधवार को सौजन्य भेंटकर वैदिक घड़ी भेंट की। साथ ही प्रदेश में संचालित लोककल्याणकारी योजनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को सिद्ध करने के लिए राज्य की नीतियों को लेकर सार्थक संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनता तक विकास की योजनाओं को शीघ्र और प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है।

     

  • टेक्सटाइल सेक्टर को नई उड़ान देगा पीएम मित्रा पार्क, CM मोहन यादव का बड़ा बयान

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हम सब बदलते दौर के साथी हैं। उम्मीदों और अवसरों का विराट क्षितिज हमारे सामने है। अपने सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए निवेश का एक स्वर्णिम अवसर आप सबके सामने है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों से आग्रह किया कि वे बेहिचक मध्यप्रदेश में पूंजी लगाएं। निवेश आपका, बिजनेस आपका, प्रॉफिट भी आपका और सरकार की सभी सुविधाएं भी आपके लिए ही हैं।

    उन्होंने निवेशकों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि आप सभी अपने कारोबार में आगे बढ़ें, आपके व्यापार-व्यवसाय की सफलता की गारंटी हमारी सरकार है। मध्यप्रदेश पूंजी निवेश के लिए देश का मॉडल स्टेट बन रहा है। शीघ्र ही धार के पीएम-मित्रा पार्क का भूमि-पूजन होगा। यह पार्क भारत को विश्व की टेक्सटाइल केपिटल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। हम मिलकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी अभियान अंतर्गत मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।
     
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्या में मध्यप्रदेश के धार स्थित पीएम-मित्रा पार्क में इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज के इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरैक्टिव सेशन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहे। सेशन में देश के टेक्सटाइल सेक्टर के बिजनेस टायकून्स, कॉमर्शियल हाउसेस और इन्वेस्टर्स शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धार जिले के बदनावर के समीप स्थापित होने वाले पीएम-मित्रा पार्क में निवेश की अपार संभावनाओं पर कपड़ा उद्योग से जुड़े विभिन्न उद्योगपतियों से विचार-विमर्श भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम-मित्रा पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेशों के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा।

    धार पीएम-मित्रा पार्क में 15 कंपनियों ने दिखाई रूचि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज दिल्ली में हुए इंटरैक्टिव सेशन में शामिल उद्योगपतियों ने मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की रूचि दिखाई है। इससे 15 बड़ी कंपनियों से 12,508 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इनमें लगभग 18 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। निवेश करने वाली कंपनियों में ट्राइडेंट ने 4500 करोड़ रूपये, ए.बी. कॉटस्पिन इंडस्ट्री ने 1300 करोड़ रूपये, अरविंद मिल्स ने 1024 करोड़ रूपये, सनातन टेक्सटाइल्स ने 1000 करोड़ रूपये, बीएसएल सदस्यों ने 1000 करोड़ रूपये, बेस्ट कॉर्पोरेशन तिरूपुर ने 832 करोड़ रूपये, शर्माजी यार्न प्रा. लि. ने 800 करोड़ रूपये, आरएसवीएम (एलएनजे भीलवाड़ा) ने 700 करोड़ रूपये, आर. आर. जैन इंडस्ट्रीज ने 550 करोड़ रूपये, फेबयान टेक्सटाइल प्रा. लि. ने 308 करोड़ रूपये, वंश टेक्नोफैब प्रा. लि. ने 237 करोड़ रूपये, मोहिनी एक्टिव लाइफ प्रा. लि. ने 141 करोड़ रूपये, अनीका टेक्सफैब ने 100 करोड़ रूपये, वेदांत कॉटन प्रा. लि और एनटीपी सॉल्यूशन्स प्रा. लि. ने 8-8 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिए।

    प्रधानमंत्री की पहल पर मध्यप्रदेश को मिली बड़ी सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर देश का पहला पीएम-मित्रा पार्क धार जिले में स्थापित किया जा रहा है, जिसका भूमि-पूजन शीघ्र ही होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 5एफ विजन 'फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन' को मध्यप्रदेश सरकार ने एक मिशन के रूप में अपनाया है।

    हमारा उद्देश्य है कि स्वदेशी कपड़े की गुणवत्ता को वर्ल्ड क्लास का बनाकर इन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया जाए। इसके लिए सम्पूर्ण वैल्यू चेन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर स्तर पर किसान, बाजार और परंपराओं को गति प्रदान करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में टेक्सटाइल सेक्टर को नया विजन और नई दिशा मिल रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत प्राचीनकाल से कपड़ा उद्योग, मसाला व्यापार और स्वर्ण आभूषण के मामले में दुनिया में अग्रणी रहा। तकनीक के अभाव में किसी समय व्यापार के माध्यम से हमारी क्षमता को प्रभावित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। केंद्र सरकार कठिन समय में सभी उद्योगपतियों के साथ है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक प्रकार की मदद है, सरकार उनके साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश में 7वें स्थान पर है। पहले स्थान पर चल रहे गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच टेक्सटाइल सेक्टर का पीएम-मित्रा पार्क बनाया जा रहा है, जिसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश में कच्चे माल की उपलब्धता से लेकर अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सम्राट विक्रमादित्य के न्याय से पोषित धरती है। यहां हमेशा ही बेहतर कानून व्यवस्था की स्थापना रही है।

    निवेश के लिए आदर्श राज्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित है और निवेशकों के लिए अनेक अनुकूलताएं उपलब्ध कराता है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मध्यप्रदेश से होकर गुजरता है। मध्यप्रदेश में 8 एयरपोर्ट हैं। विस्तृत रेल नेटवर्क हमारे राज्य को देश के सभी बड़े शहरों से जोड़ता है। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में जहां भी उद्योग स्थापित करना चाहें, वहां भूमि, बिजली, पानी, एप्रोच रोड, नियर-टू-डोर कनेक्टिविटी, सस्ती श्रम दरें, कुशल श्रम शक्ति सहित अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का संभवतः ऐसा पहला राज्य है, जहां कभी औद्योगिक हड़ताल (इन्डस्ट्रियल अनरेस्ट) भी नहीं होतीं। उन्होंने निवेशकों से कहा कि आपके बिजनेस के विकास में सरकार हर घड़ी आपके साथ खड़ी है। आपको यहां समुचित रूप से बिजनेस करने की पूरी छूट, मिलेगी साथ ही गारंटी सहित निवेश प्रोत्साहन के लिए इन्सेंटिव (अनुदान) भी हमारी सरकार देगी।

    ‘मॉडल स्टेट’ के रूप में उभरता मध्यप्रदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश को लेकर पूरे देश में आज सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है, वह है मध्यप्रदेश। उन्होंने कहा कि निवेश के मामले में हमारा प्रदेश देश का मॉडल स्टेट बनकर उभरा है। प्राकृतिक सौंदर्य, विभिन्न प्रकार की वनस्पति और जलीय एवं वन्य जीवों की मौजूदगी से समृद्ध मध्यप्रदेश की पावन धरती पर सभी निवेशकों का हृदय से स्वागत है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी हर अपेक्षा पर खरी उतरेगी और उनके सपनों को साकार करने में सहयोगी बनेगी। इसके लिए हम सभी प्रबंध कर रहे हैं।

  • ब्रेक फेल से बालाघाट में बस पलटी, 20 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

    बालाघाट
    बुधवार शाम भरवेली थाना क्षेत्र अंतर्गत गांगलुपारा उदघाटी के पास एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 20 से अधिक यात्रियों को चोटें आई हैं, जबकि चार लोग गंभीर हैं। घटना की सूचना मिलते ही घायलों को राहत देने जिला अस्पताल से आठ एंबुलेंस को घटना स्थल भेजा गया। खबर लिखे जाने तक घायलों को बारी-बारी से जिला अस्पताल लाया गया।

    प्रारंभिक तौर पर जानकारी सामने आई है कि ब्रेक फेल होने के कारण ये हादसा हुआ है। गांगुलपारा के पास अनियंत्रित होकर बस बीच सड़क पर पलट गई, जिसमें कुछ यात्री दब गए। हालांकि, कुछ यात्रियों ने बताया कि उकवा के बाद से बस में तकनीकी गड़बड़ी महसूस हो रही थी। बार-बार बस के गेयर फंस रहे थे, लेकिन चालक-परिचालक ने ध्यान नहीं दिया। बस के नीचे दबे यात्रियों को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।
     
    इसमें चार लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया कि सालेटेकरी से बालाघाट के बीच चलने वाली निजी एसआरटी बस क्रमांक- एमपी 50 पी 0599 रोज की तरह सालेटेकरी से यात्रियों को लेकर बालाघाट की ओर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में 30 से 35 यात्री सवार थे।

    बालाघाट वार्ड क्रमांक-22 में रहने वाले बस के चालक किशोरी बोहरे (52) को भी मामूली चोट आई है। उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचे किशोरी ने बताया कि गांगुलपारा के पास अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया। उसने बस की रफ्तार पर नियंत्रण पाने की कोशिश की, लेकिन ढलान में रफ्तार अधिक हो गई और बस बेकाबू होकर पलट गई। बस के कंडक्टर अरबाज के पैर में गंभीर चोट है।

    किशोरी ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षाें से बस चला रहे हैं, लेकिन उनके साथ पहले कभी हादसा नहीं हुआ। इस हादसे में अरविंद पिता छोटू रावत (32), रवि पिता सूरजलाल डोंगरे (40) सालेटेका, अरविंद (35) निवासी वारासिवनी, अहमद खान, अरबाज (26) निवासी बहेला को गंभीर चोट आई है, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना पर नायब तहसीदार मंजुला महोबिया, कोतवाली पुलिस के अधिकारी और बल जिला अस्पताल में मौजूद रहा।

  • कामचोरी पर CM का गुस्सा: कलेक्टरों से बोले- जिले का काम नहीं कर सकते तो बता दो

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टरों को फटकार लगाई। कहा कि इस बार पिछले साल से अधिक खाद उपलब्ध हुआ है। फिर भी समस्या खड़ी हो रही है। वितरण व्यवस्था का प्रबंधन करने का दायित्व कलेक्टरों का है। यदि ऐसा नहीं हो पा रहा है तो इसका मतलब यह हुआ कि जिला चलाना नहीं आता है। यदि जिला नहीं चला पा रहा है तो बता दें, हम दूसरी व्यवस्था करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दमोह और जबलपुर में किए गए नवाचार को देखें, जब वे कर सकते हैं तो फिर बाकी जिले क्यों नहीं। सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है और उन्हें कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
     
    कई जिलों में परेशान हो रहे किसान
    रीवा, पन्ना, अशोक नगर सहित कई जिलों में किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। ऐसे ही प्रदर्शन के दौरान रीवा में पुलिस ने बल प्रयोग भी किया था। इन स्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बुधवार को समीक्षा की, जिसमें सभी कलेक्टर वर्चुअली जुड़े। इस दौरान उन्होंने अव्यवस्था की सूचनाओं पर नाराजगी जताई।

    कलेक्टरों को निर्देश-खाद की उपलब्धता की समीक्षा करें
    उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, ताकि किसानों को वास्तविक स्थिति पता रहे। खाद वितरण केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और निगरानी करें। अतिरिक्त विक्रय केंद्र की आवश्यकता है, तो तत्काल आरंभ करें।

    53 एफआईआर और 88 लाईसेंस निरस्त
    बैठक में बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्रवाई करते हुए 53 एफआईआर दर्ज की गईं। 88 लाइसेंस निरस्त और 102 निलंबित किए गए। 406 विक्रय प्रतिबंधित किए गए।

    43 हजार टन अधिक यूरिया दिया
    बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद की कमी नहीं है। मक्का का क्षेत्र बढ़ने के बावजूद दो सितंबर तक 15 लाख 46 हजार टन यूरिया विक्रय किया जा चुका है। यह पिछले साल 15.3 लाख टन था। इस प्रकार देखें तो 43 हजार टन अधिक यूरिया किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है। यही स्थिति डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी को लेकर है। पिछले साल अब तक 29.14 लाख टन खाद बेचा गया था, जो इस बार 30.20 लाख टन हो चुका है।

    1.82 लाख टन यूरिया, 1.74 लाख टन डीएपी, 2.19 लाख टन एनपीके और 3.84 लाख टन एसएसपी भंडारित है। दमोह और जबलपुर की व्यवस्था बनी माडल-बैठक में दमोह कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि खाद वितरण व्यवस्था में हमने किसान संगठनों को सहभागी बनाया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केंद्रों से किया जा रहा है।

    जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि किसानों को टोकन फोन काल पर दिए जा रहे हैं। खाद वितरण केंद्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए हैं और नंबर प्रदर्शित होने पर खाद दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जिले की परिस्थितियों को देखते हुए इस माडल पर विचार करने के निर्देश दिए।

  • खंडवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, संदिग्ध सिमी सदस्य हथियारों के साथ गिरफ्तार

    खंडवा
    शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियों में लिप्त होने की शंका में पुलिस ने बीती रात दो युवकों को पकड़ा था। यह कार्रवाई महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड ; एटीएसद्ध से मिले इनपुट पर की गई है। पकड़े गए जलील पुत्र मोहम्मद खिलजी और एक अन्य युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस द्वारा जांच व पूछताछ की गई। इस दौरान जलील के पास से एक देशी पिस्टल और मैग्जिन जब्त होने पर उसके विरूद्ध आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। जलिल खिलजी के पिता अकील खिलजी प्रतिबंधित संगठन सिमी का सक्रिय पदाधिकारी था। वर्ष 2011,2012 और 2015 में आरोपित के विरूद्ध शासकीय कार्य में बाधा,विस्फाेटक एक्ट और मारपीट के प्रकरण दर्ज है। देश में सिमी का स्लीपर सेल फिर सक्रिय होने से देश भर की जांच ऐजेंसियां इस नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। खंडवा सिमी का पहले गढ़ रहने से आईबी,एनआईए और विभिन्न प्रदेशों की एटीएस की पैनी नजर खंडवा की गतिविधियों पर है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र एटीएस की टीम भी खंडवा में सक्रिय है।

    मंगलवार तड़के शहर के पंधाना रोड क्षेत्र की गुलमोहर कालोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पुलिस की टीम ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि दो को अपने साथ ले गई थी। चर्चा है कि यह कार्रवाई महाराष्ट्र एटीएस ने काेतवाली पुलिस के सात से आठ जवानों के साथ मिल कर की गई।

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस कोई जानकारी देने और एटीएस द्वारा कार्रवाई की सूचना नहीं होने की बात कहने से युवक के स्वजनों में हडकंप मच गया। जलील के पास से एक पिस्टल और मैग्जिन बरामद होने पर कोतवाली पुलिस द्वारा आम्स एक्ट में प्रकरण दर्ज उसे बुधवार दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि आरोपित का अपराधिक रिकार्ड है। युएपीए एक्ट में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। आरोपित के भाई और पिता के विरूद्ध भी महाराष्ट्र में गंभीर अपराध होने से वहां की एटीएस द्वारा भी पूछताछ की गई है।

    युवकों की धरपकड़ के बाद पुलिस की ओर से कोई जानकारी नहीं मिलने पर हिरासत में लिए गए एक अन्य युवक जुनेद चौहान के पिता खलील पुत्र मोहम्मद इस्माइल चौहान निवासी कहारवाड़ी ने नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 58 अंतर्गत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी खंडवा के न्यायालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की थी। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटनाए कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने जुनेद को छो़ड दिया।

  • पटना कोर्ट में केस: विपक्षी नेताओं पर क्यों गिरी गाज?

    रायपुर

    वोटर अधिकार यात्रा के दौरान कथित रूप से प्रधानमंत्री की माता के लिए की गई अभद्र टिप्पणी को मानहानि एवं विद्वेष फैलाने वाला बताते हुए बिहार की राजधानी पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में एक शिकायती मुकदमा दाखिल किया गया।        

    मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी मनीष कुमार उपाध्याय की अदालत में यह शिकायती मुकदमा पटना उच्च न्यायालय के एक वकील अवधेश कुमार पांडे ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5),61( 1)(2),62, 356, 351 और 353 के तहत दाखिल किया है। परिवाद पत्र में राहुल गांधी, तेजस्वी प्रसाद यादव, मुकेश सहनी और मो. रिजवी उर्फ राजा को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।

    अदालत में यह मुकदमा परिवाद पत्र संख्या 12873/2025 के रूप में दर्ज किया गया है। परिवाद पत्र पर सुनवाई 3 सितंबर 2025 को होगी। दाखिल किए गए परिवाद पत्र में कथित रूप से राहुल गांधी, तेजस्वी प्रसाद यादव और मुकेश साहनी की उपस्थिति में मो. रिजवी उर्फ राजा के द्वारा वोटर अधिकार यात्रा के दौरान 28 अगस्त 2025 को दरभंगा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी को मानहानि एवं विद्वेष फैलाने वाला बताया गया है। 

  • छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल

    योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

    रायपुर,

    केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले आज छत्तीसगढ़  प्रवास पर रायपुर पहुंचे। उन्होंने राज्य अतिथि गृह पहुना में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।

    बैठक में अठावले ने विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांगजन हितैषी योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ बनाने तथा समाज के वंचित वर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।

    केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति योजनाएँ, कौशल विकास कार्यक्रम और स्वरोजगार सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव तारण प्रकाश सिन्हा एवं आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर, समाज कल्याण संचालक रोक्तिमा यादव सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

    केन्द्रीय मंत्री अठावले ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। छत्तीसगढ़ सहित देशभर में योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी है। राज्यों के साथ बेहतर तालमेल से योजनाओं की पहुंच और परिणाम दोनों बेहतर होंगे।

  • आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा: मुख्यमंत्री साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

    बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर

    रायपुर,
    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।

    इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।

    स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।

    यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।

    सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।

  • लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही हैं प्रदेश का नाम रोशन : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

    तीजा महिलाओं का मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व : राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

    राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण

    रायपुर
    सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

    राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएँ मायके में उपवास करती हैं। तीजा महिलाओं को मायके से जुड़ी यादों को तरोताज़ा करने का पर्व है।

    तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।

    कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक श्री अनुज शर्मा, श्री सुनील सोनी तथा श्री पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

  • दुःखद हादसा: जशपुर पीड़ित परिवारों को मिलेगी आर्थिक मदद, सीएम ने किया ऐलान

    रायपुर

    जशपुर के जुरुडांड, बगीचा में गणेश विसर्जन की झांकी के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत व कई अन्य के घायल होने की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख जताया है। साथ ही घायलों की समुचित चिकित्सा एवं आवश्यक मदद के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।

    सीएम साय ने कहा, इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार मृतकों के परिजनों एवं घायलों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए एवं घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। ईश्वर से दिवंगतों के आत्मा की शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। सीएम ने कहा, जशपुर घटना की पूरी जानकारी है। जिला प्रशासन से बात हुई है। तीन लोगों की मौत और 22 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद SP और कलेक्टर मौके पर मौजूद थे। घायलों के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।

     

  • पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर साय का पलटवार – RJD-कांग्रेस पर साधा निशाना

    रायपुर

    प्रधानमंत्री मोदी के बयान का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समर्थन करते हुए कहा, बिहार में जो अपशब्दों का प्रयोग किया गया, इस बयान की जितनी निंदा की जाए कम है। देश की माता-बहनों का अपमान है। इसका खामियाजा RJD और कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। बिहार की जनता सबक सिखाएगी।

    बस्तर में बाढ़ मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, बस्तर में 90 वर्षों का रिकॉर्ड टूटा है। बस्तर जाकर हालातों का निरीक्षण किया। शिविर से सभी बाढ़ पीड़ितों को भोजन पहुंचाया जा रहा है। जनता सरकार के प्रयास से संतुष्ट हैं। बस्तर के अधिकारियों ने एक दिन का वेतन डोनेट किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के चिट्ठी लिखने पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, कांग्रेस को जनता रिजेक्ट कर चुकी है। कांग्रेस को यह सब करने का अधिकार बनता नहीं है। जनता के लिए अच्छा से अच्छा हो सके, इसके लिए हम काम कर रहे।

  • डैम टूटने से बड़ा हादसा: 4 मृत, 3 घायल, 3 लापता – CM साय बोले, हर संभव मदद मिलेगी

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बलरामपुर जिले के ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती (सतबहिनी) डैम टूटने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 लोगों की मृत्यु, 3 लोगों के घायल होने तथा 3 लोगों के लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और पीड़ादायी घटना है। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी वर्षा के कारण उत्पन्न इस प्राकृतिक आपदा से जनहानि के साथ-साथ भवनों को क्षति पहुंची है, फसलों का नुकसान हुआ है और पशुहानि भी हुई है। यह स्थिति प्रभावित परिवारों के लिए बेहद कठिन और दुखदायी है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ी है।

    उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था कराई गई है तथा लापता लोगों की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में हुई जनहानि के लिए शासकीय नियमों के अनुरूप अनुग्रह सहायता स्वीकृति का प्रस्ताव शीघ्र तैयार किया जाए। प्रभावित परिवारों को अस्थायी आश्रय, खाद्यान्न और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मकान, फसल और पशुहानि का विस्तृत सर्वे कर शीघ्र राहत सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • चंगाई सभा की आड़ में चल रहा था धर्मांतरण, पुलिस कार्रवाई में 5 गिरफ्तार

    सूरजपुर

    भटगांव थाना क्षेत्र के बुंदिया में पुलिस ने 5 लोगों को प्रलोभन देकर धर्मपरिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ ग्रामीण रामानंद बरगाह ने थाने में शिकायत की थी उसे मंगल टोप्पो के घर में आयोजित चंगाई सभा में बुलाया गया. जहां उसे बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करने की बात कही गई.

    रामानंद ने भटगांव थाना में दी गई शिकायत में बताया कि गांव के मंगल साय के घर में चंगाई सभा आयोजित की गई थी. जिसमें उसे भी बुलाया गया था. सभा के दौरान रामानंद के साथ पहुंचे लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए बिमारी ठीक करने और अन्य प्रलोभन दिया गया.

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्रवाई की. पादरी समेत 5 आरोपियों को धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायलय पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.

  • रायपुर-बलौदाबाजार सड़क किनारे संपत्ति खरीद-बिक्री आसान, सरकार ने हटाया प्रतिबंध

    रायपुर

    रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़ सड़क को टू से फोरलेन करने की प्रकिया तेज हो गई है. नेशनल हाइवे ने सड़क का एलाइनमेंट जिला प्रशासन को सौंप दिया है. इसके बाद रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग के करीब 35 गांवों में जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी दो महीने पुरानी रोक हटा दी गई है. अब सड़क चौड़ीकरण के तहत दोनों ओर 100 मीटर छोड़कर बाकी जमीन की खरीदी-बिक्री की जा सकेगी.

    एनएच की टीम ने तहसील कार्यालय से जमीन के दस्तावेजों का मिलान पूरा कर लिया है. दस्तावेजों के अध्ययन में पता चला कि इस रोड के किनारे ज्यादातर जमीन नेशनल हाइवे की है. इसलिए महज 10 प्रतिशत जमीन ही नेशनल हाइवे को अधिग्रहण करनी पड़ेगी. सड़क चौड़ीकरण के लिए डीपीआर तैयार करने का काम अंतिम चरण में है. डीपीआर फाइनल होते ही नेशनल हाइवे जल्द ही इसका टेंडर जारी करेगा.

    186 किमी नई सड़क बनेगी

    रायपुर-बलौदाबाजार और सारंगढ़ तक करीब 186 किलोमीटर तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. एनएच प्रथम चरण में रायपुर से धनेली 0 प्वाइंट से 53.1 किलोमीटर तक फोरलेन का काम होना है. दूसरे चरण में 53.1 किलोमीटर से 85.6 किलोमीटर तक तथा तीसरे चरण में 85.6 से 186 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क चौड़ीकरण होना है.

    सड़क चौड़ीकरण से लोगों को मिलेगी राहत

    फोरलेन सड़क निर्माण होने से इस मार्ग में परिवहन सुविधा सुगम हो जाएगी. अभी टू लेन सड़क होने से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सड़क के चौड़ीकरण होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी.

    रोक हटाई गई

    रायपुर एडीएम कीर्तिमान राठौर ने जानकारी दी कि रायपुर-बलौदाबाजार चौड़ीकरण के लिए कुछ गांवों की जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक थी. नेशनल हाइवे ने एलाइन्मेंट दे दिया है. अब सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर छोड़कर जमीन की खरीदी बिक्री हो सकेगी. इसके लिए आदेश जारी हो गया है.

  • बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में शुरू होंगे जॉब-ओरिएंटेड कोर्स, छात्रों को मिलेगी बस सुविधा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आरंभ होंगे रोजगारपरक पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों को मिलेगी बस सुविधा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार प्रदान करने वाले बनें
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में आईटी रिसोर्स सेंटर, एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और कन्या छात्रावास का किया भूमिपूजन
    पीएम-उषा परियोजना अंतर्गत होगा निर्माण

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में शिक्षा के बदलते दौर में सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत के बेहतर भविष्य की संभावनाओं के लिए दुनिया में मिसाल कायम कर रहे हैं। वे दिन गए जब भारत किसी बड़े देश के पीछे चलकर पहचान बनाता था। हमें गर्व है कि आज भारत किसी पर निर्भर नहीं है। भारत के बदलते समय का विश्वविद्यालय के छात्र पूरा उपयोग करें। हमारे युवा बेहतर तकनीक का उपयोग करते हुए देश को आगे ले जाने का सपना देखें और उसे पूरा करने के लिए परिश्रम करें। राज्य सरकार विश्वविद्यालयों के छात्रों के साथ है। हमारे युवा नौकरी पाने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें। सरकार हर संभव सहायता और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कृषि संकाय की पढ़ाई शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय में सभी नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम आरंभ करने और विद्यार्थियों को आवागमन के लिए नि:शुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले आईटी रिसोर्स सेंटर, स्टूडियो, कन्वेंशन हॉल और इंक्यूबेशन सेंटर तथा एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट व कन्या छात्रावास का भूमिपूजन कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम उषा परियोजना के भूमिपूजन और दीक्षारंभ कार्यक्रम में गणपति बप्पा मोरया के जयघोष एवं सरस्वती माता को नमन करते हुए अपना संबोधन आरंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल के सभी क्षेत्रों को विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। भोपाल में मेट्रो की शुरुआत होने वाली है। इसके साथ भोपाल के पास मेट्रो और अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए बीईएमएल की इकाई का भूमि-पूजन हो चुका है। भारतीय रेल के हाईस्पीड कोच भी इस कारखाने में बनाए जाएंगे। भोपाल को पर्यटन के क्षेत्र में भी एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। अब बड़ी झील में कश्मीर की तर्ज पर शिकारे चलाए जाएंगे। भोपाल से इंदौर, जबलपुर और रीवा के लिए नए ग्रीन फील्ड हाइवे तैयार किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में पीएम मित्रा का निर्माण हो रहा है। हमारे किसानों द्वारा उत्पादित कपास की मांग दुनिया में है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलें। प्रदेश में रेडीमेड गारमेंट के नए उद्योग शुरू हों, इसके लिए दिल्ली में निवेशकों और उद्योग घरानों को आज चर्चा के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। भविष्य में मध्यप्रदेश के युवा फैशन डिजाइनिंग और रेडीमेड गारमेंट इंडस्ट्री में अग्रणी बनें, इसके लिए राज्य सरकार निश्चित कार्ययोजना बना रही है।

    उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में बदलाव का बीड़ा उठाया है। पूर्व में उच्च शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने जिस विजन से कार्य किया, उसके सुखद परिणाम अब सामने आने लगे हैं। राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। प्रदेश में गरीब और पिछड़े छात्रों के लिए सर्व सुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय और पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए जा रहे हैं। भविष्य में शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो बड़े निर्णय किए हैं। इसके अंतर्गत अब डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देना और प्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालयों में देश की विभिन्न भाषाओं को क्रेडिट के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल कर पढ़ाया जाना शामिल है। प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होने जा रही यह अभिनव पहल पूरे देश को संदेश देने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दोनों नवाचारों के लिए हमें निरंतर प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया। हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में नवाचार करते हुए देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है।

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने भोपाल में संचालित विकास गतिविधियों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने बताया कि बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के नए विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह भी हो रहा है। कार्यक्रम में नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, कुलगुरु प्रो. एस.के जैन सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।

    उल्लेखनीय है कि पीएम-उषा (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) का उद्देश्य उच्च शिक्षा की उत्कृष्टता में सुधार लाना है। इस योजना में राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों को चरणबद्ध तरीके से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसमें प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के लिए 565 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के लिए 100 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत 55 करोड़ रूपए की लागत के कार्य होंगे।

     

  • राज्यपाल पटेल का आह्वान: अनुभव और प्रयास से समाज के कमजोरों को दें सहारा

    अपने अनुभव और प्रयासों से वंचित और गरीबों की मदद करें : राज्यपाल पटेल

    राज्यपाल से केन्द्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने की भेंट

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अधिकारी अपने अनुभव को जनकल्याण के कार्यों में लगाए। हमेशा प्रयास करें कि आमजन की समस्याएं दूर हो। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिले। ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की मदद ही सच्ची जनसेवा है। यह पुण्य का काम है।

    राज्यपाल पटेल सचिवालय प्रशिक्षण तथा प्रबंधन संस्थान द्वारा आयोजित 89वें ई-मिड-कैरियर प्रशिक्षण के तहत केंद्रीय सचिवालयीन सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, वरिष्ठ अवर सचिवों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन के वेंक्वेट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

    राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूल मंत्र से ही विकसित भारत का निर्माण होगा। हम सभी को मिलकर काम करना चाहिए। राज्यपाल पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार की अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं हर वर्ग तक पहुँच रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा जैसे विशेष कार्यक्रमों से जनजाति कल्याण की दिशा में अभूतपूर्व कार्यों हो रहे हैं।

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनकल्याणकारी राज्य के लिए सचिवालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका विशिष्ट होती है। सरकारी नौकरी व्यवसाय मात्र नहीं है, वंचितों के जीवन में खुशहाली लाकर समाज और देश का सुखद भविष्य बनाने की प्रतिबद्ध सेवा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि आप जब भी दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में जाए तो ग़रीब, वंचित और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को देखे, समझे और आत्मीयता से सुने। सरकारी धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करें और इसके ख़र्च में मितव्ययिता का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारी समय-समय पर विकास कार्यों की प्रभावी मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें।

    राज्यपाल पटेल का संयुक्त निदेशक और कोर्स डॉयरेक्टर दीपक कुमार बिष्ट ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। बिष्ट ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से सुनील कुमार ने प्रशिक्षण अनुभवों को साझा किया। विनोद बिहारी सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • MY अस्पताल में सुरक्षा की कमी, चूहों के काटने से एक ओर बच्चों की मौत

    इंदौर
     इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल के NICU में चूहों के काटने से दोनों बच्‍चो की मौत हो गई है. ये दोनों बच्‍चे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे. अब इस पूरे मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. MY हॉस्पिटल में हुई नवजात बच्ची की मौत के मामले में राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल को नोटिस भेजा है. नोटिस भेज कर MY हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन से इस पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा है.

    राज्य मानवाधिकार आयोग ने अस्पताल प्रबंधन से साफ पूछा कि आखिर नवजात बच्चे की मौत कैसे हुई? बच्चों को चूहों ने कैसे कुतरा? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन-कौन है? चूहे पीडियाट्रिक सर्जिकल वार्ड (NICU) तक कैसे पहुंच गए?

    3 दिन के नवजात बच्चे की मौत

    रैट बाइट का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. 3 दिन के नवजात बच्ची की मौत पर मानवाधिकार भी सख्त है. अब अस्पताल प्रबंधन को इस पूरे मामले को लेकर 1 महीने में अपना जवाब देना होगा.

    सुरक्षा पर उठे सवाल

    अस्पताल सूत्रों की मानें तो NICU में लंबे समय से चूहे घूम रहे थे, लेकिन किसी ने रोकथाम नहीं की. रविवार को एक नवजात के हाथ पर चोट आई और सोमवार को दूसरी घटना हुई. दोनों मामलों के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने फौरन पेस्ट कंट्रोल और सुरक्षा के लिए कदम उठाए.

    मेडिकल कॉलेज के डीन ने मामले में ड्यूटी पर तैनात नर्स को निलंबित कर दिया. इसके साथ ही HOD और एमवाय अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया गया है और पांच डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी. अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि मरीजों के परिजन वार्ड में खाने-पीने का सामान ले आते हैं, जिससे चूहों की संख्या बढ़ रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले लगभग पांच सालों में अस्पताल में कोई बड़ा पेस्ट कंट्रोल नहीं हुआ था.

    इस मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डीन को नोटिस दिया है। मामला सामने ने पर दो नर्सिंग अधिकारियों ने डीन ने निलंबित कर दिया था। इससे नर्सिंग स्टाॅफ में नाराजगी है। उनका कहना है कि अस्पताल में ठीक से सफाई न होने से चूहे अस्पताल में घूमते है। चूहों की संख्या पर नियंत्रण करने के लिए पेस्ट कंट्रोल कंपनी का स्टाॅफ भी तैनात रहता है। यदि वह ठीक से काम करें तो चूहे अस्पताल में नजर नहीं आएंगे।

    परिसर में बना रखे है चूहों ने बिल

    एमवाय अस्पताल के परिसर में चूहों के सैकड़ों बिल है। कई चूहे तो आधा एक किलो के है। वे अस्पताल के वार्डों में नहीं बल्कि आईसीयू, एनआईसीयू में भी नजर आते है। कई बार वायर भी काट देते है।

    उधर एमवाय अस्पताल में नवजातों को चूहों के कुतरने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने अस्पताल अधीक्षक को जांच के निर्देश दिए है। उन्हें जल्दी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। उधर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना पर कहा है कि अस्पताल में चूहों के मानव अंगों को कुतरने का मामला नया नहीं है। कई बार घटनाएं छुपाई जाती है। भाजपा के 22 साल का असली चेहरा इस तरह की घटनाएं है।

    प्लेग के समय चलाया था अभियान

    30 साल पहले सूरत में प्लेग फैलने के मामला सामने आया था तो इंदौर के एमवाय अस्पताल को भी चूहों से मुक्त करने का अभियान चलाया गया था। पेस्ट कंट्रोल कंपनियों ने हजारों की संख्या में चूहों का सफाया किया था, लेकिन अब फिर चूहों की बढ़ती संख्या परेशानी की वजह बन गई है।

  • सिंधिया सरदार की पोती और इंदौर राजघराने के अर्जुन का रिश्ता टूटा, तलाक पर हुआ समझौता

    ग्वालियर
     2019 में शुरु हुआ सिंधिया राजघराने की कात्यायनी आंग्रे और इंदौर राजघराने के अर्जुन काक का विवाद अब खत्म हो गया है। 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। अर्जुन, कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देंगे और आंग्रे परिवार से मिले सारे गिफ्ट वापस करेंगे। यह झगड़ा 7 साल पहले शुरू हुआ था, जब अर्जुन ने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। इसके बाद कात्यायनी ने दहेज के लिए परेशान करने का मामला दर्ज कराया था।

    कौन हैं कात्यायनी और अर्जुन
    कात्यायनी आंग्रे, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के सरदार आंग्रे की पोती हैं। अर्जुन काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अर्जुन काक को 30 नवंबर 2025 तक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया गया है। अर्जुन ने 25 अगस्त को 1 करोड़ रुपये का ड्राफ्ट दे दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अर्जुन, आंग्रे परिवार से मिले सभी गिफ्ट वापस करेंगे। लेकिन अर्जुन की ओर से दिए गए गिफ्ट कात्यायनी के पास ही रहेंगे। इसके बाद दोनों का कोई संबंध नहीं रहेगा।

    2018 में हुई थी शादी
    कात्यायनी और अर्जुन की शादी 2018 में हुई थी। अर्जुन के पिता अनिल काक रिटायर्ड कर्नल हैं। उनकी मां मंगेश काक का संबंध इंदौर राजघराने से है। इसलिए यह शादी बहुत खास मानी जा रही थी। शादी 18 अप्रैल 2018 को ऋषिकेश, उत्तराखंड में हुई थी।

    2019 में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायत
    अर्जुन काक ने 2019 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कात्यायनी और उनके परिवार पर फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाने का आरोप लगाया था। अर्जुन ने हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। उन्होंने ग्वालियर नगर निगम द्वारा जारी शादी के सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने माना कि सर्टिफिकेट गलत तरीके से जारी किया गया था। इसलिए कोर्ट ने सर्टिफिकेट को रद्द कर दिया।

    2021 में कात्यायनी ने दर्ज कराया केस
    2021 में कात्यायनी ने दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि अर्जुन और उसके परिवार वाले रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट मांग रहे थे। हाई कोर्ट ने कहा कि कात्यायनी शादी के कुछ महीने बाद ही तलाक मांग रही हैं। 2021 में दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज करा रही हैं। ऐसा लगता है कि अर्जुन द्वारा दर्ज कराई गई FIR का जवाब देने के लिए दहेज का मामला दर्ज कराया गया है।

    2023 में भी की गई थी मामला सुलझाने की कोशिश
    अगस्त 2023 में भी इस मामले को सुलझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं रही। कोर्ट ने कहा था कि कात्यायनी और अर्जुन के बीच विवाद को सुलझाने के रास्ते खत्म हो गए हैं। हाई कोर्ट ने मध्यस्थता का मौका खत्म करते हुए मामले को सक्षम बेंच में भेजने का आदेश दिया था। मध्यस्थता के दौरान अर्जुन हर महीने 1.5 लाख रुपये देने को तैयार थे। लेकिन कात्यायनी ने 36 करोड़ रुपये और संपत्ति में हिस्सा मांगा था। इसलिए सुलह नहीं हो पाई।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को दीं डोल ग्यारस पर्व की शुभकामनाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को मोक्षदायिनी जलझूलनी एकादशी (डोल ग्यारस) पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रदेश के कल्याण एवं लोकमंगल के लिए प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीहरि सभी पर अनवरत सुख-समृद्धि की वर्षा करते रहें और जीवन में आरोग्यता प्रदान करें, यही मंगलकामना है।