• मंत्री सारंग ने कहा- सीपीपीपी मॉडल से उपभोक्ता संघ को मिलेगी नई ऊर्जा

    भोपाल 
    सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि उपभोक्ता संघ को आर्थिक रूप से सशक्त और प्रासंगिक बनाने के लिये अभिनव कदम उठाने होंगे। संघ को पुनर्जीवित करने के लिये सीपीपीपी (को-ऑपरेटिव पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल को अपनाया जाए, जिससे संघ की व्यावसायिक गतिविधियों में आधुनिकता और प्रतिस्पर्धात्मकता आ सकेगी।

    मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ता संघ को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके अंतर्गत बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स के साथ कार्य करने की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता संघ द्वारा संचालित उपभोक्ता केंद्रों को बहुउद्देशीय बनाया जाए, क्योंकि ये केंद्र शहरों की प्रमुख लोकेशन्स पर स्थित हैं और बड़े ब्रांड्स को जोड़ने के लिये आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं।

    बैठक में मंत्री श्री सारंग ने उपभोक्ता संघ की वर्तमान आर्थिक स्थिति, व्यवसाय, मानव संसाधन, और व्यवसाय वृद्धि की संभावनाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिये कि उपभोक्ता संघ को ‘सहकारिताओं से सहकार’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए प्रदेश की अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ व्यवसायिक गतिविधियों को जोड़ने की रूपरेखा तैयार करनी चाहिए।

    खाद्यान्न उपार्जन से संबंधित आवश्यक सामग्रियों के प्रदाय के लिए उपभोक्ता संघ को नोडल एजेंसी नियुक्त करने के विषय पर भी चर्चा हुई। सुझाव दिया गया कि पैक्स और विपणन समितियों द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान उपार्जन में उपयोग होने वाली सामग्रियां विभिन्न जिलों में उनकी मांग के अनुसार उपभोक्ता संघ उपलब्ध कराए। इससे संघ को प्राप्त होने वाला मार्जिन उसकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा और साथ ही उपार्जन करने वाली समितियों को पूरे प्रदेश में गुणवत्ता युक्त सामग्रियां न्यूनतम मूल्य पर उपलब्ध हो सकेंगी। मंत्री श्री सारंग ने विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये।

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि सहकारी उपभोक्ता संघ को पुनः सक्रिय और प्रगतिशील बनाने के लिये हर स्तर पर ठोस और दूरगामी कदम उठाए जाएं। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता श्री डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक उपभोक्ता संघ श्री ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित करने पर कैबिनेट के सदस्यों ने माना आभार

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा मुख्यमंत्री निवास में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी स्थापित किए जाने पर मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंत्रियों ने कहा कि यह पहल भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाली है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी।

    विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम है। यह घड़ी केवल समय बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि सूर्योदय, सूर्यास्त, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त और चंद्रमा की स्थिति जैसी जानकारी भी उपलब्ध कराती है। इसमें वैदिक समय के साथ-साथ भारतीय मानक समय और ग्रीनविच मानक समय का तुलनात्मक अध्ययन भी संभव है। इस अनूठी घड़ी के साथ मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जो 189 से अधिक भाषाओं में उपलब्ध है और विश्वभर के 7000 से अधिक स्थानों के लिए समय व पंचांग की जानकारी देता है।

    मंत्रियों ने कहा कि उज्जैन की वैदिक और सांस्कृतिक परंपरा से प्रेरित यह घड़ी मुख्यमंत्री निवास में स्थापित होना गर्व की बात है। यह पहल प्रदेश की गौरवशाली धरोहर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के साथ युवाओं को वैदिक विज्ञान और गणना प्रणाली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

    इस अवसर पर परिवहन, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नारायण सिंह पवार सहित अन्य मंत्री शामिल थे।

     

  • सिंहस्थ-2028 के लिए 2675 करोड़ रूपए के 33 कार्य स्वीकृत

    धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते हों सुनिश्चित
    भीड़ प्रबंधन, आवागमन, पार्किंग और पदयात्रियों की सुविधा का रखे विशेष ध्यान
    कचरा प्रबंधन के लिए अद्यतन तकनीक का हो उपयोग

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 महापर्व के सुव्यवस्थित संचालन के लिए दीर्घकालीन कार्ययोजना का समय-सीमा में क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये। संबंधित विभाग उनके कार्यक्षेत्र में जारी गतिविधियों की निरंतर समीक्षा कर यह सुनिश्चित करें कि सभी निर्माण कार्य दिसम्बर 2027 तक अनिवार्यत: पूर्ण हों। साथ ही भीड़ प्रबंधन तथा समस्त प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक समन्वय भी इस अवधि तक सुनिश्चित कर लिया जाए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में सिंहस्थ-2028 के लिए गठित मंत्रीमंडलीय समिति की चतुर्थ बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उइके, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर (स्वतंत्र प्रभार), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, संस्कृति राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, तकनीकी शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टैटवाल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव उपस्थित थे।

    निर्माण कार्यों और व्यवस्थाओं में स्थानीय निवासियों को बनाएं सहभागी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ संबंधी निर्माण कार्यों तथा नगर के भीतर के मार्गों के चौड़ीकरण कार्य व अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय निवासियों को सहभागी बनाया जाए और उनके अभिमत को भी महत्व दिया जाए। सिंहस्थ के दौरान पदयात्रियों की सुविधा और वाहनों की पार्किंग का विशेष ध्यान रखा जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इसके संबंध में सूचनाओं की सरल, सहज उपलब्धता सभी तक हो। सिंहस्थ अवधि में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कचरा प्रबंधन के लिए अद्यतन तकनीक का उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन को सात जोन में विभाजित करते हुए पेयजल, स्वच्छता, आवागमन, कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य, आवास आदि का प्रबंधन किया जाए। नगर निगम और विकास प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित संस्थाओं की क्षमता विकास के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं।

    उज्जैन सहित खण्डवा, मंदसौर और खरगोन में भी होंगे कार्य
    बैठक में कुल 2675 करोड़ रूपए लागत के 33 कार्य स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किए गए। इनमें 25 कार्य उज्जैन, 3 खण्डवा, 2 मंदसौर और 3 खरगोन में होने हैं। इनमें नगरीयविकास एवं आवास विभाग के 21, लोक निर्माण के 6, रेलवे के 2 एवं पर्यटन, गृह, एमपीआरडीसी और जल संसाधन विभाग के एक-एक कार्य शामिल हैं।

    12 किलोमीटर लंबे 6 लेन मार्ग से सभी घाटों को जोड़ा जाएगा
    मंत्री-मण्डलीय समिति की चतुर्थ बैठक में क्षिप्रा नदी के पश्चिमी भाग पर सिंहस्थ बायपास से मेला क्षेत्र को आने वाले सभी मार्गों को कनेक्ट करते हुए नदी के पास स्थित मंदिरों और सभी घाटों को जोड़ने वाले एमआर-22 को स्वीकृति प्रदान की गई। लगभग 194 करोड़ रूपए लागत से बनने वाले 12 किलोमीटर लंबे 6 लेन मार्ग से सभी घाटों को जोड़ा जाएगा और सिंहस्थ के दौरान इसका बस रैपिट ट्रांजिट के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इसी प्रकार सिंहस्थ बायपास से रामघाट तक पहुंचने के लिए बड़नगर रोड के विकल्प के रूप में कार्तिक मेला ग्राउण्ड से नईखेड़ी मार्ग को अनुमोदन प्रदान किया गया। लगभग 3 किलोमीटर लंबे 36.59 करोड़ रूपए लागत के इस फोरलेन मार्ग से सिंहस्थ बायपास से शंकराचार्य चौराहे तक के ट्रैफिक कंजेशन में कमी आएगी। इसी प्रकार इंदौर उज्जैन रोड से क्षिप्रा नदी के पश्चिम भाग को जोड़ने के लिए शनि मंदिर से जीवनखेड़ी रोड, इंदौर रोड से आने वाले श्रद्धालुओं को त्रिवेणी घाट और शनि मंदिर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किए जाने वाले शांतिधाम चौराहा से शनि मंदिर रोड और महाकाल मंदिर को रामघाट से सीधे जोड़ने व महाकाल आने वालों को चौड़ा मार्ग उपलब्ध कराने के लिए महाराज वाडा चौराहा से हरसिद्धि मंदिर चौराहा क्षिप्रा नदी तक के रोड को समिति ने अनुमोदन प्रदान किया।

    सुगम यातायात के लिए हो रही है पुख्ता व्यवस्था
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में नरसिंहघाट रोड से दत्त अखाड़ा जोन, भूखीमाता मंदिर और नदी के पश्चिमी भाग को जोड़ने में वैकल्पिक रोड के रूप में उपयोग होने वाले कर्कराज पार्किंग से भूखीमाता मार्ग, लालपुल से एमआर-22 तक की 1.5 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग, भृतहरीगुफा से ऋणमुक्तेश्वर के बीच सुगम यातायात प्रबंधन के लिए 2 लेन मार्ग, गढ़कालिका मंदिर से पीर मत्स्येंद्रनाथ समाधि तक 2 लेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान की गई। इसी प्रकार सुगम यातायात की पुख्ता व्यवस्था के लिए जूना सोमवारिया से पिपली नाका, अंकपात चौराहा मार्ग तक फोरलेन मार्ग, पिपली नाका से गढ़कालिका मंदिर ओखलेश्वर शमशान तक 6 लेन और सर्विस लेन, भैरवगढ़ जेल चौराहा से पिपलीना का 6 लेन सर्विस लेन, महाकाल पार्किंग से चौबीस खंबा सड़क तक फोरलेन, हरसिद्धि पाल से रामघाट रोड चौड़ीकरण, नीलकंठ द्वार से महाकाल चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण और मकाड़िया आम चौराहा से विराट नगर होते हुए कानीपुरा-तराना मार्ग तक सड़क निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई।

    पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा ग्रांड होटल परिसर
    बैठक में क्षिप्रा नदी पर 122 करोड़ रूपए लागत से लगभग 9 किलोमीटर लंबाई के घाटों के उन्नयन कार्य, छत्री चौक स्थित रीगल टॉकीज पर पार्किंग, प्लाजा व दुकानों के निर्माण कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही ग्रांड होटल परिसर को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के उद्देश्य से अधिकारियों और स्टाफ क्वार्टर निर्माण तथा शहर के प्रमुख मार्गों के सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों के लिए पंवासा में भूखंड आवंटन के लिए अधोसंरचना विकास के उद्देश्य से आवश्यक अधोसंरचना सुविधाएं विकसित करने के लिए 10 करोड़ 34 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उज्जैन में रेलवे स्टेशन पर सुगम आवागमन के लिए पुल निर्माण, नईखेड़ी रेलवे स्टेशन, पंवासा फ्लैग स्टेशन, चिंतामन गणेश रेलवे स्टेशन कनेक्टिविटी के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

    ओंकारेश्वर में वर्तमान झूला पुल के समांतर होगा नए पुल का निर्माण
    बैठक में ओंकारेश्वर (खण्डवा जिला) में श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 48 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से वर्तमान झूला पुल के समांतर एक नए पुल के निर्माण तथा मुख्य मंदिर के विकास कार्य, पुराने पुल से मंदिर तक रास्ते के समांतर एक अतिरिक्त पुल व नया प्रतीक्षालय निर्माण के लिए 60 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के शिवना नदी में स्नान और पूजन के लिए घाट निर्माण और सौन्दर्यीकरण कार्य के लिए 12 करोड़ 32 लाख रूपए की स्वीकृति भी प्रदान की गई। मंदसौर में ही महू-नीमच रोड से अंबेडकर चौराहा से कास्तकार रेस्टोरेंट होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर तक 2 लेन रोड को स्वीकृति प्रदान की गई।

    महेश्वर में अहिल्या लोक लेगा आकार
    बैठक में सिंहस्थ-2028 के दौरान महेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं को मां अहिल्या द्वारा कराए गए कार्यों से संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे अहिल्या लोक के निर्माण के लिए 110 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही सिंहस्थ में श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए धामनोद से बड़वाह तक 61.85 किलोमीटर लंबे मार्ग चौड़ीकरण के लिए 1441 करोड़ 85 लाख रूपए की भी स्वीकृति प्रदान की गई। महेश्वर खरगोन में नर्मदा घाट पर रैलिंग कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

    क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना पर हुई चर्चा
    मंत्री-मण्डलीय समिति ने जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कान्ह नदी डायवर्शन, क्षिप्रा व कान्ह नदी पर बन रहे बैराजों तथा सिंहस्थ के लिए क्षिप्रा नदी में जल निरंतर प्रवाह योजना के अंतर्गत जारी कार्यों की भी समीक्षा की। इसके साथ ही ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत प्रदाय के लिए की जा रही व्यवस्था, लोक निर्माण विभाग के अन्य निर्माण कार्यों, संस्कृति विभाग द्वारा उज्जैन स्थित वीर दुर्गादास जी की छत्री के विकास एवं अनुरक्षण कार्य, लालबाग पैलेस परिसर इंदौर के उन्नयन, ममलेश्वर मंदिर ओंकारेश्वर के विकास कार्यों और पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटक सुविधा केन्द्रों, ओंकार सर्किट के विकास सहित अन्य कार्यों की भी समीक्षा की। बैठक में गृह विभाग, नगरीय विकास एवं आवासविभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों की भी जानकारी प्रस्तुत की गई।

  • नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान

    राज्य शासन द्वारा घोषित ग्रह भाड़ा भत्ता भी मिलेगा
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत की अध्यक्षता में संचालक मण्डल की बैठक में हुआ निर्णय

    भोपाल
    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में नागरिक आपूर्ति निगम और भण्डार गृह निगम के संचालक मण्डल की बैठक में कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। अब नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों को भी चतुर्थ समयमान वेतनमान मिलेगा। साथ ही गृह भाड़ा भत्ते भी राज्य शासन द्वारा घोषित दरों के अनुसार दिये जायेंगे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कर्मचारियों को भी विभाग के हित में बेहतर से बेहतर कार्य कर अपनी उपयोगिता सिद्ध करनी होगी।

    अनुग्रह राशि हुई दोगुनी से भी अधिक
    बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि कॉर्पोरेशन के कर्मियों की सेवा में रहते हुए मृत्यु होने पर परिवार को अनुग्रह राशि दोगुनी से भी अधिक दी जायेगी। वर्तमान में 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि दी जाती है। अब अधिकतम एक लाख 25 हजार रुपये तक अनुग्रह राशि दी जायेगी। निगम में सेवा पदोन्नति नियम-2025 का भी प्रावधान किया जायेगा।

    ऐप के माध्यम से होगी भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग
    भण्डार गृह निगम की संचालक मण्डल की बैठक में निर्णय लिया गया कि भण्डार गृहों की मॉनीटरिंग के लिये ऐप बनाया जायेगा। इस ऐप के माध्यम से भण्डारित अनाज की मात्रा, उसकी क्वालिटी आदि का सत्यापन किया जा सकेगा। अधिकारी भण्डार गृह का निरीक्षण करने का फोटो ऐप में अपलोड करेंगे। जियो टेगिंग भी रहेगी।

    समय पर करायें भण्डार गृहों का मेंटिनेंस
    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि धान का उपार्जन शुरू होने के पहले सभी भण्डार गृहों का मेंटीनेंस करवाना सुनिश्चित करें। शहरों के पास स्थित भण्डार गृहों को खाली होने की स्थिति में प्रायवेट कम्पनियों को किराये में देने की नीति बनायें।

    मंत्री श्री राजपूत ने रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण-पत्रों का परीक्षण गंभीरता से होना चाहिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपार्जन कार्य में सक्रिय योगदान के आधार पर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को एक माह का मूल वेतन प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाये। श्री राजपूत ने थर्ड पार्टी इन्सपेक्शन की कार्यवाही समय पर नहीं करने पर संबंधित महाप्रबंधक को नोटिस देने के निर्देश दिये।

    खाद्य भवन के निर्माण में लायें तेजी
    मंत्री श्री राजपूत ने प्रमुख अभियंता को निर्देश दिये कि खाद्य भवन के निर्माण कार्य में तेजी लायें। समय-सीमा में निर्माण कार्य पूरा करायें। साथ ही गुणवत्ता की सतत मॉनीटरिंग करें। बैठक में अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरुण शमी, एमडी श्री अनुराग वर्मा एवं संचालक मण्डल के सदस्य उपस्थित थे। 

  • नई दिल्ली में 3 सितम्बर को इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा

    बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत से विकसित हो रहा है टेक्सटाइल हब
    भूमि आवंटन के लिए 11 सितम्बर तक कर सकेंगे आवेदन
    मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट का 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में होगा आयोजन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में वंदे मातरम के सामूहिक गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम की 125वीं कड़ी में प्रदेश की खेल उपलब्धियों का दो बार उल्लेख करने पर प्रधानमंत्री का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि श्रीनगर की डल झील में हुए पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल में मध्यप्रदेश को सबसे ज्यादा मैडल जीतेने पर बधाई दी। साथ ही शहडोल जिले के फुटबॉल के क्रेज से जुड़े एक गांव का उल्लेख करते हुए जर्मनी के खिलाड़ी एवं फुटबॉल कोच श्री डिडमार बायर्स डार्फर द्वारा शहडोल के कुछ खिलाड़ियों को जर्मनी की एकेडमी में ट्रेनिंग की पेशकश देने के संबंध में बताया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फुटबॉल प्रेमियों से कहा कि जब भी अवसर मिले, वे शहडोल जरूर जायें और वहां हो रहे स्पोर्टिंग रेवेल्यूशन को करीब से देखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिये गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी अपने इस महत्वूपर्ण कार्यक्रम में समय-समय पर मध्यप्रदेश से जुड़े विषयों का उल्लेख करते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में संपन्न टूरिज्म कॉन्क्लेव में 3200 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे ग्वालियर, चंबल के साथ सागर संभाग में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विषय विशेष पर निवेश प्रोत्साहन के लिए हो रही समिट का प्रदेश को लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में 11 से 13 अक्टूबर की अवधि में भोपाल में मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट आयोजित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 सितम्बर को नई दिल्ली में "इन्वेस्टमेन्ट अपॉर्च्यूनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क का इंटरैक्टिव सेशन होगा। इसमें केन्द्रीय टैक्सटाइल मंत्री श्री गिरिराज सिंह भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदनावर धार में 2158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 2000 करोड़ रूपए से अधिक की अनुमानित लागत से विकसित हो रहे टेक्सटाइल हब-पीएम मित्रा पार्क से पश्चिम मध्यप्रदेश में मेट्रोपॉलिटन एरिया विकास के स्वप्न को साकार करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वस्त्र उद्योग पर केंद्रित पीएम मित्रा पार्क के विकास को विशेष महत्व दिया है। पार्क में भूमि आवंटन के लिए आवेदन 22 अगस्त से 11 सितम्बर 2025 तक खुले रहेंगे। मात्र 1 रूपये प्रति वर्ग मीटर-प्रीमियम तथा 120 रुपये प्रति वर्ग फ़ीट विकास शुल्क पर भूमि आवंटन किया जा रहा है, जो देश में समस्त पीएम मित्रा पार्कों में सबसे कम है। यह पार्क लगभग तीन लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में स्थापित विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अनावरण और उसके ऐप के संबंध में बताया कि वैदिक घड़ी भारतीय पंचांग और कालगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ती है। इसे 189 से अधिक भाषाओं में देखा जा सकेगा। साथ ही पंचांग तिथि, नक्षत्र योग आदि की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। भारतीय काल गणना पर आधारित यह विश्व की पहली घड़ी है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के मोबाइल ऐप में व्रत एवं त्यौहारों की दुर्लभ जानकारियां समाहित की गई हैं। धार्मिक कार्यों, व्रत और साधना के लिए 30 अलग-अलग शुभ-अशुभ मुहूर्त की जानकारी एवं अलार्म की सुविधा भी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन को कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि पर मंत्रि-परिषद की ओर से बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्य सचिव श्री जैन का दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, उनकी पहल और नवाचार प्रदेश की विकास यात्रा में निरंतर नए प्रतिमान स्थापित करते रहेंगे, ऐसी कामना है। मुख्य सचिव श्री जैन ने मंत्रि-परिषद का आभार माना।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- स्वास्थ्य क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने किया है नवाचार

    प्रदेश के दौरे पर दिल्ली से आया अवर सचिवों का दल

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मंत्रालय में प्रधानमंत्री कार्यालय के अवर सचिव श्री विनोद बिहारी सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों के 38 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधि मंडल में भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में कार्यरत अवर सचिव शामिल थे। यह सभी अवर सचिव इस मिड कैरियर कोर्स के उपरान्त उप सचिव के पद पर पदोन्नत होंगे और अलग-अलग मंत्रालयों में उनकी पदस्थापना की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने तीन दिवसीय मध्यप्रदेश यात्रा में विश्व धरोहर स्मारक सांची (जिला रायसेन) और हिल स्टेशन पचमढ़ी (जिला नर्मदापुरम) का भ्रमण भी किया। भारत सरकार के अधिकारियों ने बताया कि वे मध्यप्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत से प्रभावित हुए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश के हृदय प्रदेश में सभी का स्वागत है। मध्यप्रदेश अनेक नवाचारों को अपनाते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के पैमानों पर कार्य कर रहा है। नागरिकों को स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न सुविधाएं दी जा रही हैं। आयुष्मान कार्डधारी और अन्य नागरिकों को आपातकाल में जीवन रक्षा के लिए एयर एम्बुलेंस सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी तरह मेडिकल कॉलेजों की स्थापना का कार्य निरंतर हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत सरकार के अधिकारियों को जानकारी दी कि पीपीपी मॉडल के आधार पर जिला अस्पतालों का मेडिकल कॉलेज के रूप में उन्नयन कर आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस मॉडल की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए मात्र एक रुपए में 25 एकड़ भूमि के आवंटन, चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध करवाने और मेडिकल कॉलेज का प्रबंधन, प्राप्त शुल्क राशि से किए जाने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का नागरिकों को व्यापक स्तर पर लाभ प्राप्त होगा।

    मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों की संरचना पर केंद्रित हैं नई दिल्ली के महत्वपूर्ण भवन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि जहां राष्ट्रपति भवन का सेंट्रल डोम(मुख्य गुम्बद) सांची के स्तूप से प्रेरित है। वहीं पुरानी संसद भवन का आकल्पन मुरैना जिले के मितावली- पड़ावली स्थित 64 योगिनी मंदिर की तरह किया गया था। नए संसद भवन की डिजाइन भी प्रदेश के विदिशा स्थित विजयपुर मंदिर की संरचना से मिलती जुलती है। इस तरह राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में महत्वपूर्ण भवनों के निर्माण में मध्यप्रदेश के स्मारकों और मंदिरों के अनुरूप आकल्पन प्रदेश के लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई ने कहा कि भारत सरकार के यह सभी अधिकारी जनकल्याण की दृष्टि से विभिन्न मंत्रालयों में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

     

  • धार का पीएम मित्रा पार्क बनेगा भारत का सबसे बड़ा टेक्सटाइल हब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश का नया विज़न – फार्म टू फैशन
    3 सितम्बर को दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश पर
    "इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीस्"

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा पीएम मित्रा (मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल) पार्क स्थापित करने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 5F रणनीति – "फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन'' को मूर्त रूप देने वाला यह पार्क न केवल प्रदेश बल्कि पूरे भारत के टेक्सटाइल सेक्टर की औद्योगिक तस्वीर बदलने वाला साबित होगा। इसी सिलसिले में 3 सितम्बर 2025 को नई दिल्ली के होटल आईटीसी मौर्य में “इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्रा पार्क” का आयोजन होगा। इसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरीराज सिंह मुख्य वक्तव्य देंगे और भारत के वस्त्र उद्योग की वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष संबोधन देंगे और उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन मीटिंग कर निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश को ‘फार्म टू फैशन’ की पूरी वैल्यू चेन में अग्रणी बनाएगा। यह पार्क न केवल रोजगार और निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि ‘Made in MP – Wear Across the World’ के विज़न को भी साकार करेगा।”

    बड़ा निवेश अवसर
    धार जिले में प्रस्तावित यह पार्क 2,158 एकड़ विकसित औद्योगिक भूमि पर बसाया जा रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की आकर्षक प्रोत्साहन नीतियों का लाभ निवेशकों को मिलेगा। भूमि प्रीमियम मात्र 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर, डेवलपमेंट चार्ज 120 रुपये प्रति वर्ग फुट, बिजली 4.5 रुपये प्रति यूनिट और पानी 25 रुपये प्रति किलोलीटर की दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

    अधोसंरचना और कनेक्टिविटी
    पार्क को वर्ल्ड क्लास इंडस्ट्रियल हब के रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें 2,063 करोड़ रुपये की लागत से कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, जिसमें 60 और 45 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवरेज और ड्रेनेज नेटवर्क, अंडरग्राउंड केबल, लॉजिस्टिक्स बे, पार्किंग, CETP, सोलर प्लांट, प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स और सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर शामिल हैं। पूरी यूटिलिटीज को CCTV, IoT और SCADA से मॉनिटर किया जाएगा। साथ ही 60 मीटर चौड़ा 6-लेन अप्रोच रोड, 220 केवी बिजली लाइन, और 20 एमएलडी जलापूर्ति का निर्माण तेजी से चल रहा है। पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग (NH 47) से केवल 40 किमी, इंदौर हवाई अड्डे से 110 किमी और निकटतम रेलवे स्टेशन से 16 किमी की दूरी पर स्थित है। यह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (रतलाम – 55 किमी) और ड्राई पोर्ट (पिथमपुर/तिही – 90 किमी) से भी जुड़ा रहेगा।

    सामाजिक और अनुसंधान सुविधाएँ
    पार्क में केवल औद्योगिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक व सहयोगी अधोसंरचना भी विकसित की जा रही है। इसमें आवासीय टावर, कामकाजी महिलाओं के लिए आवास, अस्पताल, चाइल्ड केयर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर और टेस्टिंग लैब्स शामिल होंगे। इससे यह पार्क इंडस्ट्री-फ्रेंडली ही नहीं बल्कि वर्कर-फ्रेंडली भी बनेगा।

    वैश्विक निवेशकों का भरोसा
    कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांड जैसे HanesBrands, PVH Corp, Puma और Mothercare पहले ही मध्यप्रदेश की संभावनाओं में रुचि जता चुके हैं। बायर सोर्सिंग लीडर्स (BSL) के साथ एमओयू से डिजाइन, लॉजिस्टिक्स और स्किल डेवेलपमेंट का एकीकृत नेटवर्क भी तैयार होगा।

    राष्ट्रीय दृष्टि से महत्व
    विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में कई राज्य टेक्सटाइल पार्क विकसित कर रहे हैं, लेकिन मध्यप्रदेश का पीएम मित्रा पार्क अपने आकार, नीतिगत सहयोग और वैश्विक स्तर की अधोसंरचना के कारण सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली होगा। यह राज्य के औद्योगिकीकरण की नई पहचान बनेगा और भारत की निर्यात क्षमता को भी नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

     

  • ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुलिया एवं मांडर नाले के मरम्मतीकरण कार्य में तेजी लाने को कहा कलेक्टर ने

    दंतेवाड़ा

    जिले में विगत सप्ताह अति वर्षा के कारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पुल-पुलियों जैसी आवागमन से जुड़ी अधोसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा था। इनमें अधिकतर पुल-पुलियों के ध्वस्त होने की घटनाएं दन्तेवाड़ा एवं गीदम विकासखण्ड के अन्तर्गत हुई। बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में भी पुल-पुलिया भी इससे प्रभावित हुए इनमें गणेष बहार नाला एवं मांडर नाला प्रमुख है। यातायात व्यवस्था को पुनः सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत द्वारा इन क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण और इसके वैकल्पिक मरम्मत के लिए लगातार इन क्षेत्रों का मॉनिटरिंग किया जाता रहा। इस संबंध में उन्होंने पीडब्ल्यूडी एवं पीएमजीएसवाय के विभाग प्रमुखों को तात्कालिक मरम्मत कार्य करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए थे ताकि सड़क संपर्क मे किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बाधित न हो। इस क्रम में उनके द्वारा दिनांक 30 अगस्त को अपने दौरे में गणेश बहार नाले पुल को पुनर्स्थापित करने हेतु पीडब्ल्यूडी विभाग को 24 घंटे के अंदर कार्य पूर्ण करने कहा था।

       फलस्वरूप 31 अगस्त तक विभाग द्वारा आवाजाही हेतु वैकल्पिक मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिया गया। जिसका कलेक्टर द्वारा स्थल निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल में पर्याप्त मात्रा में मिट्टी एवं बोल्डर डालकर मजबूती देने हेतु दिशा निर्देश दिए गए। ताकि भारी वाहन भी सुरक्षित रूप से गुजर सकें। इसके साथ ही कलेक्टर ने देर शाम तक बारसूर से नारायणपुर जोड़ने वाले मांडर नाले एवं ग्राम बालपेट के क्षतिग्रस्त पुल के निर्माण कार्य का जायजा लेते हुए इसके भी मरम्मती कार्य को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत

    जल जीवन मिशन की पुनरीक्षित योजनाओं में 2,813 करोड़ रूपये वृद्धि का अनुमोदन

    उज्जैन में नवीन रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख स्वीकृत

    इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग के लिए 2,935 करोड़ 15 लाख स्वीकृत
    नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्रदेश में 'जल जीवन मिशन" अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं में प्रस्तावित लागत में वृद्धि राशि 2,813 करोड़ 21 लाख रूपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने का अनुमोदन किया, जो लगभग 13.55 प्रतिशत है।

    जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 20 हजार 765 करोड़ रूपये लागत की 27 हजार 990 एकल ग्राम नल जल योजनाओं और 60 हजार 786 करोड़ रूपये लागत की 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत 27 हजार 990 योजनाओं में से 15 हजार 947 ग्रामों की योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और 12 हजार 43 योजनाओं के कार्य विभिन्न चरणों में प्रगतिरत हैं। अभी तक कुल 8 हजार 358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। पुनरीक्षण कार्यवाही के अंतर्गत 7 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए समस्त परिक्षेत्र के जिलों की प्रस्तुत 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के विस्तृत परीक्षण के उपरान्त कुल पुनरीक्षित लागत 9026 करोड़ 97 लाख रूपये की स्वीकृति दिये जाने की अनुशंसा की गई। इन योजनाओं की मूल स्वीकृत लागत 6,213 करोड़ 76 लाख रूपये है।

    इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग निर्माण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड (एक्सेस कंट्रोल) मार्ग, लंबाई 48.10 कि.मी. का 4 लेन मय पेव्हड शोल्डर एवं दोनों ओर दो लेन सर्विस रोड सहित, हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) योजनांतर्गत निर्माण कार्य के लिए भू-अर्जन सहित कुल राशि 2 हजार 935 करोड़ 15 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। पूर्व में जारी लोक निर्माण विभाग को प्रदान की गई प्रशासकीय स्वीकृति को निरस्त करते हुए परियोजना को "हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल" पर किए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदाय की गयी परियोजना के अंतर्गत 34 अंडर पास, 02 फ्लाई ओवर, 01 आर.ओ.बी., 07 मध्यम पुल एवं 02 वृहद जंक्शन का निर्माण सहित सभी जंक्शन का सुधार, सड़क सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग आदि कार्य किये जायेंगे। मार्ग के निर्माण एवं संधारण के लिए कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

    उज्जैन मे नवीन रेलवे ओवर ब्रिज की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा आगामी सिहंस्थ-2028 के मद्देनजर उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 4 लेन और हरिफाटक चौराहे से नीलकंठ द्वार तक 980 मीटर लंबाई के नवीन रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 371 करोड़ 11 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति सिहंस्थ मद अंतर्गत प्रदान की गई।

    नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग कुल लंबाई 72.18 किलोमीटर के दो लेन मय पेव्हड शोल्डर निर्माण के लिये "हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM)" योजनांतर्गत भू-अर्जन सहित राशि 972 करोड़ 16 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। परियोजना के अंतर्गत 2 अंडर पास, 4 बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद जंक्शन एवं 52 मध्यम निर्माण कार्य किये जायेंगे। इसके अतिरिक्त जंक्शन सुधार, सुरक्षा उपाय, रोड मार्किंग और रोड फर्नीचर का कार्य भी किया जायेगा। मार्ग निर्माण और संधारण की कंसेशन अवधि 17 वर्ष रहेगी।

     

  • जनदर्शन के आवेदन समय पर निपटाए जाएं, कलेक्टर ने जारी किए सख्त निर्देश

    एमसीबी

    कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सुना। जिले के ग्रामीणजन और नागरिकों ने जनदर्शन में अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे कलेक्टर के समक्ष रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त सभी आवेदनों को प्राथमिकता के साथ शीघ्रता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। जनदर्शन में आज कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए।

    जनदर्शन में आवेदक किशोरी मिश्रा निवासी मनेन्द्रगढ़ कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किये जाने के संबंध में, चिरौंजिया निवासी खोंगापानी दिये गये पैसा को वापस नहीं किये जाने के संबंध में, देवी प्रसाद निवासी मंगौरा भूमि के संबंध में, रिभान्शू निवासी हर्रा किसान आईडी दुरूस्त करने के संबंध में, समस्त ग्रामवासी केंवटी पृथक ग्राम सभा गठन के संबंध में, मनीष सिंह निवासी खोंगापानी पुनः गुणवत्तापूर्ण सी.सी.रोड निर्माण के संबंध में, उर्मिला जायसवाल निवासी मनेन्द्रगढ़ आंगनबाड़ी भवन निर्माण करवाये जाने के संबंध में, सुरजीत सिंह निवासी मनेन्द्रगढ़ सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 के साथ खिलवाड़ करने के संबंध में एवं निर्मित दुकानों के जांच में अनावश्यक देरी के संबंध में, रामकली निवासी चिरमिरी मुआवजा दिलाये जाने के संबंध में, रामदेव निवासी ठिहाई रिक्त कोटवार पद पर पदस्थापना के संबंध में, मुनौवर फारूक अंसारी निवासी मनेन्द्रगढ़ एसडीएम कार्यालय में पदस्थ शम्भू दयाल की शिकायत के संबंध में, हुकुमचन्द, इन्दर साय, कुंवार साय, लुन्दनराम निवासी पाराडोल भूमि के संबंध में, जग साय निवासी खैरबना पट्टा के भूमि में मेरा नाम दर्ज कराने के संबंध में, दीपक निवासी पसौरी प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जी सत्यापन किए जाने के संबंध में, शिकायत लेकर उपस्थित हुए थे। कलेक्टर ने प्राप्त सभी आवेदनों को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को उचित कार्यवाही करते हुए त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।

  • अम्बिकापुर : रेस्टोरेंट की बिरयानी में निकला कॉकरोच मामला, खाद्य एवं औषधि विभाग ने की कार्यवाही

    अम्बिकापुर

    होटल ग्रांड बसंत रेस्टोरेंट में परोसी गई बिरयानी की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है।

    गुतुरमा, सीतापुर निवासी उपभोक्ता अमित गुप्ता ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया (व्हाट्सअप और फेसबुक) पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि रेस्टोरेंट में परोसी गई वेज बिरयानी में मरा हुआ कॉकरोच निकला। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान तैयार वेज बिरयानी एवं वेज करी के नमूने विधिवत जप्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं नियम 2011 के तहत आगे की कार्यवाही की जाएगी।

    इसके अलावा, टीम ने पाया कि रसोईघर में कीट प्रबंधन, पानी परीक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं व्यक्तिगत स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इस पर रेस्टोरेंट प्रबंधन को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के जवाब और रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कानूनी कार्यवाही करेगा।

  • कलेक्टर ने समय-सीमा बैठक में दिए निर्देश, हड़ताल पर रोक और विकास योजनाओं पर फोकस

    अम्बिकापुर

    कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे हड़तालों पर गंभीरता से चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन के आदेशानुसार हड़ताल अवधि का कार्यालय  में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारी-कर्मचारियों का वेतन काटा जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

    कलेक्टर ने पीजी पोर्टल, सीएम जनदर्शन एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत बन रहे प्रधानमंत्री आवास, पीएम ग्राम सड़क एवं निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही, एग्रीस्टैक पंजीयन और पीएम आवास में प्रगति लाने के भी निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने फील्ड विजिट एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने को निर्देशित किया। ,वहीं कलेक्टर ने आगामी छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रमों के अंतर्गत विभागवार गतिविधियों को निर्धारित तिथि अनुसार बेहतर ढंग से आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

    इसके अतिरिक्त, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और कार्य योजना को प्रभावशाली रूप से क्रियान्वित करने को निर्देशित किया।

    उन्होंने फसलों के डिजिटल क्रॉप सर्वे में प्रगति लाने और विभागीय लंबित प्रकरणों का शीघ्र व नियमानुसार निराकरण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

    बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, राम सिंह ठाकुर, अमृत लाल ध्रुव, निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप, सर्व एसडीएम सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश

    शहरी क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्य में रखी जाये पारदर्शिता : मंत्री विजयवर्गीय

    आगामी त्यौहारों को देखते हुए मरम्मत कार्य को दें प्राथमिकता : मंत्री विजयवर्गीय

    मंत्री विजयवर्गीय ने समीक्षा बैठक में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दिये गये निर्देश

    भोपाल 

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि आगामी त्यौहारों के सीजन को देखते हुए सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को विभाग प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सड़क पर बोर्ड के माध्यम से निर्माण एजेंसी और निविदा शर्तों के बारे में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को उससे जुड़ी आवश्यक जानकारी दी जाये। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को मंत्रालय में समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

    मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि शहरी क्षेत्रों पर लगातार आबादी का दबाव बढ़ रहा है। इसका असर शहरी क्षेत्र की अधोसंरचना पर पड़ रहा है। उन्होंने इस बात को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों में गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के लिये कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 2 करोड़ 50 लाख से ज्यादा परिवार शहरी परिधि में निवास कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 35 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहे हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र में 8 लाख 32 हजार से अधिक किफायती घर बनकर तैयार हो चुके हैं और 10 लाख मकान निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में अक्टूबर 2019 से अब तक लगभग 51 हजार करोड़ रूपये के निवेश से शहरी कल्याण के कार्य चल रहे हैं। इस सब को देखते हुए शहरी क्षेत्रों में अधोसंरचना पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    सड़क निर्माण को लेकर दिये दिशा-निर्देश

    विभागीय मंत्री के निर्देश के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सड़क निर्माण कार्य से जुड़े अमले को दिशा-निर्देश जारी किये हैं। निर्देश में कहा गया है कि सड़क निर्माण कार्य की निविदाएं केवल ई-निविदा के माध्यम से ही जारी की जायें। सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार करते समय परियोजना प्रबंधन का भी प्रावधान किया जाये। इसी के साथ सड़क निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार करते समय 3 वर्ष का मेंटनेंस प्रावधान आवश्यक रूप से रखा जाये। कांक्रीट सडक निर्माण के वक्त विभागीय अधिकारी आवश्यक प्रक्रिया का पालन कराया जाना सुनिश्चित करें। प्रत्येक कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व एवं समाप्ति के बाद जियो टैग फोटो का संधारण अनिवार्य रूप से किया जाये। निविदा की शर्तों का डिजिटाइजेशन किया जाये।

    नागरिकों की सुविधा का रखें ध्यान

    नगरीय निकायों को दिये गये निर्देश के अनुसार सड़क निर्माण के बाद संकेतक अनिवार्य रूप से लगाये जायें। नगरीय निकायों को शहरी क्षेत्रों में सड़कों के आस-पास पौधरोपण पर भी विशेष ध्यान देने के लिये कहा गया है। सड़कों की सुरक्षा एवं स्पीड ब्रेकर निर्धारित मापदंड के अनुसार हो, यह सुनिश्चित किया जाये।

     

  • रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज

    रायपुर : 'पापा, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?' – दिल की बीमारी से जूझ रही मासूम शांभवी गुरला का सवाल

     

    स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भोपालपटनम से आए परिवार को दिया संपूर्ण इलाज का भरोसा

    रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज

    रायपुर,

    रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में होगा रियूमेटिक हार्ट डिजीज (आरएचडी) का इलाज

    बीजापुर जिले भोपालपटनम ब्लॉक के वरदली गांव की 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय शांभवी गुरला की मासूम आंखों में एक ही सवाल था— “पापा, मुझे क्या हुआ है, मैं ठीक हो जाऊंगी ना?”

    खेती-किसानी कर परिवार का गुजारा करने वाले उसके पिता इस सवाल पर अक्सर चुप हो जाते थे। तीन महीने पहले जिला अस्पताल बीजापुर में जब डॉक्टरों ने बताया कि शांभवी को रियूमेटिक हार्ट डिजीज (RHD) है, तो पिता के पांव तले जमीन खिसक गई। डॉक्टरों ने रायपुर में इलाज कराने की बात कही, लेकिन परिवार को लगा कि रायपुर में इलाज में तो बहुत ज्यादा खर्च लगता होगा, ये सोच कर परिवार की उम्मीदें टूटने लगीं।

    घर में हर रोज यही चर्चा होती—“अब क्या होगा? हम अपनी बेटी का इलाज कैसे कराएंगे?” मां रोती और शांभवी को सीने से लगाकर कहती—“बेटा, सब ठीक होगा।” लेकिन उसके पिता की आंखों में चिंता साफ झलकती थी। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाई और बेटी को लेकर सीधे स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के पास पहुंचे। स्वास्थ्य मंत्री ने बच्ची से मुलाकात की और तुरंत ही रायपुर के एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट में डॉ. स्मित श्रीवास्तव से बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज तुरंत शुरू किया जाए। खर्च की चिंता मत करें, सरकार पूरी जिम्मेदारी लेगी।”

    स्वास्थ्य मंत्री की यह बात सुनते ही शांभवी की मां की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने कांपती आवाज़ में कहा— “मंत्री जी, आप हमारी बेटी को नया जीवन दे रहे हैं। आप हमारे लिए किसी डाक्टर से कम नहीं।” स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर शांभवी को इलाज के लिए एसीआई रायपुर में लाया गया है। यहां डॉक्टरों की टीम उसकी जांच करेगी और उसका इलाज शुरू करेगी। गौरतलब है कि सरकार का यह कदम सिर्फ एक बच्ची के लिए नहीं, बल्कि राज्य के हर एक गरीब परिवार के लिए भरोसे का संदेश है।

    अब माता पिता के चेहरे पर खुशी के भाव देखकर आज शांभवी भी मुस्कुरा रही है और पिता से बार-बार पूछती है— “पापा, मैं जल्दी खेल पाऊंगी ना?” और इस बार पिता की आंखों में आंसू नहीं, बल्कि उम्मीद की चमक है।

  • ‘कानून-व्यवस्था हमारी प्राथमिकता’ — CM मोहन यादव ने दिया सख्त संदेश, अपराधियों को चेतावनी

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश कई मामलों में देश में अव्वल है. प्रदेश को और आगे ले जाना है. हमारी सरकार खेती-किसानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण और नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना के जरिए प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है.

    उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबके साथ और सहयोग से सबके विकास के लिए साझा प्रयासों एवं सबको पूरे विश्वास में लेकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को भोपाल में मीडिया ग्रुप द्वारा आयोजित 'इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव (भोपाल चैप्टर)' में मीडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
    किसानों के रोजगार और जीवन सुधार के लिए नई पहल

    मुख्यमंत्री ने इस कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश की विशेषताओं के बारे में विस्तार से चर्चा कर प्रदेश के नवनिर्माण एवं बेहतरी के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी. 

    उन्होंने मीडिया संवाद में कहा कि हम प्रदेश के किसानों की जिंदगी बेहतर बनाना चाहते हैं. इसीलिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन से दुग्ध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक खेती के प्रोत्साहन और किसानों को सम्मान निधि देकर उनके जीवन में स्वावलंबन लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं.

    धार जिले में देश का पहला पीएम मित्रा पार्क

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लगभग रोजाना नए-नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है. इससे हमारे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि धार जिले में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन होना है.

    उन्होंने कहा कि इससे पहले, बुधवार, 3 सितम्बर को नई दिल्ली में पीएम मित्रा पार्क में निवेश के लिए इच्छुक निवेशकों के साथ मीटिंग एवं वन-टू-वन चर्चा की जाएगी. प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन सहित मेडिकल टूरिज्म के साथ फॉरेस्ट और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म की ओर स्पेशल फोकस किया जा रहा है.

    प्रदेश के तीर्थस्थलों का विकास और हेलीकॉप्टर सेवा जल्द शुरू 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 13 प्रमुख तीर्थस्थानों में स्थायी प्रकार के निर्माण कार्यों एवं नियमित प्रबंधन कर इनका विकास किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि श्रीमहाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में तेजी से टूरिज्म बढ़ा है. साल 2024 में करीब 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु उज्जैन आए.

    उन्होंने कहा कि इसी से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों में पर्यटकों को हेलीकाप्टर के जरिए पहुंचाने का प्रबंध कर रही है. बहुत जल्द हम प्रदेश में इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं.

    नए कानून और नीतियों से निवेश बढ़ाने का लक्ष्य

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का दिल है. मध्य प्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति का हम समुचित लाभ उठाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में भरपूर लैंड बैंक, सरप्लस बिजली और मजबूत अधोसंरचना है.

    उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए अनुकूल है. प्रदेश में बड़ी मात्रा में निवेश लाने के लिए हमने कई अप्रासंगिक कानून बदले हैं. उद्योग लगाने के लिए शासकीय अनुमतियां भी कम से कम कर दी गई हैं. हम निवेशकों के हित में 18 नई औद्योगिक नीतियां भी लागू की गई हैं.

    मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मोहन यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. असामाजिक और गुंडा तत्वों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है. कानून को अपने हाथ में लेने वाले ऐसे तत्वों का प्रदेश से सफाया कर दिया जाएगा.

    उन्होंने कहा कि हम राज्य की बेहतरी के लिए नए फैसले लेने में पीछे नहीं हटेंगे. लोकलुभावन वादों की जगह हम जनहित के निर्णयों पर तेजी से आगे बढ़ेंगे. उन्होंने मीडिया संवाद कार्यक्रम में एक निजी संस्थान से चलाए जा रहे हाईजीन प्रोग्राम के पोस्टर्स का विमोचन किया.

    कार्यक्रम में सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, मीडिया समूह के राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पदाधिकारी/प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे.

  • MP हाई कोर्ट में बड़ा मामला, BJP विधायक के फोन के बाद जज हुए अलग

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के एक जस्टिस ने हाल ही में खुलासा किया कि हाल ही में एक भाजपा विधायक ने किसी मामले के सिलसिले में उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी। ऐसे में उन्होंने इस केस से खुद को दूर कर लिया है। मामला अवैध खनन के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट में दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है। 1 सितंबर को पारित एक आदेश में, जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि। भाजपा विधायक संजय पाठक ने एक पेंडिंग केस को लेकर उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की थी।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, संजय पाठक ने इस विशेष मामले पर चर्चा करने के लिए मुझे फो करने की कोशिश की है, इसलिए मैं इस रिट याचिका पर विचार करने के लिए इच्छुक नहीं हूं। इसलिए, जस्टिस मिश्रा ने मामले से खुद को अलग कर लिया और मामले को किसी अन्य पीठ के सामने सूचीबद्ध करने के लिए हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने रखने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा, इस मामले को उचित पीठ के पास सूचीबद्ध करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए।

    आशुतोष दीक्षित नाम के एक शख्स ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), भोपाल का रुख किया था। इसके बाद उन्होंने ईओडब्ल्यू पर कोई ऐक्शन ना लेने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट का रुख किया। दीक्षित ने दलील में कहा कि ईओडब्ल्यू समयबद्ध अवधि के भीतर शुरुआती जांच पूरी करने में विफल रहा। वहीं संजय पाठक ने इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया और कहा कि उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। हालांकि इस रिट याचिका में पाठक पक्षकार नहीं थे।

  • 6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 में छत्तीसगढ़ ने दूसरा स्थान हासिल किया

    रायपुर 
    थाई बॉक्सिंग इंडिया 6th नेशनल थाई बॉक्सिंग चैंपियन शीप 2025 का आयोजन थाई बॉक्सिंग एसोसिएशन उत्तरप्रदेश द्वारा 29 अगस्त से 31अगस्त को बनारस में किया गया। इसमें पूरे देश भर से 22 राज्यों ने प्रतिनिधित्व कर  बनारस में अपना तीनों कैटेगरी सब जूनियर, जूनियर और सीनियर कैटेगरी खेल में अपना जौहर सभी राज्यों द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य से भी सभी जिलों से अपने स्कूलों से बच्चों को प्रतिनिधित्व के लिए उत्तर प्रदेश भेजा गया था।
    जिसमें मुख्य रूप से दंतेवाड़ा जिला, रायपुर जिला, कोरबा जिला एवं बिलासपुर जिले से लगभग 91 बच्चे खेल में भाग लिए। थाई बॉक्सिंग में बच्चे अपनी प्रतिभा दिखाते हुए छत्तीसगढ़ को दूसरा स्थान दिलाकर राज्य का गौरव बढ़ाया। जीत से लबरेज बच्चों का रायपुर आगमन पर रायपुर नगर निगम के महापौर मीनल चौबे ने बच्चों से मिलकर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की एवं साथ में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं बच्चों को बधाई दी।

  • जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे राहत शिविरों का संचालन जारी रहेगा- कलेक्टर

    दंतेवाड़ा : ग्राम बालपेट और भैरमबंद के अतिवर्षा प्रभावितों के राहत कैंपों का कलेक्टर ने फिर किया मुआयना

    राहत कैंपों की व्यवस्थाओं को पुनर्वास के संबंध में प्रभावितों से लिया फीडबैक

    जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे राहत  शिविरों  का संचालन जारी रहेगा- कलेक्टर

    कलेक्टर ने प्रभावितों को हर संभव मदद् का संकल्प दोहराया

    दंतेवाड़ा

    कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने विगत दिवस जिला मुख्यालय से लगे अति वर्षा प्रभावित ग्राम बालपेट और भैरमबंद के राहत शिविरों का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों को हर संभव मदद की प्रतिबद्धता को दोहराया। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में भैरमबंद राहत शिविर में कुल 54 परिवारों के 204 लोग निवासरत हैं, इसी प्रकार बालपेट के राहत शिविर में 89 लोग रह रहे है। जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सहयोग और सहायता प्रदान की जा रही है।

    इस दौरान उन्होंने राहत शिविरों में ठहरे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक राहत शिविरों का संचालन जारी रहेगा और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली राहत सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। साथ ही, जिन ग्रामीणों के अन्य व्यक्तिगत क्षतियों का अब तक सर्वे में समावेश नहीं हो पाया है, उनका पुनः सर्वे कर उन्हें भी क्षतिपूर्ति दी जायेगी।

    इसके साथ ही कलेक्टर श्री दुदावत ने राहत शिविरों में व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए शिविरों में ठहरे लोगों के लिए पंखे, कूलर, मच्छरदानी और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। गौरतलब है कि जिन घरों के ढंाचों में वर्षा से क्षति पहुँची है, उनके मरम्मत कार्य हेतु बाँस और बल्ली की व्यवस्था भी जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है। इसके अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों के भोजनादि हेतु जलाऊ लकड़ी एवं पेयजल हेतु टैंकर से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनके दैनिक जीवन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। इसके अलावा इन परिवारों के स्कूली बच्चों हेतु नये पाठय पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म आदि के भी प्रशासन द्वारा व्यवस्था की गई है।

    इसके साथ ही कलेक्टर ने राहत शिविर का पुनः नियमित निरीक्षण करने की बात कहते हुए आवश्यकतानुसार सुविधाओं में और सुधार लाये जाने हेतु प्रभावितों को आश्वस्त किया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री उदित पुष्कर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

  • ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे

    ड्रोन टेक्नोलॉजी से बदलेंगे गांवों के नक्शे, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही में 24 गांवों का सर्वे

    संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई सर्वे के लिए टीम गठित

    गौरेला पेंड्रा मरवाही

    स्वामित्व योजना के तहत पेण्ड्रारोड (गौरेला) तहसील के 22 और पेण्ड्रा तहसील के 2 गांवों में ड्रोन सर्वे का कार्य 1 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह कार्य 8 सितम्बर तक चलेगा। संबंधित ग्रामों में चूना मार्किंग करते हुए ड्रोन फ्लाई से सर्वे कार्य पूर्ण कराने के लिए राजस्व निरीक्षक, संबंधित हल्का पटवारी, ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक एवं ग्राम कोटवार को शामिल करते हुए ड्रोन सर्वे टीम गठित किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 सितम्बर को पेण्ड्रा तहसील के ग्राम जमड़ीखुर्द एवं लाटा और पेण्ड्रारोड तहसील के ग्राम मेढ़ुका का सर्वे किया गया। 2 सितम्बर को साल्हेघोरी, खम्लीकला, पंडरीपानी, लालपुर एवं मदनपुर का सर्वे किया गया। इसी कड़ी में 3 सितम्बर को बिजरवार, दौंजरा, धनौली, चुकतीपानी एवं बढ़ावनडांड़ में, 6 सितम्बर को आन्दु, डुमरिया, भदौरा, धनगंवा एवं ललाती में और 8 सितम्बर को बेलपत, करगीखुर्द, टीकरखुर्द एवं आमगांव में ड्रोन सर्वे निर्धारित है।

  • दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश

    गौरेला पेंड्रा मरवाही : फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश

    जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से करें निराकरण

    दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले शासकीय सेवकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के निर्देश

    कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक

    गौरेला पेंड्रा मरवाही

    साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने फ्लैगशिप योजनाओं के साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने के निर्देश जिला अधिकारियों को दिए। उन्होंने जनसमस्याओं एवं जनशिकायतों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम सहित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति लाने, आकांक्षी ब्लॉक गौरेला में नीति आयोग के दिशा निर्देशों के तहत सभी 40 इंडिकेटर में हितग्राहियों को संतृप्त करने, स्कूली बच्चों का आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने, न्यायालयीन प्रकरणों में समय-सीमा में जवाब-दावा प्रस्तुत करने, वन अधिकार पट्टा, कार्यालयों में स्मार्ट विद्युत मीटर लगाने, सभी विभागों को अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस का क्रियान्वयन करने, जिला रेडक्रॉस सोसायटी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के साथ ही आगामी जनगणना 2027 के लिए प्रारंभिक तैयारी आदि के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।    

          कलेक्टर ने सभी जिला अधिकारियों को मैदानी भ्रमण के दौरान विभागीय कार्यों के साथ-साथ आवास, पेंशन, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, मूलभूत सुविधाओं सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का अवलोकन करने और निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा। उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए छूटे हुए सभी किसानों से अनिवार्य रूप से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने, स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन फ्लाई सर्वे का कार्य पूर्ण कराने, जिले में चिन्हित 169 ग्रामों में आदि सेवा केंद्र की स्थापना के लिए 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व का आयोजन एवं आदि कर्मयोगी सेवा अभियान और रजत जयंती वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए।

          कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादातर मौत सिर में चोट लगने से होने के कारण जानमाल की सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन के लिए दो पहिया वाहन का उपयोग करने वाले सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से हेलमेट लगाने के संबंध में जारी निर्देश का पालन सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने के लिए जनजागरूकता के तहत पेट्रोल-डीजल पंप संचालकों की बैठक लेकर ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ के संबंध में निर्देशित किया गया है। उन्होंने ‘‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’’ का कड़ाई से पालन कराने खाद्य निरीक्षकों से पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराने जिला खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में वनमण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, प्रभारी अपर कलेक्टर अमित बेक, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही निकिता मरकाम, डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टी कलेक्टर आकांक्षा तिवारी सहित जिला, अनुविभाग एवं खण्डस्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।