• रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में मरीजों को मिलेंगी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधाएं: न्यूरोसर्जन, यूरो सर्जन, और नेफ्रोलॉजी

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य के तरक्की और सुशासन के सफर में स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार लगातार हो रहा है। इसी दिशा में स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में दिवंगत अधिष्ठाता डॉ विनीत जैन के द्वारा किए गए प्रयासो के उपरांत शहर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ नितीश नायक ,यूरोसर्जन डॉ के.डी. खरे एवं नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मीना पटेल सप्ताह में एक दिन चिकित्सा परामर्श देकर इलाज करेंगे।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति को रायगढ़ मेडिकल कालेज में आने वाले मरीजों के लिए लाभदायक बताया है। उन्होंने कहा कि शासन का प्रयास है कि लोगों को उनके शहरों और गांवों के आसपास ही बेहतर और उच्च चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हों ताकि उन्हें इलाज के लिए लंबी दूरी न तय करनी पड़े और त्वरित तथा बेहतर इलाज से उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिले।

    अस्पताल अधीक्षक डॉ एम. के. मिंज ने बताया कि न्यूरोसर्जन डॉ. नितीश नायक (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन),प्रत्येक मंगलवार प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक , यूरो सर्जन डॉ  के.डी. खरे  (मूत्ररोग विशेषज्ञ) शुक्रवार को चिकित्सालय के भूतल में सर्जरी विभाग की ओ.पी .डी .कक्ष क्रमांक 01 में और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ मीना पटेल (किडनी/गुर्दा रोग विशेषज्ञ) चिकित्सालय के प्रथम तल में मेडिसिन विभाग के ओ. पी.डी. कक्ष क्रमांक 01 में सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार प्रातः (सुबह )10:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक  चिकित्सा परामर्श के लिए उपलब्ध रहेगे। इसका लाभ रायगढ़ अंचल सहित आसपास के क्षेत्रों के संबंधित मरीजों को मिलेगा। इससे इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी।

    डॉ. नितीश नायक न्यूरोसर्जन (मस्तिष्क/रीढ़ की हड्डी के सर्जन "मस्तिष्क की गांठ,  ब्रेन ट्यूमर,स्पाइनल इंज्यूरी,साईटिका, मस्तिष्क की गंभीर चोट, दिमाग का इन्फेक्शन होना, रक्त का थक्का (स्ट्रोक), कमर दर्द, लकवा की बीमारी, रीढ़ की हड्डी का दर्द, मांसपेशी (नसों) के दर्द चलने में कठिनाई, मांसपेशी का कमजोर होना, सिरदर्द, हाथ पांव में दर्द, उठने-बैठने में परेशानी होना और मिर्गी चक्कर आना आदि गंभीर बीमारियों का परामर्श देकर इलाज करेंगे।

  • पन्ना में किस्मत की चमक, 15.34 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा निकला, खदान से बड़ी खोज

    पन्ना
    मध्यप्रदेश की हीरों की नगरी पन्ना एक बार फिर सुर्खियों में है। कृष्णा कल्याणपुर ग्राम की एक निजी खदान से 15.34 कैरेट वजन का उच्च गुणवत्ता वाला जेम्स क्वालिटी हीरा निकला है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस हीरे की अनुमानित कीमत 60 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिसे इस साल की अब तक की सबसे बड़ी खोज माना जा रहा है। खदान संचालक सतीश खटीक ने बताया कि उन्होंने 20 दिन पहले खुदाई शुरू की थी। मंगलवार को नियमित कार्य के दौरान जमीन के भीतर चमकता हुआ पत्थर नजर आया।

     जांच में वह उच्च श्रेणी का हीरा निकला। खदान के दो पार्टनर हैं और दोनों की दो-दो बहनें हैं। सतीश का कहना है कि इस हीरे की नीलामी से मिलने वाली राशि परिवारिक ज़रूरतों और बहनों की शादी में खर्च की जाएगी। नियमानुसार हीरे को पन्ना जिला हीरा कार्यालय में जमा कराया गया है। 

    अब विशेषज्ञों द्वारा इसका औपचारिक मूल्यांकन किया जाएगा और नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। अधिकारियों के मुताबिक यह हीरा इस वर्ष का सबसे बड़ा और सबसे बेहतरीन हीरा है। इस खोज से स्थानीय खनिकों और क्षेत्र के लोगों में नई उम्मीद और उत्साह भर गया है। पन्ना की धरती पहले भी कई दुर्लभ और विशाल हीरे दे चुकी है, और यह नई खोज एक बार फिर साबित करती है कि यहां की मिट्टी में छिपी चमक पूरी दुनिया को चकित कर सकती है। 

  • रायपुर : किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा नारायणपुर जिले के विकासखण्ड-ओरछा के किहकाड़ स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए एक करोड़ नौ लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्य के पूर्ण होने के उपरांत जल संवर्धन, निस्तारी, पेयजल एवं किसानों के द्वारा स्वयं के साधन से 30 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से सिंचाई योजना के कार्यों को पूर्ण कराने मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग जगदलपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

  • भोपाल में 20 हजार वोटर्स की पहचान, डिजिटाइज हुआ 17 लाख 21 हजार मतदाता डेटा

    भोपाल
     भोपाल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सात विधानसभा क्षेत्र में गणना पत्रक डिजिटाइजेशन का काम छह दिसंबर को पूरा हो गया था। इसके बाद 11 दिसंबर तक अनकलेक्टेबल और नो मैपिंग वाले मतदाताओं की पहचान करने में बीएलओ सहित पूरी टीम जुटी हुई है, ताकि मतदाता सूची से नाम नहीं कटे।

    इसके तहत तीन दिन में कुल 20 हजार मतदाताओं की पहचान कर ली गई है और उनके पत्रक भी डिजिटाइज किए गए हैं। इस तरह अब जिले में कुल 17 लाख 21 हजार 213 मतदाताओं के गणना पत्रक डिजिटाइज किए जा चुके हैं जो कुल मतदाताओं का 80.96 प्रतिशत है।

    जिले के सात विधानसभा क्षेत्र बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर में कुल 21 लाख 25 हजार 908 मतदाता हैं, जिनमें से कुल 21 लाख 25 हजार 840 मतदाताओं को गणना पत्रक वितरित किए गए थे। छह दिसंबर तक 100 प्रतिशत काम हो गया था तब कुल 21 हजार 25 हजार 914 गणना पत्रक जमा किए गए थे।

    पड़ताल के दौरान 20 हजार मतदाताओं का मिला

    रिकॉर्ड तीन दिन चली पड़ताल के दौरान अनकलेक्टेबल पत्रकों में से करीब 17 हजार 112 मतदातओं का रिकॉर्ड मिल गया है, जिससे अब कुल चार लाख चार हजार 711 मतदाता अनकलेक्टेबल बचे हुए हैं। जबकि नो मैपिंग वाले तीन हजार 395 मतदाताओं का रिकॉर्ड भी मिल गया है, जो अब कुल दो लाख 11 हजार 275 शेष रह गए हैं।इस तरह कुल 20 हजार मतदाताओं का रिकार्ड मिलने से उनके पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं।

    कलेक्टर ने बैठक में दिए निर्देश

    उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर ने सभी बीएलओ सहित अन्य अफसरों के साथ मंगलवार रात को बैठक ली, जिसमें निर्देश दिए कि अनकलेक्टेबल श्रेणी में रखे अनुपस्थित, शिफ्ट, मृत एवं दोहरी प्रविष्टि सूची तैयार की जाए। सुझाव और जानकारी के आधार पर संशोधन कराया जाए, अनमैप्ड श्रेणी के मतदाताओं की अधिकतम मैपिंग की जाए। बीएलओ एप में ड्यूपलिकेट मतदाता की जानकारी का नया फीचर जोड़ा गया है, उसकी जांच की जाए।

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की टिप्पणी: देशभर में भू-माफिया सक्रिय, जमीन की सुरक्षा अब एक बड़ा सवाल

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने जमीन की सुरक्षा से जुड़े मामले में एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि इन दिनों देश के सभी हिस्सों में भू-माफिया सक्रिय हैं। जमीन की कीमतें हर दिन नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ऐसे में व्यक्ति के लिए अपनी जमीन को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती है। इस मत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तों सहित एक मां को उसकी नाबालिग बेटी के नाम जमीन को बेचने की अनुमति दे दी है।

    कोर्ट ने यह भी माना कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से सैकड़ों मील दूर रहती है, उसके लिए जमीन की देखभाल के लिए नियमित रूप से उस स्थान पर जाना संभव नहीं है। कोर्ट ने अपीलकर्ता मां को निर्देश दिए कि जमीन को बेचने के बाद मिली राशि में से 50 प्रतिशत रकम नाबालिग के नाम राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी के रूप में जमा कराए जाएंगे। नाबालिग के वयस्क होने पर ही यह राशि आहरित की जा सकेगी।

    यूपी में रहने वाली महिला ने दर्ज की याचिका

    उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में रहने वाली ज्योतिराज बालादास की ओर से अधिवक्ता योगेश सिंह बघेल व प्रवीण मिश्रा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पति रेलवे में लोको पायलट थे। सेवा में रहने के दौरान 2022 में उनकी मृत्यु हो गई। उन्होंने जीवित रहते शहडोल के ग्राम सोखी में कुछ जमीन खरीदी थी। जमीन अपीलकर्ता और उसकी नाबालिग बेटी के नाम है। मृत्यु के बाद ज्योतिराज को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई और वह उत्तर प्रदेश में ही बस गईं।

    अपीलकर्ता ने हिंदू अल्पसंख्यक और संरक्षकता अधिनियम, 1956 के तहत अधीनस्थ अदालत में उक्त जमीन बेचने की अनुमति मांगी थी। अधीनस्थ अदालत ने अनुमति देने से इन्कार कर दिया। लिहाजा, हाई कोर्ट में अपील दायर की गई। दलील दी गई कि अपीलकर्ता अपनी जमीन से 600 किलोमीटर दूर रहती हैं। उसकी जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेकर राहतकारी आदेश पारित कर दिया।

  • मध्य प्रदेश में कोल्ड वेव अलर्ट, बड़वानी में गर्म कपड़े पहनाए गए, सीहोर में फसलों पर जमी ओस

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। सर्द हवाओं से रात का पारा काफी तेजी से लुढ़का है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर समेत 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया जा रहा है।सबसे ज्यादा ठंड आज भी शहडोल जिले का कल्याणपुर में ही दर्ज की गई है। यहां पारा लगातार चौथे दिन भी 5 डिग्री से नीचे बना हुआ है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी दो दिन प्रदेश के कई क्षेत्रों में शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है।

    पाकिस्तान बढ़ाएगा मध्य प्रदेश में ठंडक
    मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक, पाकिस्तान के ऊपर एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जो अगले कुछ दिन में हिमालयीन क्षेत्रों को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी होगी. इसके कारण उत्तरी हवाओं का असर लगातार बना रहेगा. मौमस विभाग के मुताबिक 15 दिसंबर के बाद ठंड और बढ़ सकती है. इसके अलावा लोगों को कोल्ड वेव का भी सामना करना होगा.

    कई शहरों में रिकॉर्डतोड़ ठंड

    रात का तापमान कई जिलों में 6 डिग्री से नीचे चला गया। शहडोल के कल्याणपुर में 4.2°C, जो प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा। भोपाल में लगातार चार दिनों से तेज ठंडी हवाओं के बीच न्यूनतम तापमान 7.2°C दर्ज हुआ। इंदौर में 5.7°C तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो 2015 के बाद सबसे कम है। पचमढ़ी 5.2°C, उमरिया 5.6°C, राजगढ़ 6°C, नौगांव 6.5°C और रायसेन 7°C पर रहा। उज्जैन में इस सीजन की सबसे ठंडी रात रही, जहां पारा 9°C तक पहुंच गया। ग्वालियर में 8.9°C और जबलपुर में 8.3°C दर्ज किया गया।

    फसलों पर ओस की बूंदें जमीं

    कहीं फसलों पर ओस की बूंदें जम रही है तो कहीं झील के पानी से भाप उठती हुई नजर आ रही है।

    अगले दो दिन कोल्ड वेव का अलर्ट

    एमपी में बुधवार और गुरुवार को कोल्ड वेव का अलर्ट है। इन दो दिनों में भोपाल, इंदौर, राजगढ़, विदिशा, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर चलने का अनुमान है।

    बात करें बीती मंगलवार रात की तो प्रदेश के 25 शहरों का तापमान 10 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम शहडोल का कल्याणपुर, जहां 4.7 डिग्री तापमान रहा। पचमढ़ी में 5 डिग्री, राजगढ़ में 5.6, नौगांव में 6, इंदौर में 6.1, उमरिया में 6.4 डिग्री, भोपाल में 7.2 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, मलाजखंड में 7.6 डिग्री, शिवपुरी-रायसेन और मंडला में 8 डिग्री, जबलपुर में 8.5 डिग्री, बैतूल में 8.6 डिग्री, ग्वालियर-खजुराहो और दतिया में 9 डिग्री, सतना-दमोह और नरसिंहपुर में 9.2 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री, छिंदवाड़ा में 9.6 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी जिले में 9.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    उत्तर भारत की बर्फीली हवाओं का बड़ा असर

    कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तापमान में भारी गिरावट आई है। इन्हीं इलाकों से आने वाली तेज सर्द हवाएं मध्य प्रदेश में ठंड को और भी कड़ा बना रही हैं। ऊंचाई पर लगभग 100 किमी/घंटा की रफ्तार से बह रही हवाओं ने ठिठुरन में इजाफा किया है।अरब सागर में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन ने हवा में नमी बढ़ाई है, जिसके कारण रातें और अधिक ठंडी हो गई हैं।

    11 दिसंबर तक जारी रहेगा ठंड का तेवर

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, विदिशा, सिवनी, शहडोल और अन्य कई जिलों में 11 दिसंबर तक शीतलहर का असर बना रहेगा। विभाग ने लोगों से सुबह–शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की अपील की है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक राजधानी भोपाल के अलावा, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ इंदौर में कोड वेव का असर रहेगा. इसके बाद इससे राहत मिलेगी. हालांकि रात का तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं आएगी. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, ''अगले 24 घंटे में 6 जिलों में कोल्ड वेव के आसार रहेंगे. जिसके बाद दिन और रात के तापमान में गिरावट नहीं आएगा, जिससे लोगों को सर्दी से राहत मिलेगी. शुक्रवार से किसी भी शहर में कोल्ड वेव के आसार नहीं हैं. सर्दी का अगला दौर 15 दिसंबर के बाद से शुरु होगा.'' 

    24 जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
    उधर, प्रदेश के 24 जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है. सबसे कम तापमान उमरिया जिले में 4.9 रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.8, इंदौर का 5.4 डिग्री रात का पारा रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा टीकमगढ़ में 9.5, सीधी में 9.2, सतना में 8.1, रीवा में 5.8, नौगांव में 7 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री, मंडला में 7 डिग्री, खजुराहो में 8.4, जबलपुर में 9.1, दमोह में 8.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 7.8, उज्जैन में 8.7, शिवपुरी में 8 डिग्री, रतलाम में 9.2, राजगढ़ में 5.2, रायसेन में 7.4, पचमढ़ी में 5.2, इंदौर में 5.4, ग्वालियर में 9.3, गुना में 9.5 और बेतूल में 8.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया.

     

  • गिधवा-परसदा को मिलेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र, वन मंत्री केदार कश्यप ने किया ऐलान

    रायपुर : गिधवा-परसदा बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र: वन मंत्री केदार कश्यप
    बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ

    270 से अधिक पक्षी प्रजातियों को मिलेगा सुरक्षित प्राकृतिक आवास

    रायपुर

    प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा-परसदा क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री  कश्यप ने कहा कि गिधवा-परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा।

    विदेशी और दुर्लभ पक्षियों का सुरक्षित आश्रय

    मंत्री  कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है। उन्होंने कहा कि बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को वैज्ञानिक दृष्टि से समझ सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह क्षेत्र देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है। आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा।

    पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

     कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने हेतु सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

    भारतीय संस्कृति में पक्षियों का महत्व

    वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पक्षियों और जीव-जंतुओं को हमेशा पूजनीय स्थान प्राप्त रहा है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक युग तक पक्षियों को शुभता, समृद्धि और पर्यावरण संतुलन का प्रतीक माना गया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे जैव विविधता के संरक्षण में जिम्मेदार भूमिका निभाएं।

    खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल बोले-आज क्षेत्रवासियों का सपना साकार हुआ

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि वे स्वयं इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और बचपन से यहां पक्षियों के विचरण को देखते आए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि किसी भी प्रवासी पक्षी को क्षति नहीं पहुंचानी है। इसी संकल्प ने गिधवा-परसदा को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और उत्साह का पर्व है। यह स्थल अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कार्यक्रम को विधायक  ईश्वर साहू और कलेक्टर  रनवीर शर्मा ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

    भारत का उभरता हुआ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट

    गिधवा-परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों तथा शांत वातावरण से समृद्ध है, जो प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है। यहाँ हर वर्ष सितंबर से मार्च के मध्य बारहेड गूज, कॉमन टील, पिंटेल डक, नॉर्दर्न शवलर, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजातियों के पक्षी विचरण करने आते हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि गिधवा-परसदा को राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग साइट के रूप में मान्यता मिले इसे अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल किया जाए इस क्षेत्र को रैमसर साइट के रूप में प्रस्तावित करने की प्रक्रिया और तेज की जाए। अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में शामिल बर्ड वॉचिंग टॉवर, इंटरप्रिटेशन गैलरी, पर्यटक स्वागत केंद्र, प्रकृति अध्ययन केंद्र, सोलर पाथवे, नाव संचलन व्यवस्था, सुरक्षित पक्षी दमेजपदह ्रवदम , डिजिटल मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग प्रणाली शामिल होंगें।

    कार्यक्रम में विधायक  दीपेश साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष  प्रहलाद रजक, जनपद अध्यक्ष हेमा दिवाकर, जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जिला अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, एसडीएम नवागढ़ दिव्या पोटाई, जिला पंचायत सदस्य मधु राय  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  वी. निवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक  अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सु एम. मर्सीबेला, दुर्ग संभाग के सभी मुख्य वनमंडलाधिकारी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

    270 प्रजाति के पक्षी विचरण करने आते हैं गिधवा-परसदा में 

    उल्लेखनीय है कि यह क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा हर वर्ष बड़ी संख्या में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाता है। यहां विभिन्न तालाबों, प्राकृतिक आर्द्रभूमि, संरक्षण क्षेत्रों तथा प्रवासी पक्षियों के आसरे का उपयुक्त स्थल है। वर्तमान मौसम में गिधवा-परसदा पहुंची पक्षी मार्च माह तक यहां विचरण कर अपने मुल्क वापस होंगी।

    यहां विशेष रूप से बारहेड गूज, नॉर्दर्न शवलर, कॉमन टील, पिनटेल डक, पेंटेड स्टॉर्क, ओपनबिल्ड स्टॉर्क, ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजाति के पक्षी विचरण करते हैं। गिधवा-परसदा वेटलैंड राज्य ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख बर्ड-वॉचिंग स्थल के रूप में उभर रहा है। गिधवा-परसदा को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य राज्य सरकार की मंशा है। गिधवा-परसदा पक्षी विहार को राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट में भी शामिल किया जा सके। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का विकास, सूचनात्मक साइनबोर्ड, बर्ड वॉचिंग टॉवर, सोलर लाइटिंग, जैवविविधता अध्ययन केंद्र जैसी योजनाओं पर विस्तार से कार्य किया जाएगा।

    भारत को प्रमुख पक्षियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम 

    गिधवा-परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ न केवल छत्तीसगढ़ की जैव विविधता को संरक्षित करेगा, बल्कि प्रदेश के पर्यटन, शोध, शिक्षा और पर्यावरणीय संवर्धन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा। यह पहल निश्चित रूप से गिधवा-परसदा को भारत का प्रमुख पक्षी स्वर्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शीघ्र निराकरण हेतु पत्र सादर प्रेषित है।

  • MP के सागर जिले में दर्दनाक हादसा, बालाघाट से लौट रहे मुरैना के 4 पुलिसकर्मी कंटेनर से टकराए, मौत

    सागर

    मध्य प्रदेश के सागर जिले में आज यानी बुधवार की सुबह करीब 4 बजे ड्यूटी खत्म कर मुरैना से लौट रहे बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) के पांच जवान एक ट्रक से टकरा गए। जिसमें 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक जवान गंभीर रुप से घायल हो गए। बता दें कि यह हादसा NH-44 पर बांदरी मालथौन के पास हुआ।

    थाना प्रभारी समेर जगत के अनुसार, मुरैना से ड्यूटी पर जा रहे जवानों का पुलिस वाहन एक तेज रफ्तार कंटेनर से जोरदार टक्कर में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि चार जवानों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम राहत-बचाव कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंची।

    जानकारी के मुताबिक ये बम एंड डॉग स्क्वॉड की टीम है, जो मध्य प्रदेश (MP News) के बालाघाट से सुरक्षा जांच के लिए तैनात थी। ड्यूटी के बाद ये वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन की ट्रक से आमने सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और इसमें सवार चार जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। 

    मृतकों और घायल की पहचान हुई

    अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान कांस्टेबल प्रद्युम्न दीक्षित, कांस्टेबल अमन कौरव, ड्राइवर परमलाल तोमर (सभी मोरेना निवासी) और डॉग मास्टर विनोद शर्मा (भिंड निवासी) के रूप में हुई है। हादसे में कांस्टेबल राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज भोपाल के बंसल अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, हादसे के दौरान पुलिस के वाहन में मौजूद एक डॉग पूरी तरह सुरक्षित है।

    अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई।

    फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर ट्रक चालक की तलाश कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    सीएम मोहन यादव ने जताया शोक

    सीएम मोहन यादव ने इस हादसे को लेकर X पर शोक व्यक्त किया और लिखा कि आज सागर जिले में सुबह नक्सल विरोधी अभियान से ड्यूटी कर लौट रहे 4 पुलिसकर्मियों का एक भीषण सड़क दुर्घटना में निधन होने का समाचार हृदयविदारक है। हादसे में दिवंगत पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।

    जेसीबी से बॉडी काटकर निकाले शव कंटेनर और पुलिस वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि ड्राइवर और जवान गाड़ी के अंदर ही फंस गए। पुलिस वाहन आगे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जेसीबी की मदद से वाहन काटकर शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों का पंचनामा बनाकर बांदरी अस्पताल भेजा गया।

    मृतकों की पहचान जवान प्रद्युमन दीक्षित, अमन कौरव और ड्राइवर परमलाल तोमर (तीनों मुरैना निवासी) के रूप में हुई है। वहीं, चौथे मृतक डॉग मास्टर विनोद शर्मा भिंड के निवासी थे। हादसे में आरक्षक राजीव चौहान (निवासी मुरैना) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

  • रायपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हीराबाई झरेका बघेल को राष्ट्रीय हस्तशिल्प सम्मान प्रदान किया

     रायपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों हीराबाई झरेका बघेल राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

        रायपुर

    राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली धातुकला शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को उनकी उत्कृष्ट कलात्मक उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार से सम्मानित किया है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ की समृद्ध धातुकला परंपरा को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाने के लिए उनकी सराहनीय सेवा का प्रतीक है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय हस्तशिल्प समारोह में देश भर के हस्तशिल्पियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने की, इस मौके पर राज्य मंत्री श्री पबित्रा मार्गेरिटा कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप उपस्थित थीं।

        पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और धातुकला क्षेत्र में अपना उत्कृष्ट योगदान दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उनका यह कार्य न केवल हमारी कला को संरक्षित करता है, बल्कि नये कलाकारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। 

        श्री राजेश अग्रवाल ने आगे कहा कि श्रीमती हीराबाई झरेका की अद्भुत सफलता पर छत्तीसगढ़ सरकार और संस्कृति विभाग की ओर से हार्दिक अभिनंदन। हमारे कलाकारों की उत्कृष्टता और उनका समर्पण ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने का मूल आधार है। संस्कृति विभाग निरंतर प्रयासरत है कि वह धातुकला के शिल्पियों एवं कलाकारों को तकनीकी प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता एवं उचित मंच प्रदान करे, जिससे वे अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विश्व के सामने मजबूती से प्रस्तुत करें।

        संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ के शिल्पकारों के कौशल संवर्धन के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, वित्तीय सहायता एवं प्रदर्शनियों का आयोजन करता रहता है, जिससे कि वे अपनी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर सकें।  विभाग का उद्देश्य है कि प्रदेश के धातुकला एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को संरक्षित करते हुए युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाए। श्रीमती हीराबाई झरेका को राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्राप्त होने से न केवल छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि यह पूरे प्रदेश के शिल्पकारों के लिए एक नई प्रेरणा भी बनी हैं।

  • 13 दिसंबर का गोल्डन ऑफर: लोक अदालत में नगर निगम देगा अधिभार पर पूरी छूट

    भोपाल
    13 दिसंबर को लगने वाली नेशनल लोक अदालत में नगर निगम अपने संपत्तिकर और जलदर के बकायादारों को अधिभार में छूट देगा। ऐसे प्रकरण जिनमें अधिभार की राशि 50 हजार रुपये बकाया है उन्हें केवल अधिभार में 100 फीसद की छूट दी जाएगी।

    50 हजार से अधिक एवं एक लाख रुपये तक बकाया राशि पर केवल अधिभार में 50 फीसद तक की छूट और एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया होने पर मात्र अधिभार में 25 फीसद की छूट दी जाएगी।
     
    छूट प्राप्त करने के उपरांत अधिकतम दो किस्तों में राशि जमा कराई जाएगी और लोक अदालत के दिन कम से कम 50 फीसद राशि जमा कराया जाना अनिवार्य होगा। छूट केवल 13 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत के लिए ही मान्य होगी।

    निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने नेशनल लोक अदालत शिविरों के लिए व्यापक तैयारियां तय करने और देयक मांग पत्र तामील कराने एवं नेशनल लोक अदालत शिविर आयोजन का प्रचार-प्रसार कर संपत्तिकर, जलउपभोक्ता प्रभार आदि के बकायादारों से बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने करों की वसूली एवं करदाताओं को दी जाने वाली रसीद उपलब्ध कराने के दृष्टिगत निर्देशित किया कि सभी वार्डों में अतिरिक्त हैंड हेल्ड डिवाईज मशीन, आपरेटर सहित कम्प्यूटर्स आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

  • रायपुर: परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने ग्रामीण बस योजना को बताया ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जीवनरेखा

    रायपुर : ग्रामीण बस योजना ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा: परिवहन मंत्री  केदार कश्यप

    परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की

    ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना

    रायपुर

    परिवहन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय कामकाज की समीक्षा की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, विशेषकर ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक), ग्रामीण बस योजना और वाहन सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर सचिव परिवहन  एस प्रकाश सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    राज्य के सभी परिवहन कार्यालयों में ई-ट्रैक निर्माण की समीक्षा

    बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी परिवहन कार्यालयों में सेंसर आधारित ऑटोमेटेड कंप्यूटरीकृत ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ई-ट्रैक) बनाने की योजना लागू है। ई-ट्रैक के माध्यम से कुशल चालक ही लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को सौंपी गई है।

    आरडीटीसी/डीटीसी निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश’

    24 नवंबर 2025 को सचिव सह-परिवहन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में समीक्षा करते हुए मंत्री  कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत आरडीटीसी और डीटीसी भवनों का निर्माण समय पर पूरा होना चाहिए। उन्होंने संचालकों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

    ’मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना – ग्रामीण जनों के लिए जीवनरेखा’

    बैठक में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 की प्रगति का भी विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों, छात्रों और आम नागरिकों को जनपद, तहसील और जिला मुख्यालय तक सस्ती, नियमित और सुरक्षित बस सुविधा उपलब्ध करवाना है। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से बाजार, रोजगार, पढ़ाई और चिकित्सा सुविधाओं तक आसान पहुँचना सुनिश्चित किया जाएगा। सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों तक बेहतर आवागमन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री  कश्यप ने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    वाहन सुरक्षा के लिए व्हीकल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म की प्रगति

    महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्भया फ्रेमवर्क के तहत सार्वजनिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी) और इमरजेंसी बटन लगाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 1 हजार 900 यात्री वाहनों और 5 हजार 800 स्कूल बसों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाया जा चुका है। किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही सूचना परिवहन विभाग के कमांड एवं कंट्रोल सेंटर से पुलिस विभाग के डायल 112 तक पहुँच जाएगी।

    ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (एटीएस) तकनीकी जांच में बड़ा सुधार

    वाहनों की फिटनेस जांच को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ) संचालित हैं। मशीनों के माध्यम से की जा रही फिटनेस जांच से तकनीकी गुणवत्ता में सुधार हुआ है। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री  कश्यप को बताया कि ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ दूसरे स्थान पर है, यह राज्य के लिए गौरव की बात है। इसके साथ ही जल्द से जल्द जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

  • मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित

    रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती– उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा

    उपमुख्यमंत्री ने 2.97 करोड़ रुपए लागत के सड़क निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन

    मोहगांव से कोको तक 4.30 किमी लंबे सड़क निर्माण से हजारों ग्रामवासी होंगे लाभान्वित

    उप मुख्यमंत्री ने की स्कूल भवन, सायकल स्टैंड, समतलीकरण, सीसी रोड, मुरमीकरण, मंच निर्माण की घोषणा 

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के सतत और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है कि कबीरधाम जिला आज शहर से लेकर गाँव तक चौमुखी विकास कर रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने आज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत ग्राम कोको में 2 करोड़ 97 लाख रुपए की लागत से 4.30 किमी लंबे मोहगांव–छांटा–कोको सड़क निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। 

           यह सड़क केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। वर्षों से सड़क संपर्क के अभाव में रहे ग्रामीणों के लिए यह निर्माण नई उम्मीद, नया अवसर और नया भविष्य लेकर आएगा। ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण के लिए उपमुख्यमंत्री  शर्मा से आग्रह किया था, जिसे उन्होंने प्राथमिकता देते हुए मंजूरी प्रदान की। आज भूमि पूजन के साथ ही इस बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है, जिससे पूरा क्षेत्र विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।

             उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएँ भी कीं। उन्होंने हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की घोषणा करते हुए स्कूल परिसर के समतलीकरण के लिए 3.50 लाख रुपए, सी सी रोड के लिए 2.60 लाख रुपए, सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु मंच निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, सहकारी समिति पहुंच मार्ग के लिए सीसी रोड निर्माण, छांटा–कोको मार्ग के बीच मुरमीकरण के लिए 5 लाख रुपए,  विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

          उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि विकास के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है और यह परियोजना स्थानीय समुदाय की जरूरतों को पूरा करेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार ग्रामीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध है। इस सड़क के बनने से मोहगांव–छांटा–कोको गांव के हजारों ग्रामवासियों को लाभ मिलेगा। आवागमन में सुविधा होगी। बेहतर सड़कों के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, और व्यापार के नए अवसर साकार होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार गांवों में बेहतर सड़कें और सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है, ताकि हर व्यक्ति को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि हर क्षेत्र, चाहे वह शहरी हो या ग्रामीण, विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

  • रायपुर: एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन अब 15 दिसंबर तक किए जा सकते हैं

    रायपुर : एग्रीस्टैक पोर्टल में अब पंजीयन 15 दिसंबर तक

    डुबान क्षेत्र, वन अधिकार पट्टाधारी और छुटे हुए किसान करा सकेंगे पंजीयन

    कृषि मंत्री  रामविचार के निर्देश पर हुई पंजीयन की तिथि में वृद्धि

    रायपुर

    किसान अपने रकबे और फसल आदि के बारे में जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल में अब 15 दिसम्बर तक दर्ज करा सकेंगे। कृषि विकास एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा समिति लॉगिन की सुविधा के लिए सभी कलेक्टरों और संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है। साथ ही कैरीफारवर्ड, डूबान-वन पट्टाधारी कृषकों के पंजीयन सुविधा के दृष्टिगत रखते हुए पंजीयन की तारीख को 15 दिसम्बर 2025 तक बढ़ा दी गई है। 

        गौरतलब है कि कृषि मंत्री  राम विचार नेताम द्वारा एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन को लेकर आ रही विभिन्न दिक्कतों के मद्देनजर विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने निर्देश दिए गए थे। इस संबंध में मंत्रालय महानदी भवन से जारी पत्र में एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन और तकनीकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण के लिए तहसीलदारों एवं समितियों अंतर्गत कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों से अपेक्षा की गई है। एग्रीस्टैक पोर्टल एवं एकीकृत किसान पोर्टल से संबंधित तकनीकी समस्या पर खाद्य विभाग, राजस्व विभाग, संचालनालय कृषि एवं एन.आई.सी. के समन्वय से सभी आवश्यक कार्यवाही की जाए। 

        गौरतलब है कि कुछ जिलों में पंजीयन विवरण में कुछ कृषकों के खसरों में एकीकृत किसान पोर्टल में फसल प्रविष्टि प्रदर्शित नहीं होने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया गया था कि इसे सुधारने का विकल्प एकीकृत किसान पोर्टल के आईडी में उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार पंजीकृत कृषकों के फौत होने के पश्चात उनके वारिसानों हेतु वारिसान पंजीयन का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा महाल ग्रामों के खसरें का डाटा एग्रीस्टैक से नही मिलने की समस्या आ रही थी। इस समस्या के निराकरण के लिए कृषि विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। 

  • सेवा मतदाताओं की सूची में बदलाव, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए संशोधित समय-सारणी जारी

    सेवा मतदाताओं की सूची हेतु विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी

    भोपाल 

    भारत निर्वाचन आयोग ने सेवा मतदाताओं (Service Voters) से संबंधित निर्वाचन सूची के अंतिम भाग की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर किया जा रहा है।

    आयोग ने अपने पूर्व आदेश (दिनांक 04 नवंबर 2025) को निरस्त करते हुए नई समय-सारणी अधिसूचित की है, जिसे देश के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा, जिनमें अंडमान एवं निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

    नई संशोधित समय-सारणी इस प्रकार है

    1. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का प्रारंभिक प्रकाशन

    तारीख: 16 दिसंबर 2025

    2. रिकॉर्ड/कमांडिंग अधिकारियों द्वारा फ़ॉर्म प्राप्त करने, सत्यापन, स्कैनिंग और XML फ़ाइल तैयार व अपलोड करने की अवधि

    अवधि: 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक

    3. हस्ताक्षरित एवं सत्यापित फ़ॉर्मों तथा XML फ़ाइलों का निपटान

    अधूरे फ़ॉर्म और XML फ़ाइलें वापस की जाएंगी

    संशोधित फ़ॉर्मों का पुनः प्रेषण

    अंतिम आदेश ERO द्वारा जारी

    अंतिम तिथि: 7 फरवरी 2026

    4. निर्वाचन सूची के अंतिम भागों का अंतिम प्रकाशन

    तारीख: 14 फरवरी 2026

    चुनाव आयोग ने सभी संबंधित मंत्रालयों—रक्षा, गृह, विदेश मंत्रालय—तथा सीमा सड़क संगठन और संबंधित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संशोधित कार्यक्रम का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

    आयोग के सचिव  पवन दीवान ने बताया कि यह कदम सेवा मतदाताओं के अद्यतन एवं सटीक पंजीकरण को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि आगामी चुनावों में उनकी सहभागिता सुगम और व्यवस्थित रहे।

     

  • मंत्री परिषद ने ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को दी स्वीकृति,सागर–दमोह मार्ग चार लेन में बदलेगा

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्री परिषद बैठक में सागर–दमोह मार्ग (76.680 किमी) को 2-लेन से 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर में उन्नत करने की ₹2059.85 करोड़ की परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत स्वीकृति दी गई। इसमें 40% राशि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा और शेष 60% राशि राज्य बजट से 15 वर्ष तक 6-माही एन्यूटी के रूप में वहन की जाएगी।

    यह महत्वपूर्ण मार्ग सागर और दमोह को जोड़ते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और राष्ट्रीय राजमार्ग-34 से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। उन्नयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में कृषि, खनिज, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को मजबूत गति मिलेगी।

    परियोजना में 13 अंडरपास, 3 वृहद पुल, 9 मध्यम पुल, 1 आरओबी, 13 बड़े और 42 मध्यम जंक्शन का निर्माण, तथा परसोरिया, गढ़ाकोटा, रोन और बान्सा में 4 बायपास शामिल हैं। सड़क सुरक्षा के लिए 21 स्थानों पर कर्व सुधार तथा 13 बड़े जंक्शनों पर VUP प्रस्तावित हैं।

    उल्लेखनीय है कि 10,300 पीसीयू वर्तमान यातायात दबाव और भविष्य में 17,000 पीसीयू की संभावना को देखते हुए 4-लेन निर्माण आवश्यक है। यह मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का हिस्सा है, जिससे कटनी दिशा में भविष्य का 4-लेन कॉरिडोर भी सुदृढ़ होगा। मार्ग के उन्नयन से यात्रा समय में कमी, दुर्घटनाओं में गिरावट, ईंधन की बचत और परिवहन तंत्र में व्यापक सुधार होगा। क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, दमोह के खनिज संसाधनों और कुंडलपुर सहित पर्यटन स्थलों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना बुंदेलखंड विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

     

  • रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ला के स्वास्थ्य के लिए कामना व्यक्त की

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पहुँचे और वहां उपचाररत भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार  विनोद कुमार शुक्ला से मुलाकात कर  उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  विनोद कुमार शुक्ल भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी सृजनशीलता, संवेदना और सरल भाषा में गहन अनुभूतियों की अभिव्यक्ति देश और प्रदेश—दोनों को गौरवान्वित करती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा एवं छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

  • कूनो नेशनल पार्क में बड़ा बदलाव: तीन चीता सफारी प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, DPR पर 53 करोड़ खर्च

    ग्वालियर
    देश में चीतों के बसेरा बनने के साथ ही अब मध्य प्रदेश सरकार कूनो नेशनल पार्क को देश का प्रमुख पर्यटन आकर्षण केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। इसी उद्देश्य से कूनो में तीन चीता सफारी विकसित की जाएंगी।

    वर्तमान में वन विभाग सफारी की व्यवस्थाएं संभाल रहा है, लेकिन अब पर्यावरण योजना एवं समन्वय संगठन (एप्को) को भी इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। एप्को के माध्यम से चीता सफारी और रेस्क्यू सेंटर का विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए एप्को ने हाल ही में कंसल्टेंसी नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी किया है। यह कंपनी अगले 20 वर्षों के लिए 53 करोड़ रुपये की लागत से मास्टर प्लान, ले-आउट और डीपीआर तैयार करेगी।
     
    चीता सफारी से लेकर रेस्क्यू सेंटर तक की योजना
    एप्को के अनुसार, कंसल्टेंसी कंपनी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करेगी। इनमें सेंट्रल जू अथारिटी और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथारिटी के नियमों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। योजना में ग्राम सेसईपुरा और विजयपुर के क्षेत्रों में चीता सफारी विकसित करने का संभावित प्रस्ताव है, लेकिन एक विस्तृत सर्वे के बाद ही इन स्थानों पर अंतिम मुहर लगेगी। मास्टर प्लान के आधार पर भविष्य में निर्माण एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा।

    इन कार्यों पर होगा 53 करोड़ रुपये का खर्च
    कंसल्टेंसी कंपनी को तीन अलग-अलग चीता सफारी क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिनमें शामिल होंगे—

        रेस्क्यू सेंटर
        जानवरों के हेल्थकेयर एवं रखरखाव सुविधाएं
        इंटरप्रिटेशन सेंटर और ओपन नेचर डिस्प्ले
        इको-टूरिज्म ढांचा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर
        विलुप्त एवं विदेशी जीवों की जानकारी
        जंगल, मिट्टी, हवा और पानी संरक्षण से जुड़े उपाय

    एक अक्टूबर से शुरू हुई थी सफारी
    वन विभाग ने 1 अक्टूबर से कूनो में चीता सफारी शुरू कर दी है, लेकिन यह अभी पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है। सैलानियों के लिए टेंट सिटी में अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है। सरकार अब इसे योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करने की तैयारी में है, जिससे पर्यटक सुरक्षित और रोमांचक सफर में खुले क्षेत्र में चीतों का निरीक्षण कर सकें और बेहतर सुविधाओं का आनंद ले सकें।

    अधिकारियों का बयान
    डा. सौरभ पनी, ऑफिसर इंचार्ज कंसल्टेंसी सेल, एप्को ने बताया कि कूनो में तीन चीता सफारी व रेस्क्यू सेंटर का प्लान तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी कंपनी नियुक्त की जाएगी। आवेदन आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • भीड़ नियंत्रण की बड़ी तैयारी: सिंहस्थ 2028 के लिए 100 करोड़ की लागत से तैयार होगी मेगा पार्किंग

    उज्जैन
    सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अनुभव दिलाने के लिए राज्य सरकार ने भीड़ और यातायात प्रबंधन के सबसे अहम मोर्चे पर निर्णायक कदम उठा लिया है। उज्जैन में 100 करोड़ रुपये की मेगा पार्किंग परियोजना को जमीन पर उतारने की तैयारी तेज कर दी गई है। इस परियोजना के तहत 6012 हेक्टेयर क्षेत्र में विशाल पार्किंग नेटवर्क बनाया जाएगा, जिसके साथ ही अत्याधुनिक जनसुविधाएं भी विकसित होंगी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को शहर की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही व्यवस्थित पार्किंग और सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यह साफ संकेत है कि इस बार सिंहस्थ भीड़ के दबाव से नहीं, बल्कि डिजिटल और संरचनात्मक प्लानिंग की बदौलत संचालित होगा।
     
    पार्किंग के साथ आधुनिक सुविधाओं का विकास
    सरकार की इस विशेष योजना में केवल पार्किंग स्थल का निर्माण नहीं हो रहा है। यहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तंत्र, यातायात संकेत और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी। इस परियोजना को सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा और सुगमता के लिए सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। इसका उद्देश्य उज्जैन शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करना और प्रमुख मंदिरों तथा घाटों तक पहुंच को पहले की तुलना में अधिक सहज बनाना है। इसके लिए एक परामर्शदाता फर्म का चयन किया जा रहा है, जिसे सेवाओं के बदले लगभग दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। यह फर्म दो प्रमुख चरणों में काम करेगी।

    दो चरणों में होगा काम
    पहला चरण डिजाइन और रूपरेखा तैयार करने से संबंध‍ित होगा। इसमें विस्तृत इंजीनियरिंग सर्वेक्षण, भू-तकनीकी अध्ययन, संरचनात्मक नक्शे, लागत अनुमान और आवश्यक स्वीकृतियां शामिल रहेंगी। दूसरे चरण में निर्माण प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, साइट सुपरविजन, ठेका प्रबंधन और समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, समय सीमा में केंद्रित इस परियोजना से सिंहस्थ-2028 के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन अत्यधिक सुदृढ़ हो जाएगा।

    भीड़ प्रबंधन होगा आसान
    परियोजना लागू होने से उज्जैन शहर के भीतर जाम की समस्याएं कम होंगी और श्रद्धालुओं को प्रमुख मंदिरों, घाटों और आयोजनों तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी। सिंहस्थ-2028 को दुनिया के सबसे विशाल धार्मिक समागम को आधुनिक स्वरूप में आयोजित करने की दिशा में यह कदम भीड़ प्रबंधन की चुनौती को अवसर में बदलने वाला साबित होगा।

  • भोपाल रूट अलर्ट: पलक झपकते ही उड़ रहे मोबाइल, बढ़ीं चोरी की वारदातें

    भोपाल
    ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के मोबाइल चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में कई यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, दीपांशु पांडेय कुछ दिनों पहले लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से मुंबई से प्रयागराज जा रहे थे। इटारसी स्टेशन पहुंचने से करीब बीस मिनट पहले ट्रेन आउटर पर खड़ी थी। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत 15 हजार रुपये बताई गई है, जबकि मोबाइल के कवर में रखे 5 हजार रुपये नकद भी चोरी हो गए। इस मामले में जीआरपी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।

    इसी प्रकार, अहमदपुर (जिला सीहोर) निवासी मनोज गौर (30) ओवर नाइट एक्सप्रेस से भोपाल से जबलपुर जा रहे थे। ट्रेन में चढ़ते समय किसी ने उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। चोरी किए गए मोबाइल की कीमत 12 हजार रुपये है।
     
    सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) निवासी सुरेश पाल नर्मदा एक्सप्रेस से पैंड्रा रोड से उज्जैन की ओर यात्रा कर रहे थे। भोपाल स्टेशन पर जब उनकी नींद खुली तो पाया कि जेब में रखा 21 हजार रुपये कीमत का मोबाइल गायब था। इसके अलावा झांसी (उत्तर प्रदेश) निवासी चंद्रभान सिंह (32) का मोबाइल भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर चोरी हो गया। चोरी गए फोन की कीमत 30 हजार रुपये बताई गई है। इन सभी घटनाओं पर जीआरपी पुलिस ने मामलों की जांच शुरू कर दी है।

     

  • सिंहस्थ 2028 में अखाड़ों को राशन कार्ड मिलेगा, अनाज चोरी रोकने के लिए नई मशीनें स्थापित होंगी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ कुंभ 2028 की तैयारियों में जुट गई है. राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि सिंहस्थ क्षेत्र में अखाड़ों की मांग के आधार पर अस्थायी राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य की दुकानों को स्थापित किया जाएगा. बेहतर व्यवस्था के लिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में बांटा जाएगा. इसमें राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा गोदाम स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा खाद नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने प्रदेशभर में उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाने का फैसला किया है.

    अब नहीं होगी कम राशन की शिकायत

    राशन की दुकानों पर कई उपभोक्ताओं के साथ उनके अंगूठे स्कैन नहीं होने की समस्याएं आती हैं. ऐसे में उन्हें राशन मिलने पर परेशानी आती है. इसके लिए उचित मूल्य की दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीनें लगाई जाएंगी. इसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे को जोड़ा जाएगा. साथ ही इसमें आइरिस स्कैनर भी होगा. इससे राशन की दुकान से राशन न मिलने या कम राशन मिलने की समस्या भी खत्म होगी.

    35 लाख फर्जी हितग्राहियों का हुआ सफाया

    खाद विभाग में फर्जी हितग्राहियों को लेकर चल रहे अभियान के तहत प्रदेशभर में 35 लाख फर्जी बीपीएल कार्ड धारकों के नाम काटे जा चुके हैं. फर्जी कार्ड धारकों का नाम कटने से सरकार को हर महीने 32 करोड़ रुपए की बचत हो रही है. दो सालों में प्रदेश 5.25 करोड़ से ज्यादा हितग्राहियों को 66.25 लाख मीट्रिक टन मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर चुका है. इस पर राज्य सरकार ने 22 हजार 800 करोड़ रुपए का खर्च किया है. 35 लाख फर्जी हितग्राहियों के नाम काटे जाने के बाद 14 लाख नए हितग्राहियों के नाम जोड़े गए हैं, जिन्हें खाद्यान्न बांटना शुरू किया गया है. ऐसे हितग्राहियों के केवाईसी करने के 72 घंटे में पात्रता पर्ची जारी की गई है.

    गोदामों की छत पर लगे सोलर पैनल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि "सरकारी गोदामों को अपग्रेडेशन कर उन्नत तकनीक की मदद से विभिन्न स्तरों पर सिंक्रोनाइजेशन किया जा रहा है. गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. गोदामों की छतों पर 28.87 हजार वर्ग मीटर और परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल स्थापित किये जाएंगे. मध्य प्रदेश वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाया गया है. अनाज की खरीदी, भंडारन और वितरण से जुड़ी संस्थाओं को भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से जोड़ा जाएगा."