CG : बिल्डर की मनमानी से परेशान रहवासी: हैंडओवर नहीं, धमकी और अतिक्रमण के आरोप…
रायपुर । राजधानी के कोटा स्थित क्रिस्ट ग्रीन कॉलोनी में रहवासियों ने बिल्डर रामायण रियल्टर्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रहवासियों का कहना है कि बिल्डर द्वारा नगर निगम से सोसाइटी का कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (Completion Certificate) तो प्राप्त कर लिया गया है, लेकिन अब तक सोसाइटी का विधिवत हैंडओवर नहीं किया गया है, जबकि मेंटेनेंस का पूरा जिम्मा रहवासी ही उठा रहे हैं।
साझा सुविधाओं का ट्रांसफर नहीं
रहवासियों के अनुसार, नियमों के तहत क्लब हाउस, सड़क, गार्डन, मंदिर जैसी सभी साझा सुविधाओं को सोसाइटी के नाम ट्रांसफर किया जाना चाहिए, लेकिन बिल्डर इस प्रक्रिया को टाल रहा है।
बाउंड्री वॉल तोड़ने का आरोप
रहवासियों ने आरोप लगाया कि बिल्डर कॉलोनी की बाउंड्री वॉल तोड़कर इसे अपने नए प्रोजेक्ट से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि मौजूदा सुविधाओं पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
विरोध करने पर धमकी का आरोप
मामले में आपत्ति जताने पर रहवासियों ने बिल्डर पर डराने-धमकाने, झूठे मामलों में फंसाने और असामाजिक तत्वों के जरिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। कुछ मामलों में अनाधिकृत प्रवेश और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की शिकायत भी सामने आई है।
पुलिस में शिकायत, कार्रवाई नहीं
रहवासियों ने बताया कि पूरे मामले की लिखित शिकायत संबंधित थाने में की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मेंटेनेंस शुल्क भी नहीं दे रहा बिल्डर
सोसाइटी के बाय-लॉज के अनुसार, बिल्डर को अपने बचे हुए प्लॉट्स का मेंटेनेंस शुल्क देना चाहिए, लेकिन वह भुगतान नहीं कर रहा है और इस संबंध में बात करने पर अनुचित व्यवहार करता है।
निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल
रहवासियों ने निर्माण कार्य में कई गंभीर खामियों (Quality Issues) का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी कहा कि बिल्डर सोसाइटी की साझा सुविधाओं का उपयोग अपने नए प्रोजेक्ट के लिए करने की कोशिश कर रहा है, जो गैरकानूनी और अनैतिक है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
परेशान रहवासियों ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन और न्याय व्यवस्था से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि बिल्डर की मनमानी से मुक्ति दिलाकर उन्हें सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन जीने का अवसर दिया जाए।



