Happy New Year: नया साल सबसे पहले कहां आता है, टाइम जोन कैसे तय करते हैं New Year की एंट्री
Happy New Year: दुनियाभर में नए साल का जश्न बस शुरू होने ही वाला है। हर जगह घड़ियां टिक-टिक कर रही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नया साल एक साथ पूरी दुनिया में नहीं आता? धरती के सबसे पूर्वी हिस्से किरिबाती में भारतीय समय के मुताबिक आज शाम करीब 3:30 बजे नया साल दस्तक देगा। इसके बाद बारी-बारी से न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, एशिया और फिर बाकी देशों में नए साल की एंट्री होगी।
जब भारत में 31 दिसंबर की रात 12 बजे नए साल का स्वागत होगा, तब तक दुनिया के करीब 29 देशों में नया साल पहले ही आ चुका होगा। वहीं यूरोप और अमेरिका में उस वक्त 31 दिसंबर की शाम होगी। यही वजह है कि नया साल धरती पर करीब 26 घंटे तक अलग-अलग टाइम जोन में घूमता रहता है।
आखिर टाइम जोन क्या होता है?
टाइम जोन धरती को समय के हिसाब से बांटने की एक व्यवस्था है। धरती 24 घंटे में 360 डिग्री घूमती है। इसका मतलब हुआ कि हर घंटे में धरती 15 डिग्री घूमती है, और यही दूरी एक टाइम जोन मानी जाती है। इसी आधार पर पूरी दुनिया को 24 टाइम जोन में बांटा गया है। हर टाइम जोन लगभग 15 डिग्री देशांतर का होता है और एक-दूसरे से करीब 1 घंटे का फर्क रखता है। यही वजह है कि कहीं सुबह होती है, कहीं रात और कहीं नया साल पहले आता है तो कहीं बाद में।
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टाइम जोन की जरूरत क्यों पड़ी?
घड़ी का आविष्कार तो 16वीं सदी में हो गया था, लेकिन 18वीं सदी तक समय सूरज की स्थिति से तय किया जाता था। जब सूरज सिर के ऊपर होता था, तब समय 12 बजे माना जाता था। शुरुआत में अलग-अलग शहरों और देशों का अलग समय कोई बड़ी समस्या नहीं था। लेकिन जैसे-जैसे रेल और यातायात तेज हुआ, लोग कुछ ही घंटों में एक शहर से दूसरे शहर पहुंचने लगे। तब समय का अंतर परेशानी बनने लगा।
उदाहरण के तौर पर, 1840 के दशक में अगर कोई व्यक्ति सुबह 8 बजे लंदन से निकलकर करीब 190 किलोमीटर दूर ब्रिस्टल जाता, तो उसे लगभग 5 घंटे लगते। लंदन के हिसाब से वह दोपहर 1 बजे पहुंचता, लेकिन ब्रिस्टल का स्थानीय समय लंदन से 10 मिनट पीछे होता था। यानी ब्रिस्टल की घड़ी में उस वक्त 12:50 बजे दिखते। इसी तरह की दिक्कतों ने टाइम जोन सिस्टम को जरूरी बना दिया।
टाइम जोन कैसे तय करते हैं नए साल की एंट्री?
नया साल हर देश में उसके लोकल टाइम के मुताबिक रात 12 बजे आता है। जो देश धरती के सबसे पूर्वी हिस्से में होते हैं, वहां नया साल सबसे पहले आता है। इसी वजह से किरिबाती और न्यूजीलैंड सबसे पहले जश्न मनाते हैं।
न्यूजीलैंड में भारत से करीब 7 घंटे 30 मिनट पहले नया साल आता है, जबकि अमेरिका में भारत से लगभग 9 घंटे बाद नया साल शुरू होता है। इस तरह नया साल धीरे-धीरे एक टाइम जोन से दूसरे टाइम जोन में आगे बढ़ता रहता है और पूरी प्रक्रिया करीब 26 घंटे में पूरी होती है।






