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इंसुलिन लेते हैं तो क्या खाएं? डायबिटीज में भारतीय डाइट प्लान और सावधानियां

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अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और इंसुलिन ले रहे हैं, तो अक्सर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है: अब क्या खाऊं?” डरिए मत, क्योंकि आपकी थाली में रोटी, दाल और सब्जी जैसे भारतीय खाने ही आपके सबसे बड़े साथी बन सकते हैं। जी हाँ, इंसुलिन लेना मतलब अपने पसंदीदा खाने को अलविदा कहना नहीं है। बस थोड़ा सा संतुलन, सही मात्रा और समय का ख्याल रखने की जरूरत है।

सबसे पहले, समझें कि क्या कम करना है

इंसुलिन का असर आपके खान-पान पर निर्भर करता है। कुछ चीजें ब्लड शुगर को अचानक ऊपर-नीचे कर सकती हैं, जिससे इंसुलिन को काम करने में दिक्कत होती है मैदा और पॉलिश किया चावल: सफेद चावल, मैदे की रोटी या ब्रेड जल्दी पच जाते हैं और शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं। इनकी जगह बाजरा, ज्वार, रागी, भूरा चावल या साबुत गेहूं की रोटी को तरजीह दें। ये धीरे-धीरे पचते हैं और ऊर्जा देते रहते हैं।

चीनी वाले पेय और मिठाइयाँ: 

कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले जूस, मिठाई से तुरंत बचें। अगर कभी खाना भी है, तो उसके साथ प्रोटीन (जैसे दही) या फाइबर (जैसे सलाद) जरूर लें। तला-भुना और ज्यादा चिकनाई वाला खाना: समोसे, पकौड़े, गाढ़ी ग्रेवी वाली करी और प्रोसेस्ड फूड में सेचुरेटेड फैट होता है, जो इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को कम कर सकता है। भाप में पकी, ग्रिल की हुई या हल्के तेल में बनी डिशेज बेहतर विकल्प हैं।

पैकेटबंद नमकीन: चिप्स, नमकीन, बिस्कुट में छुपी हुई चीनी और नमक होती है। इसकी जगह भुने चने, मुट्ठीभर मूंगफली या अंकुरित चाट जैसे घर के बने स्नैक्स चुनें।

फैक्ट चेक: क्या वाकई तेल-घी नुकसानदायक है?

सही है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की गाइडलाइन्स के मुताबिक, ज्यादा सेचुरेटेड फैट (घी, मक्खन, ताड़ का तेल) और ट्रांस फैट (वनस्पति, बिस्कुट) इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ा सकते हैं। हालाँकि, सीमित मात्रा में सरसों या ऑलिव ऑयल जैसे अच्छे तेलों का इस्तेमाल ठीक है

भारतीय खाने के ये ‘सुपरफूड्स’ आपकी मदद करेंगे

अच्छी खबर यह है कि हमारी रसोई में ऐसे कई खाद्य पदार्थ मौजूद हैं जो इंसुलिन के साथ मिलकर बेहतर काम करते हैं। साबुत अनाज: ज्वार, बाजरा, रागी, ओट्स फाइबर से भरपूर होते हैं, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं। दालें और फलियाँ: अरहर, मूंग, चने की दाल, राजमा प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन कॉम्बो हैं, जो लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। हरी सब्जियाँ: करेला, भिंडी, लौकी, परवल में ब्लड शुगर नियंत्रण के गुण पाए जाते हैं। पालक, मेथी, सरसों का साग आयरन और विटामिन से भरे होते हैं। स्मार्ट स्नैक्स: भुने चने की चाट, अंकुरित सलाद, छाछ भूख लगने पर बेहतरीन विकल्प हैं। फल: अमरूद, सेब, संतरा, पपीता (सीमित मात्रा में) बेहतर विकल्प हैं। केला, आम, चीकू जैसे मीठे फलों का सेवन डॉक्टर की सलाह से करें।

सबसे जरूरी बात: ब्लड शुगर चेक करते रहना

इंसुलिन लेने वाले हर व्यक्ति के लिए नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग सबसे जरूरी कदम है। इससे आपको पता चलता है कि कौन सा खाना आपके शरीर पर कैसा असर डाल रहा है। यह जानकारी आपको और आपके डॉक्टर को भोजन की मात्रा और इंसुलिन की डोज को बेहतर ढंग से एडजस्ट करने में मदद करती है। याद रखें: इंसुलिन थेरेपी के साथ जीवन का मतलब खाने की पाबंदी नहीं, बल्कि समझदारी से चयन करना है। थोड़ी सी सूझबूझ और नियमित जांच से आप न सिर्फ सेहतमंद रह सकते हैं, बल्कि भारतीय खाने का पूरा स्वाद भी ले सकते हैं।