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भोजन परंपरा को लेकर बड़ा विवाद, 43 परिवारों पर बहिष्कार और राशन-पानी तक रोक के आरोप

सिरोही
राजस्थान के सिरोही जिले के एक गांव में अंतिम संस्कार के बाद आयोजित मृत्युभोज में पारंपरिक घी के मालपुए नहीं परोसने पर 43 परिवारों का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह मामला जिले के बरलूट थाना क्षेत्र के मांडवरिया गांव का है, जहां आर्थिक रूप से कमजोर एक परिवार ने इसी महीने अपने एक सदस्य के निधन के बाद मृत्युभोज में सादा भोजन परोसा था।

बरलूट थाने के सहायक उपनिरीक्षक रमेश कुमार ने बताया, ''हमें शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला पुराने विवाद से जुड़ा प्रतीत होता है। जांच पूरी होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।''
शिकायत में ये बताया गया

शिकायत के अनुसार, आर्थिक तंगी के कारण परिवार मृत्युभोज में परंपरा के अनुरूप घी के मालपुए नहीं बनवा सका और उसकी जगह सामान्य भोजन की व्यवस्था की गई। इससे समुदाय के एक दर्जन से अधिक पंच कथित तौर पर नाराज हो गए और 18 जून को शोकाकुल परिवार के साथ-साथ उसका समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों के सामाजिक बहिष्कार का फरमान जारी कर दिया।

आवश्यक सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा
मृतक सदर राम का पांच जून को निधन हुआ था, जबकि मृत्युभोज का आयोजन 17 जून को किया गया। प्रभावित परिवारों का आरोप है कि सामाजिक बहिष्कार के बाद उन्हें आवश्यक सुविधाओं से भी वंचित किया जा रहा है। उनका कहना है कि गांव के दुकानदार उन्हें राशन नहीं बेच रहे हैं, उन्हें गांव के कुएं से पानी भरने नहीं दिया जा रहा है और खेत मालिकों ने उन्हें काम पर रखना भी बंद कर दिया है।

प्रभावित परिवारों का क्या कहना?
प्रभावित परिवारों में शामिल तेजाराम ने संवाददाताओं से कहा, ''स्थिति बहुत कठिन हो गई है। हमें राशन नहीं दिया जा रहा है और यहां तक कि कुएं से पानी भी नहीं भरने दिया जा रहा

सामाजिक बहिष्कार का असर पारिवारिक और सामाजिक संबंधों पर भी पड़ा है। एक अन्य प्रभावित व्यक्ति गोपाल ने कहा, ''20 जून को मेरे एक रिश्तेदार की शादी थी, लेकिन पंचों द्वारा जुर्माना लगाए जाने के डर से मैं उसमें शामिल नहीं हो सका।''

11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा
ऐसा बताया गया है कि पंचायत के कथित फरमान में चेतावनी दी गई है कि जो भी व्यक्ति इस बहिष्कार का उल्लंघन करेगा, उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और उसे पूरे समाज के लिए भोज भी कराना होगा।

कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है?
प्रभावित परिवारों ने 20 जून को बरलूट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बृहस्पतिवार को सभी 43 परिवारों के सदस्य न्याय की मांग को लेकर सिरोही के जिलाधिकारी से भी मिले। इस संबंध में जिलाधिकारी रोहिताश्व सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी टिप्पणी उपलब्ध नहीं हो सकी।

 

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