
चाँदी ने पार किए 75 डॉलर! सोना-प्लैटिनम का कमाल, जानें क्यों बढ़ रही हैं कीमतें
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वैश्विक बाजारों में जारी आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की मजबूत उम्मीदों के बीच शुक्रवार को कीमती धातुओं ने नया इतिहास रच दिया। सोना, चांदी और प्लैटिनम – तीनों की कीमतें अब तक के अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गईं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेशकों की सट्टेबाजी गतिविधियों और सुरक्षित निवेश विकल्पों की बढ़ती मांग के चलते चांदी ने पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस का अहम स्तर पार कर लिया। यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है।
चांदी ने मारी सबसे बड़ी छलांग
हाजिर चांदी की कीमत में एक ही दिन में 3.6% की तेजी दर्ज की गई और यह 74.56 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई, जबकि कारोबार के दौरान यह 75.14 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई।
इस साल अब तक चांदी की कीमतों में करीब 158% का उछाल देखने को मिला है, जो सोने की लगभग 72% की बढ़त से कहीं ज्यादा है। विशेषज्ञों के मुताबिक,वैश्विक आपूर्ति की कमी अमेरिका द्वारा चांदी को Critical Mineral घोषित किया जाना और इलेक्ट्रॉनिक्स व सोलर सेक्टर से मजबूत औद्योगिक मांग इस तेज़ी के बड़े कारण हैं।
सोना भी रिकॉर्ड जोन में
वहीं, सोने की कीमत भी पीछे नहीं रही। शुक्रवार को 0423 GMT तक हाजिर सोने की कीमत में 0.6% की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,504.79 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। कारोबार के दौरान सोना 4,530.60 डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर तक गया।फेडरल रिजर्व की नरम मौद्रिक नीति, कमजोर डॉलर, केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और ETF होल्डिंग्स में बढ़ोतरी के चलते सोने ने 1979 के बाद से अपना सबसे मजबूत सालाना प्रदर्शन दर्ज किया है।
प्लैटिनम और पैलेडियम की भी सुनो! प्लैटिनम में 7.8% की उछाल आई और ये 2,393.40 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि दिन की शुरुआत में ये रिकॉर्ड 2,429.98 डॉलर तक चढ़ा। पैलेडियम में 5.2% की बढ़त हुई और ये 1,771.14 डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले सेशन के तीन साल के हाई से भी आगे है। ये दोनों धातुएं ऑटोमोबाइल कैटेलिटिक कन्वर्टर्स में इस्तेमाल होती हैं, और सप्लाई शॉर्टेज, टैरिफ की अनिश्चितताएं плюс सोने से शिफ्ट हो रही इन्वेस्टमेंट डिमांड ने इन्हें रॉकेट की स्पीड दी है। इस साल प्लैटिनम 165% ऊपर है, जबकि पैलेडियम 90% से ज्यादा चढ़ चुका है।
क्या ये रैली थमने वाली है? OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग ने रॉयटर्स से कहा, “दिसंबर की शुरुआत से ही मोमेंटम और स्पेकुलेटिव प्लेयर्स सोने-चांदी में तेजी ला रहे हैं। साल के आखिर में लिक्विडिटी की कमी, अमेरिकी ब्याज दरों में लंबे समय तक कटौती की उम्मीदें, कमजोर डॉलर और भू-राजनीतिक रिस्क्स – ये सब मिलकर कीमती धातुओं को नए हाई पर ले जा रहे हैं।” वोंग ने ये भी भविष्यवाणी की कि 2026 के पहले छह महीनों में सोना 5,000 डॉलर तक जा सकता है, जबकि चांदी 90 डॉलर के आसपास पहुंच सकती है।
अगले साल अमेरिका में ब्याज दरों में दो बार कटौती की उम्मीद है, जो सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स के लिए अच्छा सपोर्ट देगी। ऊपर से भू-राजनीतिक टेंशन ने बाजार में पैनिक बढ़ा दिया है – जैसे अमेरिका वेनेजुएला के ऑयल पर अगले दो महीनों में ‘प्रतिबंध’ लगाने की तैयारी में है, और उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में ईसाई कम्युनिटीज पर अटैक्स के बाद इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चला रहा है।