रायपुर जिला

CG : आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए सहायक…

गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः कटारिया

आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना के स्टेकहोल्डर वर्कशाप का आयोजन

रायपुर,

गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः श्री कटारिया
गलत क्लेम करने से भुगतान में होती है देरी, इससे ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी होते हैं प्रभावितः श्री कटारिया

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत आज सोमवार को  न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाईन रायपुर में स्टेकहोल्डर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया की परिकल्पना एवं आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला  के मागदर्शन में यह वर्कशॉप आयोजित की गई। 

योजनांतर्गत जनवरी 2025 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित बैठक में जानकारी दी गई थी कि छत्तीसगढ़ में देश में सबसे अधिक फ्रॉड क्लेम पाए गए हैं, और ऐसे अस्पतालों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर है। वर्कशॉप में अस्पतालों को जानकारी दी गई कि ट्रिगर क्लेम को कैसे कम किया जा सकता है। साथ ही उन्हे जानकारी दी गई कि भविष्य में भी क्लेम, ट्रिगर नहीं हों।

अमित कटारिया द्वारा यह बताया गया कि आयुष्मान योजना गरीब एवं मध्यम वर्ग के नागरिकों के लिए बहुत सहायक है। इस योजना से उन्हें अपने उपचार के लिए अस्पताल का चुनाव करने का विकल्प मिला है। उन्होने बताया कि गलत क्लेम करने से एक दुविधा की शुरुआत हो जाती है। इससे योजना की छवि धूमिल होती है और जनता व अस्पताल का विश्वास डगमगाता है। इससे वास्तविक मरीज जिसे उपचार मिलना चाहिए, अक्सर वंचित रह जाता है। साथ ही अस्पतालों के सही भुगतान में देरी होती है और ईमानदारी से काम करने वाले संस्थान भी प्रभावित होते हैं। और अंततः इसका सबसे बड़ा नुकसान गरीब और वंचित परिवार को उठाना पड़ता है, जिनके लिए यह योजना जीवनरेखा है।

साथ ही उनके द्वारा बताया गया कि योजना में अस्पतालों का सही पंजीयन किया जाये और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाये। शासकीय अस्पतालों द्वारा भी योजना में क्लेम करने के दौरान पूर्ण दस्तावेज़ अपलोड करें जिससे अनावश्यक क्लेम निरस्त न हों। उन्होने आशा जाहिर की कि हमारा राज्य योजना के सकारात्मक मानकों में पूरे देश में प्रथम स्थान पर आए।

इस वर्कशॉप में पूरे दिन में विभिन्न बिन्दुओ जैसे, योजना की सामान्य जानकारी, आयुष्मान कार्ड कैसे बनाया जाता है, वय वंदना योजना में आयुष्मान कार्ड कैसे बनाए जाएं,  सही तरीके से क्लेम कैसे किए जाएं, दस्तावेज़ कैसे सही तरीके से बनाए जाएं, लिपिकीय त्रुटि कम से कम हों, योजना में क्या करना चाहिए व क्या नहीं करना चाहिए, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन अंतर्गत आभा आई.डी. का उपयोग एवं कम्प्लांएट सॉफ्टवेयर का उपयोग आदि पर जानकारी दी गई। वर्कशॉप में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा अपनी शंकाओं को रखा गया जिसका समाधान, वक्ताओं द्वारा किया गया है। 

इस वर्कशॉप में डॉ. सुरेन्द्र पामभोई, संचालक, राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, छत्तीसगढ़, टी.एन. सिंह, राज्य सूचना एवं विज्ञान अधिकारी, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, मनीष कोचर, तकनीकी निदेशक, एन.आई.सी, छत्तीसगढ़, डॉ. सुरेन्द्र शुक्ला, चेयरबोर्ड, हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया, छ.ग., पूजा शुक्ला मिश्रा, संयुक्त संचालक (वित्त), एवं डॉ धर्मेंद्र गहवई, प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर, राज्य नोडल एजेंसी, छ.ग., राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, भारत सरकार से प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक, जिला आयुष्मान नोडल अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक एवं अस्पताल सलाहकार एवं जिला रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर के निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

https://news.google.com/publications/CAAqKAgKIiJDQklTRXdnTWFnOEtEV3RoWkhkaFoyaDFkQzVqYjIwb0FBUAE?hl=hi&gl=IN&ceid=IN%3Ahi

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.