मध्य प्रदेश

एमपी की 18 सीटों पर नहीं बन पा रही सहमति, दिग्गज हट रहे पीछे…

 

भोपाल

मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता चुनावी मैदान में उतरेंगे या फिर वे चुनावी मैदान से दूर रहकर काम करेंगे, गुरुवार दोपहर इस पर फैसला होने की संभावना है। मध्य प्रदेश की 18 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर दो बार टल चुकी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक गुरुवार को दिल्ली में होने जा रही है। इस बैठक में यह तय हो जाएगा कि मध्यप्रदेश के दिग्गज नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व चुनाव लड़वाने में सफल होता है या नहीं।

इधर, कांग्रेस के अब तक उम्मीदवार घोषित न होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तंज कसा है। जबलपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस में सीएम यादव ने कहा भाजपा 10 दिन पहले प्रत्याशी तय कर चुकी है, वहीं कांग्रेस को नामांकन दाखिल होने के दिन तक भी बड़े शहरों के लिए प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीतेगी। हम 2014 में 27, 2019 में 28 सीट जीते हैं और इस बार क्लीन स्वीप करने वाले हैं। उन्होंने कहा कांग्रेस को प्रत्याशी नहीं मिल पा रहे हैं, दूसरी ओर देश में मोदी  की लहर है, जनता पीएम मोदी के साथ है। इस बार जनता ने तय कर लिया है कि मोदी जी को 400 पार सीट दिलवा कर रहेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने 100 दिन के कार्यकाल पर कहा कि हमने पीएम मोदी के मार्ग दर्शन में इस दौरान कई उपलब्धियां हासिल की हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में प्रदेश की सरकार द्रुत गति से आगे बढ़ेगी और विकास कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

नेता प्रतिपक्ष सिंघार का बड़े नेताओं पर संकेतों से निशाना
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संकेतों के जरिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और अरुण यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के सामने यह पेशकश की है कि यदि प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को लोकसभा का चुनाव लड़ाया जाता है तो वे भी लोकसभा का चुनाव धार से लड़ने को तैयार है। उनकी इस पेशकश को बड़े नेताओं पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाए जाने के रूप में देखा जा रहा है।  खासबात यह है कि धार से पार्टी ने उमंग सिंघार के करीबी राधेश्याम मुवेल को उम्मीदवार बनाया है।

कांग्रेस आज कर सकती है प्रत्याशियों का ऐलान
चर्चा है कि राहुल गांधी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, अरुण यादव को चुनाव लड़ाना चाहते हैं जबकि ये चारों नेता चुनाव लड़ने से बचना चाह रहे हैं। इन चारों नेताओं को उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं यह दोपहर में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में तय हो जाएगा।
सूत्रों की मानी जाए तो सबसे पहले इस बैठक में पहले चरण में होने वाले मतदान वाली सीट शहडोल, बालाघाट और जबलपुर को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति में बातचीत होगी। इसके बाद प्रदेश के चारों नेताओं के चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने को लेकर इनकी सीटों पर चर्चा होगी। इसमें इंदौर से जीतू पटवारी, गुना या राजगढ़ से दिग्विजय सिंह और जबलपुर या भोपाल से कमलनाथ, खंडवा या गुना से अरुण यादव के नाम को लेकर चर्चा होगी।  यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस करीब एक दर्जन सीटों पर गुरुवार रात तक उम्मीदवारों का ऐलान कर सकती है।

कमलनाथ के साथ इन नामों पर चर्चा
मुरैना से पंकज उपाध्याय, शहडोल से फुंदेलाल मार्को, भोपाल से अरुण श्रीवस्तव, नर्मदापुरम से संजय शर्मा, रीवा से नीलम मिश्रा, सागर से गुड्डू राजा बुंदेला, मंदसौर से विपिन जैन, उज्जैन से महेश परमार,  विदिशा से अनुमा आचार्य, ग्वालियर से प्रवीण पाठक और रामसेवक गुर्जर, रतलाम से कांतिलाल भूरिया और हर्ष विजय गेहलोत, दमोह से रंजीता पटेल और रामसिया भारती, बालाघाट से हिना कांवरे और कंकर मुंजारे के नाम पर चर्चा हो सकती है। वहीं गुना से वीरेंद्र रघुंवशी, यादवेंद्र यादव के अलावा दिग्विजय सिंह और अरुण यादव के नाम पर भी चर्चा हो सकती है। इसी तरह जबलपुर से लखन घनघोरिया और कमलनाथ के नाम पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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