छत्तीसगढ़

CG : कलेक्टर ने जिले में लगाया धारा 144

सारंगढ़। कलेक्टर एवम जिला निर्वाचन अधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने आचार संहिता लागू दिनांक से आदेश जारी कर जिले में 144 धारा लागू किया है। दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) एवं (2) के अन्तर्गत निर्वाचन के दौरान शांति-व्यवस्था बनाए रखने हेतु जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़, के सम्पूर्ण क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा है। इसके अंतर्गत जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अंदर कोई भी व्यक्ति, किसी भी प्रकार का घातक अस्त्र-शस्त्र यथा बन्दुक, रायफल, पिस्टल, भाला, यल्लम्, बरछा, तलवार, गुप्ती, खूखरी लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार तथा विस्फोटक सामग्री लेकर किसी भी सार्वजनिक स्थान, आम सडक, रास्ता, सार्वजनिक सभाओं,रैली, जुलूस एवं अन्य स्थानों पर नहीं चलेगा। जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़ में कोई भी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और आपत्तिजनक नारे नहीं लगायेगा। आपत्तिजनक पोस्टर आदि प्रदर्शित, वितरित नहीं करेगा। जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अंदर कोई भी व्यक्ति या व्यक्तियों का समूह या दल, बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के न तो कोई सभा करेगा, न कोई रैली या जुलूस निकाल सकेगा। साथ ही किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन, चक्का जाम एवं पुतला दहन किसी भी स्थिति में वर्जित रहेगा।

कोई भी राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा आमसभा, जुलूस, घरना आदि आयोजित करने के 24 घंटा पूर्व उसकी विधिवत् लिखित सूचना सक्षम प्राधिकारी को देगा तथा अनुमति प्राप्त होने के बाद संबंधित राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति आम सभा, जुलूस, घरना आदि का आयोजन कर सकेगा।कोई भी राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अन्तर्गत आने वाले नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के किसी भी धार्मिक स्थल या उसके आस-पास 100 मीटर की परिधि में आमसभा का आयोजन नहीं करेगा और न ही धार्मिक स्थलों का उपयोग किसी भी तरह के राजनैतिक प्रयोजनों हेतु करेगा। किसी भी राजनैतिक दल अथवा व्यक्ति द्वारा बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से किसी प्रकार के नारे-बाजी या प्रचार प्रसार एवं वक्तव्य का उद्‌घोष नहीं करेगा। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व की अवधि में किसी भी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र, नारेबाजी या प्रचार प्रसार पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश का उल्लघन करने वाला व्यक्ति, दल, भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अंतर्गत दण्डनीय होगा। यह आदेश उन व्यक्तियों शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जिन्हें अपने कार्य संपादन के लिए लाठी शस्त्र रखना आवश्यक है तथा उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता वृद्धावस्था या दिव्यांग होने कारण सहकारी के रूप में लाठी रखना आवश्यक होता है।

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