मध्य प्रदेश

25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया

25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया

व्ही.बी.डी. सलाहकार श्री कटारे ने मलेरिया धनात्मक पाए गए रोगियों की संख्या पर प्रकाश डाला

धार
प्रतिवर्ष  25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष मलेरिया दिवस की थीम – अधिक न्यायसंगत दुनिया के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई को तेज करना,  विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर वाहक जनित रोग नियंत्रण गतिविधिया  जैसे – शपथ ग्रहण, कार्यशाला,  बुखार का सर्वे, मलेरिया से बचाव , जांच सुविधा, उपचार, मच्छरदानी के उपयोग के संबंध में ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता द्वारा स्लोगन लेखन, मच्छर के लार्वा उत्पति स्थल जल जमाव वाले स्थानों का सर्वे जैसी एक्टिविटी जिले में की जाएगी। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिला व्ही.बी.डी. सलाहकार  आर कटारे ने पिछले पांच वर्षों में जिले में किए गए बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच की संख्या और जांच के दौरान धार जिले में मलेरिया धनात्मक पाए गए रोगियों की संख्या पर प्रकाश डाला गया ।

पिछले पांच सालों में मलेरिया की स्थिति  (1)वर्ष -2019 मे  बुखार के रोगियों की जांच संख्या= 2,99,288   मलेरिया धनात्मक पाए गए रोगियों की संख्या=265 (2) वर्ष 2020 मे बुखार के रोगियों की जांच संख्या=282659 मलेरिया रोगियों की संख्या=218  (3) वर्ष 2021 मे बुखार के रोगियों की जांच संख्या=320926,  मलेरिया धनात्मक पाए गए रोगियों की संख्या=105  (4) वर्ष 2022 में बुखार के रोगियों की जांच संख्या=360131 , मलेरिया पाए गए रोगियों की संख्या=57  (5) वर्ष 2023 में बुखार के रोगियों की जांच संख्या=3,98,752  मलेरिया पाए गए रोगियों की संख्या=39   इस वर्ष =2024 में जनवरी से 31 मार्च तक कुल  83929 बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच की गई है। जिसमे अभितक जिले में 3 मलेरिया के केस दर्ज हुए हैं।   जिला मलेरिया अधिकारी श्री धर्मेंद्र जैन ने बताया कि धार जिले में निरंतर मलेरिया के रोगियों की संख्या मे कमी आई है इसका मुख्य कारण हमारे मैदानी स्वास्थ कार्यकर्ता  एव सभी शासकीय स्वास्थ केंद्रों पर बुखार के रोगियों की समय पर रेपिड कीट तथा रक्त पट्टी बनाकर तत्काल जांच की जा रही है। और मलेरिया पाए जाने पर मरीज को समय पर उपचार दिया जाता है।  विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एन. एस.गेहलोद द्वारा जनहित में अपील की गई हैं की  मलेरिया फैलाने वाले मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पैदा होते हैं। इस लिए सभी अपने घरों में रखे पानी के  पात्रों को प्रति सप्ताह साफ कर पानी भरे अपने घरों के आस पास जल जमाव न होने देवे कूलर, पानी की टंकी, पशु पक्षी के पीने के कंटेनर को साफ करके फिर से पानी भरे,   पानी से भरे पात्रों को ढक कर रखें। शासन द्वारा मलेरिया एलिमिनेशन के लिए जिले में लगातार प्रभावित क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक कारवाही की जा रही है। बुखार से पीड़ित रोगियों की मलेरिया जांच व उपचार ,कीटनाशक दवा छिड़काव,  मलेरिया प्रभावित उप स्वास्थ केंद्रों में निशुल्क मच्छरदानी का वितरण किया । लोगो में मलेरिया बीमारी के प्रति जन जागरूकता अभियान शुरू करना, मीडिया, टीवी, न्यूज चैनल दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से  मच्छर से होने वाले रोगों की जानकारी आम जन तक आसानी से मिलने से जागरूकता आई है जिस कारण से भी मलेरिया के रोगियों में कमी देखी जा सकती है।

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