मध्य प्रदेश

व्यापारी को बकाया बिल का फर्जी मैसेज भेज लगाई 5.50 लाख की चपत

 आलीराजपुर

 शहर में साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसमें बकाया बिजली बिल का फर्जी मैसेज भेजकर एक व्यापारी के खाते से छह बार में 5.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। हैरत की बात यह है कि बैंक में जाकर अकाउंट ब्लाॅक कराने के बाद भी दो बार में 4.50 लाख रुपये की निकासी फिर कर ली गई। व्यापारी ने इस मामले की शिकायत साइबर सेल को की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

शहर की हाट गली में खाद व्यापारी मुकेश सोमानी की फर्म है। सोमानी के पास सोमवार दोपहर वाट्सएस पर बिजली बिल बकाया होने तथा जल्द राशि भरने का मैसेज आया। कहा गया कि अगर राशि जमा नहीं की गई तो स्मार्ट मीटर के जरिये बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।

इस पर सोमानी ने मैसेज में दिए नंबर पर कॉल किया। सामने एक युवती ने कॉल अटेंड किया और खुद को बिजली कंपनी से बताया। युवती ने कहा कि आपको एक फार्म उपलब्ध कराया जा रहा है। इसे भरकर भेज दीजिए। इस पर आपका कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।

सोमानी ने खाता नंबर सहित अपना विवरण भरकर फार्म वापस भेज दिया। कुछ ही देर बाद सोमानी के पास उनके स्टेट बैंक आफ इंडिया के खाते से 25 हजार रुपये की निकासी का संदेश आया। इस पर सोमानी को ठगी का अहसास हुआ, हालांकि वे कुछ समझ पाते इसी बीच 25 हजार रुपये की निकासी का एक और मैसेज आ गया। इस पर वे तत्काल बैंक मैनेजर के पास गए, हालांकि तब तक 25-25 हजार रुपये दो बार और निकाल लिए गए। इस तरह चार बार में एक लाख रुपये सोमानी के बैंक खाते से निकाल लिए गए।

अकाउंट को ब्लाक करवाया, फिर आ गए दो मैसेज

बैंक मैनेजर को मामले की जानकारी देने के बाद अकाउंट को तत्काल ब्लाॅक कर दिया गया। सोमानी ने बताया, हालांकि इसके करीब दो घंटे बाद तीन लाख रुपये बैंक खाते से कटने का एक और मैसेज आया। इसके कुछ देर बाद डेढ़ लाख रुपये खाते से और निकाल लिए गए।

इस तरह छह बार में कुल 5.50 रुपये बदमाशों ने खाते से चुरा लिए। बैंक द्वारा जांच करने पर खाता महाराष्ट्र में पंजाब नेशनल बैंक का पाया गया है। इस आधार पर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। बताया जाता है कि ठगी की कुछ राशि से साइबर चोरों ने ऑनलाइन खरीदी की है।

advertisement
advertisement
advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button