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CG : कोरिया में मनरेगा कार्यस्थलों पर श्रमिकों के ’फेस ऑथेंटिकेशन’ से लग रही हाजिरी

कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण तकनीकी कदम

कोरिया , पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय नई दिल्ली एवं कमिश्नर मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देशानुसार पंजीकृत श्रमिकों के लिए चल रहे प्रत्येक कार्यस्थल पर आज से फेस अथेंटिकेशन प्रक्रिया अपनाकर हाजिरी लगाने का कार्य आरंभ हो गया है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत तकनीकी के प्रयोग से पारदर्शिता की ओर आगे बढ़ते हुए जल्द यह पूरी योजना वीबी जी राम जी में उन्नत हो जाएगी। कोरिया जिले में आज सभी ग्राम पंचायतों में हो रहे कार्यों मे संलग्न प्रत्येक श्रमिक की आनलाइन हाजिरी फेस अथेंटिकेशन प्रक्रिया के तहत की जा रही है। यह सभी निर्माण एजेंसियो कें अंतर्गत कार्य कर रहे श्रमिकों के लिए भी अनिवार्य हो गई है। 

’ईकेवाईसी से सभी श्रमिक अपडेट’
आनलाइन पोर्टल पर श्रमिकों के दर्ज डेटा अनुसार कोरिया जिले के सभी 55 हजार पंजीकृत श्रमिक परिवारों के सत्यापन का कार्य कराया गया। सभी श्रमिकों को उनके आधार कार्ड और खाते के अनुसार ईकेवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण कर सत्यापन का कार्य पूर्ण किया गया है। अब इन परिवारों के श्रमिकों को आज से प्रत्येक कार्यस्थल पर अपने फेस अथेंटिकेशन के माध्यम से हाजिरी लगाने की कार्यवाही से जोड़ लिया गया है। 

’श्रमिक के लिए सत्यापन अनिवार्य’
महात्मा गांधी नरेगा जो अब वीबी जी राम जी के उन्नत तौर पर लागू होने जा रही है उसमें प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक के लिए उसके जॉब कार्ड का सत्यापन और नवीनीकरण हेतु ईकेवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में 01 मार्च 2026 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत केवल उन्हीं श्रमिकों के नाम मस्टररोल में शामिल किए जाएंगे, जिनका ईकेवाईसी पूर्ण हो चुका है।

’एनएमएमएस ऐप के जरिए डिजिटल हाजिरी’
राज्य शासन के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 01 मार्च 2026 से जारी होने वाले मस्टररोल में श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएमएस ऐप के माध्यम से ’फेस ऑथेंटिकेशन’ (चेहरा प्रमाणीकरण) आधारित प्रक्रिया द्वारा ही दर्ज की जा रही है। प्रत्येक कार्यस्थल पर इस नई तकनीक के सफल क्रियान्वयन के लिए पूर्व से ही जिला और जनपद स्तर के प्रोग्रामर्स को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर दिया गया और इन्होने जिले में कार्यरत प्रत्येक तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक, बीएफटी और मेट को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित किया है। यह प्रक्रिया सभी निर्माण एजेंसियों में चल रहे कार्यों में भी अनिवार्य तौर पर लागू कर दी गई है। 

’तकनीकी से बढ़ी पारदर्शिता’
कोरिया जिले में कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में लागू फेस अथेंटिकेशन हाजिरी के बारे में जानकारी देते हुए जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि वीबीजीरामजी के उन्नत स्वरूप में आगे बढ़ती हुई इस योजना में तकनीकी के प्रयोग से पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सभी कार्यक्रम अधिकारियों को विशेष तौर पर निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक श्रमिक का ईकेवाईसी पूर्ण रखें जिससे कोई भी श्रमिक कार्य की मांग से वंचित ना हो। उन्होने बताया कि इस तरीके को अपनाने से श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान पाने में आसानी होगी।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.