
CG : कलेक्टर ने परखा जल जीवन मिशन, पीएम आवास और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत …
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने बिलाईगढ़ विकासखंड के वनांचल क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोड़ा और धनसीर क्षेत्र का बुधवार को अपरान्ह से शाम तक सघन दौरा कर विभिन्न शासकीय योजनाओं और सुविधाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति की जानकारी सीधे ग्रामीणों से ली। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने ग्राम पंचायत बोड़ा में नल-जल योजना की
जानकारी लेने के लिए स्वयं ग्राउंड पर पहुंचकर ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की। ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि पिछले एक महीने से नल से पानी नहीं आ रहा है, जबकि पहले नियमित रूप से पानी मिल रहा था। इस पर कलेक्टर ने जनपद पंचायत सीईओ को तत्काल पानी चालू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि गांव का नल-जल योजना के तहत सर्टिफिकेशन हो चुका है, इसलिए समस्या का तुरंत समाधान किया जाए। साथ ही हैंडपंप मैकेनिक को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही कुलाराम सिदार से सीधे चर्चा कर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।हितग्राही ने बताया कि उन्हें दो किश्त की राशि मिल चुका है और चौखट लेवल तक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वे स्वयं वनांचल क्षेत्र में पहुंचकर हितग्राहियों से सीधी बातचीत कर रहे हैं। ग्राम पंचायत धनसीर के स्कूल परिसर में डीएमएफ मद से 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित सांस्कृतिक शेड का भी कलेक्टर ने निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता की जानकारी ली।धनसीर में जल जीवन मिशन के तहत 425 घरों में कनेक्शन दिए जाने की जानकारी सरपंच ने दी, लेकिन सभी घरों तक पानी नहीं पहुंचने की बात सामने आई। सरपंच ने बताया कि पाइपलाइन फटने के कारण समस्या हो रही है। कलेक्टर स्वयं ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और पाइपलाइन की स्थिति देखी। पीएचई विभाग ने बताया कि पाइप कम गहराई में डालने के कारण बार-बार फट रहा है। इस पर कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि यहां पानी के स्रोत की कोई समस्या नहीं है।
कलेक्टर डॉ. कन्नौजे ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धनसीर का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्टाफ से परिचय लिया और नेत्र परीक्षण कक्ष, चिकित्सक कक्ष, लैब और आयुष्मान कार्ड की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि यहां 46 प्रकार के लैब टेस्ट किए जाते हैं। साथ ही ओपीडी और आईपीडी की स्थिति तथा प्रसव कक्ष की भी जानकारी ली गई। अस्पताल में महीने में 10 से अधिक डिलीवरी होने की जानकारी दी गई, लेकिन निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान
अस्पताल भवन में बरसात के समय सीपेज होने की समस्या सामने आई, जिसकी जानकारी डॉ. योगेश कुमार बरिहा ने दी। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की कि डॉक्टर कई बार उपस्थित नहीं रहते और कई दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। इस पर कलेक्टर ने आपात स्थिति में जीवन दीप समिति के माध्यम से दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने भवन की वॉटरप्रूफिंग, मरम्मत और जर्जर हिस्सों को रिपेयर करने के निर्देश दिए। पुराने जर्जर भवन को डिसमेंटल करने के लिए भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि गुरुवार को अस्पताल के सामने बाजार और पास में मछली बाजार लगता है, जिससे अस्पताल परिसर में असुविधा होती है। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को मछली बाजार को अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, जिसमें पानी की समस्या सबसे ज्यादा सामने आई। इस पर उन्होंने पीएचई विभाग को विस्तृत जांच कर समाधान करने के निर्देश दिए।






