राजनांदगांव आज दिनांक 02.09.2025 को पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन एवं अति0 पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑपरेशन मुकेश ठाकुर, अति0 पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में गणेशोत्सव एवं आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर में कानून एवं यातायात व्यवस्था बनाये रखने हेतु यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार खेस की उपस्थिति में शहर के गुरूद्वारा चौक से प्रारंभ होकर मानव मंदिर चौक, सिनेमा लाईन, भारत माता, तिरंगा चौक, गंज लाईन, गंज चौक, कुऑ चौक मार्ग में एम्बुलेंस, फायर बिग्रेड, क्रेन एवं यातायात पेट्रोलिंग का ड्राई रन अभ्यास कराया गया।
यातायात पुलिस की आम जन से अपील है कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून एवं यातायात व्यवस्था बनाये रखने में राजनांदगांव पुलिस का सहयोग करें, एवं असुविधा से बचे।
दीवान भेड़ी ग्राम में दर्दनाक हादसा, 3 साल की बच्ची की ट्रक से कुचलकर मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने मांगा मुआवजा
राजनांदगांव जिले के तुमड़ीबोर्ड थाना चौकी अंतर्गत आने वाले दीवान भेड़ी ग्राम में आज एक दर्दनाक हादसा हुआ। गांव के ही एक राइस मिल के 14 चक्का ट्रक ने 3 साल की मासूम बच्ची को कुचल दिया। ट्रक के चक्के के नीचे आने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने ट्रक और उसके ड्राइवर को पकड़ लिया। बच्ची की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और मुआवजे की मांग करने लगे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रही है। ग्रामीण बच्ची की मौत पर उचित कार्यवाही और आर्थिक सहायता की मांग पर अड़े हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मिली जानकारी की अनुसार चक्काजाम हटा दिया गया है और संबंधित राईस मिल ने परिजनों को मुआवजा देने की बात कही है
– कलेक्टर ने खाता विभाजन एवं विवादित नामांतरण के प्रकरणों पर यथाशीघ्र निराकरण करने के दिए निर्देश – शिविर लगाकर आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में गति लाने कहा – ऑनलाईन स्मार्ट क्लास रूम एवं कोचिंग क्लास का होगा शुभारंभ, – सीटी स्कैन मशीन के लोकार्पण तथा ट्रॉमा सेंटर के भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारी के लिए दिए आवश्यक दिशा-निर्देश – एनआरएलएम अंतर्गत सभी ग्रामों एवं समूहों का विलेज प्रोसपिरिटी रेसिलिएंस प्लान के लिए प्रशिक्षण देने कहा – साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि अटल मानिटरिंग पोर्टल के मापदण्डों के अनुरूप सभी विभाग बेहतरीन कार्य करें। उन्होंने अटल मानिटरिंग डेश बोर्ड के संबंध में जानकारी ली तथा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी तथा ग्रामीण के तहत नवनिर्मित मकानों को यथाशीघ्र आबंटित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने कहा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण देने तथा लाभान्वित करने कहा। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के अंतर्गत शेष रह गए लक्ष्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी राजस्व अधिकारी समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण करें। खाता विभाजन एवं विवादित नामांतरण के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकरण करें। उन्होंने शिविर लगाकर आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए घर-घर सर्वे करने की आवश्यकता है, ताकि कोई भी पात्र बालक एवं बालिका आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विभिन्न कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री सरस्वती सायकल वितरण योजना कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही ऑनलाईन स्मार्ट क्लास रूम एवं कोचिंग क्लास का शुभारंभ करेंगे तथा ग्राम सुकुलदैहान में स्वर्ण उपज के तहत आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके साथ ही सीटी स्कैन मशीन का शुभारंभ एवं ट्रॉमा सेंंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए तथा आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कहा कि शिक्षा विभाग अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति देने में आ रही दिक्कत को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक खातों में सुधार के साथ ही अन्य समस्या का समाधान करें। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत सभी ग्रामों एवं समूहों का विलेज प्रोसपिरिटी रेसिलिएंस प्लान बनाकर ग्राम पंचायतों के विकास के लिए कार्य किया जाना है। जिसके लिए विकासखंड स्तर पर समन्वय समिति का गठन करने के लिए कहा। इसके लिए कार्य प्रारंभ करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स को जागरूकता एवं प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने रामलला दर्शन योजना, स्वामित्व योजना, भू-बंटन के प्रकरणों की स्थिति, जल जीवन मिशन, पीएम स्वनिधि योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसान के्रेडिट कार्ड योजना के तहत पशुपालन एवं मत्स्य पालन में केसीसी का लाभ हितग्राहियों को मिलना चाहिए।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विलेज प्रोसपिरिटी रेसिलिएंस प्लान के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए आयोजित बैठकों में सरपंच, महिला पंच, ग्राम संगठन पदाधिकारी, वीपीआरपी, सीआरपी, एएनएम, आशा वर्कर, स्कूल शिक्षक, ग्राम पंचायत के सम्मानित व्यक्ति, तकनीकी विशेषज्ञ प्रतिभागी होंगे। सभी को इसके लिए जागरूकता हेतु प्रशिक्षण दिया जाएगा। ग्राम पंचायत विकास योजना जीपीडीपी के लिए स्वसहायता समूह के सक्रिय सदस्यों का समावेशीकरण किया जाएगा। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर प्रेम प्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव खेमलाल वर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ एम भार्गव, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राजनांदगांव । भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा जनजातीय अंचलों में सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए संचालित आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने निजी होटल में डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब का शुभारंभ किया। जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। जिसका उद्देश्य जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुंचाना और विभिन्न विभागों की प्रत्येक योजना से गांव के अंतिम व्यक्ति को जोडऩा है। इसके लिए शासकीय अधिकारी-कर्मचारी, आदि कर्मयोगी, व्यावसायिक कार्यकर्ता सहित अन्य सहयोगी, अशासकीय संस्था, स्वसहायता समूह, सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण युवा साथी बनकर गांव के अंतिम व्यक्ति तक एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने सभी से आदि कर्मयोगी अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।
आदि कर्मयोगी अभियान के जिला प्रभारी सुशील कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर 20 लाख आदि कर्मयोगी भारत में तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में 1 लाख 33 हजार आदि कर्मयोगी तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठ और उत्तरदायी शासन स्थापित करने कहा।
सहायक आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग दीक्षा गुप्ता ने बताया कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग राजनांदगांव द्वारा तीन दिवसीय डिस्ट्रिक्ट प्रोसेस लैब में जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, महिला बाल विकास विभाग, कृषि विभाग तथा अशासकीय संस्थाओं के चयनित 28 प्रतिभागी शामिल हो रहे है। इस अवसर पर प्रशिक्षण प्रदायकर्ता यशवंत वर्मा, दीपक ठाकुर, रेणुका कन्नौजे, किशोर माहेश्वरी, वीरेंद्र वैष्णव, दिलीप कुमार, अमितेश सिंह परिहार तथा अधीक्षक पुरेंद्र, प्रशांत, मोहनीस, निखिल, विनीता, जया एवं स्मृति उपस्थित थे।
राजनांदगांव। शहर से महज तीन कुछ किलोमीटर दूर स्थित अंतर्राष्ट्रीय मानकों से शिक्षा देने का दावा करने वाली प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था नीरज बाजपाई इंटरनेशनल स्कूल में अनुशासनहीनता का गंभीर मामला सामने आया है। हायर सेकेंडरी के दो छात्रों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। मारपीट के दौरान एक छात्र की हालत बिगड़ गई और उसे मूर्छित अवस्था में उपचार हेतु अस्पताल ले जाना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़े में घायल छात्र के मुंह से झाग आने लगे और उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने छात्र को चादर में लपेटकर शहर के निजी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज किया गया। निश्चित रूप से स्थिति इतनी गंभीर रही होगी जिसमें स्कूल के रखे फर्स्ट एड बॉक्स से काम नहीं चल पाया होगा और छात्र की स्थिति को देखते हुए कोई बड़ी चिकित्सा सुविधा वाले जगह जाना पड़ा।
*👉जिम्मेदारी पर उठे सवाल* हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जिस संस्थान को उत्कृष्ट शिक्षा और अनुशासन के लिए जाना जाता है, वहीं यदि छात्र इस कदर आक्रामक हो जाएं तो यह संस्था की साख पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। घटना इतनी गंभीर थी कि (एमएलसी) मेडिको-लीगल केस बनना चाहिए था, लेकिन इसकी सूचना न तो पुलिस तक पहुंचाई गई और न ही जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई। अभिभावकों को केवल बुलाकर समझाइश देकर मामला दबाने की कोशिश, पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
*👉स्कूल प्रबंधन की कार्रवाई* घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषी छात्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों के अभिभावकों को स्कूल बुलाकर समझाइश दी गई। प्रबंधन का कहना है कि बच्चों के बीच हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को हल्के में नहीं लिया जाएगा और भविष्य में अनुशासन बनाए रखने सख्त कदम उठाए जाएंगे।
*👉ऐसे में अभिभावक कितने सुरक्षित* अपने बच्चों को प्रतिष्ठित स्कूलों में पढ़ाने वाले अभिभावक इस तरह की घटनाओं से गहरी चिंता में होना लाजमी हैं। बच्चों को ऐसे स्कूलों में दाखिला यह मानकर करते हैं कि ऐसे स्कूलों में बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा और सुरक्षित वातावरण भी मिलेगा। लेकिन जब ऐसे संस्थानों में ही हिंसक स्थिति की घटनाएं घटित होने के मामले सामने आए और उनकी जानकारी शिक्षा विभाग या पुलिस तक भी नहीं पहुंचती, तो यह अभिभावकों के लिए गंभीर चिंता का विषय जरूरत बनता है।
*जरूरी है सख्त निगरानी* विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर पर्दा डालने के बजाय शिक्षा विभाग और पुलिस को तत्काल सूचना दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में छात्र अनुशासनहीनता की ऐसी घटनाओं को दोहराने से पहले कई बार सोचें। साथ ही, स्कूल प्रबंधन को भी पारदर्शी तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, ताकि बच्चों की सुरक्षा और संस्थान की साख दोनों बनी रहे। इस तरह के घटना के मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या निजी शिक्षण संस्थान अनुशासन बनाए रखने और घटनाओं को पारदर्शी ढंग से सामने लाने में सक्षम हैं? या फिर केवल प्रतिष्ठा बचाने की कवायद तक ही सीमित रह जाते हैं।
*वर्सन* हम उम्र के बच्चों होते है वहां कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती है बच्चों के परिजनों को बुलाया गया था, और प्राथमिक उपचार भी दिया गया । छात्र के निलंबन को अन्य मामले में किया गया है ऐसा निदेशक का कहना है।
नीरज वाजपेयी निदेशक नीरज वाजपेयी इंटरनेशनल स्कूल
इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है, आयेगा तो हमारा विभाग निश्चित रूप से उचित कार्यवाही करेगा।
राजू राम साहू विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव
अनियमितता पाए जाने पर पांच उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी
महासमुंद , कलेक्टर विनय लंगेह के मार्गदर्शन में प्रभारी उप संचालक कृषि भीमराव घोडेसवार एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ब्रजेश तुरकाने पिथौरा, उषा कांती खेश वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बसना द्वारा विकासखंड बसना एवं पिथौरा के उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म राजा बीज भंडार सांकरा, खत्री बीज भंडार सांकरा, सिन्हा कृषि केन्द्र पिथौरा, नायक कृषि केन्द्र सागरपाली, किसान कृषि केन्द्र भूकेल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संबंधित फर्म में पी.ओ.एस. स्टाक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया। इसके अलावा संबंधित फर्म द्वारा मासिक प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने के कारण संबंधित फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब प्राप्त होने के पश्चात् आगे की कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कृषकों से अपील की है कि कृषक बिल लेकर ही उर्वरक का विक्रय करें एवं कालाबाजारी की शिकायत पाए जाने पर संबंधित विकासखण्डों के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क करें।
धमतरी शहरवासियों को शीघ्र ही आवागमन की और अधिक सुगम सुविधाएँ ’
सभी प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे और शहर के यातायात तंत्र में बड़ा बदलाव दिखाई देगाः कलेक्टर अबिनाश मिश्रा
धमतरी, धमतरी शहरवासियों को शीघ्र ही आवागमन की और अधिक सुगम सुविधाएँ मिलने जा रही हैं। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने लोक निर्माण विभाग को शहर के लिए नवीन सड़क निर्माण का नक्शा और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में विभाग द्वारा 12 विभिन्न मार्गों के सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। जिनकी कुल लंबाई 23 किलोमीटर होगी । इस स्वीकृति के तहत शहर के मुख्य मार्गों से लेकर मोहल्लों और बस्तियों को जोड़ने वाले आंतरिक मार्गों तक सड़क निर्माण का कार्य होगा। प्रस्तावित परियोजनाओं में अमलतास कॉलोनी से पॉलीटेक्निक कॉलेज कलेक्टोरेट मार्ग, श्यामतराई से भटगांव मार्ग, रूद्रेश्वर मंदिर से नहर किनारे के मार्ग, रूद्री बैराज से राज्य मार्ग तक तथा रूद्रेश्वर मंदिर से करैथा गाँव होते हुए राज्य मार्ग तक बी.टी. सड़क का निर्माण शामिल है।
प्रस्ताव में सी.सी. सड़क निर्माण कार्यों में भी शहर को बड़ी सौगात मिली है। इसके अंतर्गत बेंद्रानवागांव चौक से नहर तक पुलिस ग्राउंड मार्ग, डाक बंगला मुक्तिधाम से पंचवटी कॉलोनी मार्ग, दानीटोला स्कूल चौक से कन्या महाविद्यालय होते हुए शीतकुंड मार्ग, कन्या महाविद्यालय से दुलारी नागरा स्ट्रीट, जलविहार कॉलोनी की विभिन्न गलियों तथा जोधपुर गौठान से पंचवटी कॉलेज मार्ग को शामिल किया गया है।
कलेक्टर मिश्रा ने प्रस्तावित नक्शे का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को सुगम व सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि धमतरी शहर तेजी से विकास की ओर अग्रसर है और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नागरिकों को आधुनिक शहरी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा। शहर की आंतरिक गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक निर्माण कार्य होने से व्यापार, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच आसान होगी।
’कलेक्टर मिश्रा ने नागरिकों से पहले से ही अपील की कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा होने पर सहयोग दें ताकि कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो सके। शासन और प्रशासन की प्राथमिकता है कि सड़कें टिकाऊ, मजबूत और दीर्घकालिक हों, जिससे आने वाले वर्षों तक शहरवासी लाभान्वित हो सकें। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर लगभग सभी प्रमुख मार्ग आपस में जुड़ जाएंगे और शहर के यातायात तंत्र में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। यह कदम न केवल शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर की ओर भी अग्रसर करेगा।
रायुपर, छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले की महानदी परियोजना के अतंर्गत शाखा नहर के गोड़ा से कुसमी (आर.सी.सी ट्रफ) नहर के विस्तार कार्य के लिए 75 लाख 98 हजार रुपये स्वीकृत किये है।
योजना के कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्रीय किसानों को 80 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
एमसीबी, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) चिरमिरी, जिला एमसीबी ब्लाक खड़गवां के आदेशानुसार ग्राम पंचायत मेरो स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (आईडी क्रमांक 532004001) के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत मेरो के सरपंच एवं सचिव द्वारा निभाए जाने में असमर्थता व्यक्त की गई है। इस परिस्थिति को देखते हुए उक्त दुकान का संचालन किसी सक्षम समिति को सौंपे जाने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है, ताकि क्षेत्र की जनता को खाद्यान्न वितरण की सुविधा सुचारु रूप से मिलती रहे।
इस उद्देश्य से आदिम जाति सहकारी समिति, बहुउद्देशीय सहकारी समिति, महिला स्वंय सहायता समूह, वन सुरक्षा समिति एवं अन्य पात्र समितियों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक समितियां 19 अगस्त 2025 से 11 सितम्बर 2025 तक कार्यालयीन समय में आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं। आवेदन के साथ पंजीयन प्रमाण पत्र, पासबुक की छायाप्रति एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा।
अंतिम तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। अनुविभागीय अधिकारी (रा.) चिरमिरी ने स्पष्ट किया है कि उचित मूल्य दुकान का आबंटन नियमानुसार एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अंचल के पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
जगदलपुर, भारतीय सैन्य अग्निवीर थलसेना 2025-26 भर्ती अधिसूचना जारी किया गया था। जिसका कम्प्यूटर परीक्षा का आयोजन सेना भर्ती कार्यालय द्वारा की गई थी।
कम्प्यूटर परीक्षा में बस्तर जिले के उत्तीर्ण अभ्यर्थी जो शारीरिक प्रशिक्षण के इच्छुक हो, वे उत्तीर्ण संबंधी दस्तावेज के साथ स्वयं कार्यलयीन समय में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र आड़ावाल जगदलपुर में 10 सितम्बर तक उपस्थित होकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं, ताकि भर्ती पूर्व कौशल शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण से लाभांवित किया जा सके।
रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 891.7 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बस्तर जिले में सर्वाधिक 1292.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 432.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।
रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 756.4 मि.मी., बलौदाबाजार में 618.9 मि.मी., गरियाबंद में 747.1 मि.मी., महासमुंद में 651.2 मि.मी. और धमतरी में 797.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 843.2 मि.मी., मुंगेली में 829.7 मि.मी., रायगढ़ में 1055.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 721.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1038.6 मि.मी., सक्ती में 920.4 मि.मी., कोरबा में 851.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 851.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 713.5 मि.मी., कबीरधाम में 627.5 मि.मी., राजनांदगांव में 798.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1143.2 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 666.9 मि.मी. और बालोद में 977.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 633.1 मि.मी., सूरजपुर में 965.0 मि.मी., बलरामपुर जिले में 1277.8 मि.मी., जशपुर में 871.3 मि.मी., कोरिया में 984.4 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 894.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।
बस्तर संभाग में कोंडागांव जिले में 837.9 मि.मी., कांकेर में 1047.0 मि.मी., नारायणपुर में 1135.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1243.6 मि.मी., सुकमा में 988.8 मि.मी. और बीजापुर में 1211.9 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।
बलरामपुर, जिले के कृषकों के लिए खरीफ वर्ष 2025-26 में समितियों के माध्यम से कृषकों को सतत रूप से यूरिया का वितरण किया जा रहा है। साथ ही किसानों के बेहतर फसल के लिए कलेक्टर राजेंद्र कटारा के मार्गदर्शन में यूरिया का भंडारण किया जा रहा है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो।
यूरिया भंडारण के संबंध में जिला विपणन अधिकारी प्रितिका पूजा केरकेट्टा ने जानकारी दी है कि जिले में 550 टन यूरिया का भंडारण किया गया है इसके साथ ही यूरिया की आगामी रेक लगभग 400 टन यूरिया भंडारण किए जाने की योजना है ताकि इस खरीफ सीजन में जिले के किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हो सके।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के निर्देशन में किसानों को खरीफ फसल के लिए समय पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही उर्वरक के अवैध भंडारण एवं परिवहन पर सतत कार्यवाही भी की जा रही है।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने विभागीय कामकाज की समीक्षा की
रायपुर,
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के विभागीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्री देवांगन ने निजी उद्योगों द्वारा कराए जाने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य जांच की गहन समीक्षा की। जोखिम वाले (खतरनाक) 913 कारखानों में मात्र 682 ने ही श्रमिकों की चिकित्सा रिपोर्ट अपलोड की गई, शेष की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने और जिनके द्वारा किये गए है उनके द्वारा बरती जा रही खानापूर्ति को लेकर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए निर्देश दिए। उन्होने कहा कि श्रमिकों के स्वास्थ जांच में किसी तरह की मनमानी न हो इसके लिए फील्ड पर विभागीय अधिकारी स्वास्थ्य जांच पर नियमित निगरानी रखे। उन्होंने जोखिम कारखानों का विभागीय अधिकारियों द्वारा निरिक्षण के बाद पाई गई कमियों के निराकरण के सम्बन्ध में 929 कारखानो में 222 में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने को लेकर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, संयुक्त सचिव फरिहा आलम, उप सचिव अंकिता गर्ग, श्रम विभाग अपर आयुक्त सविता मिश्रा, एस.एल.जांगड़े, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री देवांगन ने बैठक में संगठित, असंगठित और श्रम कल्याण मण्डल की सभी श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा विभाग, ईएसआईसी विभाग की समीक्षा की। आवास योजना की राशि को एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख प्रति हितग्राही करने आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए । मंत्री देवांगन ने श्रमिकों को मिलने वाली सभी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होने कई जिलों के कम परफॉरमेंस वाले श्रम अधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए। साथ ही योजनाओं का अधिक से अधिक श्रमिकों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा है कि श्रम विभाग द्वारा संचालित विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ श्रमिकों को मिले इस दिशा में अधिकारी मुस्तैदी से कार्य करें। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों श्रमवीर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कर श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण करवाने के निर्देश दिए। प्रदेश में लगभग 30 लाख 69 हजार पंजीकृत श्रमिक है। इसमें से 11 लाख श्रमिकों द्वारा 5 साल बाद नवीनीकरण नहीं कराया गया है। केबिनेट मंत्री ने श्रमिकों का दोबारा पंजीयन कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। विभागीय अधिकारी श्रमिकों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। उन्होंने विभाग के अधीन संचालित मंडलों द्वारा किये जा रहे कार्यों की गहन समीक्षा की।
देवांगन ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।
श्रम मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए लगातार आर्थिक मदद दी जा रही है। श्रम विभाग के तीनों मंडल – छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, छ.ग. असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं छ.ग. श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का सफल क्रियान्वयन हो रहा है।
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रदेश में विष्णु देव सरकार के सुशासन में अब मजदूर का बच्चा मजदूर नहीं रहेगा। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के हितों में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से अटल उत्कृष्ट योजना , मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार किट योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कॉपी हेतु सहायता राशि योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु उत्कृष्ट खेल प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना संचालित की जा रही है।
15 फीट के दिव्य अलौकिक राजाधिराज महाराज श्री गणेश मूर्ति आकर्षण का केंद्र बनी
धार्मिक सामान्य ज्ञान मौखिक प्रतियोगिताएं, विभिन्न पुरस्कारों का वितरण
राजनांदगांव। बाल रत्न मंच सेवा समिति के मुख्य प्रचार प्रभारी महेश शर्मा ने बताया कि संस्कारधानी राजनांदगांव में आनंद-उमंग गणपति महोत्सव हर्षोल्लास के साथ १० दिवसीय आयोजन सेवा में निरंतर 32 वर्षों से छत्तीसगढ़ की संस्कारधानी राजनंदगांव में बाल रत्न मंच सेवा समिति रामाधीन मार्ग द्वारा किया जा रहा है सनातन संस्कृति के अनुरूप में 15 फीट भव्य आकर्षक राजाधिराज गणेश प्रतिमा की स्थापना की गई है पंडाल परिसर नव्य भव्य आकर्षक हरियाली , झूमर ,विद्युत झालर से ओत-प्रोत राजाधिराज गणपति का दरबार सजाया गया है |
सनातन संस्कृति के संस्कारों पर आधारित सनातन की प्रेरणा शिक्षा प्रदान करते हुए बाल रत्न मंच सेवा समिति रामाधीन मार्ग राजनांदगांव में गणपति सेवा में समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रभारी प्रशांत कुशवाहा, श्रेयांश जोशी एवं पंडाल प्रभारी सतपाल वातवानी के कुशल नेतृत्व में भाद्रपद शुक्ल दशमी, दिनांक ०२ सितंबर २०२५, मंगलवार, समय संध्या ६ बजे से आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित शर्मा के कुशल नेतृत्व में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम गणेशोत्वस पंडाल परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
गायन प्रतियोगिता धार्मिक एवं देशभक्ति, नृत्य प्रतियोगिता, धार्मिक एवं देशभक्ति वेशभूषा प्रतियोगिता (फैंसी ड्रेस), क्ले आर्ट में भगवान गणपति की मूर्ति बच्चों एवं महिला व पुरूष सभी उम्र के सभी वर्गों के प्रतिभागियों के लिये, प्रति प्रतियोगिता शुल्क ३०/- रूपये रहेगी। कार्यकारिणी वरिष्ठ सदस्य गोविंद जोशी, निलेश शर्मा ने कहा कि, प्रतियोगिता में संपर्क हेतु 98274 97252 , 7747817127 सांस्कृतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि- नेहा गुप्ता (स्थायी लोक अदालत सदस्य दुर्ग संभाग), अल्का सुरजन (समाज सेविका), सुषमा सुरजन (समाज सेविका) द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार एवं सांत्वाना पुरस्कार प्रदान करते हुए पुरस्कृत किये जायेंगे। गणेश उत्सव आयोजन समिति सचिव चैतन्य अग्रवाल ने संस्था परिवार की ओर से बच्चों , महिला एवं पुरुष वर्ग से अधिक से अधिक प्रतियोगिताओं में सम्मिलित होने का आग्रह किया है लगातार संध्या 7:00 बजे से 5 दिन से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है l
उपरोक्त जानकारी प्रचार-प्रचार प्रमुख महेश शर्मा एवं आयुष शर्मा, हर्ष अग्रवाल ने दी।
चालू खरीफ सीजन में अब तक 6.39 लाख टन यूरिया वितरित, गत वर्ष इसी अवधि में हुआ था 6.17 लाख टन का वितरण
राज्य में यूरिया और अन्य रासायनिक खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध, किसानों की मांग पर केंद्र सरकार ने स्वीकृत किया अतिरिक्त आबंटन
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर किसानों के हित में एक बड़ी राहत मिल रही है। भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 60 हजार टन अतिरिक्त यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में 20 हजार टन, द्वितीय सप्ताह में 35 हजार टन और शेष 5 हजार टन की आपूर्ति माह के अंत तक सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार संवेदनशील है और यह अतिरिक्त आबंटन उनकी खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में सहायक होगा।
मार्कफेड अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ सीजन के लिए 28 अगस्त की स्थिति में सहकारी क्षेत्र में 3 लाख 91 हजार 79 मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 3 लाख 11 हजार 563 मीट्रिक टन, इस तरह कुल 7 लाख 2 हजार 642 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया गया है। इसके विरुद्ध 6 लाख 38 हजार 599 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित किया जा चुका है। इसमें 3 लाख 42 हजार 444 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र और 2 लाख 96 हजार 155 मीट्रिक टन निजी क्षेत्र से वितरण शामिल है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि में हुए 6 लाख 17 हजार 798 मीट्रिक टन वितरण से अधिक है, जो इस बार की बेहतर आपूर्ति व्यवस्था का प्रमाण है।
प्रदेश में किसानों के लिए नैनो खाद की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 78 हजार 919 और निजी क्षेत्र में 1 लाख 12 हजार 140, इस तरह कुल 2 लाख 91 हजार 59 बॉटल नैनो यूरिया का भंडारण हुआ है। इसी प्रकार सहकारी क्षेत्र में 1 लाख 58 हजार 809 और निजी क्षेत्र में 79 हजार 810, कुल 2 लाख 38 हजार 619 बॉटल नैनो डीएपी संग्रहित किया गया है। अब तक किसानों को 2 लाख 32 हजार 652 बॉटल नैनो यूरिया और 1 लाख 85 हजार 136 बॉटल नैनो डीएपी वितरित किया जा चुका है।
प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए भारत सरकार ने 14.62 लाख टन रासायनिक खाद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में 15.64 लाख टन का भंडारण कर लिया गया है। भंडारण के आधार पर किसानों को अब तक 13.19 लाख टन खाद वितरित किया गया है। यह व्यवस्था बताती है कि समितियों और निजी क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और किसानों को किसी तरह की कठिनाई नहीं होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की आपूर्ति उनकी समयबद्ध जरूरतों के अनुरूप प्राथमिकता से की जा रही है। अब तक निर्धारित लक्ष्य का 98 प्रतिशत यूरिया किसानों तक पहुँच चुका है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि किसानों को मौसम और फसल की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त खाद की आपूर्ति लगातार जारी रहेगी और उनकी उपज सुरक्षित रहेगी।
इस संबंध में गत दिनों कृषि मंत्री रामविचार नेताम और राज्य के सांसदों ने भी केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा से भेंट कर छत्तीसगढ़ के किसानों की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार से लगातार संपर्क किया गया और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त 60 हजार टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सहकारी सोसायटियों और निजी विक्रेताओं के माध्यम से खाद का वितरण सुव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
किसान समितियों में आसानी से खाद उपलब्ध करा पा रहे हैं और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खेती-किसानी प्रभावित होने के बजाय और मजबूती पा रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसानों ने सरकार और प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय पर यूरिया और अन्य खाद उपलब्ध होने से बुवाई और फसल प्रबंधन का काम सुचारू रूप से हो रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि खाद, बीज और सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से खरीफ सीजन में किसानों को समुचित राहत मिलेगी और छत्तीसगढ़ कृषि उत्पादन में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर और चूल्हा भी उपलब्ध:मकान ढहने पर सहायता राशि भी प्रदान की गई
रायपुर,
दंतेवाड़ा में हाल ही में आई बाढ़ से निपटने और प्रभावितों को आवश्यक मदद पहुँचाने में प्रशासन तत्पर रहा। अपने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दक्षिण कोरिया से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर बाढ़ प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे।
आज मुख्यमंत्री के दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा पहुँचने पर बाढ़ प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा समय पर बचाव एवं राहत पहुँचाने के लिए आभार व्यक्त किया। मौजूद लोगों ने कहा कि सरकार की इस संवेदनशील पहल से सभी प्रभावित परिवार सुरक्षित और सकुशल हैं। राहत शिविर में रहने, भोजन और इलाज जैसी सभी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
बाढ़ पीड़ित गुप्तेश्वरी कश्यप, शालिनी शर्मा, सविता पात्रे एवं लता सागर ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि राहत शिविर में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं है और अब राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा भी दिया गया है। मकान ढहने पर सहायता राशि भी मिल चुकी है और अब घर बनने तक वे यहाँ राहत शिविर में रहेंगे। प्रभावितों ने बताया कि बाढ़ आने के साथ ही प्रशासन की अपील पर सभी लोग सुरक्षित ऊँचे स्थान पर चले गए थे। फिर बाढ़ का पानी उतरने के बाद उन्हें चूड़ी टिकरापारा के छात्रावास भवन में राहत शिविर में ठहराया गया।
इसी तरह रीता कश्यप, द्रोपदी नाग, कुंदन गुप्ता, महेश नाग, बबीता नाग सहित अन्य प्रभावितों ने भी प्रशासन के राहत एवं पुनर्वास प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री के समक्ष भावुक हुईं सोमड़ी सोढ़ी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बाढ़ प्रभावितों से मिलने के दौरान चूड़ी टिकरापारा निवासी सोमड़ी सोढ़ी के घर पहुँचे तो सोमड़ी सोढ़ी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि बाढ़ से पूरा घर डूब गया था। बाढ़ आने के एक दिन पहले वह अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थीं और उनकी दोनों बेटियाँ भी साथ में थीं, इस कारण उनकी जान बच गई। अस्पताल से ठीक होकर शुक्रवार को वह घर लौटीं।
सोमड़ी ने बताया कि बाढ़ के पानी में घर का पूरा सामान खराब हो गया है। इस बीच प्रशासन ने राशन, बर्तन, कपड़े, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा उपलब्ध कराया है। साथ ही राहत शिविर में नाश्ता, भोजन और इलाज की सुविधा भी दी जा रही है। इस आपदा की घड़ी में सरकार की सहायता के लिए सोमड़ी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट किया।
इसी तरह दंतेवाड़ा के चूड़ी टिकरापारा के बाढ़ प्रभावित सुरेश बघेल ने बताया कि बाढ़ आने के दिन पूरा परिवार घर में ही था। प्रशासन की सूचना पर वे सभी सुरक्षित स्थान पर चले गए और एक दिन बाद राहत शिविर पहुँचे। पिछले शुक्रवार को वे शिविर से घर लौटे हैं।
सुरेश ने बताया कि प्रशासन द्वारा राशन, बर्तन, गैस सिलेंडर एवं चूल्हा, कंबल-चादर और कपड़े जैसे सभी जरूरी सामान उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री की पहल पर पूनम को मिली पुस्तकें और नया टेबलेट
रायपुर,
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर बाढ़ से प्रभावित दंतेवाड़ा की पूनम पटेल की प्रशासनिक अधिकारी बनने की तैयारी आगे भी निर्बाध जारी रहेगी। पूनम पटेल, दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित इलाके में रहकर पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में दंतेवाड़ा में आई बाढ़ से प्रभावित होने के कारण पूनम का पूरा परिवार राहत शिविर में है। आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूनम से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। मुख्यमंत्री की पहल पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी हेतु पूनम को आवश्यक पुस्तकें और एक नया टेबलेट उपलब्ध कराया गया है। अब पूनम की यूपीएससी तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।
दंतेवाड़ा जिले के चूड़ीटिकरा पारा वार्ड की रहने वाली पूनम पटेल पिछले तीन वर्षों से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनका घर क्षतिग्रस्त हो गया और घर का सारा सामान बह गया। पूनम ने बताया कि बाढ़ के पानी में उनकी सभी पुस्तकें बह गईं और टेबलेट भी खराब हो गया। पूनम ने कहा कि उनके पिता संतोष पटेल किराना दुकान चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और उन्हीं की आमदनी से बड़ी मुश्किल से एक-एक पैसा जोड़कर यूपीएससी की पढ़ाई के लिए टेबलेट खरीदा था। बाढ़ के पानी में पुस्तकें और टेबलेट खराब हो जाने से पूनम आगे की तैयारी को लेकर बेहद चिंतित थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पूनम को नया टेबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। इस सहायता से पूनम को बड़ी राहत मिली है। अब पूनम के प्रशासनिक अधिकारी बनने की राह में बाढ़ भी बाधा नहीं डाल पाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई और जमीनी सर्वेक्षण
रायपुर,
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता तथा तत्परता आवश्यक है।
मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा पारा में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाए और उनके पुनर्वास के कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों में सभी जरूरी व्यवस्थाओं के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को राशन, बर्तन और कपड़े जैसे आवश्यक सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को आवश्यकता अनुसार मकान की मरम्मत अथवा नए मकान निर्माण के लिए सहायता राशि समय पर देने के निर्देश दिए। साय ने कलेक्टर एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को बाढ़ से हुई फसल क्षति, पशुधन हानि सहित अन्य नुकसानों का शीघ्र आंकलन कर प्रभावितों को सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समय पर समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य शिविर का जायजा लिया
मुख्यमंत्री साय ने यहाँ लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।
साय ने बाढ़ प्रभावितों की स्वास्थ्य जांच, बीमारों के उपचार और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के बारे में मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्थिति सामान्य होने तक बाढ़ प्रभावितों को शिविर में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ के बाद संभावित उल्टी-दस्त तथा अन्य जलजनित मौसमी बीमारियों पर निरंतर निगरानी रखने और बचाव हेतु पेयजल स्रोतों का अनिवार्य रूप से क्लोरीनेशन करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने आमजन को पीने के शुद्ध पानी का उपयोग करने, स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को प्रभावित वार्डों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार से स्वीकृत – समय पर होगी आपूर्ति
रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रदेश के किसानों को इस माह बड़ी राहत मिली है। भारत सरकार ने सितंबर माह के लिए छत्तीसगढ़ को कुल 60,800 मीट्रिक टन यूरिया का आबंटन स्वीकृत किया है। इसमें 58,100 मीट्रिक टन स्वदेशी और 2,700 मीट्रिक टन आयातित यूरिया शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में यूरिया की आपूर्ति लगभग 100 प्रतिशत स्वदेशी कंपनियों के माध्यम से होती है। इसलिए इस माह किसानों को यूरिया की कोई कमी नहीं होगी। कंपनी प्रतिनिधियों से चर्चा के उपरांत यह जानकारी दी गई कि सितंबर माह के कुल स्वदेशी आबंटन का लगभग 30 से 35 प्रतिशत अर्थात् करीब 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया प्रथम सप्ताह में उपलब्ध हो जाएगा। इसके अतिरिक्त आगामी 15 दिनों में लगभग 60 प्रतिशत यानी 35 हजार मीट्रिक टन तथा शेष मात्रा भी माह के अंत तक आपूर्ति कर दी जाएगी।
राज्य सरकार ने सभी कंपनियों को समयबद्ध रेकवार आपूर्ति कार्यक्रम प्रस्तुत करने और किसानों की मांग के अनुसार उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि आगामी 10 से 12 दिनों में मांग के अनुरूप आपूर्ति कर ली जाएगी और प्रदेश में यूरिया की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों की सुविधा के लिए भारत सरकार के इस सहयोग पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की हर आवश्यकता पर राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समय पर उपलब्ध यूरिया से खरीफ फसलें सुरक्षित रहेंगी और किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार जिले में कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने हेतु कृषि विभाग द्वारा निरंतर निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को कृषि विभाग की टीम ने विभिन्न विकासखण्डों में कृषि सेवा केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 5 कृषि सेवा केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलौदाबाजार विकासखण्ड अंतर्गत निरीक्षक लोकनाथ दीवान ने गुरुदेव कृषि केंद्र, रसेडा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विक्रय केंद्र में बिल बुक अद्यतन नहीं पाया गया तथा कीटनाशक एवं उर्वरक का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं किया गया था। इस पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
पलारी विकासखण्ड अंतर्गत निरीक्षक सुचिन वर्मा ने ग्राम दतान स्थित 4 विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में गुलशन कृषि सेवा केंद्र में कैश क्रेडिट मेमो अद्यतन नहीं था एवं कीटनाशकों का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं किया गया था। किसान कृषि केंद्र एवं विवेक कृषि सेवा केंद्र में भी कैश क्रेडिट मेमो अद्यतन नहीं पाया गया। वेद कृषि सेवा केंद्र में उपलब्ध कीटनाशकों का स्रोत प्रमाण पत्र संधारित नहीं था। इन सभी 4 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
भाटापारा विकासखण्ड अंतर्गत उर्वरक निरीक्षक अवधेश कुमार उपाध्याय ने अतुल एंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कृषकों को शासन द्वारा निर्धारित दर पर टोकन प्रणाली के माध्यम से यूरिया का वितरण कराया गया। निरीक्षण में विक्रेताओं को शासन के नियमों का पालन करते हुए कृषि आदान विक्रय करने हेतु निर्देशित किया गया।
उप संचालक कृषि दीपक नायक ने जिले के सभी कृषि आदान विक्रय केंद्र संचालकों को निर्देशित किया है कि कृषकों को उर्वरक एवं अन्य कृषि आदान केवल निर्धारित दर पर ही विक्रय करें। कृषकों को प्रदाय की गई सामग्री का पक्का बिल अनिवार्य रूप से प्रदान करें तथा कृषक के हस्ताक्षरित प्रति विक्रय केंद्र में संधारित रखें।