• नेताजी आनंद सिंघानिया  युवा साहित्य रत्न सम्मान से युवा कवि एवं गीतकार भरत द्विवेदी सम्मानित

    साईनाथ फाउंडेशन द्वारा नेताजी आनंद सिंघानिया की पावन स्मृति में विगत सात वर्षों से विभिन्न साहित्यिक सम्मान प्रदान किए जा रहे हैं, इसी कड़ी में इस वर्ष भी सरस्वती बुक्स के संयुक्त तत्वावधान में 21 फरवरी 2026 दिन शनिवार को राजधानी रायपुर स्थित विमतारा ऑडिटोरियम में सरस्वती साहित्य सम्मान समारोह का आयोजन हुआ ।
    उक्त समारोह अंतर्गत प्रदेश के चुनिंदा 10 कलाकारों को काव्य, गायन, नृत्य व अन्य प्रस्तुतियों हेतु हुनर का मंच सत्र में अवसर प्रदान किया गया । दो महत्वपूर्ण परिचर्चा सत्रों में सुप्रसिद्ध लेखक एवं इतिहासकार डॉ. परिवेश मिश्रा, पुरातत्वविद राहुल कुमार सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार राजीव रंजन प्रसाद एवं वरिष्ठ लेखक शिवकुमार पाण्डेय बतौर आमंत्रित वक्ता बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के इतिहास संस्कृति व पर्यटन पर अपना व्यक्तव्य दिया , दो अलग अलग सत्रों में आयोजित परिचर्चा सत्र में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनिल द्विवेदी एवं युवा लेखिका डॉ. शुभा मिश्रा ‘कनक’ सूत्रधार की भूमिका निभाई ।
    मुख्य सम्मान सत्र में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज कुमार झा, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, वरिष्ठ साहित्यकार एवं मानस मर्मज्ञ नर्मदा प्रसाद मिश्र ‘नरम’ व उर्दू अकादमी की पूर्व उपाध्यक्ष नजमा अज़ीम खान के गरिमामय आतिथ्य में सरस्वती साहित्य सम्मान से वरिष्ठ साहित्यकार रुद्र नारायण पाणिग्रही, नेताजी आनंद सिंघानिया स्मृति युवा साहित्य रत्न सम्मान से युवा कवि एवं गीतकार भरत द्विवेदी, नेताजी आनंद सिंघानिया स्मृति युवा पत्रकारिता रत्न सम्मान से लोकप्रिय पत्रकार तृप्ति सोनी एवं मोहम्मद अज़ीम खान स्मृति उर्दू साहित्य रत्न सम्मान से युवा लेखक इरफानुद्दीन इरफान को सम्मानित किया गया । इन प्रतिष्ठित सम्मानों के अंतर्गत सम्मानित होने वाली विभूतियों को अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, सम्मान चिन्ह व नगद धनराशि प्रदान की गई ।
    इस समारोह के आयोजक साईनाथ फाउंडेशन के संस्थापक युवा लेखक एवं संस्कृतिकर्मी आशीष राज सिंघानिया व सरस्वती बुक्स के संचालक आकाश महेश्वरी ने शहर के तमाम साहित्य प्रेमियों व मीडियाकर्मियों से उक्त गरिमामय समारोह में शिरकत करने के लिए आभार जताया !
    फोटो संलग्न

  • युवा जागरूकता हेतु बजट संवाद कार्यक्रम

    कॉन्फ्लुएंस कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा माय भारत बजट क्वेस्ट 2026 के अंतर्गत “बजट चर्चा कार्यक्रम” का आयोजन महाविद्यालय परिसर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं से अवगत कराना तथा उन्हें आर्थिक नीतियों के प्रति जागरूक बनाना था।

    विद्यार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों में बजट प्रावधानों पर उत्साहपूर्वक चर्चा की। “थिंक स्मार्ट एंड आंसर फास्ट” की थीम के माध्यम से उन्हें त्वरित एवं तार्किक उत्तर देने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम अधिकारी श्री विजय मानिकपुरी ने बताया कि “युवा वर्ग यदि बजट और आर्थिक नीतियों को समझेगा, तो वह समाज और राष्ट्र निर्माण में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।” इस मेगा क्विज प्लेटफॉर्म से जुड़कर विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की पहल में भी सहभागिता की। इस गतिविधि से विद्यार्थियों की वित्तीय साक्षरता, विश्लेषणात्मक क्षमता और संप्रेषण कौशल में वृद्धि हुई। प्राचार्या डॉ. रचना पांडेय ने कहा, “बजट राष्ट्र के विकास की दिशा तय करता है। विद्यार्थियों को इसकी गहन समझ होना आवश्यक है।” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चार समूहों—ग्रुप 1 (कृषि) में चंदन, भोलेशंकर, खिलेश्वरी, टीकेश्वरी, क्षमा, युक्ता, खोमेश्वरी, रीना; ग्रुप 2 (स्वास्थ्य) में सुस्मिता, वैशाली, यज्ञ, अनामिका, दीक्षा, गायत्री, निधि साहू; ग्रुप 3 (शिक्षा) में रोहिता, एवन, निकिता, हेमा, पुरुषोत्तम, उज्जवल, नेहा यादव, कौशल्या; तथा ग्रुप 4 (सुरक्षा) में अशोक, नेहा लकड़ा, मीनाक्षी, नम्रता, हेमंत, लीना में विभाजित कर विभिन्न क्षेत्रों के बजट प्रावधानों पर चर्चा कराई गई। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक सहभागिता के साथ हुआ तथा विद्यार्थियों में आर्थिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को सुदृढ़ किया गया। 

  • राजनांदगांव क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं ने टैरिफ याचिकाओं पर जन-सुनवाई में दी अपनी सहभागिता


    विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से इस जन-सुनवाई में शामिल 04 जिलों के घरेलू, गैर घरेलू, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं ने नये टैरिफ के लिए दिए सुझाव
    राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा विडियो कॉफ्रेसिंग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर शहर के पार्रीनाला स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के घरेलु, गैर घरेलु, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सार्वजानिक जन-सुनवाई आयोजित की गई। इस जन-सुनवाई का मुख्य उद्देश्य बिजली की नई दरों से निर्धारण से पूर्व आम जनता, कृषक उपभोक्ताओं एवं औद्योगिक संगठनों के सुझावों एवं आपत्तिओं को चिन्हाकित किया जाना था। 

  • राजनांदगांव की सियासत में नई चर्चा: रूपचंद भीमनानी की नियुक्ति से वर्चस्व की अटकलें तेज

    राजनांदगांव। जिले की राजनीति में इन दिनों एक नई नियुक्ति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। संतोष पांडे द्वारा ऊर्जा विभाग, CSPDCL, CSPTCL और संबंधित विद्युत संस्थाओं के कार्यों के लिए रूपचंद भीमनानी को सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

    गौरतलब है कि राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक और प्रदेश के वरिष्ठ नेता डॉ. रमन सिंह ने रूपचंद भीमनानी को विधायक प्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी दी है। ऐसे में अब उन्हीं को सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या जिले में भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच वर्चस्व की जंग चल रही है?

    क्या है पूरा मामला?

    हाल ही में जारी पत्र में सांसद संतोष पांडे ने राजनांदगांव जिले में ऊर्जा विभाग और उससे जुड़े संस्थानों के कार्यों, बैठकों और योजनाओं के समन्वय हेतु रूपचंद भीमनानी को अपना अधिकृत प्रतिनिधि नियुक्त किया है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री सहित विभागीय अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।
    राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि एक ही व्यक्ति को पहले विधायक प्रतिनिधि और अब सांसद प्रतिनिधि बनाए जाने से संगठन के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर संकेत मिल रहे हैं। कुछ लोग इसे समन्वय की रणनीति बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने की कवायद के रूप में देख रहे हैं।

    क्या वर्चस्व की लड़ाई?

    स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह नियुक्ति केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए है या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश भी छिपा है?
    क्या इससे यह संकेत मिलता है कि जिले में नेतृत्व की भूमिका को लेकर अंदरूनी प्रतिस्पर्धा है?
    हालांकि, आधिकारिक रूप से भाजपा या किसी भी नेता की ओर से इस विषय पर कोई बयान सामने नहीं आया है।

    संगठन में समन्वय या सियासी संकेत?

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई बार जनप्रतिनिधि अपने भरोसेमंद व्यक्तियों को विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारी देकर कार्यों में तेजी लाने की कोशिश करते हैं। वहीं विपक्ष और स्थानीय स्तर पर इसे शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।

    फिलहाल, यह नियुक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है, लेकिन इससे जुड़े सियासी मायनों को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

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  • रटने की जगह समझने पर जोर: युवाचार पब्लिकेशन की किताबों से बदले तैयारी की दिशा

    छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए सही अध्ययन सामग्री का चयन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। बाजार में किताबों के ढेर के बीच सटीक, अपडेटेड और सरल भाषा वाली पुस्तकों की कमी को दूर करते हुए ‘युवाचार पब्लिकेशन’ ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। पिछले कई वर्षों से यह पब्लिकेशन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और व्यापम सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है।

    द्विभाषी और अपडेटेड कंटेंट पर जोर

    युवाचार पब्लिकेशन की सबसे बड़ी विशेषता इसका द्विभाषी स्वरूप है। यहाँ पुस्तकें हिंदी और अंग्रेजी, दोनों माध्यमों में उपलब्ध हैं, जिससे माध्यम की बाधा दूर होती है। पब्लिकेशन का दावा है कि उनकी पुस्तकें पूरी तरह से अपडेटेड और नवीनतम परीक्षा पैटर्न के अनुरूप तैयार की जाती हैं। कठिन विषयों को रटने के बजाय कॉन्सेप्ट्स को गहराई से समझने के लिए इसमें बेहद सरल भाषा का उपयोग किया गया है।

    विशेषज्ञों की देखरेख में तैयार पाठ्य सामग्री

    प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप को देखते हुए विशेषज्ञों द्वारा अध्ययन सामग्री को समय-समय पर संशोधित किया जाता है। पब्लिकेशन के अनुसार, उनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराना है ताकि वे अपनी सफलता की नींव मजबूती से रख सकें।

    सभी प्रमुख बुक डिपो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं

    वर्तमान में युवाचार पब्लिकेशन की पुस्तकें प्रदेश के सभी प्रमुख बुक डिपो और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। छात्र अपनी तैयारी को नई दिशा देने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी पब्लिकेशन से जुड़कर नवीनतम अपडेट प्राप्त कर रहे हैं।

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  • CG : राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री साय

    जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

    मुख्यमंत्री श्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की

    31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार

    डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

    रायपुर 20 फरवरी 2026

     राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री श्री साय

    मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।

    मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

    केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।

    केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव श्री कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

  • Cg. बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा का कांग्रेस पर तीखा हमला, राम मूर्ति और राहुल दौरे पर भी बोले

    बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा का कांग्रेस पर तीखा हमला, राम मूर्ति और राहुल दौरे पर भी बोले
    रायपुर। बीजेपी विधायक पुरंदर मिश्रा ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस केवल स्वार्थ की राजनीति करती है और छत्तीसगढ़ में पंचायत से लेकर सांसद चुनाव तक हर स्तर पर कमजोर नजर आई है।


    उन्होंने अमरजीत भगत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे पद के लालच में इस तरह की बातें कर रहे हैं। मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब अमरजीत भगत मंत्री थे, तब भी अंबिकापुर में कांग्रेस क्यों कमजोर रही?

    श्रीराम की नई मूर्ति पर क्या बोले?
    विधायक मिश्रा ने कहा कि पिछली सरकार ने राम वन गमन पथ में धांधली की और मूर्ति की आकृति भी ऐसी बनाई गई जो परिहास का कारण बनी। उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग ने उसे बदलकर नई मूर्ति स्थापित करने का फैसला लिया है।
    उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “रामलला तो सबके दिल में हैं, लेकिन अगर कांग्रेसियों को शंका है तो अयोध्या चले जाएं।” साथ ही आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के चलते कांग्रेस राम-राम कर रही है।

    राहुल गांधी के दौरे पर प्रतिक्रिया
    राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे और जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग को लेकर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जितनी बार राज्य में आएगा, बीजेपी उतनी ही मजबूत होगी।

    फ्री बीज मुद्दे पर भी साधा निशाना
    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर दीपक बैज के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे प्रचार कर रही है जैसे वह सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है। बीजेपी के बड़े नेता सक्षम हैं और पार्टी जो निर्णय लेगी, वही किया जाएगा।

    पुरंदर मिश्रा (बीजेपी विधायक)

  • सायबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खाता धारकों के खिलाफ राजनांदगांव पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    राजनांदगांव पुलिस ने “मिशन सायबर सुरक्षा” के तहत सायबर अपराधों में उपयोग किए गए म्यूल बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।

    थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त कार्यवाही में आठ म्यूल बैंक खाता धारकों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने बंधन बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक, और बैंक ऑफ बडोदा के खातों का उपयोग कर सायबर ठगों से जुड़ी ठगी के लाखों रुपये की रकम प्राप्त की थी।गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खातों में 20 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध लेनदेन पाया गया है। यह रकम अवैध रूप से सायबर ठगों द्वारा म्यूल खातों में डाली गई थी।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए धारा 317(2), 317(4) बीएनएस के तहत जेल भेज दिया है।आरोपियों के नाम:

    जावेद सोलंकी, पिता अजहर, थाना कोतवाली

    सागर वैष्णव, पिता कुश कुमार, ग्राम खमेरा

    उदित जैन, पिता एमसी जैन, वर्धमान नगर

    आवेश खान, पिता अब्दुल रउफ, गौरीनगर

    मुकेश कुमार वैष्णव, पिता बंसी दास, कोतवाली

    चंदुलाल क्षत्रीय, पिता धनशाय, बसंतपुर

    मिथलेश ताम्रकर, पिता दिलीप ताम्रकर, अंचौकी

    लिकेश साहू, पिता परमानंद साहू, पटपर चौकी

    राजनांदगांव पुलिस की अपील:पुलिस जनता से आग्रह करती है कि वे अपना व्यक्तिगत बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक और रजिस्टर्ड सिम किसी अन्य को न दें। किसी भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी होने पर पुलिस से संपर्क करें। अवैध स्त्रोतों से अर्जित रकम को बैंक खाता में प्राप्त करना और इसे किसी अन्य के पास देना या किराए पर देना अपराध है, और इसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।राजनांदगांव पुलिस की यह कार्रवाई सायबर अपराधों की रोकथाम के लिए महत्त्वपूर्ण कदम है।

  • Rajnandgaon: जनता कॉलोनी में 24 मीटर सड़क पर अवैध निर्माण का आरोप, निगम व गृह निर्माण मंडल से कार्रवाई की मांग

    राजनांदगांव। शहर के बक्शी नगर स्थित जनता कॉलोनी लखोली रोड विकाश धर्म कटा के सामने में प्रस्तावित 24 मीटर चौड़ी सड़क की भूमि पर अवैध निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। कॉलोनीवासियों ने सहायक अभियंता, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं नगर पालिका निगम को आवेदन सौंपकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

    आवेदन में उल्लेख किया गया है कि प्लॉट क्रमांक 35/1 के स्वामी द्वारा लगभग 1000 वर्गफुट भूमि पर निर्माण किया जा रहा है, जबकि कॉलोनी के स्वीकृत लेआउट (नक्शा) के अनुसार उक्त स्थान 24 मीटर चौड़ी सड़क के लिए आरक्षित है। आरोप है कि निर्माण कार्य से सड़क की चौड़ाई घटकर लगभग 18 मीटर रह जाएगी, जिससे भविष्य में कॉलोनीवासियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

    कॉलोनी निवासियों का कहना है कि पूर्व में इसी प्लॉट से CSEB का ट्रांसफॉर्मर भी हटाया गया था। नागरिकों ने निर्माण से पूर्व और बाद के फोटो भी आवेदन के साथ संलग्न कर संबंधित विभागों से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

    आवेदन पर दीपक खाती, सुनील जायसवाल, जयेश कटरिया, संतोष प्रजापति, मोहन लाल सोनी, गोकुल शर्मा, यश खंडेलवाल, महेश शर्मा, अर्जुन लाल शर्मा , संजय सोनी सहित अन्य कॉलोनीवासियों के हस्ताक्षर हैं।

    निवासियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि सड़क की भूमि की जांच कर अवैध निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए, ताकि कॉलोनी के भविष्य के विकास और आमजन की सुविधा प्रभावित न हो।

  • CG: 7 दिनों से गड्ढे में फंसा था कुत्ता… डीआरजी जवानों ने निकाला सुरक्षित ….

    नारायणपुर, 19 फरवरी 2026। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस की एक मानवीय पहल सामने आई है। थाना ओरछा क्षेत्र के माड़ोड़ा जंगल में नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवानों ने 6–7 दिनों से गहरे गड्ढे में फंसे एक देशी कुत्ते को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला।

    जानकारी के अनुसार, 18 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 9 बजे ड्यूटी पर तैनात जवानों की नजर जंगल में एक गहरे गड्ढे में फंसे कुत्ते पर पड़ी। निरीक्षक श्री सीताराम सागर के नेतृत्व में डीआरजी टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने साहस, धैर्य और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जंगली सूअर के शिकार के उद्देश्य से गड्ढा खोदा गया था, जिसमें यह कुत्ता करीब एक सप्ताह पहले गिर गया था और बाहर नहीं निकल पा रहा था।

    डीआरजी जवानों की यह पहल न केवल कानून-व्यवस्था के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है। इस कार्य से पुलिस की मानवीय छवि और अधिक मजबूत हुई है।

  • ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पत्रकारों से साझा की विभागीय उपलब्धियां

    प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा प्रयास

    प्रदेश में ऊर्जा विस्तार की व्यापक रूपरेखा और आगामी कार्ययोजना पर साझा की जानकारी

    रायपुर 19 फरवरी 2026/ ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने आज नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों के साथ ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ऊर्जा उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है तथा आने वाले वर्षों के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।

    डॉ. यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिलाकर प्रदेश की कुल स्थापित विद्युत क्षमता 30 हजार 671.7 मेगावाट है। इसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत, 220 मेगावाट जल विद्युत तथा सोलर, बायोमास आदि स्रोतों से 2,047 मेगावाट क्षमता शामिल है। ताप विद्युत क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की 2,840 मेगावाट, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की 20 हजार 299 मेगावाट तथा कैप्टिव पॉवर प्लांट्स की 5 हजार 266 मेगावाट क्षमता है।

    डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार का फोकस ताप विद्युत पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन घटाने पर है। नेट जीरो कार्बन लक्ष्य के तहत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे देश की 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी की जा सके। इस दिशा में जल विद्युत एवं पंप स्टोरेज परियोजनाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो ग्रिड संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।

    राज्य शासन द्वारा पंप स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नीति 2023 लागू की गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8,300 मेगावाट क्षमता के छह स्थलों का चिन्हांकन किया गया है, जिनमें से पांच के फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और डीपीआर निर्माणाधीन है। निजी क्षेत्र में भी लगभग 5,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

    ऊर्जा सचिव डॉ. यादव ने बताया कि नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के तहत एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य उत्पादन कंपनी के संयुक्त उपक्रम द्वारा लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं। इनमें अटल बिहारी ताप विद्युत गृह के जलाशय में 6 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर, कोरबा पूर्व के बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट सौर संयंत्र तथा 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना प्रस्तावित है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश को देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की दिशा में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं। इन परियोजनाओं में 12 हजार 100 मेगावाट ताप विद्युत, 4 हजार 200 मेगावाट न्यूक्लियर, 2 हजार 500 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर तथा 13 हजार 300 मेगावाट पंप स्टोरेज क्षमता शामिल है। इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 3.4 लाख करोड़ रुपये के निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिसमें कई प्रमुख संस्थाएं भागीदार हैं।

    डॉ. यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा कोरबा पश्चिम में 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल इकाइयों एवं मड़वा में 800 मेगावाट की इकाई स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। पारेषण क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि दिसंबर 2023 से जनवरी 2026 के बीच उपकेन्द्रों की संख्या 132 से बढ़कर 137 हो गई है। ट्रांसफार्मरों की कुल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा 132 केवी लाइनों में पुराने कंडक्टरों को उच्च क्षमता वाले एचटीएलएस कंडक्टर से बदला जा रहा है। साथ ही 5 हजार 200 किमी ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर का इंस्टॉलेशन पूर्ण कर 131 उपकेन्द्रों को डिजिटल संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।

    वितरण क्षेत्र में प्रगति पर प्रकाश डालते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या 65 लाख से अधिक हो गई है। विगत दो वर्षों में हजारों किमी नई लाइनें, उपकेन्द्र एवं ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पीएम कुसुम, डॉ. खूबचंद बघेल किसान विद्युत सहायता योजना एवं बीपीएल उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं से लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विद्युतीकरण हेतु नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत सैकड़ों गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

    क्रेडा की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए ऊर्जा सचिव ने बताया कि विगत दो वर्षों में 26 हजार 794 सोलर सिंचाई पंप, 7 हजार 833 सोलर पेयजल पंप तथा 1 हजार 709 सोलर हाईमास्ट स्थापित किए गए हैं। आगामी वर्षों में ऑफग्रिड सोलर प्लांट्स एवं रूफटॉप सौर संयंत्रों के विस्तार की कार्ययोजना पर भी कार्य जारी है। डॉ. यादव ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में संतुलित मिश्रण, तकनीकी आधुनिकीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान पत्रकारों के सवालों के भी विस्तृत उत्तर दिए और विभाग की आगामी 03 वर्षों की कार्य योजना साझा की।

    इस दौरान सीएसपीडीसीएल के एमडी श्री भीम सिंह कंवर, सीएसपीजीसीएल के एमडी एस के कटियार, सीएसपीटीसीएल के एमडी श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण मौजूद रहे।

  • राजनांदगांव : बसंतपुर पुलिस की पहल से 4 साल बाद परिवार की समाज में वापसी

    राजनांदगांव। थाना बसंतपुर क्षेत्र के मोहारा वार्ड में विगत लगभग चार वर्षों से सामाजिक बहिष्कार का सामना कर रहे एक परिवार को पुलिस की पहल पर पुनः समाज की मुख्यधारा से जोड़ दिया गया। यह संवेदनशील मामला आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सुलझाया गया।

    पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन में इस प्रकरण के त्वरित निराकरण के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन द्वारा आवश्यक निर्देश दिए गए।

    क्या है मामला?

    मोहारा वार्ड क्रमांक 47 निवासी एक महिला ने वरिष्ठ कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि उसने 11 अक्टूबर 2021 को अन्य जाति के युवक से विवाह किया था। विवाह के बाद से मोहारा क्षेत्र के कुम्हार समाज द्वारा महिला एवं उसके ससुराल पक्ष को सामाजिक कार्यक्रमों और गतिविधियों से पृथक कर दिया गया था। परिवार को लगातार सामाजिक रूप से अलग-थलग रखा जा रहा था, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

    पुलिस की मध्यस्थता से बनी सहमति

    निर्देशानुसार थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में आवेदिका पक्ष, कुम्हार समाज के पदाधिकारी एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों को थाना बसंतपुर में आमंत्रित किया गया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों की विस्तृत चर्चा कराई गई और सामाजिक बहिष्कार के दुष्परिणामों तथा विधिक प्रावधानों से अवगत कराया गया।

    पुलिस की सतत संवाद प्रक्रिया और सकारात्मक मध्यस्थता के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि भविष्य में सभी सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों में परस्पर सहयोग एवं सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, परिवार को समाज की मुख्यधारा में पूर्ण सम्मान के साथ पुनः शामिल किया जाएगा।

    मिठाई खिलाकर खत्म हुआ चार साल का विवाद

    लगभग चार वर्षों से चली आ रही सामाजिक दूरी का अंत थाना परिसर में सौहार्दपूर्ण माहौल में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर किया गया। समाज के प्रतिनिधियों और आवेदिका परिवार ने इस मानवीय पहल के लिए पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

    इस पहल को सामाजिक समरसता और पुलिस-जन सहयोग का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

  • Rajnandgaon: सेवानिवृत्‍त कृषि अधिकारी प्रेमबहादुर सिंह का निधन

    राजनांदगांव: सेवानिवृत्‍त कृषि अधिकारी श्री प्रेमबहादुर सिंह का आज संध्‍या निधन हो गया। वे 87 वर्ष के थे। उन्‍होंने वीआइपी रोड भवानी नगर स्थित निज आवास में अंतिम सांसे लीं। वे बीते कुछ समय से उम्र संबंधी समस्‍याओं से जूझ रहे थे। वे विजय बहादुर सिंह, करणी सेना के राष्‍ट्रीय उपाध्‍यक्ष संजय बहादुर सिंह के पिता व देवेश बहादुर सिंह, भाजयुमो प्रदेश मंत्री मोनू बहादुर सिंह के दादा जी थे। उनकी अंतिम यात्रा निज निवास से प्रात: 11 बजे लखोली स्थित मुक्तिधाम के लिए प्रस्‍थान करेगी।

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  • Rajnandgaon: इस होली… रंगों के साथ म्यूजिक का भी लगेगा तड़का, राजनांदगांव में होने वाला है “होली 2K26 हंगामा!”

    राजनांदगांव। रंगों के त्योहार होली पर इस बार शहर में होने जा रहा है अब तक का सबसे बड़ा और धमाकेदार म्यूजिक इवेंट। “होली 2K26 हंगामा” के नाम से आयोजित यह भव्य कार्यक्रम 1 मार्च 2026, रविवार को सुबह 10 बजे से पं. श्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम, गौरव पथ, राजनांदगांव में होगा।

    आयोजकों के मुताबिक राजनांदगांव में पहली बार इतने बड़े स्तर पर डीजे, लाइव परफॉर्मेंस और एंटरटेनमेंट का तड़का देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में मशहूर कलाकारों की शानदार प्रस्तुति और एंकरिंग से माहौल पूरी तरह रंगीन और जोशीला रहेगा।
    प्रवेश शुल्क: 1 व्यक्ति – ₹249
    बच्चों के लिए फ्री एंट्री
    समय – सुबह 10 बजे से
    केवल एक बार प्रवेश
    आयोजन समिति का दावा है कि यह इवेंट राजनांदगांव के युवाओं और परिवारों के लिए यादगार साबित होगा। होली के रंग, म्यूजिक की बीट और धमाकेदार माहौल से शहर में “तबाही” मचने वाली है।

    पास मिलने का स्थान:
    Namaskaram Restaurant, चौपाटी रोड, राजनांदगांव
    Sabor Restaurant, गौरव पथ, राजनांदगांव
    आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि समय रहते अपने पास सुरक्षित कर लें, क्योंकि सीमित सीटें उपलब्ध हैं।

    अधिक जानकारी के लिए आप दिये गये नंबर पर संपर्क कर सकते है

    Mo नंबर…. +91 6261 337 220

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  • सफलता की कहानी – जल संरक्षण से आत्मनिर्भर किसान, चिड़ौला में शक्तिगत कूप बना ग्रामीण समृद्धि की मिसाल

    गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलने की ग्रामीण ने पहल

    रायपुर, 18 फरवरी 2026/ ग्रामीण विकास और जल संरक्षण एक-दूसरे से गहरे जुड़े हुए हैं, जो सतत आजीविका, बेहतर स्वास्थ्य और कृषि उत्पादकता के लिए अनिवार्य हैं। वर्षा जल संचयन, तालाब गहरीकरण, और जल शक्ति अभियान जैसी पहल भू-जल स्तर में सुधार और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं। शक्तिगत कूप के निर्माण ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।

    ग्रामीण विकास और जल संरक्षण की दिशा में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम पंचायत चिड़ौला से एक सशक्त और प्रेरणादायी सफलता की कहानी सामने आई है। यहां शक्तिगत कूप निर्माण कार्य जयबहादुर सिंह के लिए स्वीकृत किया गया, जिसके लिए शासन द्वारा 1.80 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को स्थायी जल स्रोत उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को सुदृढ़ बनाना तथा जल संरक्षण को बढ़ावा देना रहा।

    कूप निर्माण से पूर्व संबंधित हितग्राही सहित आसपास के किसान सिंचाई के लिए पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थे, जिससे खेती करना अनिश्चित बना रहता था और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। लेकिन शक्तिगत कूप के निर्माण के बाद खेतों तक नियमित रूप से पानी पहुंचने लगा है, जिससे फसलों की समय पर सिंचाई संभव हुई। इसका सीधा लाभ कृषि उत्पादन में वृद्धि के रूप में सामने आया है, वहीं किसानों की आय में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अब किसान समय पर बुवाई कर पा रहे हैं और खेती अधिक लाभकारी एवं सुरक्षित बन गई है। यह कूप केवल एक परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बन गया है। जल उपलब्धता सुनिश्चित होने से क्षेत्र में दोहरी फसल लेने की संभावनाएं बढ़ी हैं, खेती की लागत में कमी आई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। साथ ही भूजल स्तर के संरक्षण और जल के समुचित उपयोग को भी बढ़ावा मिला है, जो दीर्घकालीन विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    ग्रामीणों ने शासन की इस जनहितकारी पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखती हैं। 1.80 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुआ। यह शक्तिगत कूप निर्माण कार्य ग्राम पंचायत चिड़ौला में जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत कदम होने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल, प्रेरक और अनुकरणीय उदाहरण बनकर उभरा है।

  • प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर तैयार कर रही हैं हर्बल गुलाल बिहान दीदियां

    बस्तर की बिहान दीदियां घोलेंगी होली में कुदरती रंग

    रायपुर, 18 फरवरी 2026/ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हर्बल गुलाल बनाने के लिए सब्जियों के प्राकृतिक रंगों से रंगकर और उसमें गुलाब गेंदा, पलाश के फूलों की पंखुड़ियों, गुलाब जल, इत्र आदि मिलाकर हर्बल गुलाल बनाया जा रहा है। पलाश के फूलों से केसरिया गुलाल, पालक भाजी से हरे रंग का गुलाल तथा लाल भाजी से लाल रंग का गुलाल तैयार किया जा रहा है। इस गुलाल में रासायनिक पदार्थों का उपयोग नहीं होने से यह गुलाल त्वचा, आंख, बाल आदि के लिये हानिकारक नहीं है। मानव अनुकूल होने से इस हर्बल गुलाल को बिना किसी चिंता के होली के त्योहार में उपयोग किया जा सकता है।

    बस्तर जिले में इस बार होली का त्यौहार न केवल रंगों भरा होगा, बल्कि सेहत और पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित रहेगा। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय पहल की गई है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न विकासखंडों के 9 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को हर्बल गुलाल बनाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्रांतिकारी डेबरीधूर उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर में आयोजित इस दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में महिलाएं आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर गुलाल तैयार करना सीख रही हैं।

    इस अनूठी पहल की सबसे खास बात यह है कि महिलाएं अपनी रसोई और बाड़ी में मिलने वाली प्राकृतिक वस्तुओं जैसे पालक, लाल भाजी, चुकंदर और फूलों का उपयोग कर सतरंगी गुलाल तैयार करेंगी। बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंगों और गुलाल में अक्सर हानिकारक रसायनों का मिश्रण होता है, जो त्वचा में जलन, एलर्जी और आंखों को नुकसान पहुँचाते हैं। इन समस्याओं को देखते हुए बिहान की दीदियां कॉर्न फ्लावर के आधार (बेस) में चुकंदर और भाजी के अर्क को मिलाकर पूरी तरह चर्म-रोग मुक्त और इको-फ्रेंडली गुलाल का उत्पादन करेंगी।

    प्रशिक्षण के उपरांत महिलाओं ने इस वर्ष 500 किलो से लेकर एक हजार किलो तक हर्बल गुलाल तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उत्पादित गुलाल की पहुंच जन-जन तक बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत जगदलपुर शहर के प्रमुख स्थानों और विभिन्न शासकीय कार्यालयों में विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही जनपद स्तर के स्थानीय बाजारों में भी इस शुद्ध देशी गुलाल का विक्रय किया जाएगा। बिहान से जुड़ी इन महिलाओं के लिए यह केवल रंग बनाने का काम नहीं है, बल्कि यह उन्हें स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों पर ले जाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। इस प्रयास से न केवल बस्तर की महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी रसायनों के खतरे से दूर एक सुरक्षित और खुशहाल होली मनाने का विकल्प मिलेगा।

  • राजनांदगांव में जारी हुई संपत्तियों की नई गाइडलाइन दर 2025-26, उप पंजीयक कार्यालय ने जारी की सूची

    राजनांदगांव। जिला राजनांदगांव में वर्ष 2025-26 के लिए शहरी संपत्तियों की नई गाइडलाइन दरें जारी कर दी गई हैं। उप पंजीयक कार्यालय, राजनांदगांव द्वारा जारी दस्तावेज़ में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों एवं मुख्य मार्गों की दरें निर्धारित की गई हैं।

    कार्यालय वरिष्ठ उप पंजीयक, राजनांदगांव द्वारा “बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांत” के तहत यह गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें वार्डवार भूमि की प्रति वर्ग मीटर एवं हेक्टेयर दर का उल्लेख किया गया है।

    जारी सूची के अनुसार बजरंगपुर वार्ड, महात्मा बुद्ध वार्ड, मोतीपुर वार्ड सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों की दरों में वर्गीकरण किया गया है। मुख्य मार्ग पर स्थित संपत्तियों की दरें अधिक निर्धारित की गई हैं, जबकि अंदरूनी क्षेत्रों के लिए अलग दर तय की गई है।

    दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख है कि आवासीय एवं व्यवसायिक क्षेत्रों के लिए दरें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। गाइडलाइन दरें संपत्ति पंजीयन, खरीद-बिक्री एवं स्टांप शुल्क निर्धारण के लिए आधार मानी जाएंगी।

    प्रशासन द्वारा जारी यह नई दरें पूरे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रभावी रहेंगी।

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  • छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अफसर बने IAS- केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना, 2024 की चयन सूची के तहत मिला प्रमोशन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के 7 वरिष्ठ अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में पदोन्नत किया गया है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा मंगलवार को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई।

    यह पदोन्नति वर्ष 2024 की चयन सूची के अंतर्गत 1 जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच उत्पन्न रिक्तियों के आधार पर की गई है। सभी अधिकारियों को प्रोबेशन पर नियुक्त करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित किया गया है।

    इन अधिकारियों को मिला प्रमोशन

    1. तीरथराज अग्रवाल
    2. लीना कोसम
    3. सौमिल रंजन चौबे
    4. बीरेंद्र बहादुर पंचभाई
    5. सुमित अग्रवाल
    6. संदीप कुमार अग्रवाल
    7. आशीष कुमार टिकारिहा

    राज्य प्रशासनिक सेवा से IAS में पदोन्नति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे राज्य के विभिन्न विभागों में नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा।

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  • राजनांदगांव जिले का मामला: उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आशीष गंगवानी की दमदार पैरवी पर हाईकोर्ट ने अवैध ट्रांसफर आदेश किया रद्द

    राजनांदगांव। जिले से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रकरण में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस पद का संबंधित जिले में अस्तित्व ही नहीं है, वहां किसी कर्मचारी का तबादला करना विधि सम्मत नहीं माना जा सकता।

    यह आदेश माननीय न्यायमूर्ति पी.पी. साहू की एकलपीठ द्वारा पारित किया गया।

    पूरा मामला क्या है?

    याचिकाकर्ता बीर सिंह साहू, जो जिला राजनांदगांव में समाज कल्याण विभाग में कलाकार पद पर कार्यरत हैं, का स्थानांतरण दिनांक 22 अप्रैल 2025 को राजनांदगांव से नवगठित जिला खैरागढ़-गंडई-छुईखदान कर दिया गया था।

    लेकिन नवीन जिले की स्वीकृत पद संरचना में कलाकार पद का कोई अस्तित्व नहीं है। वहां केवल उपनिदेशक, सहायक श्रेणी तृतीय और चपरासी के पद स्वीकृत हैं। ऐसे में कलाकार पद पर स्थानांतरण आदेश से याचिकाकर्ता के समक्ष सेवा संबंधी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया था।

    अधिवक्ता आशीष गंगवानी की प्रभावशाली दलील

    पीड़ित कर्मचारी ने अधिवक्ता आशीष गंगवानी से संपर्क कर अपनी समस्या रखी। अधिवक्ता गंगवानी ने प्रकरण का विधिक परीक्षण कर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।

    सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के अधिवक्ता गंगवानी ने तर्क दिया कि:

    नवीन जिला खैरागढ़-गंडई-छुईखदान की पद संरचना में कलाकार का पद स्वीकृत नहीं है।

    अस्तित्वहीन पद पर स्थानांतरण प्रशासनिक और विधिक दोनों दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है।

    इस आदेश से याचिकाकर्ता के सेवा अधिकारों का हनन हो रहा है।

    न्यायालय ने इन तर्कों से सहमति जताते हुए शासन के विवादित स्थानांतरण आदेश को रद्द कर दिया और याचिकाकर्ता को राहत प्रदान की।

    फैसले का व्यापक महत्व

    यह निर्णय प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों के पालन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत का यह स्पष्ट संदेश है कि शासन द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी करते समय संबंधित जिले की स्वीकृत पद संरचना की जांच अनिवार्य है।

    राजनांदगांव जिले से जुड़े इस प्रकरण में अधिवक्ता आशीष गंगवानी की प्रभावी पैरवी ने न केवल याचिकाकर्ता को न्याय दिलाया, बल्कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल भी बन सकता है।

    जहां पद ही नहीं, वहां ट्रांसफर कैसे? — अधिवक्ता आशीष गंगवानी की पैरवी पर उच्च न्यायालय ने रद्द किया शासन का आदेश

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  • Rajnandgaon: दिग्विजय कॉलेज में ABVP का प्रदर्शन: प्राचार्य का पुतला दहन, छात्राओं की निजी जानकारी सार्वजनिक करने का लगाया गंभीर आरोप….

    राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय में आज उस समय माहौल गर्म हो गया, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य सुचित्रा गुप्ता के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। संगठन ने कॉलेज प्रशासन पर छात्राओं की निजी जानकारी सार्वजनिक करने का गंभीर आरोप लगाया है।

    जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी को कुछ विद्यार्थियों के मोबाइल फोन प्राचार्य द्वारा जब्त किए गए थे। इस कार्रवाई का छात्र संगठनों ने विरोध किया, जिसके बाद मोबाइल वापस कर दिए गए। आरोप है कि मोबाइल लौटाने के बाद संबंधित विद्यार्थियों के नाम, मोबाइल नंबर, पिता का नाम एवं अन्य निजी जानकारी कॉलेज की वेबसाइट और सूचना बोर्ड पर चस्पा कर दी गई, जिसे ABVP ने निजता का उल्लंघन बताया है।

    छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा का मुद्दा

    प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चांदना श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान द्वारा छात्राओं की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करना अत्यंत गैरजिम्मेदाराना कृत्य है। उन्होंने इसे छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।

    जिला संयोजक धनंजय पांडे ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्राओं की निजता से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नगर मंत्री अक्षत कुमार श्रीवास्तव ने भी कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदारी समझने की नसीहत देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोहराई गई तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।

    कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति

    प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में माहौल सामान्य हो गया। इस पूरे घटनाक्रम ने शिक्षा संस्थानों में छात्राओं की निजता और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से पारदर्शी और जिम्मेदार रवैया अपनाने की मांग की है।

    प्रदर्शन में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रतीक गढ़वाल, जीत प्रजापति, नगर सह मंत्री भूपेंद्र पाल, नगर महाविद्यालय प्रमुख जीत शर्मा, सह प्रमुख वेणुका, नगर SFD प्रमुख कुलदीप पाल, नगर SFS प्रमुख चैतन्या द्विवेदी, राष्ट्रीय कला मंच प्रमुख युक्ता मांडवी, प्रिया, नगर सोशल मीडिया संयोजक यश श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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