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जहरीली स्प्रिट सप्लाई से 10 मौतों का मामला, एसआईटी ने आरोपी को दबोचा

मोतिहारी

बिहार के मोतिहारी जिले के तुरकौलिया शराब कांड में एसआईटी ने जहरीली स्प्रिट की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी सतीश चंद्र चौधरी को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। वह गाजियाबाद में फर्जी स्प्रिट कंपनी संचालित कर अवैध तरीके से आपूर्ति करता था।पुलिस के अनुसार, सतीश ने ही 31 मार्च को 85 बाल्टी स्प्रिट सप्लाई की थी, जिसे शराब धंधेबाजों में बांटा गया। इस जहरीले पदार्थ के सेवन से तुरकौलिया और रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। कई बीमारों की आंख की रोशनी भी चली गई थी।

गाजियाबाद में फर्जी नाम से चलाता था सिंडिकेट
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि गिरफ्तार सतीश चंद्र चौधरी उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र स्थित सुक्रौली गांव का निवासी है। वह गाजियाबाद में एसएस नाम से स्प्रिट बनाने और सप्लाई करने वाली फर्जी कंपनी चलाता था। पूछताछ में सतीश ने स्वीकार किया है कि उसने बीते 31 मार्च को कोटवा थाना क्षेत्र के सोवईया गांव निवासी लवकुश यादव को 85 बाल्टी जहरीली स्प्रिट उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि सतीश से स्प्रिट लेने के बाद लवकुश यादव ने इसे खलीफा यादव व कन्हैया यादव को बेचा। इसके बाद इन दोनों ने स्प्रिट की सप्लाई आगे नागा यादव, संजीत यादव, रुपेश यादव और जिम्बू बैंठा समेत अन्य शराब धंधेबाजों को की। इसी जहरीली स्प्रिट से बनी शराब के सेवन से रघुनाथपुर और तुरकौलिया में कोहराम मच गया।

10 की मौत, दो दर्जन बीमार, कइयों की गई आंखों की रोशनी
इस कांड में अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में चंदू कुमार, प्रमोद यादव, सम्पत साह, लड्डू साह, परीक्षण मांझी, योद्धा मांझी, आलियास मियां, हरिलाल भगत, लालकिशोर राय और विनोद साह शामिल हैं। करीब दो दर्जन से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें से लौहा ठाकुर, राहुल पासवान, टुनटुन यादव, राजेश्वर राय, राहुल साह, रमेश यादव, श्यामाकांत साहनी, अशोक यादव और नीरज कुमार का इलाज चल रहा है। कई पीड़ितों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है।

वित्तीय लेनदेन के मिले अहम सुराग
एसपी ने बताया कि सतीश चंद्र चौधरी से पूछताछ में वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण डिटेल मिले हैं। इस आधार पर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया गया है। मुख्य आरोपी सतीश को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। फिलहाल, एसआईटी की दो टीमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं ताकि इस काले धंधे से जुड़े हर व्यक्ति को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।

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