छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : बीमारी नहीं था मृत हालत में मिला भालू, पीएम रिपोर्ट में तीर मिलने का दावा …

बिलासपुर। खड़गवां-मनेंद्रगढ़ इलाके से इलाज के लिए लाए जा रहे एक भालू की मौत बीमारी के चलते नहीं बल्कि तीर से शिकार के कारण हुई। रेस्क्यू के दौरान ग्रामीण और वन अमला उसे बीमार समझ रहे थे, वह असल में तीर से बुरी तरह घायल था। जब शव का परीक्षण कानन पेंडारी जू में हुआ, तो सच्चाई सामने आई।

तीर उसकी पीठ से घुसकर सीधे लीवर तक पहुंचा था। लगातार कटते जंगल और बढ़ती आबादी के चलते भोजन और पानी की कमी के कारण जंगली जानवर अक्सर गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। खड़गवां क्षेत्र में भी एक भालू कई दिनों से बस्ती के आसपास नजर आ रहा था। गांव में दहशत थी, लेकिन बाद में पता चला कि वह सुस्त और कमजोर दिख रहा है। लोगों को लगा कि वह बीमार है। इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटे की कोशिश के बाद भालू को सुरक्षित काबू में लिया गया। मौके पर उसे प्राथमिक इलाज दिया गया। दो बोतल ग्लूकोज चढ़ाने के बाद उसकी हालत में हल्का सुधार भी दिखा। उम्मीद थी कि इलाज के बाद उसे फिर जंगल में छोड़ दिया जाएगा। लेकिन अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी।

स्थिति गंभीर देखकर उसे कानन पेंडारी जू ले जाने का फैसला हुआ। रात में विभागीय वाहन से टीम बिलासपुर के लिए रवाना हुई। करीब रात एक बजे जू पहुंचने पर डॉक्टर पी.के. चंदन ने जांच की और भालू को मृत घोषित कर दिया। अगले दिन पोस्टमार्टम हुआ और तब असली वजह सामने आई। उसकी पीठ पर गहरे घाव थे। जांच में पता चला कि किसी ने उसे धनुष-बाण से मारा था। तीर लीवर में धंसा हुआ मिला।

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lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.