छत्तीसगढ़गरियाबंद जिला

CG : कलेक्टर उइके ने ग्राम बोकरामुड़ा बिसुराम सोरी के घर जाकर प्राचीन तालपत्र पांडुलिपि का किया अवलोकन…

गरियाबंद । जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के लिए ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान का कार्य जिले के 324 ग्राम पंचायतों एवं 6 नगरीय निकायों में भी किया जा रहा है। कलेक्टर बीएस उइके ने जिले के नागरिकों से इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा है कि 70 वर्ष या उससे अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों की जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। कलेक्टर ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारी की गई है और इसे व्यवस्थित रूप से सर्वे कराया जा रहा है।

इसी तारतम्य में कलेक्टर उइके ने आज गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दांतबायकला के ग्राम बोकरामुड़ा में बिसुराम सोरी के घर उड़िया भाषा में लिखे गए दुर्लभ तालपत्रों का निरीक्षण किया, जो उनके परदादा द्वारा लगभग एक सदी पूर्व रखे गए थे।

बिसुराम सोरी ने बताया कि इन तालपत्रों में ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी महत्वपूर्ण गणनाओं, शुभ कार्यों के निर्धारण और उस समय प्रचलित परंपराओं का विस्तृत उल्लेख है। उन्होंने बताया कि पुराने समय में विवाह, गृह प्रवेश, भूमि पूजन जैसे सभी शुभ कार्यों का मुहूर्त इन्हीं तालपत्रों में दर्ज गणनाओं के आधार पर तय किया जाता था। यह ताम्रपत्र लगभग 229 पन्नें के है। यह तालपत्र उन्होंने सहेजकर रखा है। उसे घर में त्यौहारों के समय पूजा-अर्चना भी करते है। उन्होंने बताया कि यह तालपत्र उनके लिए अविस्मरणीय एवं अत्यंत मूल्यवान है।

कलेक्टर बीएस उइके की उपस्थिति में इन तालपत्र की पांडुलिपि को संरक्षण की दृष्टि से जियो-टैग किया गया। कलेक्टर ने इस धरोहर को जिले की सांस्कृतिक पहचान बताते हुए इसके संरक्षण, डिजिटल प्लेटफॉर्म में और शोध के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी प्राचीन पांडुलिपियाँ हमारे इतिहास, विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को समझने का महत्वपूर्ण आधार हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

कलेक्टर ने कहा कि सर्वेक्षण प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है और इसमें भाग लेने से पांडुलिपियों के स्वामित्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने मठ, मंदिर, पुजारी, बैगा, चिकित्सक, साहित्यकार, पत्रकार, जन प्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि इस अभियान में सहयोग करते हुए हस्तलिखित पांडुलिपि के बारे में अवश्य जानकारी दें। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर नेहा भेड़िया, जनपद पंचायत सीईओ केएस नागेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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