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CG : छत्तीसगढ़ में नया धर्म स्वातंत्र्य कानून, सख्त प्रावधानों के साथ धर्मांतरण पर कड़ी निगरानी

रायपुर। प्रदेश में अवैध धर्मांतरण को लेकर कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। यदि कोई व्यक्ति जबरन, प्रलोभन या धोखाधड़ी के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराता है, तो उसे 7 से 10 साल तक की सजा और जुर्माना भुगतना होगा। वहीं सामूहिक धर्मांतरण या विशेष श्रेणी के लोगों (महिला, नाबालिग, एससी/एसटी) के मामलों में सजा और भी कड़ी रखी गई है, जो 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकती है। कानून में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धर्मांतरण की प्रक्रिया को नियंत्रित और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके तहत धर्म परिवर्तन से पहले संबंधित व्यक्ति को अधिकृत अधिकारी के समक्ष आवेदन देना अनिवार्य होगा। आवेदन के बाद उसकी सार्वजनिक सूचना जारी की जाएगी और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। जांच पूरी होने के बाद ही धर्म परिवर्तन को वैध माना जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किए जाने को राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक संतुलन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले कुछ समय से समाज के कमजोर वर्गों को निशाना बनाकर प्रलोभन, दबाव अथवा भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए विधेयक के लागू होने से ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा और समाज में संतुलन तथा विश्वास कायम रहेगा।

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