ब्रेकिंग न्यूज़राजनीति

दिल्ली में ऐतिहासिक बदलाव: अब 11 नहीं, 13 रेवेन्यू जिले एक दिल्ली, एक सीमा, एक विंडो’ मॉडल लागू

नई दिल्ली से बड़ी खबर आज की सबसे अहम अपडेट। दिल्ली सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मौजूदा 11 रेवेन्यू जिलों को पुनर्गठित करके कुल 13 नए रेवेन्यू जिलों में बदलने की मंजूरी दे दी है। इस बड़े बदलाव के साथ अब दिल्ली के सभी जिले सीधे तौर पर 12 एमसीडी जोन, एनडीएमसी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड की सीमाओं से पूरी तरह मेल खाएँगे। यानी दशकों पुराना jurisdiction का कन्फ्यूजन अब खत्म होने जा रहा है।

सरकार का कहना है कि प्रशासन को मजबूत बनाने और पब्लिक सर्विस डिलीवरी को पहले से ज्यादा आसान व तेज बनाने के लिए अलग-अलग विभागों की सीमाओं को रेवेन्यू विभाग के अनुसार एक जैसा किया जाएगा। इसके तहत सब-डिवीजन की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 कर दी गई है, जबकि सब-रजिस्ट्रार ऑफिस अब 22 से बढ़कर 39 हो जाएँगे।

Read Also: Dhurandhar में छाए Akshaye Khanna: रणवीर हीरो, पर चर्चा सिर्फ अक्षय खन्ना की धुरंधर में जबरदस्त कमबैक बिना ग्लैमर, बिना शोर

दिल्ली के सभी 13 जिलों में मिनी सेक्रेटेरिएट बनाए जाएंगे, जहाँ आम लोगों को एक ही जगह पर वन-स्टॉप पब्लिक सर्विस मिलेगी। यह पूरा ढांचा दिसंबर 2025 तक पूरी तरह से लागू करने का लक्ष्य है। सरकार की ओर से बताया गया है कि शुरुआती बजट के तौर पर 25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो इसी वित्तीय वर्ष में खर्च होंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले को ‘एक दिल्ली, एक सीमा, एक विंडो’ मॉडल का अहम कदम बताया और कहा कि इससे लोगों के काम तेज होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और जमीन रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से लेकर शिकायत निवारण तक सबकुछ आसान होगा।

अगर जिलों की नई संरचना देखें तो दक्षिण-पूर्व दिल्ली में जंगपुरा, कालकाजी और बदरपुर शामिल किए गए हैं। पुरानी दिल्ली में सदर बाजार और चांदनी चौक आएंगे, जबकि उत्तर दिल्ली में बुराड़ी, आदर्श नगर और बादली को रखा गया है। नई दिल्ली जिला में दिल्ली कैंट और नई दिल्ली शामिल रहेंगे, जबकि सेंट्रल दिल्ली अब पटेल नगर और करोल बाग को कवर करेगी।

इसी तरह मध्य उत्तर दिल्ली में सकुर बस्ती, शालीमार बाग और मॉडल टाउन रखे गए हैं। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में नजफगढ़, मटियाला और द्वारका शामिल हैं। बाहरी उत्तर दिल्ली में मुंडका, नरेला और बवाना होंगे। उत्तर-पश्चिम दिल्ली में किरारी, नांगलोई जाट और रोहिणी शामिल किए गए हैं।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में करावल नगर, गोकलपुरी, यमुना विहार और शाहदरा रहेंगे, जबकि पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर, विश्वास नगर और पटपड़गंज को रखा गया है। दक्षिण दिल्ली में छतरपुर, मालवीय नगर, देवली और महरौली होंगे, और पश्चिमी दिल्ली में विकासपुरी, जनकपुरी और राजौरी गार्डन शामिल होंगे।

यह बड़ा फैसला दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है, और आम नागरिकों को इसका सीधा फायदा मिलेगा।