
राजनांदगांव : जिस अधिकारी को थाना प्रभारी देते रहे सूचना उन पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की उठी मांग…
राजनांदगांव , कांग्रेस ने सोमनी थाना प्रकरण में कथित पुलिस दुर्व्यवहार, कार्रवाई में लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की संदिग्ध भूमिका के मुद्दे को लेकर मंगलवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिरीक्षक बालाजी सोमावार को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान मुदलियार ने कांग्रेस नेताओं के फोन टैप किए जाने के आरोप भी लगाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 25 मई को एक बीमार किशोरी को सोमनी थाना पुलिस द्वारा रिश्तेदार के घर से थाना लाकर उसके साथ कथित रूप से अमानवीय व्यवहार किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि थाना स्तर से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक की कार्रवाई कई गंभीर सवाल खड़े करती है, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। मुदलियार ने कहा कि पीड़ित किशोरी द्वारा लगाए गए आरोप केवल किसी एक थाना या कर्मचारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह पूरा मामला पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि मामले में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मेहुल मारु, रुपेश दुबे, प्रकाश राठौर, अशोक पंजवानी, देवेश डाकलिया, प्रेमरुप चंदानी, मनीष गौतम, वीरेंद्र चंद्राकर, मामराज अग्रवाल, देवेश वैष्णव, शरद खंडेलवाल, रोहित चंद्राकर, चेतन भानुशाली आदि मौजूद रहे।
कांड पर कांड, लेकिन रिपोर्ट का पता नहीं: इस दौरान मुदलियार ने कहा कि मोहड़ गोलीकांड और फुलझर कांड में भी पुलिस अधिकारियों का निलंबन किया गया था, लेकिन न तो जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि सोमनी थाना प्रकरण में भी कहीं वही स्थिति दोहराई न जाए। जनता जानना चाहती है कि दोषियों के विरुद्ध वास्तव में क्या कार्रवाई हुई और जांच किस निष्कर्ष तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यदि सोमनी थाना प्रकरण में जल्द और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो शहर जिला कांग्रेस कमेटी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी तथा विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेगी।
सिविल ड्रेस में आए अफसर ने भी अभद्र व्यवहार किया मुदलियार ने कहा कि पीड़िता ने एक सिविल ड्रेस में आए पुलिस अधिकारी पर भी अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। ऐसे में थाने के सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि यह सार्वजनिक किया जाए कि घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को कब मिली और यदि जानकारी पहले से थी तो कार्रवाई में देरी क्यों हुई। वहीं कांग्रेस ने मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपयोग की गई गर्भ जांच किट की गुणवत्ता, खरीदी प्रक्रिया और आपूर्ति व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।



