Sariya Cement Price Today 14 December 2025: सरिया-सीमेंट के दाम गिरे, घर बनाने वालों को बड़ी राहत
Sariya Cement Price: अगर आप अपना घर बनाने की सोच रहे हैं तो यह खबर आपके लिए राहत लेकर आई है। दिसंबर 2025 के बीच आते आते सरिया और सीमेंट दोनों के दामों में गिरावट देखने को मिल रही है। पहले जहां एक तरफ निर्माण सामग्री के बढ़ते दामों ने लोगों की नींद उड़ा दी थी, वहीं अब जीएसटी में कटौती और बाजार में स्टॉक बढ़ने से दामों में कमी आई है। आइए जानते हैं आज का ताजा सरिया और सीमेंट रेट क्या चल रहा है और किन कारणों से इसमें गिरावट आई है।
सरिया रेट दिसंबर 2025 अपडेट
इस समय बाजार में टीएमटी सरिया की कीमतें करीब 64 रुपये 50 पैसे से 76 रुपये प्रति किलो के बीच चल रही हैं। यानी एक टन सरिया 64 हजार 500 रुपये से 76 हजार रुपये के बीच मिल रहा है। पहले यह रेट 77 हजार से 78 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गया था लेकिन अब इसमें थोड़ी राहत आई है।
8 एमएम रॉड की कीमत करीब 65 रुपये 71 पैसे प्रति किलो है। 10 एमएम रॉड का रेट लगभग 65 रुपये 55 पैसे प्रति किलो है। 12 एमएम रॉड 64 रुपये 59 पैसे प्रति किलो में मिल रहा है। 16 एमएम रॉड की कीमत लगभग 76 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। कुल मिलाकर इस समय सरिया का औसत रेट 70 हजार से 75 हजार रुपये प्रति टन के बीच बना हुआ है।
सीमेंट रेट दिसंबर 2025 अपडेट
सीमेंट के दामों में भी अच्छी गिरावट आई है। अभी बाजार में सीमेंट की कीमत 320 रुपये से 390 रुपये प्रति 50 किलो बैग के बीच है। पहले जीएसटी कटौती से पहले यही सीमेंट 370 से 400 रुपये तक मिलता था। अब जीएसटी में कमी आने के बाद यह 330 से 360 रुपये प्रति बैग के बीच बिक रहा है। इससे घर बनाने वालों को काफी फायदा हुआ है क्योंकि सीमेंट की कीमत में 35 से 40 रुपये तक की राहत मिली है।
कीमतों में गिरावट के प्रमुख कारण
सरिया और सीमेंट के दामों में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है जीएसटी दर में कटौती। सरकार ने सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है जिससे हर बैग पर करीब 35 से 40 रुपये की बचत हो रही है। इसके अलावा बाजार में कंपनियों के पास पुराना स्टॉक ज्यादा होने के कारण उन्होंने दाम घटाए हैं ताकि सामान जल्दी बिक सके।
मांग में कमी भी एक बड़ा कारण रही है। पिछले कुछ महीनों में निर्माण कार्य धीमा पड़ने से कंपनियों ने दाम कम किए थे। हालांकि अब धीरे धीरे मांग फिर से बढ़ने लगी है और आने वाले महीनों में दामों में हल्की बढ़ोतरी भी संभव है।






