मध्य प्रदेश

हाईकोर्ट ने आरोपियों को सुनाई 10-10 पौधे लगाने की सजा, जानें क्या है पूरा मामला?

ग्वालियर
 मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक अनोखा आदेश पारित किया है। इस आदेश के अनुसार आरोपियों को 10-10 पौधे लगाने होंगे और उनका उचित रखरखाव भी करना होगा। यह मामला देश के एक बड़े व्यवसायी से जुड़ा हुआ है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने ग्वालियर की एक व्यापारी के साथ लाखों की ठगी की है तो आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

आपको बता दें कि शहर के एक व्यापारी गोपाल गुप्ता ने पुलिस थाने में शिकायत की थी कि बजाज कंपनी के डायरेक्टर नवीन गुप्ता और उनके स्टाफ अरुण गजेंद्र और उनके दो अन्य साथियों ने मिलकर उनके साथ भरोसे में लेकर ठगी की थी। यह ठगी तकरीबन 25 लख रुपए की थी और कंपनी ने उनका पैसा लौटाने से मना भी कर दिया था। उनका आरोप था कि कंपनी ने अलग-अलग तरीकों में उनसे उन्हें कंपनी का एमडी बनाने के नाम पर 25 लाख रुपए की ठगी की थी।

जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो फर्जी डीडी बनाकर उन्हें थमा दिया था, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान मेरी बात कंपनी के डायरेक्टर से भी करवाई गई थी, लेकिन उसका भी कोई लाभ मुझे नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत की थी तब मामला न्यायालय पहुंचा।

कोर्ट ने दिया अनोखा आदेश

उक्त मामले को लेकर जब आरोपियों ने अपनी जमानत के लिए कोर्ट में याचिका दायर की तो न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत दे दी, लेकिन जमानत देने के दौरान शर्त रखी गई कि आरोपी अरुण और गजेंद्र को 50-50 हजार के निजी बेल बांड देने होंगे। इसके साथ ही चूंकि आरोपी ग्वालियर से ही बिलॉन्ग करते हैं, तो उन्हें शिरोल पहाड़ी पर 10-10 फलदार नीम पीपल जैसे पौधे लगाने होंगे। यह काम केवल यहीं तक सीमित नहीं है। इन पौधों के रखरखाव का जिम्मा भी उन्हीं का है और अपने बच्चों की तरह इन पौधों की देखभाल उन्हें करनी होगी।

कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस तारीख को आरोपी जमानत पर बाहर आएंगे, उस तारीख से आने वाले 30 दिन के अंदर आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पौधारोपण की तस्वीर पेश करनी होगी। साथ ही इन पेड़ों की देखरेख में भी कोई कोताही नहीं बरती जाए, नहीं तो अपराधियों के जमानत लाभ पर इसका प्रभाव पड़ेगा।

 

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