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G Kamalini debut: 17 साल की जी कमलिनी का इंटरनेशनल डेब्यू, श्रीलंका के खिलाफ पांचवें T20 में मिला बड़ा मौका

G Kamalini debut : भारतीय महिला क्रिकेट को एक और उभरता हुआ सितारा मिल गया है। श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे पांचवें टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने महज 17 साल की युवा खिलाड़ी जी कमलिनी को डेब्यू का मौका दिया है। बाएं हाथ की इस विकेटकीपर-बल्लेबाज को स्मृति मंधाना की जगह टीम में शामिल किया गया है, जिन्हें इस मैच में आराम दिया गया। तमिलनाडु की रहने वाली जी कमलिनी पहले से ही क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। वह सिर्फ विकेटकीपर या बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि एक शानदार ऑलराउंडर भी हैं।

WPL में करोड़ों की बोली, 10 लाख से सीधे 1.6 करोड़ तक का सफर

कमलिनी की काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें WPL 2025 मिनी ऑक्शन में मुंबई इंडियंस ने 1.60 करोड़ रुपये में खरीदा। हैरानी की बात यह रही कि उनका बेस प्राइस सिर्फ 10 लाख रुपये था। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी बोली लगना उनकी प्रतिभा को साफ दिखाता है।

अंडर-19 क्रिकेट में भी किया शानदार प्रदर्शन

जी कमलिनी ने हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 एशिया कप में टीम इंडिया को यादगार जीत दिलाई थी। उन्होंने उस मैच में 29 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारत को जीत तक पहुंचाया और प्लेयर ऑफ द मैच रहीं। इसके अलावा, अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी कमलिनी का प्रदर्शन जबरदस्त रहा। वह टूर्नामेंट में तीसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। वहीं, 2024 की U-19 महिला T20 ट्रॉफी में उन्होंने 8 मैचों में 311 रन बनाए, जिसकी बदौलत तमिलनाडु ने खिताब अपने नाम किया।

16 साल की उम्र में WPL डेब्यू, बना रिकॉर्ड

कमलिनी ने महिला प्रीमियर लीग में 16 साल और 213 दिन की उम्र में डेब्यू कर इतिहास रच दिया था। वह WPL में खेलने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ियों में शामिल हैं।

स्केटिंग से क्रिकेट तक का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि कमलिनी को बचपन में क्रिकेट नहीं, बल्कि स्केटिंग पसंद थी। लेकिन अपने भाई को क्रिकेट खेलते देखकर उनका रुझान इस खेल की ओर बढ़ा। मदुरै की रहने वाली कमलिनी को उनके पिता बेहतर ट्रेनिंग के लिए चेन्नई लेकर आए। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स एकेडमी में कोचिंग ली, जहां उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिली और आज वह टीम इंडिया के लिए खेल रही हैं।

पिता का त्याग बना सफलता की नींव

कमलिनी की सफलता के पीछे उनके पिता गुनालन का बहुत बड़ा योगदान है। उनका ट्रांसपोर्ट का बिजनेस था और उनके पास करीब 10 लॉरियां थीं। खुद क्रिकेटर बनने का सपना देखने वाले गुनालन ने बेटी के भविष्य के लिए अपना बिजनेस बंद कर दिया। उन्होंने पूरे परिवार को मदुरै से चेन्नई शिफ्ट किया, ताकि बच्चों को बेहतर क्रिकेट माहौल मिल सके। पिता के इसी त्याग और कमलिनी की मेहनत ने आज उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाया है।

भारतीय महिला क्रिकेट का भविष्य

जी कमलिनी का डेब्यू सिर्फ एक खिलाड़ी का चयन नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य की झलक है। उनकी बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग और आत्मविश्वास आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

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