छत्तीसगढ़रायपुर जिला

CG : दवा कारोबार में 1000 करोड़ की GST चोरी …

रायपुर । छत्तीसगढ़ में जन औषधि केन्द्रों में बिकने वाली और नकली दवाइयों की बिक्री में बड़ा खेल कर दवा कारोबारियों द्वारा करोड़ों की जीएसटी चोरी करने के मामले में प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने विगत दिनों गृहमंत्री अमित शाह से व्यक्तिगत मिलकर केन्द्रीय जांच एंजेसी ष्टक्चढ्ढ से जाँच कराने की माँग की है। ग़ौरतलब है कि दवाइयों में त्रस्ञ्ज चोरी का खेल जब से देश में त्रस्ञ्ज लागू हुआ तभी से हो रहा ह। जो दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहा है। बड़े अस्पतालों के संचालक नामी दवा कंपनियों से सांठ गांठ कर साठ से सत्तर पर्सेंट कम में दवाईया खरीद कर वही दवाइया खुले बाज़ार में दो नंबर पर बिना बिल के बेचा जाता है। जो दवाई अस्पतालों को रियायत दर में मिलती है, उदाहरण के लिए सौ रुपये का रूक्रक्क पर तीस पैंतीस पर्सेंट डिस्काउंटजो दवाइयां खरीदी जाती है उसी दवाइयों को मार्केट में बिना बिल के खपाया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़ प्रदेश में लगभग 1 हज़ार करोड़ की सालाना दवाइयों की बिक्री खुले बाज़ार में बिना बिल के बेचकर त्रस्ञ्ज चोरी की जा रही है। जिसकी शिकायत पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने देश के गृह मंत्री अमित शाह से की है और पूरे मामले की ष्टक्चढ्ढ से जाँच कराने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के जी.एस.टी. विभाग, ड्रग कंट्रोल आफिस दवा क पनियों एवं व्यापारियो से मिलकर राज्य को कई 1000 करोड़ की आर्थिक क्षति अपने निजी लाभ प्राप्त करने हेतु किया जा रहा है छत्तीसगढ़ में स्थित सार्वजनिक उपक्रम एवं प्रायवेट कारखानों के अस्पतालों के नाम पर दवा क पनियों के द्वारा फर्जी क्रय आदेश बनाकर रियायत दर पर क पनियों से दवा लेकर खुले बाजार में बेचा जा रहा है, जो उपक्रम नि नानुसार हैं- बालको हॉस्पिटल, बालको एवं रायपुर, एन.टी.पी.सी. हॉस्पिटल, सभी संस्थाएं जो छत्तीसगढ़ में स्थित है, एस.ई.सी.एल. के समस्त हॉस्पिटल, भिलाई स्टील प्लांट के हॉस्पिटल, सी. एस. ई.बी. के समस्त हॉस्पिटल, श्रम विभाग के अन्तर्गत आने वाले ई.एस.आई.सी. के समस्त हॉस्पिटल, एन.एम.डी.सी. की हॉस्पिटल, जिन्दल हॉस्पिटल, लैंकों हॉस्पिटल, एवं राज्य में स्थित अन्य अस्पतालों के नाम पर दवा क पनियों के द्वारा हॉस्पिटल सप्लाई करना है, यह कहकर उदाहरण के तौर पर 100 /- रूपये की दवाई को 30 या 40 /- रूपये में क पनी से उपरोक्त संस्थानों के नाम पर फर्जी क्रय आदेश बनाकर निकाला जा रहा है, और उसे खुले बाजार में 70 या 80/- रू. में बिना बिल के बेच दिया जाता है। इस तरह की कार्यवाही कई वर्षों से पूरे प्रदेश में चल रही है।

जिसमें हर वर्ष 1000 करोड़ से 1200 करोड़ के दवाईयों का फर्जी ऑर्डर बनाकर दवाईयां रियायत दर पर क पनियों से निकाली जा रही है और उसे खुले मार्केट में बेच दिया जा रहा है इस तरह की कार्यवाही में बड़ी-बड़ी क पनियां शामिल हैं, जो कि नि नानुसार है – एबोट इंडिया लिमिटेड, बायोकॉन, रैनबेक्सी, मेनकाईनड, शीपला लिमिटेड, सनफर्मा, डॉ. रेड्डी लेबोटरी, एलकेम लेबोटरी, टोरेन्ट फर्मासिटिकल, शेरम इन्स्टीट्यूट, जायडस, हिमालया ड्रग बैंगलोर इसी प्रकार संलग्न सूची में दिए गए सभी क पनियां फर्जी हॉस्पिटल सप्लाई के नाम से क्रय आदेश निकालकर कई हजार करोड़ की जीएसटी एवं इंन्कम टेक्स की चोरी कर रहे है ।

इनके द्वारा उपरोक्त अस्पतालों के नाम पर उनके बजट से कई सौ गुनह अधिक दवा क पनियों से रियायत दर पर दवाई निकालकर खुले बाजार में बेचा जा रहा है । इस तरह से करीब 1000 करोड़ से भी ज्यादा की के जीएसटी एवं आयकर टैक्स चोरी की जा चुकी है। अत: आपसे अपेक्षा है कि जी.एस.टी. विभाग, ड्रग कंट्रोल आफिस के द्वारा दवा कं पनियों एवं व्यापारियों से मिलकर अपने निजी लाभ लेने की नियत से प्रदेश में 1000 करोड की आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है जो कि बहुत बड़ा आर्थिक क्षति से जुड़ा हुआ मामला है। शासकीय एवं निजी अस्पतालों के बजट से सौ गुना अधिक की रियायती दर पर दवाईयों फर्जी तरीके से दवाईयों का आर्डर बनाकर खुले बाजार मे बिना बिल के बेचा जा रहा है जिससे सरकार को लगभग 1000 करोड रूपये की आर्थिक क्षति हो रही है इस संबंध में संबंधीत अधिकारी कर्मचारी दवा कंपनी व डिलरो के विरूद्ध अपराधिक मामला दर्ज करते हुए पैसे की वसूली करने एवं कार्यवाही करने हेतु निर्देश देना चाहेंगे ।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button