
पटना शहर में फुटपाथी कारोबार को मिलेगा नया ढांचा, म्यूनिसिपल बॉन्ड से होगा विकास कार्य
पटना
पटना के फुटपाथी दुकानदारों को जल्द ही नया ठिकाना मिलने वाला है. नगर निगम की ओर से शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए कई पहल किए जा रहे हैं. ऐसे में अब नए वेंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया गया है. जानकारी के मुताबिक, शहर के अलग-अलग इलाकों में 31 वेंडिंग जोन बनेंगे. इनमें से 19 के लिए 760.81 डिसमिल जमीन चिह्नित कर ली गई है.
मिली जानकारी के मुताबिक, पटना में बनने वाले वेंडिंग जोन पर 124.4 करोड़ खर्च किए जायेंगे. इसमें नौ जगहों पर नगर निगम की अपनी जमीन है, जबकि बाकी 10 जगहों के लिए पथ निर्माण, सिंचाई और भवन निर्माण विभाग से उनकी जमीन पर वेंडिंग जोन बनाने के लिए स्वीकृति मिल गई है. हर वेंडिंग जोन में 200 से 235 दुकानें होंगी. 4400 रजिस्टर्ड दुकानदारों को बेहद कम रेट पर जगह मिल सकेगी.
किस जगह कितने बनेंगे वेंडिंग जोन?
पटना के नूतन राजधानी अंचल में 61.69 करोड़ रुपये से आठ वेंडिंग जोन बनेंगे, इसके तहत शेखपुरा रैन बसेरा, अमला टोला, पंच मंदिर, इको पार्क डीपीएस के पास, चित्रगुप्त समाज मंदिर, साकेत नगर, बेऊर मोड़ और जंक्शन रोड मल्टी लेवल पार्किंग के पीछे जी प्लस वन वेंडिंग जोन बनेंगे.
पाटलिपुत्र अंचल में 24.29 करोड़ से चार वेंडिंग जोन बनेंगे. इनमें मछली मार्केट के पास आरसीडी की जमीन, वार्ड 20 में सब्जी मार्केट के पास, वार्ड 8 में बीएमएसआइसीएल के सामने और वार्ड 24 में दीघा पोस्ट के सूर्य मंदिर के पास आधुनिक जी प्लस वन परिसर तैयार किए जायेंगे.
मुसल्लहपुर हाट और गांधी सेतु के पास भी बनेंगे वेंडिंग जोन
जानकारी के अनुसार, बांकीपुर अंचल में निगम की जमीन पर 18.82 करोड़ से मैकडोवेल गोलंबर और खेतान मार्केट के सामने बिरला मंदिर रोड में जी प्लस वन, जबकि वार्ड 50 में मुसल्लहपुर हाट के पास जी प्लस टू भवन बनेगा. अजीमाबाद अंचल में 15.54 करोड़ से गांधी सेतु के नीचे, गायघाट और मीना बाजार में जी प्लस टू होंगे. पटना सिटी अंचल में 4.11 करोड़ से सती चौराहा गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ पर निगम की जमीन पर एक जी प्लस वन वेंडिंग जोन बनेगा.
म्यूनिसिपल बॉन्ड के खर्च किए जायेंगे पैसे
वेंडिंग जोन बनाने में म्यूनिसिपल बॉन्ड के पैसे खर्च किए जायेंगे. पटना नगर निगम 200 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने जा रहा है. इसके लिए बाजार नियामक सेबी से हरी झंडी मिल चुकी है. पटना नगर निगम के मौजूदा रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में टोटल 20, 862 फुटपाथी दुकानदार रजिस्टर्ड हैं. लेकिन पिछले करीब 10 सालों से शहर के वेंडर कार्ड जारी नहीं किए गए हैं.



