lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.
  • CG : प्रदेश में अब तक 952.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

        रायपुर, छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 952.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1329.0 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 461.7 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

        रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 810.7 मि.मी., बलौदाबाजार में 702.0 मि.मी., गरियाबंद में 786.0 मि.मी., महासमुंद में 695.9 मि.मी. और धमतरी में 839.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

        बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 988.5 मि.मी., मुंगेली में 966.2 मि.मी., रायगढ़ में 1165.8 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 809.9 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1156.2 मि.मी., सक्ती में 1049.8 मि.मी., कोरबा में 1003.4 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 908.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 742.9 मि.मी., कबीरधाम में 672.0 मि.मी., राजनांदगांव में 830.8 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1170.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 690.0 मि.मी. और बालोद में 1013.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 679.8 मि.मी., सूरजपुर में 1006.0 मि.मी., जशपुर में 930.1 मि.मी., कोरिया में 1059.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 956.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1317.4 मि.मी., कोंडागांव जिले में 868.9 मि.मी., कांकेर में 1078.9 मि.मी., नारायणपुर में 1143.6 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1286.0 मि.मी., सुकमा में 1021.8 मि.मी. और बीजापुर में 1288.4 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • CG : मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को दी श्रद्धांजलि

    श्रद्धेय शांताराम जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर किया नमन

    रायपुर,

    मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

    पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे, विधायक अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

  • Rajnandgaon : 7 तारीख को चन्द्रग्रहण रहेगा, डोंगरगढ़ के मंदिरों का पट बंद रहेगा

    डोंगरगढ़, मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट द्वारा संचालित सभी मंदिरों के पट 7 सितंबर को चंद्रग्रहण होने की वजह से दोपहर 12ः50 बजे से 8 सितंबर को प्रात 40 : 30 बजे तक बंद रहेंगे।

    ट्रस्ट के मंत्री महेन्द्र परिहार ने बताया कि ग्रहण का सूतक रविवार को दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा। श्रीबम्लेश्वरी मंदिर का पट 8 सितंबर को सुबह 4:30 बजे देवी का अभिषेकए शृंगार किया जाएगा। इसके बाद आरती के साथ देवी के दर्शन होंगे।

  • राजनांदगांव : आज रात की झांकी में ऑपरेशन सिंदूर को दर्शाया जायेगा

    राजनांदगांव, बाल समाज की झांकी में इस बार ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाई देगी। अध्यक्ष मनीष खंडेलवालए संयोजक दामू भूतड़ा व मीडिया प्रभारी रूपेश गुप्ता ने बताया कि बाल समाज के द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले से ओत प्रोत झांकी बनाई है। झांकी के आर्च में भारत का नक्शा व अशोक चक्र को दर्शाया गया है।

    आठ फीट ऊंची भारत माता की प्रतिमा रथ में सवार दिखेंगी। झांकी में मिसाइलए एयरजेट दिखाए गए। मिसाइल मूव करते हुए दिखेंगे। यह तीन जीप की झांकी होगी।

  • राजनांदगांव : आपने हाथों से मिट्टी के बनाये गणपति जी, घर में ही करेंगी विसर्जित

    राजनांदगांव : ब्राम्हण पारा निवासी अनन्या और अनवेशा स्वर्णकार पिछले पांच सालों से अपने हाथों से मिट्टी के गणेश बनाकर घर में ही स्थापित कर रही है।

    दोनों ने बताया कि भगवान गणेश की मिट्टी प्रतिमा बनाकर 11 दिनों तक उनकी सेवा की। बताया कि अनंत चतुर्दशी तिथि पर शनिवार की सुबह विधि.विधान से पूजा अर्चनाए हवन के बाद घर में ही भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जित करेंगी। दोनों ने बताया कि ऐसा करने से हमें सालभर भगवान गणेश हमारे बीच होने का एहसास होता है।

  • राजनांदगांव : भदौरिया चौक पर आज रात भंडारे का आयोजन किया जाएगा

    राजनांदगांव, संस्कारधानी राजनांदगांव इन दिनों गणेशोत्सव की भक्ति और उत्साह में डूबी हुई है। सहदेव नगर (अंबेडकर चौक) स्थित श्री सेवा समिति द्वारा इस वर्ष अहमदनगर स्वरूप के विशाल गणपति की स्थापना की गई है, जिसे देखने सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

    डिज्नीलैंड थीम पर सजे पंडाल में रंग-बिरंगी लाइटिंग, झूले, बलून और बच्चों के मनोरंजन की विशेष व्यवस्था ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया है। समिति अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने जानकारी दी कि गणेश विसर्जन की रात भदौरिया चौक पर रात्रिकालीन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। साथ ही पूरी रात डिजनीलैंड थीम पर बनी झांकी भी पूरी रात चालू रहेगी।

  • CG : नकली आरटीओ ई-चालान स्कैम से रहें सावधान

    परिवहन विभाग ने आरटीओ चालान भुगतान केवल विभागीय वेबसाइट से करने की अपील

    अम्बिकापुर , छत्तीसगढ़ में हाल के दिनों में नकली आरटीओ ई-चालान स्कैम सामने आ रहे हैं, जिसमें फर्जी लिंक भेजकर लोगों से व्यक्तिगत जानकारी और बैंक खातों से पैसे ठगे जा रहे हैं। इस संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय ने आम जनता से सतर्क रहने और चालान भुगतान के लिए केवल विभागीय अधिकृत वेबसाईट https://echallan.parivahan.gov.in/   का ही उपयोग करने की अपील की है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुलिस एवं परिवहन अमले द्वारा बनाए गए चालान की जानकारी केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आधिकारिक वेबसाइट से टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से ही भेजी जाती है। नकली संदेशों में प्रायः एपीके फाइल या लिंक दिए जाते हैं, जिन पर क्लिक करने से ठगी का खतरा रहता है।

    अधिकारियों ने बताया कि चालान की जांच करने के लिए विभागीय वेबसाइट पर जाकर पे ऑनलाइन विकल्प चुनें, उसके बाद चालान नंबर और कैप्चा डालें। आगे गेट डिटेल्स पर क्लिक कर मोबाइल ओटीपी डालने पर चालान का वास्तविक विवरण देखा जा सकता है।

    विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर भरोसा न करें, किसी अजनबी लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी को ऑनलाइन भुगतान करें। यदि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जी कॉल/मैसेज की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएँ।

  • CG : बाढ़ प्रभावित मांदर में सहकारी बैंक की खास पहल

    पासबुक वितरण और माइक्रो एटीएम से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत

    रायपुर,

     बाढ़ प्रभावित मांदर में सहकारी बैंक की खास पहल

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पिछले दिनों बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई एवं जमीनी निरीक्षण करते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं पुर्नवास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए बाढ़ प्रभावित परिवारों को सभी स्तरों पर संवेदनशीलता एवं तत्परता से प्रशासनिक मदद दिए जाने के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुपालन में अतिवृष्टि से प्रभावित गाँव मांदर के ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर बस्तर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के प्राधिकृत अधिकारी हरिस एस के द्वारा शाखा लोहंडीगुड़ा और आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अलनार ने बाढ़ पीड़ितों को उनके जरूरी दस्तावेज और पैसों तक पहुंचने में मदद की है।

    बाढ़ पीड़ितों को मिली बड़ी मदद
          बाढ़ के कारण मांदर गाँव के कई घरों का घरेलू सामान बह गया था, जिसमें ग्रामीणों के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी शामिल थे। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और बैंक पासबुक जैसी चीजें शामिल थीं, जिनके बिना सरकारी योजनाओं और बैंक सेवाओं का लाभ उठाना मुश्किल हो रहा था।

    पासबुक और माइक्रो एटीएम से हुआ भुगतान
          ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जगदलपुर के प्राधिकृत अधिकारी के द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक लोहंडीगुड़ा ने गाँव में ही नवीन बैंक पासबुक का वितरण किया गया। इसके साथ ही आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अलनार ने माइक्रो एटीएम मशीन की व्यवस्था की है। इसके माध्यम से जिन किसानों के पास एटीएम कार्ड था, उन्हें तत्काल उनकी जरूरत के अनुसार नकदी का भुगतान किया जा रहा है।

    किसानों को मिली खेती के लिए राहत
         इस पहल से सबसे अधिक फायदा उन ग्रामीण परिवारों को हुआ है, जिनकी खेती-किसानी के लिए पैसे निकालने की सख्त जरूरत थी। नई पासबुक मिलने से वे अब अपने बैंक खाते से आसानी से रकम निकाल सकते हैं, जिससे उन्हें अपनी फसल और खेती से जुड़े कार्यों को फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी। इस मुश्किल घड़ी में बैंक और समिति द्वारा किए गए इस प्रयास ने ग्रामीणों को एक बड़ा सहारा दिया है, जिससे वे अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर सकें।

  • CG : वन मंत्री ने किया सोनपुर में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की नई शाखा का लोकार्पण

    रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिले के ग्राम सोनपुर में नवनिर्मित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक की शाखा का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में मंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।

    ग्रामीणों ने वन मंत्री से मिनी राइस मिल, सामाजिक भवन, खेल मैदान, किचन शेड और दंतेश्वरी मंदिर के पास शेड निर्माण जैसी मांगें रखी गईं। मंत्री कश्यप ने इन सभी मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण बैंक की नई शाखा के खुलने से सोनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, जिला पंचायज हीना नाग सहित जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित थे।

  • CG : ग्रामोद्योग से गाँव-गाँव में रोजगार का होगा विस्तार – मंत्री गजेंद्र यादव

    कारीगरों को मिलेगा नया बाजार, प्रदेश में बनेगा शिल्प ग्राम और शिल्प नगरी

    ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम

    रायपुर,

    ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक : छोटे उद्योगों से बड़े रोजगार की ओर कदम

    ग्रामोद्योग, स्कूल शिक्षा एवं विधि विधायी विभाग के मंत्री गजेंद्र यादव ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस रायपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभाग के अंतर्गत रेशम, हथकरघा, खादी, हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड की कार्यप्रगति का विस्तार से आकलन किया गया।

    मंत्री यादव ने बताया कि राज्य में लगभग 3.15 लाख हितग्राही ग्रामोद्योग के विभिन्न कुटीर उद्योगों से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों और विकासखंडों में रीपा (RIPA) भवनों में ग्रामोद्योग की गतिविधियाँ संचालित कर अधिक से अधिक हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए।

    बैठक में निर्णय लिया गया कि दोना–पत्तल, कांसा, गोबर से जैविक खाद, पपीता से गुलकंद, फर्नीचर जैसे छोटे उद्योगों की स्थापना कर हितग्राहियों को वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    इसके अलावा राज्य शासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि शासकीय विभागों में केवल राज्य के बुनकरों और कारीगरों द्वारा निर्मित सामग्री की ही आपूर्ति हो। साथ ही रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में शिल्प ग्राम एवं शिल्प नगरी के निर्माण की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि कारीगरों को बेहतर विपणन सुविधा मिले और राज्य की शिल्पकला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके।

    बैठक में सचिव सह संचालक ग्रामोद्योग श्याम धावड़े, प्रबंध संचालक हस्तशिल्प एवं माटीकला बोर्ड जे. पी. मौर्य, उप सचिव अर्न मरकाम, अपर संचालक रेशम डॉ. राजेश बघेल, संयुक्त संचालक हथकरघा अ. अयाज़ सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • राजनांदगांव : वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

    राजनांदगांव, छुरिया के शिकारी महका में अज्ञात भारी वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटना गुरुवार रात करीब 9ण्30 बजे की है। छुरिया पुलिस ने बताया कि ग्राम शिकारी महका में रहने वाला दुर्गेश सिंह राजपूत ;33द्ध अपने काम से ग्राम कोकपुर गया था। जहां से रात में गांव लौट रहा था।

    तभी शिकारी महका के पुलिया के पास अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। बताया गया कि हादसे में दुर्गेश सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया थाए जिसे छुरिया हॉस्पिटल लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने वाहन चालक पर मामला दर्ज कर पतासाजी शुरू कर दी है।

  • CG : कच्चापाल जलप्रपात बनेगा पर्यटन का नया केंद्र: वन मंत्री केदार कश्यप

    पर्यटन केन्द्र बनने से क्षेत्र के स्व-सहायता समूह के महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार

    बाईक एवं पैदल चलकर वनमंत्री पहुंचे कच्चापाल के जलप्रपात

    रायपुर,

    पर्यटन केन्द्र बनने से क्षेत्र के स्व-सहायता समूह के महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
    पर्यटन केन्द्र बनने से क्षेत्र के स्व-सहायता समूह के महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
    पर्यटन केन्द्र बनने से क्षेत्र के स्व-सहायता समूह के महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज नारायणपुर जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान बाईक एवं पैदल चलकर कच्चापाल के जलप्रपात पहुंचकर अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के जंगल, पहाड़ और झरने यहां की पहचान हैं। यदि इन्हें सुनियोजित ढंग से विकसित किया जाए तो नारायणपुर जिले का नाम पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक रोशन होगा। कच्चापाल जलप्रपात को हम प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की श्रेणी में शामिल करने की दिशा में कार्य करेंगे।

    अबूझमाड़ की गोद में बसा प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर कच्चापाल जलप्रपात अब जिले के पर्यटन मानचित्र पर नया आकर्षण का केन्द्र बनने जा रहा है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री ने यहां पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कच्चापाल वाटरफॉल का मनोहारी दृश्य, पहाड़, नदी-नाले और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि स्थानीय ग्रामसभा को शामिल करते हुए पर्यटन विकास की ठोस रूपरेखा तैयार की जाए। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से स्वरोजगार की पहल की जाए, जिससे विशेषकर महिलाओं को आजीविका का नया अवसर मिल सकें।

    विवेकान्द आश्रम कच्चापाल में पहुंचकर वन मंत्री ने शिक्षक दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चों के द्वारा संगीतमय स्वागत गीत के साथ वन मंत्री कश्यप का स्वागत किया गया। इस अवसर उन्होंने बच्चों से कहा की अपने प्रथम गुरू माता-पिता के बताए रास्ते पर चलकर अपने भविष्य को गढ़ने का कार्य करें, जिससे भविष्य में अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता है। गुरूजन मोमबत्ती के समान होते है जो जल कर दुसरे को प्रकाश देते है। इस प्रकार गुरूजनों से विद्यार्जन ग्रहण कर अपने भविष्य को सुखमय बनाने के लिए बच्चों को प्रोत्साहित किया। गुरूजनों की मांग पर वादयंत्र एवं माईक सेट प्रदाय करने का घोषणा किया।

    इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, एसडीएम अभयजीत मंडावी सहित जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन मौजूद थे।

  • CG : वनमंत्री कश्यप छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रम एवं मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह में हुए शामिल

    शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

    1 करोड़ 25 लाख रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

    रायपुर,

    शिक्षक-शिक्षिकाओं को शॉल श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित

    वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज नारायणपुर जिले में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रम में  शामिल हुए। वन मंत्री कश्यप ने शिक्षक दिवस के अवसर पर एजी आडोटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सेवानिवृत शिक्षकों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

    उन्होंने कहा की डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितम्बर के अवसर पर पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। गुरूजनों के आदर्शाे का सम्मान करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए हमें कठिन परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों का भविष्य बनाने के लिए शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे अपने भविष्य को सफल एवं उज्जवल बनाने के लिए प्राथमिक शालाओं के गुरूजनों के द्वारा बच्चों के भविष्य को बनाने के शिक्षा दी जाती है। उनके शिक्षा को जो बच्चे ग्रहण करते है वे अपने जीवन में सफलता हासिल करते है और अपने मंजील तक पहुंचने में कमयाब होते है। उन्होंने ने कहा कि जिला बने 18 वर्ष हो चुका है अभी और कार्य करने की आवश्यकता है, जिससे हमारे जिले को विकसित जिला बनाने में जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की सहयोगार्थ भावना से कार्य करने की आवश्यकता है। हमारे देश में गुरू परमपरा का देश है, शिक्षक बिना स्वार्थ अपने दयित्वो का निर्वहन करते हुए बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर समाज को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते है गुरू के बिना जीवन ही अधूरे होती है। उन्होंने ताइक्वाण्डो, मलखम्ब एवं स्केटिंग के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले के प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि जिले के अंदरूनी क्षेत्रों के 04 विद्यालय जो विभिन्न कारणों से बंद थे, इनका नियद नेल्लनार योजना के तहत् इस वर्ष से पुनः संचालन प्रारंभ किया गया है। जिले मे युक्तियुक्तकरण के पश्चात् 66 शासकीय शालाओ में विषयवार शिक्षको की कमी को पूर्ण करने हेतु 140 अतिथि शिक्षको की स्वीकृति डी.एम.एफ. मद से प्रदान की गई है। जिले में शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित बच्चों के लिए ’’स्कूल केइन्ता अभियान’’ के तहत् 24 हजार 701 परिवारों का सर्वे कराया गया है, जिसमें 1 हजार 47 शाला त्यागी एवं 1 हजार 295 शाला अप्रवेषी बच्चों को पुनः शाला में प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा हैं। जिले के 84 विद्युत विहिन शालाओं में विद्युतिकरण कराया जा रहा है। जिले के मेधावी बच्चों को जेईई और नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने हेतु जिला मुख्यालय में परियना निःशुल्क आवासीय कोचिंग संस्थान चलाया जा रहा हैं, जिसमें शिक्षा सत्र 2025-26 में 16 विद्यार्थीयों का चयन, जेईई की परीक्षा के माध्यम से विभिन्न प्रतिष्ठित शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय में हुआ है। इसी तरह 07 विद्यार्थी नीट परीक्षा के माध्यम से कांऊसलिंग में उत्तीर्ण हुए, इनमें से एक विद्यार्थी शासकीय मेडिकल कॉलेज रायपुर में एमबीबीएस के लिये चयनित हुआ है। जिले में विशेष अभियान चलाकर 26 हजार 101 जाति प्रमाण पत्र, 13 हजार 418 निवास प्रमाण पत्र 11 हजार 806 आय प्रमाण पत्र एवं 5 हजार 222 जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर विद्यार्थियों को वितरण किया गया है।

    वनमंत्री कश्यप ने जिले के विभिन्न शालाओं में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 1 करोड़ 25 लाख 18 हजार रुपए के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। वर्ष 2025 के वार्षिक परीक्षा में कस्तुरबा विद्यालय के छात्रा सुमन सलाम के द्वारा 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने के लिए उन्हें स्कूटी प्रदाय कर समानित किया गया। एमबीबीएम में चयन होने पर शब्बीर वड्डे को स्मृतिचिन्ह भेंटकर समानित किया गया।

    कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम एवं छोटेडोंगर सरपंच संध्या पवार ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, जनपद पंचायत नारायणपुर के अध्यक्ष पिंकी उसेण्डी, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष नरेश कोर्राम जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सदस्य सहित जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

  • CG : नई मैडम…नया सर.. युक्ति युक्तकरण से स्कूलों में पढ़ाई हुई बेहतर

    पहली से लेकर बारहवीं तक के रिक्त पदों में शिक्षको की पदस्थापना से बदला माहौल

    दूरस्थ गाँव में शिक्षकों को भी मिलने लगा है सम्मान के साथ पहचान

    • लेख-कमलज्योति

    कोरबा, वक़्त का पहिया बहुत तेजी से आगे बढ़ गया है…गाँव का वह तालाब, तालाब के किनारे का पेड़, पेड़ पर घोंसला, गांव के गौटियां के घर के पास का कुआं, कीचड़ वाले रास्ते, खपरैल वाले घर और उन घरों से ही दूर-दूर तक नजर आती खेत…खेत के मेढ़ से बस्ता टांगकर दूर तक स्कूल का सफर सहित आसपास के नजारे अब भले ही बदलाव के दौर में  बदल गये हैं…. इन्हीं बदलाव में गाँव का वह स्कूल भी अब पहले जैसा नहीं रहा…भले ही कई स्कूल जहाँ संचालित थे, वहीं है लेकिन उन स्कूलों की दीवारें बदल गई है। छते बदल गई है, विद्यार्थी, शिक्षक भी बदल गए हैं..किताबें बदल गई है, ड्रेस बदल गया है…लेकिन कक्षा के भीतर मास्टरजी की सीख, बच्चों के शोर, शाला लगने और शाला से घर जाने सुनाई देने वाली घंटी की आवाजें, प्रार्थना, कतार…सबकुछ वैसा का वैसा ही तो है..। नई पहचान के साथ अब शहर से लेकर दूरस्थ गाँव तक के हर विद्यालय में क, ख, ग और ए, बी सी,डी की शोर सुनाई देती है, लेकिन यह शोर वह शोर नहीं.. जिन्हें सुनकर कान बन्द करने की नौबत आन पड़े…यह तो वह शोर है…जिसमे आने वाले भविष्य का कल छिपा है…इसे सुनकर पूरा गाँव निश्चिंत है..और खुश भी है कि उनके गांव के विद्यालय में मास्टरजी आ गये हैं। यह खुशी विद्यालयों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों में भी है कि उन्हें नई मैडम और नया सर मिल गया है। स्कूल आने-जाने का समय हो या फिर घर में अपने भाई-बहन, माता-पिता के बीच गुजरने वाला वक्त, स्कूल की नई मैडम और नये सर का जिक्र सबकी जुबां पर है। गांव के स्कूलों में पदस्थ होने के साथ ही शिक्षकों का भी मान सम्मान बढ़ने लगा है।


        मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा निर्देशन में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश भर में अपनाई गई युक्तियुक्त करण की प्रक्रिया से शहर से लेकर दूरस्थ गांव तक के सरकारी विद्यालयों मे पढ़ाई करने वाले गरीब विद्यार्थियों के भाग खोल दिये हैं। अतिशेष शिक्षकों के समायोजन से उन हजारों विद्यालयों को शिक्षक मिल गया है, जहां वर्षों से शिक्षक की कमी थी। प्रदेश के लगभग 6 हजार एकल शिक्षकीय विद्यालय में अतिशेष शिक्षको का समायोजन किया गया है, जिससे 4 हजार 721 विद्यालय लाभान्वित हुए है। वही युक्ति युक्तकरण से पूर्व प्रदेश भर में 453 शिक्षकविहीन विद्यालय थे। इन विद्यालयों में से 446 विद्यालयों में अतिशेष शिक्षको की पदस्थापना कर राज्य शासन ने शिक्षक की कमी से वंचित विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने के साथ ही शिक्षको की गारंटी और पढ़ाई के साथ बच्चों की भविष्य भी सुनिश्चित कर दी है। कोरबा जिले  में 500 से अधिक शिक्षकों को शिक्षकविहीन, एकलशिक्षकीय-द्विशिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ किया गया है। हाइ और हायर सेकंडरी विद्यालय के अतिशेष व्याख्याताओं को उन विद्यालयों में पदस्थ किया गया है, जहाँ गणित, रसायन, भौतिकी, हिंदी, अंग्रेजी, कामर्स विषयों के शिक्षकों की कमी थी। इससे पाठ्यक्रम भी समय पर पूरा होगा।  

      विद्यालयों में शिक्षक की पदस्थापना से विद्यार्थी भी खुश है। शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच पंडोपारा में रहने वाले पंडो समाज गाँव में स्कूल में बनी शिक्षको की कमी से चिंतित थे, क्योंकि उनके बच्चे पाठशाला तो नियमित जाते थे, लेकिन विद्यालय में एकमात्र शिक्षक होने का खमियाजा भी बच्चों को भुगतना पड़ता था। आखिरकार जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन में ऐसे शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की सुध ली गई तो युक्ति युक्तकरण जैसी व्यवस्था ने घने जंगलों में बसे पंडो जनजाति के बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की राह आसान कर दी। पंडोपारा के ग्रामीण मंगल सिंह पंडो ने बताया कि गाँव में स्कूल में दो शिक्षक होने से क्लास में सभी बच्चों की पढ़ाई तो होगी ही, अब कोई खाली नहीं बैठेगा। इसी विद्यालय में कक्षा चौथी के छात्र जगदेश्वर पंडो, तीसरी कक्षा के राजेन्द्र और दूसरी के मुकेश पंडो को भी खुशी है कि उनके स्कूल में नए गुरुजी पढ़ाने आ रहे हैं।

    कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम सांचरबहार ग्राम पंचायत नकिया का आश्रित ग्राम है। इस विद्यालय में वर्षों से नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं था। स्कूल खुलने के साथ ही गाँव के लोगों की आस थी कि उनके बच्चे भी सही ढंग से पढ़ाई कर पाएंगे, दुर्भाग्यवश उनकी आस अधूरी ही थी, क्योंकि नियमित शिक्षक नहीं होने का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता था। गाँव में रहने वाली वृद्धा मैसो बाई खुश है कि स्कूल को नियमित शिक्षक मिल गया है अब उनका नाती-नतिनी ठीक से पढ़ाई कर पाएंगे। उन्होंने बताया कि रिया और आशीष विद्यालय जाते हैं। गाँव की महिला राजकुमारी बाई ने बताया कि उनका बेटा प्रमेन्द्र स्कूल जाता है। पहले आसपास के विद्यालयों से किसी शिक्षक को स्कूल भेजकर काम चलाया जाता था। अब नियमित शिक्षक आ जाने से हम सभी खुश है कि हमारे गाँव के स्कूल और बच्चों की नई पहचान बनेगी और उनकी पढ़ाई भी आसान होगी। युक्ति युक्तकरण से इस विद्यालय में नियुक्त सहायक शिक्षक शेखरजीत टंडन ने बताया कि युक्ति युक्तकरण के काउंसिलिंग विद्यालय में अभी 11 बच्चे दर्ज है और उन्हें खुशी है कि सुदूरवर्ती गाँव सांचरबहार के विद्यार्थियों का भविष्य गढ़ने का उन्हें अवसर मिला।
     करतला ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र में स्थित छोटे से गांव तिलईडबरा में भी शिक्षा की तस्वीर अब बदलने लगी है। वर्षों से शिक्षक की कमी से जूझते शासकीय प्राथमिक शाला में अब युक्तियुक्तकरण के तहत नियमित शिक्षिका संगीता कंवर की पदस्थापना की गई है, जिससे गांव में शिक्षा की नई रोशनी पहुंची है। शिक्षिका संगीता कंवर ने विद्यालय में पदभार ग्रहण करने के साथ ही बच्चों को पढ़ाना प्रारंभ किया। आज वे नियमित रूप से कक्षाएं ले रही हैं और बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दे रही है। शिक्षिका की उपस्थिति से  बच्चों का मन भी पढ़ाई में मन जम रहा और वे भी अध्ययन में रुचि ले रहे।  
     पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के वनांचल क्षेत्र मांचाडोली स्थित  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जीव विज्ञान विषय की शिक्षिका राजमणि टोप्पो की पदस्थापना की गई है। विद्यालय में लंबे समय से जीव विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय की विशेषज्ञ शिक्षक की कमी महसूस की जा रही थी। 12वीं  जीव विज्ञान के छात्र दीक्षांत दास मानिकपुरी ने कहा नई मैडम के आने से जीव विज्ञान विषय आसान हो गया है। पहले हम कोशिका, डीएनए, आरएनए, हार्मोन जैसे शब्दों के अर्थ को समझने में उलझे रहते थे। अब शरीर की बनावट, शारीरिक अंगों के क्रियाकलाप को बेहतर समझ पा रहे है। पादप, जंतु और  सूक्ष्म जीवों के सरंचनाओं की समझ बढ़ी है। अब हम उन्हें समझने की कोशिश करते हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षिका के आने से कक्षा की सोच  बदल गई है। अब हम सभी डॉक्टर, वैज्ञानिक बनने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
    इसी क्रम में ग्राम पचरा में संचालित हाई स्कूल में भी शिक्षको की कमी बनी हुई थी। विद्यालय में कक्षा नवमीं में 48 और कक्षा 10वीं में 25 विद्यार्थी है। विद्यालय में अध्ययन करने वाली छात्राओं विद्या, मानमती, सुहानी यादव ने बताया कि गांव के विद्यार्थियों को गणित, अंग्रेजी विषय थोड़ा कठिन लगता है, गणित के शिक्षक पहले से हैं, अब हमारे स्कूल में अंग्रेजी के सर आ गए हैं। स्कूल में बहुत दूर-दूर के गाँव से लड़के-लड़कियां पढ़ाई करने आती है। सभी विषयों की पढ़ाई होने से हम लोग का मन भी स्कूल आने में होता है। यहां अंग्रेजी विषय में युक्तियुक्तकरण से गोपाल प्रसाद भारद्वाज पदस्थ हुए हैं। इसी तरह कोरबा ब्लॉक के चचिया में हायर सेकेण्डरी स्कूल में गणित और करतला के ग्राम केरवाद्वारी में भौतिक विषय की शिक्षिका पदस्थ हुई है। विद्यार्थियों को कठिन सा विषय लगने वाले गणित, भौतिक, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के व्याख्याता मिल जाने से विद्यार्थी बहुत खुश है।

    मानदेय शिक्षक भी निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका

    जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कलेक्टर अजीत वसन्त द्वारा डीएमएफ से मानदेय शिक्षको की नियुक्ति अनेक विद्यालयों में की गई है। जिले के प्राइमरी स्कूल में 243,मिडिल स्कूल में 109 और हायर सेकंडरी स्कूल में 120 शिक्षको को मानदेय पर रखा गया है। ये शिक्षक विद्यार्थियों को पढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। इन्हें विद्यालयों में शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में पदस्थ किया गया है। इसके अतिरिक्त संविदा से नियुक्त शिक्षक भी अध्यापन करा रहे हैं।

    स्कूल भवनों सहित अन्य सुविधाओं पर भी दिया जा रहा है ध्यान

    जिले के जर्जर विद्यालयों को मरम्मत के साथ ही आवश्यकता वाले स्थानों पर नवीन विद्यालय भवन, किचन शेड, टॉयलेट, बाउंड्रीवाल, साइकिल स्टैंड, न्यूज़ पेपर स्टैंड सहित अन्य सुविधाओं के लिए कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा खनिज संस्थान न्यास मद से स्वीकृति प्रदान की गई है। स्कूलों में भृत्य के रिक्त पदों पर मानदेय में 310 युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। खास बात यह भी है कि जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से संबंधित युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्त किया गया है। स्कूली विद्यार्थियों के लिए नाश्ते का वितरण और प्रतिभावान विद्यार्थियों को नीट, जेईई  सहित अन्य में प्रवेश के लिए निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था ने जिले में शैक्षणिक माहौल कायम किया है।

  • राजनांदगांव : डिलिवरी होने के बाद महिला की मौत हाईवे में शव रख कर किया विरोध प्रदर्शन…

    राजनांदगांव, कृष्णा अस्पताल में सिर दर्द का इलाज कराने भर्ती हुई गर्भवती का प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कृष्णा अस्पताल के खिलाफ करीब 6 घंटे विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे में महिला का शव रख 1 घंटे प्रदर्शन किया।

    डोंगरगढ़ ब्लॉक के मेरेगांव की रहने वाली गर्भवती सरोज पति आेमकार पटेल उम्र 21 साल कृष्णा अस्पताल में सिर दर्द का इलाज कराने 30 अगस्त को भर्ती हुई थी। गर्भवती महिला की डिलिवरी तारीख करीब होने के चलते उसका उसी अस्पताल में 31 अगस्त को प्रसव कराया। महिला ने शिशु को जन्म दिया। प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ी। ब्रेन डेड व हार्ट में समस्या होने लगी। संजीवनी अस्पताल रेफर किया वहां के डॉक्टरों ने महिला की नाजुक कंडिशन देख परिजनों को अवगत करा दिया था।

    मृतिका के परिजनों और ग्रामीणों ने कृष्णा अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते कहा जब अस्पताल में इलाज की पूरी सुविधा नहीं होने के बाद भर्ती लिया। प्रसव के बाद महिला की तबियत बगड़ी और केस बिगड़ गया। यहां ब्रेन के डॉक्टर्स नहीं होने की वजह से उसे वेंटिलेटर वाली एंबुलेंस में रायपुर ले जाने सलाह दी गई। परिजनों के कहने पर उसे वहां भर्ती कर उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई।

    सूचना मिलने पर कांग्रेस के युवा नेता निखिल द्विवेदी पीड़ित पक्ष का साथ देने मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से बात कर मृतिका के परिजनों को उचित मुआवजा और न्याय देने की बात रखी। उन्होंने कहा शहर के सभी निजी अस्पतालों में मनमानी और लूट मची है। इसमें नेता और अफसरों की मिली भगत है। ऐसे फर्जी अस्पतालों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन करेंगे।

    महिला को झटके आने के कारण प्रसव कराना पड़ा अफसरों ने ग्रामीणों को शांत कराने प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने। पहले 20 मिनट फिर कुछ देर बाद दोबारा हाइवे पर शव रख पौने घंटे प्रदर्शन किया। कृष्णा अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया परिजन प्रसव कराने तैयार नहीं थे। महिला को झटके आने के कारण प्रसव कराकर बच्चे को बचाया गया। महिला की बिगड़ती तबियत देख परिजनों को हायर सेंटर जाने सलाह दी गई थी।

    महिला के प्रसव और अन्य इलाज के लिए कृष्णा अस्पताल प्रबंधन ने 80 हजार रुपए लिए। महिला की मौत और मामला बिगड़ने के बाद परिजनों को 30 हजार रुपए लौटा दिया गया। परिजनों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराया था। 3 बजे डॉक्टरों ने परिजनों की बात सुनी और अपना पक्ष रखा। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन मृतिका के परिजनों को 3 लाख रूपया मुआवजा देने राजी हुआ तब जाकर शाम 4 बजे मामला शांत हो पाया।

  • CG : मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राजनांदगांव की ऐतिहासिक पहल

    राजनांदगांव में 684 विद्यार्थियों के लिए शुरू हुई निशुल्क नीट- जेईई कोचिंग

    हर प्रतिभा को मिलेगा अवसर

    राजनांदगांव जिला प्रशासन ने दी शिक्षा के क्षेत्र में नई सौगात

    रायपुर,

    राजनांदगांव में 684 विद्यार्थियों के लिए शुरू हुई निशुल्क नीट- जेईई कोचिंग
    राजनांदगांव में 684 विद्यार्थियों के लिए शुरू हुई निशुल्क नीट- जेईई कोचिंग

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राजनांदगांव जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व पहल की है। जिले के 11वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए निशुल्क  नीट और जेईई की तैयारी कराने हेतु दो वर्षीय निःशुल्क कोचिंग की शुरुआत की गई है। इसका शुभारंभ कल गुरुवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा  अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति में  हुआ।

    राजनांदगांव में 684 विद्यार्थियों के लिए शुरू हुई निशुल्क नीट- जेईई कोचिंग

       कलेक्टर राजनांदगांव डॉ सर्वेश्वर भुरे ने बताया कि इसके तहत 684 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडिकल एवं इंजीनियरिंग कालेजों में प्रवेश के लिए नीट और जेईई की कोचिंग दी जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन ने प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान फ़िजिक्स वाला एवं भिलाई एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के साथ करार किया है। दो वर्षीय कोचिंग विशेष रूप से 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए की गयी है।कोचिंग पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे सामान्य परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। विद्यार्थियों को फ़िजिक्स वाला की अध्ययन सामग्री हार्ड कॉपी में उपलब्ध कराई जाएगी।कक्षाएँ प्रत्येक शनिवार और रविवार को चार घंटे की अवधि के लिए संचालित होंगी।प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय शिक्षकों की क्षमता वृद्धि पर भी जोर दिया जाएगा। जिले को 10 क्लस्टरों में विभाजित किया गया है ताकि प्रशिक्षण ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से संचालित हो सके।

       इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर उपलब्ध कराना है। गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन से विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ देश के प्रतिष्ठित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पा सकेंगे।

       मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले में नीट और जेईई की निशुल्क कोचिंग शुरू होने पर प्रसन्नता जताई है और कहा है कि राजनांदगांव जिला प्रशासन की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में  मील का पत्थर साबित होगी। यह प्रयास हमारे बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ का हर मेधावी बच्चा अपनी क्षमता को पहचान सके और उसे आगे बढ़ने का उचित अवसर मिले। राजनांदगांव की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव प्रेरणा और विद्यार्थियों के जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगी।

  • CG : करडेगा के प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर को कारण बताओ नोटिस जारी…

    जशपुरनगर । कलेक्टर रोहित व्यास ने शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर कारण बताओ नोटिस जारी कर न्यायोचित लिखित जवाब 03 दिवस के भीतर समक्ष स्वतः उपस्थित होकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।

    विदित हो कि शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध प्राप्त शिकायतों के संबंध में तहसीलदार एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला का संयुक्त प्रतिवेदन अनुसार विस्तृत जांच हेतु गठित जांच दल के द्वारा विद्यालय का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन सह आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है। जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन एवं दस्तावेजों के परीक्षण से शा.उ.मा.वि. करडेगा के प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध विभिन्न गंभीर अनियमितताओं की जानकारी प्राप्त हुई है।

    प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर विद्यालय से अधिकतर अनुपस्थित रहते हैं एवं उनके द्वारा विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं नहीं ली जाती है, जबकि प्राचार्य को नियमित रूप से 02 कक्षाएं लेने संबंधी प्रावधान हैं। विद्यालयीन कार्यों में रुचि नहीं होने के कारण विद्यालयीन व्यवस्था प्रतिकूलतः प्रभावित हुई हैं। जैसे विद्यालय में स्वच्छ पेयजल का अभाव, स्वच्छ शौचालय का अभाव, 11 वीं कॉमर्स की कक्षा में सीपेज के पश्चात फर्नीचर खराब होना, पंखा एवं विद्युत उपकरण क्रियाशील नहीं होना, क्रीडा सामग्रियों का उपयोग नहीं होना, एनएसएस एवं स्काउट गाइड की गतिविधियां नहीं होना इत्यादि।

    प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देशों व आदेशों का अवहेलना किया जाता है। इस संबंध में 13 अप्रैल 2025 को विद्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश देने के बावजूद भी उनके द्वारा उन निर्देशों के संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई, जिसके पश्चात विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुलदुला द्वारा कारण बताओ नोटिस 21 अगस्त 2025 को जारी किया गया। महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों में मधुकर अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते हैं। इसके साथ ही उनके द्वारा शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति दुर्व्यवहार एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। जैसे-छात्राओं के विरूद्ध अपशब्द एवं अमर्यादित भाषाशैली का प्रयोग किया जाना, छात्रों से अपमानजनक भाषाशैली का प्रयोग करना, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को वेतन काटने की धमकी दिया जाना, विद्यार्थियों को टीसी काटने की धमकी देना इत्यादि। उक्त व्यवहार के कारण विद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कार्य निर्वहन में परेशानी हो रही है तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधि प्रतिकूल रूप से प्रभावित हो रही है।

    विद्यालयीन आबंटन राशि का अनुचित रूप से आहरण कर निर्धारित मद अंतर्गत संबंधित कार्यों हेतु उपयोग नहीं किया जाता है। विद्यालयीन अधोसंरचना की वर्तमान स्थिति से उक्त तथ्य की पुष्टि होती है। विद्यालयीन कैश बुक एवं स्थानीय निधि पंजियों का संधारण नहीं किया गया है। बिल व्हाउचर तथा स्टाक पंजी संधारित नहीं है। उनके द्वारा एनएसएस की गतिविधि कराए बिना राशि का अनुचित रूप से आहरण किया गया है। उनके द्वारा विद्यार्थियों से अधिक एडमिशन फीस लिए जाने संबंधी तथ्य प्रकट हुए है। उक्त आधार पर आपके द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं पदीय दायित्वों का दुरूपयोग किए जाने की पुष्टि हुई है।

    विद्यार्थियों के शैक्षणिक, शारीरिक, मानसिक गतिविधियों के संबंध में प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव पाया गया है।उनके द्वारा कक्षाओं का निरीक्षण नहीं किया जाता है और न ही विद्यार्थियों के गतिविधियों का अवलोकन किया जाता है। यशस्वी जशपुर कार्यक्रम अंतर्गत निर्धारित क्रियाकलापों का पालन नहीं किया जाना, दैनन्दिनी अवलोकन, शिक्षक पालक बैठक का नियमित संचालन, उपचारात्मक शिक्षण, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादि कार्यों के निगरानी के अभाव में विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास प्रतिकूलतः प्रभावित हो रहा है, जिसकी पुष्टि विद्यार्थियों के द्वारा की गई है।

    पूर्व में भी अनुविभागीय अधिकारी (रा०) कुनकुरी के द्वारा प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध टीसी के एवज में अधिक राशि की मांग एवं आपके अनुचित व्यवहार कार्यालयीन स्टाफ के साथ मानसिक प्रताड़ना तथा अभद्र टिप्पणी की जांच किया गया जिसमें तथ्यों को सही पाते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा सहित पत्र कार्यालय को पत्र प्रेषित किया गया है। इसी प्रकार अध्यक्ष, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति, शा०उ०मा०वि० करडेगा के द्वारा दिनांक 28 मार्च.2023 को उनके कार्यशैली एवं अनुचित व्यवहार की शिकायत की गई है। शा० उ० मा०वि० करडेगा के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के द्वारा 29 मार्च 2023 को उनके मनमाने व्यवहार, दबावपूर्ण कार्यशैली. अमर्यादित टिप्पणी के आधार पर उनके विरूद्ध जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर को पत्र प्रेषित किया गया है। कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के कारण बताओ नोटिस 03 मार्च 2025 को जारी कर 13 बिन्दुओं के संबंध में जवाब चाहा गया है।

    उक्त समस्त शिकायतें एवं जांच प्रशासनिक दक्षता, कार्यशैली एवं व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है तथा इंगित करता है कि प्राप्त शिकायतें पूर्व से ही प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के कार्यव्यवहार एवं आचरण में सम्मिलित रही हैं एवं उनका पद पर बने रहना विद्यार्थियों एवं विद्यालयीन शिक्षकों व कर्मचारियों के हितों के सर्वथा विपरीत है। उक्त बिन्दुओं के आधार पर क्यों न उनके विरूद्ध छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जावे? इस संबंध में न्यायोचित लिखित जवाब 03 दिवस के भीतर समक्ष स्वतः उपस्थित होकर प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। समयावधि में समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में प्राचार्य गीता प्रसाद मधुकर के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जावेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उनकी होगी।

  • CG : मुख्यमंत्री से ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने की सौजन्य मुलाकात

    मुख्यमंत्री ने गोंडी अनुवादक ऐप ‘आदि वाणी’ परियोजना की सफलता पर दी बधाई

    रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के निदेशक प्रोफेसर ओमप्रकाश व्यास ने सौजन्य मुलाकात की।
    मुख्यमंत्री साय ने ‘आदि वाणी’ परियोजना के अंतर्गत गोंडी भाषा अनुवादक मोबाइल ऐप के सफल लॉन्च पर प्रोफेसर व्यास एवं उनकी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस ऐप के माध्यम से गोंडी बोलने वाले जनजातीय भाई-बहनों की आवाज़ राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचेगी। यह तकनीक उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा तथा शासन-प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ट्रिपल आई टी नया रायपुर भविष्य में भी इसी प्रकार के नवाचार और समाजोन्मुखी अनुसंधान से प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाएगा।

    प्रोफेसर व्यास ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परियोजना में गोंडी भाषा के लिए टेक्स्ट-टू-स्पीच एवं अनुवाद प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से गोंडी से हिंदी और अंग्रेज़ी तथा इसके विपरीत अनुवाद संभव होगा। यह सुविधा अब मोबाइल ऐप के रूप में भी उपलब्ध है, जिससे आम नागरिक इसे आसानी से उपयोग कर सकेंगे।

    उन्होंने अवगत कराया कि इस परियोजना में ट्रिपल आई टी नया रायपुर के साथ-साथ आईआईटी दिल्ली, आईआईटी हैदराबाद और बिट्स पिलानी जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान भी सहभागी हैं। ‘आदि वाणी’ परियोजना को भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा प्रायोजित किया गया है।

    प्रोफेसर व्यास ने बताया कि इस उपलब्धि से ट्रिपल आई टी नया रायपुर ने राष्ट्रीय पटल पर अपनी सार्थक उपस्थिति दर्ज कराई है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के 30 लाख से अधिक गोंडी भाषी समुदाय को इस तकनीक से अपनी भाषा और संस्कृति की पहचान सुरक्षित करने और डिजिटल युग में अपनी आवाज़ को बुलंद करने का अवसर मिलेगा।

  • राजनांदगांव : गणेश विसर्जन में आज शाम 8 बजे निकलेगी झांकी

    राजनांदगांव, शहर के सबसे बड़ पर्व विसर्जन झांकी का इंतजार खत्म हो गया है। शनिवार शाम 8 बजे से झांकियां अपने रूट पर आने लगेगी। झांकी देखने के लिए रूट पर करीब 1 लाख लोग पहुंच सकते हैं, जिनकी सुरक्षा और व्यवस्था के लिए 800 जवानों को तैनात किया जा रहा है।

    शनिवार रात शहर में करीब 35 झांकियां निकलने वाली है। जिसने विषय भी एक से बढ़कर एक होंगे। आकर्षक झांकियों की श्रृंखला के लिए रुट तय किया जा चुका है। पुलिस जवानों के अलावा इमरजेंसी सेवा से जुड़ी टीमें भी तैयार कर ली गई है। जिनकी तैनाती शाम से ही हो जाएगी। इधर पुलिस की टीम ने शुक्रवार को झांकी रुट का जायजा लिया। झांकियां जाम में न फंसे इसके लिए कुछ जरूरी कार्रवाई भी की गई है।

    मानव मंदिर चौक पहुंचेंगी सभी झांकियां झांकियों के एंट्री के ​लिए तीन दिशा तय की गई है। इसमें गुरुद्वारा चौक, महावीर चौक और दुर्गा चौक शामिल है। यहां से ही सभी झांकियां मानव मंदिर चौक पहुंचेगी। जहां से प्रशासन झांकियों के रैंक के हिसाब से उन्हें रुट पर आगे बढ़ाएगा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पैदल पेट्रोलिंग की 17 टीम, फिक्स पिकेट 13 टीम, सिविल स्क्वॉड की 6 टीम, आउटर वाहन 4, मोटरसाइकिल पार्टी 5, एडी स्क्वॉड पार्टी 4, झांकी व्यवस्था 35 टीम रहेगी।

    भारी वाहनों की एंट्री बैन 12 जगहों पर पार्किंग तय झांकी में बारिश कुछ देर तक खलल डाल सकती है। मौसम विभाग ने शनिवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। शहर में शनिवार शाम से ही भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी जागएी। जो सुबह तक जारी रहेगी। भारी वाहन फ्लाईओवर और बाइपास का ही इस्त​ेमाल करेंगे। शहर पहुंचने वाले लोगों के​ लिए 12 पार्किंग पाइंट तय किए गए हैं। इनमें स्टेट स्कूल, फ्लाई ओवर, दिग्विजय क्लब, महावीर चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, पुराना बस स्टैंड, टांकापारा, बुढ़ा सागर शामिल है।

  • राजनांदगांव : शिक्षक दिवस में जिला साहू संघ ने शिक्षकों का किया सम्मान…

    राजनांदगांव, जिला साहू संघ राजनांदगांव ने शिक्षक दिवस पर सम्मान समारोह रखा। जिला साहू संघ व निशुल्क कोचिंग क्लास के बच्चों ने शिक्षकों को श्रीफल, शॉल, पेन व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसमें प्रधानपाठक परदेशी राम साहू, भोज गंजीर, शिक्षक नीलमणि साहू, माधव साहू, हेमंत साहू, लविंद्र साव, छन्नूलाल साहू, राजेश साहू, वासु साहू, ह्रदय हिरवानी, पवन साहू, भीष्म चंद्राकर,संतोष कड़वे, प्रभात सर, आशीष सर,अनिल साहू, परसादी राम साहू, सेवक साहू, खिलेश्वरी साहू आदि शामिल हैं।

    जिलाध्यक्ष भागवत साहू के मुख्य आतिथ्य एवं नगर अध्यक्ष कुलेश्वर साहू की अध्यक्षता व जिला संयोजक यशवंत साहू, परियोजना अधिकारी वीरेंद्र कुमार साहू, जिला उपाध्यक्ष नीरा साहू, राघवेंद्र साहू, विनय साहू, तिजेंद्र साहू, जगमोहन साहू, सीके साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन परदेशी राम साहू ने किया।