• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आध्यात्मिक गुरु श्री जग्गी वासुदेव को दीं शुभकामनाएं

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ईशा फाउंडेशन के संस्थापक एवं आध्यात्मिक गुरु श्री सद्गुरु जग्गी वासुदेव को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवाधिदेव महादेव से जग्गी वासुदेव के उत्तम स्वास्थ्य और सुदीर्घ जीवन के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'पद्म विभूषण' से सम्मानित श्री जग्गी वासुदेव का दिव्य मार्गदर्शन समाज को आध्यात्मिक जागृति, सेवा और समरसता की प्रेरणा देता है।

     

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से बढ़ेगा मुफ्त बिजली की ओर सफर

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेश चतुर्थी जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊंचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौलश्री पौधरोपण किया।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।

    उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

    कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पांच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा।

    नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊंचाई प्रदान करेगा।

  • संतान सुख की कामना लिए श्रद्धालु पहुंचे लिंगेश्वरी माता की शरण में

    कोंडागांव

    छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में स्थित माता लिंगेश्वरी मंदिर में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. देशभर से श्रद्धालु यहां केवल संतान प्राप्ति की कामना लेकर पहुंचे. यह मंदिर खास इसलिए है क्योंकि इसके पट साल में सिर्फ एक दिन के लिए ही खुलते हैं. यही कारण है कि इसे एक दिन का मंदिर भी कहा जाता है.

    बता दें, आज सूर्योदय से पहले मंदिर के द्वार खोले गए और सूर्यास्त से पहले ही बंद कर दिए गए. अगले एक वर्ष बाद ही श्रद्धालुओं को यहां दर्शन का अवसर मिलेगा. मंदिर में दर्शन के लिए दूर-दराज से आए भक्त एक दिन पूर्व से ही लाइन में लग गए थे. कई किलोमीटर लंबी कतारों में श्रद्धालु अपने साथ भोजन और आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचे.

    संतान की प्राप्ति की अद्भुत मान्यता
    मान्यता है कि माता लिंगेश्वरी के दरबार में माथा टेकने और यहां प्रसाद स्वरूप दिए जाने वाले खीरे का सेवन करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है. परंपरा के अनुसार दंपत्ति को खीरा प्रसाद के रूप में दिया जाता है. पति और पत्नी इसे नाखून से दो बराबर हिस्सों में बांटकर ग्रहण करते हैं.

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम
    श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई. कभी यह इलाका नक्सल प्रभावित रहा है, जिसके चलते पहले लोग यहां आने से कतराते थे. लेकिन अब माहौल बदल चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

  • उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जिलों में उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के लिए कलेक्टर होगें उत्तरदायी – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें
    उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही
    अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही
    जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए
    राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े।

    किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें।

    उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त

    बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई।

    उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।

    बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें।

    प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

    प्रभावित 17,500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत

    बैठक में बताया गया कि बाढ़ और अतिवृष्टि में कुल 394 जनहानि हुई और 5 हजार से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। बाढ़ से 1814 पशुहानि भी दर्ज की गई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों का कुल 12 हजार हेक्टेयर रकबा अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित हुआ है। प्रभावित 17 हजार 500 कृषकों के लिए 20 करोड़ रूपए से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है। 

  • एंबुलेंस विफलता बनी मौत का कारण : निजी वाहन में ले जाते वक्त महिला ने तोड़ा दम

    भानुप्रतापपुर

    छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से महिला मरीज की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली. परिजन निजी वाहन से मरीज को लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुए, इस दौरान रास्ते में ही ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिससे मरीज की मौत हो गई.

    जानकारी के मुताबिक, बीती रात ग्राम मेड़ो में 29 वर्षीय संतोषी सेन को सांप ने डंस दिया. रात 2 बजे महिला को दुर्गूकोंदल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनकी स्थित को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध नहीं थी. पता करने पर इंतजार करने कहा गया. मरीज की स्थिति बिगड़ती रही पर 5 घंटे बाद भी एंबुलेंस नहीं आई. इसके चलते परिजनों ने निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाने का फैसला लिया.

    परिजन निजी वाहन बुलाया और महिला को लेकर जिला अस्पताल रवाना हुए. समस्या यहीं पर समाप्त नहीं हुई, क्योंकि मरीज के लिए लगाया गया ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था. अस्पताल से निकलने के कुछ देर बाद ही गैस खत्म हो गई, जिससे मरीज ने दम तोड़ दिया. परिजनों ने महिला को पास ही स्थित भानुप्रतापपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. भानुप्रतापपुर में ही मृत महिला का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.

  • एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई, रिश्वतखोरी में पकड़ा गया संघ अध्यक्ष

    खैरागढ़

    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को खैरागढ़ में जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष और पटवारी धर्मेंद्र कांडे को रिश्वतखोरी के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.

    ग्राम डोकरा भाटा निवासी भागचंद कुर्रे अपने ज़मीन संबंधी कार्य को लेकर कई दिनों से पटवारी धर्मेंद्र कांडे से संपर्क कर रहा था. पटवारी ने काम कराने के एवज में पहले 10 हज़ार रुपए की मांग की थी. बाद में सौदा 9 हज़ार रुपए में तय हुआ. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना एसीबी को दी.

    योजना के तहत आज पीड़ित भागचंद कुर्रे ने अपना बाज़ार के ऊपर स्थित पटवारी कार्यालय में जाकर आरोपी को 9 हज़ार रुपए सौंपे. रुपए लेने के बाद धर्मेंद्र कांडे कलेक्टर कार्यालय की एक बैठक में चला गया. एसीबी की टीम ने मौके पर दबिश देते हुए कलेक्टर कार्यालय से ही आरोपी पटवारी को रिश्वत की राशि सहित गिरफ्तार कर लिया.

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मेंद्र कांडे जिला पटवारी संघ का अध्यक्ष भी है. यानी जो संगठन अपने साथियों को ईमानदारी और पारदर्शिता की सीख देने का दावा करता है, उसका ही मुखिया घूस लेते पकड़ा गया. इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की नीयत पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.

  • बस्तर-दंतेवाड़ा बाढ़ग्रस्त: सीएम साय ने शाह को बताये हालात, राहत-बचाव तेज़ करने की अपील

    दंतेवाड़ा

    छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के कई जिलों में बुरी स्थिति है। बस्तर और दंतेवाड़ा में लोग बारिश और बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। इस बीच मुख्यमंत्री साय ने जिले के हालात से गृहमंत्री अमित शाह को अवगत कराया है। प्रशासन ने हाल ही में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित सैकड़ों परिवारों को भोजन और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए दंतेवाड़ा में राहत शिविर स्थापित किए हैं।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि हाल ही में भारी बारिश के कारण बस्तर में उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक हुई। दंतेवाड़ा और कई शहरों में पानी घुस गया था जिससे कुछ जनहानि भी हुई है। घर गिर गए हैं, पशुधन की हानि हुई है, पुल-पुलिया बह गए हैं। यह सारी जानकारी उन्हें दे दी गई है।

    लोगों की आपबीती
    बाढ़ से प्रभावित बालपेट गांव के निवासी सीताराम ठाकुर ने बताया कि हमारा घर नदी किनारे था। सुबह बाढ़ का कोई निशान नहीं था। बाद में, जब मैं कहीं और था, मेरे परिवार वालों ने फोन करके बताया कि बाढ़ आ गई है। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए। हमारे घरों में चार फीट पानी भर गया था। हम खेतों के रास्ते बचकर निकले। प्रशासन हमें यहां (राहत शिविर) ले आया… जो घर बह गए हैं और जो बचे हैं, वे सब मिट्टी के बने हैं। हमें उम्मीद है कि सरकार इस पर ध्यान देगी… हमारे गांव तक जाने वाली सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है… प्रशासन ने हमें राहत शिविरों में अच्छी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। यहां खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था है।

    बाढ़ से प्रभावित बालपेट गांव की ही मंजू ठाकुर ने कहा कि 26 अगस्त को बाढ़ आई थी। हम नदी किनारे रहते हैं। बाढ़ अचानक आई थी और सब डरे हुए थे। इस बार बाढ़ भयानक और भयंकर थी। बहुत से लोगों को नुकसान हुआ है। घर से लेकर सारा सामान, सब कुछ तबाह हो गया है। सब लोग अपनी जान बचाकर यहां शिफ्ट हुए। लेकिन हमारे सिर के ऊपर की छत चली गई। हमें अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। कलेक्टर, एसडीएम, एसडीओ और सरपंच आकर हमसे बात कर रहे हैं।

  • सब्जी की आधुनिक खेती से सीताराम राजपूत कमा रहे सालाना 15-16 लाख रूपए

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पारदर्शी सुशासन का परिणाम अब गावों में दिखने लगा है। नेक नियत व ईमानदारी ने शासकीय योजनाओं को लागू करने से इससे प्रदेश के किसानों का जीवन स्तर कैसे सुधारा जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण हमें दिखने को मिल रहा है। जिला मुंगेली के विकासखण्ड पथरिया अंतर्गत ग्राम क़लारजेवरा के कृषक सीताराम राजपूत, पिता ईश्वर प्रसाद ने सब्जी की आधुनिक खेती अपनाकर अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है।

    राजपूत के परिवार में उनके दादाजी और पिताजी पहले से ही बागवानी और कृषि कार्य करते आ रहे थे। लगभग 10 वर्षों तक उनके पिता ने परंपरागत धान की खेती की। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सीताराम राजपूत ने स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद खेती को अपना व्यवसाय बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने 02 एकड़ भूमि में सब्जी की खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे इसे बड़े पैमाने पर विस्तार दिया। आज सीताराम राजपूत सब्जी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग 15-16 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

        जिला उद्यानिकी विभाग मुंगेली के मार्गदर्शन में राजपूत ने विभिन्न योजनाओं का लाभ लिया। इनमें सब्जी मिनीकिट, कृषि यंत्र, बीज, जैविक खाद, सामुदायिक नर्सरी और ड्रिप सेट जैसी आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इन संसाधनों का उपयोग कर उन्होंने खेती को लाभकारी और टिकाऊ व्यवसाय का रूप दिया। सीताराम राजपूत ने स्वच्छ श्रीजना महोत्सव, जिला स्तरीय किसान मेला, मत्स्य पालन एवं कृषि संगोष्ठियों तथा विभिन्न कृषि प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

  • सुकमा में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर : 20 ने हथियार डाले, 33 लाख का इनाम था घोषित

    सुकमा

    छत्तीसगढ़ के सुकमा में 33 लाख के ईनामी नक्सली समेत कुल 20 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 9 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं, जिनमें  1 एसीएम,  4 पार्टी सदस्य और 15 अग्र संगठन सदस्य हैं. इनमें से एक PLGA बटालियन (माओवादी संगठन) की सक्रीय हार्डकोर महिला नक्सली थी. इन सभी ने आज सुकमा पुलिस के पास जाकर आत्मसमर्पण किया है.

    बता दें, सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग ऑपरेशन के चलते नक्सलियों पर भारी दबाव बढ़ा है. इसके साथ ही सरकार द्वारा आत्मसमर्पिण करने वाले नक्सलियों के लिए चलाए जा रहे पुनर्वास नीति और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित हो कर नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा को चुना है.

    आत्मसमर्पित में से 2 नक्सलियों पर ₹08-08 लाख के ईनाम घोषित थे. 1 नक्सली पर ₹05 लाख घोषित थे. 4 नक्सलियों पर ₹02-02 लाख और अन्य 4 नक्सलियों पर ₹01-01 लाख घोषित थे. इस तरह आज कुल ₹33 लाख ईनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.

  • 25 पुलिस अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, MP में तबादलों की बौछार

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश में देर रात फिर तबादला एक्सप्रेस दौड़ी है. मध्य प्रदेश शासन ने पुलिस विभाग के 25 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं. ट्रांसफर की ये लिस्ट देर रात जारी हुई है, जिसमें सभी अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना की साथ नवीन पदस्थापना की जानकारी दी गई है.
    इन अधिकारियों के हुए तबादले

    मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक PHQ भोपाल में एआईजी अनिल कुमार पाटीदार को स.म.नि. कार्यालय पुलिस महानिरीक्षक, भोपाल (ग्रामीण) जोन, पीएचक्यू भोपाल में ही पदस्थ एआईजी गीतेश कुमार गर्ग को जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, ग्वालियर, इंदौर रेल एडिशनल एसपी मनीषा पाठक को पीटीएस एसपी उज्जैन, रेडियो मुख्यालय भोपाल में एसपी संदीप मिश्रा को एडिशनल एसपी रीवा नवीन पदस्थापना दी गई है.

    कई अधिकारियों के मुख्यालय से ट्रांसफर

    इसी तरह पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (शिकायत) पल्लवी त्रिवेदी को पुलिस अधीक्षक भौंरी, भोपाल, बिट्टी सेहगल, उप सेनानी 13वीं वाहिनी विसबल ग्वालियर को एडिशनल एसपी खरगौन. पुलिस मुख्यालय अअवि में सहायक पुलिस महानिरीक्षक धनंजय शाह को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अअवि इंदौर जोन भेजा गया है. इसी प्रकार उज्जैन जोन की अजाक एसपी मीना चौहान को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आसूचना इंदौर नगरीय पुलिस की जिम्मेदारी दी गई है. 

    जमकर दौड़ रही मोहन सरकार की तबादला एक्सप्रेस

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पिछले कई दिनों से कई विभागों में प्रशासनिक सजरी भी की जा रही है और कई कर्मचारियों व अधिकारियों के ट्रांसफर किए जा रहे हैं. बता दें कि मोहन यादव सरकार ने अपनी ट्रांसफर पॉलिसी में कई बदलाव भी किए हैं. इसके तहत एक ही स्थान पर लंबे समय से जमे अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर पॉलिसी बनाई गई है. हर विभाग में इस फॉर्मूले को अपनाया जा रहा है.

    अप्रैल में हटा है तबादलों से प्रतिबंध

    बता दें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस वित्तीय वर्ष की शुरुआत में आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादलों से प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया था. नई ट्रांसफर पॉलिसी में ट्रांसफर रेशियो भी निर्धारित किया गया है. यदि किसी विभाग में 200 पद हैं तो 20 फीसदी तबादले हो सकेंगे. इसी तरह यदि किसी विभाग में 201 से लेकर 1 हजार पद हैं तो 15 प्रतिशत ही तबादले हो सकेंगे. इसी तरह 1 हजार से लेकर 2 हजार पद वाले विभाग में 10 फीसदी और 2001 से ज्यादा पद वाले विभागों में 5 फीसदी अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे.

  • DJ-पटाखों पर रोक, रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

    रायपुर 

     रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

     एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि, लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं, लेकिन शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

    कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया। ईद मिलाद-उन-नबी पर भी जिला प्रशासन ने DJ और पटाखों पर बैन लगा दिया है। ईद मिलाद-उन-नबी 4 या 5 सितंबर को मनाई जाएगी।

    शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। एडीएम उमाशंकर बंदे और एएसपी लखन पटले ने समाज प्रमुखों से बातचीत करते हुए कहा कि लोग परंपराओं और उत्साह के साथ त्योहार मनाएं

    इस दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सबसे अहम है। एएसपी ट्रैफिक प्रशांत शुक्ला और अन्य विभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

    DJ और पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध

    एएसपी लखन पटले ने कहा कि जुलूस के दौरान समय का विशेष ध्यान रखा जाएगा। डीजे का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस बार जुलूस में पटाखों का भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए रूट तय किए गए हैं।

    हुड़दंगियों पर होगी सख्त कार्रवाई

    पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक करें।

    यह बैठक न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जाए।

    जिले के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठकें करें। यह बैठकें न केवल थानों में बल्कि मोहल्लों, कॉलोनियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में भी ली जा जाए। त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा।

    इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग और शांति भंग करने की अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों में शांति और ख़ुशी का माहौल बनाये रखना हर समुदाय की जिम्मेदारी है.

    हर चौक-चौराहे पर अतिरिक्त बल तैनात

    त्योहारों के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सभी चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस बल हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

    अधिकारियों ने कहा कि गणेश विसर्जन और ईद-ए-मिलाद दोनों पर्व सौहार्दपूर्ण माहौल में भाईचारे के साथ मनाए जाएं। त्योहारों की खुशी में शांति और सुरक्षा का ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है।

  • नेपाल भागने से पहले उज्जैन लूट के आरोपियों पर पुलिस की पकड़, 5 गिरफ्तार

     उज्जैन

     उज्जैन में सनसनीखेज एसबीआई बैंक शाखा में देर रात 5 करोड़ के सोने चांदी के आभूषण और 8 लाख नगद रुपये चोरी के मामले का पुलिस ने 12 घंटो में ही खुलासा कर दिया है। मंगलवार देर रात उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में बैंक का आउटसोर्स बैंककर्मी मास्टर माइंड निकला है। पुलिस ने मास्टरमाइंड जय उर्फ जीशान सहित कुल पांच आरोपी गिरफ्तार किए हैं और पांच करोड़ का सोना सहित लाखों रुपये भी बरामद कर लिए हैं।

    इस मामले में लापरवाही बरतने पर बैंक के 2 अधिकारी को निलंबित किया है। बताया जा रहा है कि चोरी के बाद आरोपी देवास जिले के हाट पिपलिया में रिश्तेदारों के छुपे हुए थे,जिन्हें मंगलवार देर शाम गिरफ्तार कर उज्जैन लेकर आई थी। जानकारी के अनुसार,आरोपियों ने माल का बंटवारा भी कर लिया था और इसके बाद पुरानी कार वाहन खरीद कर सुबह नेपाल भागने की तैयारी में थे।

    उज्जैन शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र के महानंदा नगर में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच शाखा है,जहां सोमवार देर रात बैंक के लॉकर में रखे 5 करोड़ के आभूषण सहित 8 लाख नगद चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई थी। घटना की जानकरी मंगलवार सुबह लगी,जब सफाई कर्मचारी बैंक पहुंचे। बैंक के ताले खुले मिले। सूचना पर मौके पर एडीजी ,एसपी प्रदीप शर्मा सहित पुलिस अधिकारी और थाने का बल पहुंचा ओर जांच पड़ताल में जुट गया। पुलिस को पहले ही आशंका थी, कि इस वारदात में बैंक का ही कोई कर्मचारी शामिल है। मामले को लेकर एक सीसीटीवी भी सामने आया था जिसमे 2 लोग भागते दिखाई दे रहे थे।
    मास्टरमाइंड सहित 4 गिरफ्तार

    बैंक का आउटसोर्स कर्मचारी जय भावसार पूर्व जीशान निवासी दानी गेट इस चोरी का मास्टरमाइंड है। उसने साथी अब्दुल्ला कोहिनूर साहिल और अरबाज निवासी जीवाजी गंज के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया था। इन्होंने पहले खिड़की में हाथ डालकर जय और अब्दुल्ला ने गेट खोला और बैंक में दाखिल हुए। यहां गोल्ड लोन का 19 लॉकरों में रखा, 75 लोगों का करीब 5 करोड़ का सोना चुराने के बाद बाइक से फरार हो गए थे। आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जिस तरह से बिना ताला तोड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था, उससे पुलिस को पहले ही आशंका थी कि बैंक का ही कोई कर्मचारी इसमें लिप्त हो सकता है।
    जन्माष्ठमी से बना रहे थे प्लान, सम्भवतः लगवाई थी आग

    मिली जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड जय जन्माष्टमी से बैंक में चोरी करने का प्लान बना रहे थे। इसके लिए कुछ दिन पहले बैंक मे लगी आग सम्भवतः उसने ही लगवाई थी, जिसमें कैमरे और फर्नीचर जल गए थे। इसके बाद बैंक को फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। इस दौरान लॉकर नीचे ही थे,जबकि पूरी बैंक ऊपर पहली मंजिल पर शिफ्ट कर दी गई थी। इस पूरे काम को आउटसोर्स कर्मचारी जय ने ही करवाया था और शिफ्टिंग के समय अपने साथियों को मजदूर बनकर बैंक में लेकर आया और पूरी बैंक की रेकी की शिफ्टिंग के दौरान ही उसने कैसे लॉकर खुला छोड़ दिया,जिस पर प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान ही लॉकर की चाबी कहां रखते हैं,यह भी उसे अच्छे से मालूम हो गया था।
    कुछ दिन पहले किया धर्म परिवर्तन

    मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले का मास्टर माइंड जय उर्फ जीशान ने कुछ दिनों से कुछ वीडियो लगातार देख रहा था और इसके बाद उसने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया था। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि धार्मिक वीडियो देख धर्म परिवर्तन किया था हालांकि इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरु प्रसाद पाराशर और सीएसपी दीपिका शिंदे जांच पड़ताल कर रही है कि कहीं और लोग तो नहीं हैं, जिनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

  • मंदसौर में ED की बड़ी कार्रवाई, ट्रांसफर के बाद भी आबकारी अधिकारी के घर मारा छापा

    मंदसौर
     मंदसौर में जिला आबकारी अधिकारी बीएल दांगी के घर बुधवार अलसुबह ईडी ने बड़ी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि यश नगर स्थित उनके आवास पर सुबह करीब 4 बजे ईडी की टीम पहुंची और छापेमारी शुरू कर दी।आर्थिक अनियमितताओं की शिकायत के बाद की जा रही इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। दांगी का हाल ही में मंदसौर से दतिया तबादला हुआ है, हालांकि वे अभी रिलीव नहीं हुए हैं।

    बता दें कि, डांगी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की जांच चल रही है और ईडी की ये कार्रवाई उसी जांच के सिलसिले में होना मानी जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।ये भी बता दें कि, बीएल दांगी का हाल ही में मंदसौर जिला आबकारी पद से दतिया तबादला किया गया है, हालांकि, वो अबतक रिलीव नहीं हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ जांच टीम के सूत्रों का मानना है कि, इस छापामार कार्रवाई में बड़े खुलासे हो सकते हैं। ऐसे में बीएल दांगी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

  • टीकमगढ़ में अद्भुत नजारा: नग्न किन्नर और पुलिस की दो घंटे की दौड़, जनता रही हैरान

    टीकमगढ़

    टीकमगढ़ शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका गांधी चौराहे और घंटाघर पर बीती रात करीब 10:00 बजे एक किन्नर नग्न होकर सड़कों पर दौड़ लगाता रहा। किन्नर का आरोप था कि कई लोग शराब के नशे में आए और उसके साथ गलत काम करना चाह रहे थे। मना किया तो मारपीट की। इससे परेशान होकर किन्नर गांधी चौराहे से लेकर घंटाघर तक वह दौड़ता रहा। लोग उसके पीछे-पीछे भागते रहे। करीब 2 घंटे तक यही तमाशा चलता रहा।

    सड़क पर निकलने वाले राजेश का कहना है कि रात के करीब 10:00 बजे के आसपास किन्नर नग्न अवस्था में सड़कों पर दौड़ रहा था और लगातार कह रहा था कि उसके साथ कुछ लोग गलत काम करना चाह रहे थे। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ को मिली तो टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के जवान भी मौके पर पहुंचे और किन्नर को पकड़ने की कोशिश करते रहे। किन्नर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। वह इधर से उधर दौड़ लगा रहा था। पुलिस उसके पीछे-पीछे चल रही थी, लेकिन न तो वह कपड़ा पहनने को तैयार था और न ही पुलिस के साथ जाने को तैयार था।

    किन्नर ने सड़क पर निर्वस्त्र होकर करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। जब आसपास के लोग उसे समझाने और कपड़े लेकर उसके पास पहुंचे तो उसने उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किन्नर को हिरासत में ले लिया। कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र छारी के अनुसार, आरोपी किन्नर सागर जिले का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि किसी से विवाद होने के बाद उसने यह कृत्य किया। पुलिस ने उसे रात भर कोतवाली में रखा। मामले की जांच जारी है।

    गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस
    काफी प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिली, लेकिन किन्नर ने कपड़े नहीं पहने वह नग्न अवस्था में ही पुलिस की गाड़ी में बैठकर के कोतवाली चला गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली में भी वह करीब एक घंटे तक नग्न होकर नाचता रहा। पुलिस ने बताया कि किसी शराबी व्यक्ति द्वारा उसके साथ गलत हरकत कर दी गई थी, जिस कारण से किन्नर गुस्से में था। उन्होंने बताया कि यह किन्नर मूलत: सागर का रहने वाला है, जो कुछ समय से टीकमगढ़ जिले में रह रहा है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उसको समझा दिया गया है और जो छेड़छाड़ करने वाले लोग थे उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उनकी तलाश की जा रही है। 

  • मध्यप्रदेश के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, डैम के गेट खुलने से बढ़ा खतरा

    भोपाल

    मध्यप्रदेश में मॉनसून फिर से अपने रंग दिखा रहा है। आज 3 सितंबर 2025 को, मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बादल गरजने को तैयार हैं और बारिश का तांडव कुछ जिलों में कहर बरपा सकता है। आइए जानते हैं कि आज का मौसम कैसा रहेगा। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की वजह से मध्यप्रदेश में बुधवार को भी अति भारी या भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने इंदौर-उज्जैन समेत 18 जिलों में भारी और 8 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    ग्वालियर में तिघरा डैम के 7 गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। जबलपुर में बरगी बांध का जलस्तर 422.85 मीटर पहुंच गया है। आज दोपहर 12 बजे 9 गेट खोलकर पानी छोड़ा जाएगा।

    नर्मदापुरम में मंगलवार रात से बारिश जारी है। तवा डैम के 5 गेट खोले गए हैं। पिपरिया में सुबह से बारिश हो रही है। हरदा में बारिश के चलते अजनाल, मटकुल, देदली, माचक और गंजाल नदियां उफान पर हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है।

    8 जिलों में 24 घंटे में साढे़ 8 इंच पानी गिरने का अनुमान बुधवार को एमपी के जिन 8 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है, उनमें देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है।

    वहीं, भारी बारिश के यलो अलर्ट वाले 18 जिलों में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।

    इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार, आज देवास, सीहोर, हरदा, खंडवा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है, और कुछ इलाकों में 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना है।

    इन 18 जिलों में येलो अलर्ट

    प्रदेश के 18 अन्य जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इनमें इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाओं और बिजली कड़कने के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

    चार दिन तक बारिश का दौर

    मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन मध्यप्रदेश में मॉनसून को और सक्रिय कर रहा है। 4 से 7 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। खासकर मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्रों में बारिश का जोर रहेगा। इस साल मॉनसून ने प्रदेश में औसत से 30% अधिक बारिश दी है, और यह सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।

  • नक्सलियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा

    •  मंत्री अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस, डीआरजीऔर कोबरा के जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया
    • कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लैक फ़ॉरेस्ट’ में वीर जवानों ने शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाया, सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई
    • नक्सलियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा
    • जब तक सभी नक्सली या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएँ या समाप्त न हो जाएँ, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे, भारत को नक्सलमुक्त बनाकर ही रहेंगे
    • गर्मी, ऊँचाई और हर कदम पर IED के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने बुलंद हौसले से अभियान को सफल बनाकर नक्सलियों का बेस कैंप समाप्त किया
    • कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर नक्सलियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को सुरक्षाबलों के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया
    • नक्सलविरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है
    • नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है
    • मोदी सरकार का  संकल्प है, 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे

    रायपुर

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले सीआरपीएफ, छत्तीसगढ़ पुलिस,  डीआरजी और कोबरा के जवानों से नई दिल्ली में भेंट की और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

    केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चले अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन ब्लैक फ़ॉरेस्ट’ में वीर जवानों द्वारा शौर्यपूर्ण प्रदर्शन कर अभियान को सफल बनाने के लिए सभी सुरक्षाबलों के जवानों को हृदय से बधाई दी। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के विरुद्ध अभियान के इतिहास में ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के दौरान जवानों का शौर्य और पराक्रम एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा।

    अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सभी नक्सली या तो आत्मसमर्पण न कर दें, पकड़े न जाएँ या समाप्त न हो जाएँ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में हम भारत को नक्सलमुक्त बनाकर ही रहेंगे।

    केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि गर्मी, ऊँचाई और हर कदम पर आईईडी के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने बुलंद हौसले के साथ अभियान को सफल बनाकर नक्सलियों का बेस कैंप समाप्त किया। उन्होंने कहा कि कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर बने नक्सलियों के मैटीरियल डंप और सप्लाई चेन को छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, डीआरजी और कोबरा के जवानों ने पराक्रम से नष्ट कर दिया।

    बस्तर की स्थिति पर भी की चर्चा

    इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने बस्तर में हाल ही में आई बाढ़ की गंभीर स्थिति पर भी चर्चा की। उन्होंने गृह मंत्री को राहत और पुनर्वास कार्यों की प्रगति से अवगत कराया और बताया कि प्रभावित इलाकों में प्रशासन लगातार राहत सामग्री पहुंचाने, स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और विस्थापित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने में जुटा है।

    सीएम ने स्पष्ट किया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं।

    अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे कम विकसित क्षेत्रों को बहुत नुकसान पहुँचाया है, स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय लोगों तक नहीं पहुँचने दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलविरोधी अभियानों के कारण पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक के क्षेत्र में साढ़े 6 करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। शाह ने कहा कि नक्सलविरोधी अभियानों में गंभीर शारीरिक क्षति उठाने वाले सुरक्षाबलों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए मोदी सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का  संकल्प है कि हम 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कर देंगे।

    नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों का सम्मान

    इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर 21 दिनों तक चले सबसे लंबे नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों का सम्मान किया। इस अभियान में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया था और घायल जवानों से मुलाकात कर उनका मनोबल भी बढ़ाया।

    यह अभियान छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर अप्रैल-मई माह में चलाया गया था। इसे नक्सलियों पर अब तक की सबसे बड़ी चोट माना जा रहा है, क्योंकि बीजापुर जिले की कर्रेगुट्टा की पहाड़ियां नक्सलियों का सबसे सुरक्षित गढ़ मानी जाती थीं। लेकिन इस ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों का वहां कब्जा हो गया और नक्सलियों को पीछे हटना पड़ा।

    गृहमंत्री ने जवानों को दी बधाई

    गृहमंत्री ने जवानों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता न केवल सुरक्षा के मोर्चे पर बल्कि विकास और शांति की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार माओवादियों के सम्पूर्ण उन्मूलन तक आक्रामक अभियान जारी रखेगी और साथ ही विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाएगी।

    उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार जैसी बुनियादी सुविधाओं को तेजी से पहुंचाकर स्थायी शांति की नींव रखी जाएगी। उन्होंने कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा के उन जवानों से भेंट की और उन्हें सम्मानित किया।

  • MYH में हादसा: चूहों के काटने से नवजात की मौत, दो नर्सिंग अफसरों पर गिरी गाज

    इंदौर 

    इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंतराव होलकर (MYH) में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहा दो नवजातों को चूहों ने कुतर दिया.. चूहों ने पिछले 48 घंटों के दौरान जिन दो नवजात बच्चों के शरीर को कुतरा था, उनमें शामिल एक लड़की की मंगलवार को मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चूहों के हमले के बाद नवजात बच्ची की मौत के कारण एमवायएच प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है, हालांकि अस्पताल का दावा है कि अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही बच्ची की मौत 'निमोनिया के संक्रमण' से हुई है। 

    बता दें कि वार्ड में चूहों के घूमने का वीडियो भी सामने आया है… दरअसल मामला रविवार रात का है जहां एम व्हाय अस्पताल की पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में भर्ती दो नवजात शिशुओं को रविवार देर रात हाथ और पैर में कुतर दिया था, जिसमें एक नवजात बच्ची की मौत हो गई है जबकि एक बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है… 

    अधिकारियों के मुताबिक 48 घंटों के दौरान चूहों ने नवजात बच्चों की सर्जरी से जुड़े विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में एक बच्चे की अंगुलियों पर काटा, जबकि दूसरे बच्चे के सिर और कंधे पर दांत गड़ा दिए। बता दें कि एमवायएच की गिनती सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में होती है… यह अस्पताल इंदौर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध है।

    वहीं महाविद्यालय के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि चूहों के हमले की जद में आए दो नवजात बच्चों में शामिल एक लड़की की मौत हो गई है… हालांकि उनका कहना है कि अलग-अलग जन्मजात विकृतियों से जूझ रही इस अज्ञात लड़की को खरगोन जिले में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था और उसे इलाज के लिए एमवायएच भेजा गया था…  

  • ED की रेड से छत्तीसगढ़ में खलबली, 4 जिलों में कारोबारियों के घर-ऑफिस पर छापा

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारों के खिलाफ एक बार फिर ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि से संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है।

    मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इसके साथ ही दुर्ग के अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर रेड जारी है। ईडी की इस कार्रवाई में 8 से 10 अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल भी मौजूद है।

    दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई

    भिलाई 3 में भी ईडी ने कार्रवाई की है. अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी घर पर छापा मारा गया है. रेड में ईडी के 6 से अधिक अधिकारी शामिल हैं. सीआरपीएफ की टीम भी घर के बाहर मौजूद है. वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की जा रही है.

    DMF घोटाला मामले में कार्रवाई

    केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की. टीम ने 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है.  इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट लोगों के साथ- साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है , जिन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी अहम सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया है.

     घूस लेने के लिए बदले गए थे नियम

    इस मामले की शुरुआती जांच रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने की. इस मामले की पड़ताल के बाद एसीबी ने करीब 6 हजार पन्नों का चार्जशीट भी स्थानीय कोर्ट में दायर किया था, इसके बाद इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की इंट्री हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक DMF के वर्क प्रोजेक्ट में भ्रष्ट्राचार करने के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया और फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरणों, इलाके में रहने वाले लोगों और उनके बच्चों के खेलने – मनोरंजन के लिए सामग्री, मेडिकल उपकरणों, स्वास्थ लाभ सम्बंधित छोटे– बड़े कई उपकरणों की भी कैटेगरी को जोड़ा गया था. आरोप है कि बदले गए नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी विकास से जुड़े कार्यों को दरकिनार करके अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया गया.

    क्या है पूरा मामला

    ED की जांच में पता चला है कि ये छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला केस में जेल में बंद कारोबारी मनोज कुमार द्विवेदी से जुड़ा कनेक्शन बड़ा महत्वपूर्ण है, आरोप है कि मनोज ने अपनी बनाई NGO में DMF फंड की राशि हासिल की. इसके बाद कमीशन तत्कालीन IAS रानू साहू सहित कई अन्य बड़े सफेदपोश लोगों तक पहुंचाया था. इस मामले की EOW और ED दोनों जांच कर रही है. ED की जांच में पता चला कि 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने निलंबित IAS रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की थी. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 42 फीसदी तक कमीशन दिया गया था.

    रायपुर के 10 ठिकानों में रेड
    रायपुर में 8 से 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है। लेकिन, यह कार्रवाई किस घोटाले या मामले से संबंधित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि जहां छापामार हुआ है वह कृषि और बुनियादी स्ट्रक्चर को लेकर काम करने वाली है।

    शुरूआती जानकारी के अनुसार एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच से संबंधित बताई जा रही है। इस बात की आशंका है कि कृषि कारोबार के माध्यम से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की गई है। वहीं, सुबह सवेरे हुई कार्रवाई से बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मची हुई है।

    फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है। लेकिन किसी तरह की आधिकारिक रूप से किसी तरह की जानकारी शेयर नहीं की गई है। लेकिन ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है।

  • रायपुर : प्रदेश में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।

    रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।

    बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

  • रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6.78 करोड़ रूपए स्वीकृत

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रूपए स्वीकृत किए है। सिंचाई योजना के कार्यों में विकासखण्ड बलौदाबाजार की कोटानाला व्यपवर्तन के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ 33 लाख 20 हजार रूपए और मल्लीन नाला पर घुलघुल स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 44 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन कार्यों को पूर्ण कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।