DPR छत्तीसगढ समाचार

CG : जल गुणवत्ता सर्विलांस पर जल वाहिनियों का रिफ्रेशर प्रशिक्षण (चौथा बैच) सफलतापूर्वक संपन्न

एमसीबी / जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत वाटर क्वालिटी एवं सर्विलांस (FTK) विषय पर जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विकासखंड खड़गवा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पेंड्री, बोडेमुडा, रतनपुर, कोचका, बेल्कामर, गिधमुड़ी, लकरापारा, कटकोना, मंगोरा एवं उधनापुर में चरणबद्ध रूप से संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जल वाहिनियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्हें पानी में उपस्थित विभिन्न रासायनिक एवं भौतिक तत्वों की जांच, मानकों की पहचान तथा परीक्षण के परिणामों का सही विश्लेषण करने की विधियों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार नियमित परीक्षण के माध्यम से जल स्रोतों की गुणवत्ता पर निरंतर निगरानी रखी जा सकती है।


कार्यक्रम में जल जनित बीमारियों जैसे डायरिया, टाइफाइड, हैजा आदि के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा इसके रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि दूषित जल का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। जल वाहिनियों को यह भी समझाया गया कि वे अपने-अपने ग्रामों में लोगों को स्वच्छता एवं सुरक्षित जल उपयोग के प्रति जागरूक करें।


प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा व्यवहारिक अभ्यास रहा, जिसमें प्रतिभागियों को स्वयं FTK  किट के माध्यम से जल परीक्षण कराकर उनकी दक्षता को विकसित किया गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर जल गुणवत्ता रजिस्टर के संधारण, परीक्षण परिणामों के व्यवस्थित रिकॉर्डिंग तथा WQMIS पोर्टल पर  FTK  एंट्री दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इससे जल वाहिनियां अपने क्षेत्रों में जल गुणवत्ता निगरानी कार्य को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।


कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध सभी पेयजल स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना तथा आमजन में जल के समुचित उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया कि जल वाहिनियां समय-समय पर अपने क्षेत्र के हैंडपंप, नल-जल योजनाओं एवं अन्य जल स्रोतों की जांच कर रिपोर्ट तैयार करें और किसी भी प्रकार की समस्या पाए जाने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।


लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की क्षमता में वृद्धि हो रही है, जिससे वे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर गांव में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाने का माध्यम बना, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुरक्षा और जनजागरूकता को भी सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

lokesh sharma

Lokesh Sharma | Editor Lokesh Sharma is a trained journalist and editor with 10 years of experience in the field of journalism. He holds a BAJMC degree from Digvijay College and a Master of Journalism from Kushabhau Thakre University of Journalism & Mass Communication. He has also served as a Professor in the Journalism Department at Digvijay College. Currently, he writes on Sports, Technology, Jobs, and Politics for kadwaghut.com.

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