
राजनांदगांव : 48 लाख रुपए की स्वीकृति, चार साल में नहीं खरीद सके ब्लड कंपोनेंट मशीन…
राजनांदगांव , जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जीवन रक्षक ब्लड कंपोनेंट मशीन खरीदने 2022 में 48 लाख की स्वीकृति मिलने के बाद 4 साल में मशीन नहीं खरीदी जा सकी। तत्कालीन अफसरों की उदासीनता के कारण यह योजना फाइलों में रह गई।
जिला अस्पताल में मशीन नहीं होने से मरीजों को प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और रेड सेल्स जैसे रक्त घटकों की सुविधा नहीं मिल रही। डेंगू, गंभीर एनीमिया, प्रसव, और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में मरीजों को पूरा रक्त चढ़ाने या फिर निजी ब्लड सेंटरों से महंगे दाम पर रक्त घटक लेने मजबूर होना पड़ता है।
इससे मरीजों और उनके परिजनों पर भी आर्थिक बोझ पड़ता है। मशीन की खरीदी और स्थापना को लेकर शुरुआती वर्षों में कोई गंभीर पहल नहीं हुई। लंबे समय तक मामला लंबित रहने से स्वीकृत राशि के उपयोग और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के भीतर अब पूरे मामले की समीक्षा की चर्चा है।
वर्ष 2022 में पहुंची राशि का उपयोग नहीं साल 2022 में 48 लाख की राशि सीएमएचओ में पहुंची थी। राशि सीजी एमएमसी को हस्तांतरित करना था जो नहीं हो सकी और नहीं मशीन की खरीदी की गई।
इसकी स्थापन होगी तभी आगे संचालन करने, उपकरणों की खरीदी करने अतिरिक्त राशि की जरूरत पड़ेगी। नए सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद का कहना है नई कंपोनेंट मशीन लगाने प्रक्रिया जारी है। स्थापना और संचालन करने 72 लाख अतिरिक्त खर्च की जरूरत पड़ेगी।



