• भाजयुमो का मोर्चा खुला: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को दिया करारा जवाब

    मनेंद्रगढ़/एमसीबी

    भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के खिलाफ सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही झूठी, भ्रामक और सुनियोजित अफवाहों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजयुमो पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ में पहुंचकर थाना प्रभारी सुनील तिवारी को एफआईआर हेतु आवेदन सौंपते हुए अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    भाजयुमो का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर प्रदेश अध्यक्ष की छवि धूमिल करने की साज़िश किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि दोषियों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए तो युवा मोर्चा उग्र आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

    इस दौरान प्रदेश पदाधिकारी कोमल पटेल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अंकित शर्मा, जिला महामंत्री हिमांशू श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष जलील शाह, मंडल अध्यक्ष आदित्य अग्रवाल, महेश चक्रधारी, रोहित यादव, अजय पटेल, दिनेश सिंह, शिवेंद्र केवट सहित बड़ी संख्या में भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • IMD की चेतावनी: MP में अभी और बरसेगा आसमान, ऑरेंज अलर्ट जारी

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में मॉनसून ने एक बार फिर अपनी पूरी ताकत दिखा दी है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से प्रदेश में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 4 सितंबर 2025 को प्रदेश के लगभग आधे हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानिए आज कहां कैसा मौसम रहेगा।

    इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

    मौसम विभाग ने नौ जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ और देवास शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की भी आशंका है।

    यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट

    इसके अलावा प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसमें भोपाल, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर, गुना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा शामिल हैं।

    उज्जैन में क्षिप्रा का जलस्तर बढ़ने से घाट किनारे के मंदिर डूब गए हैं। उनके गुंबद तक पानी आ गया है। प्रशासन ने लोगों को घाटों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

    रतलाम और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह तेज बारिश हुई। इससे जनता कॉलोनी, पीएंडटी कॉलोनी, जवाहर नगर समेत कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कई मकानों में गृहस्थी का सामान डूब गया।

    नर्मदापुरम जिले के इटारसी में तवा डैम के तीन गेट 5-5 फीट की ऊंचाई तक खुले हैं। इनसे करीब 25000 क्यूसेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। डैम के गेट पिछले 15 दिन से खुले हैं।

    भोपाल में गुरुवार सुबह कहीं धीमी, कहीं तेज बारिश हुई।

    26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने गुरुवार को 26 जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 24 घंटे के दौरान झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास और सीहोर में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है।

    बाकी मध्यप्रदेश का हाल

    प्रदेश के अन्य हिस्सों, जैसे ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना और शहडोल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और वज्रपात की संभावना है। तापमान की बात करें तो भोपाल में 30.0 डिग्री, इंदौर में 29.3 डिग्री, ग्वालियर में 31.4 डिग्री, और जबलपुर में 30.3 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पचमढ़ी जैसे पहाड़ी इलाकों में तापमान 25.0 डिग्री तक नीचे जा सकता है।

    अगले चार दिन जारी रहेगा बारिश का दौर

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर तक मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। खासकर मालवा-निमाड़, विंध्य और पूर्वी मध्यप्रदेश में मॉनसून की सक्रियता चरम पर होगी। 5 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, लेकिन उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

    औसत से 21 फीसदी ज्यादा बरसा मॉनसून

    मौसम विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में इस साल मॉनसून ने औसत से 21% अधिक बारिश दी है और यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मॉनसून ट्रफ के कारण प्रदेश में 6-7 सितंबर तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्यप्रदेश में 21% और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 22% अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत 37 इंच के मुकाबले अब तक 38.2 इंच तक पहुंच चुकी है। मालवा-निमाड़ और विंध्य क्षेत्रों में बारिश का जोर सबसे ज्यादा रहेगा।

  • उज्जैन की नन्ही पुलिस अफसर: SP ने 8 साल की बच्ची को सौंपा अपॉइंटमेंट लेटर

    उज्जैन

    क्या चौथी कक्षा में पढ़ने वाली आठ साल की बच्ची पुलिस विभाग में भर्ती हो सकती है, तो इसके जवाब में हर कोई कहेगा कि नहीं ऐसा बिल्कुल भी संभव नहीं है। लेकिन मध्य प्रदेश के उज्जैन में ऐसा हो चुका है। यहां पर पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने हाल ही में इस 8 साल की बच्ची को पुलिस में बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का पत्र सौंपा है। नियुक्ति पत्र के साथ बालिका की सैलरी ओर कार्य का दायित्व भी सौंपा गया। हालांकि वर्दी पहनने के लिए उसे 10 साल ओर इंतजार करना पड़ेगा।

    यह मामला सोमवार को उस वक्त सामने आया, जब बच्ची अपनी मां के साथ हाथों में कॉपी-पेंसिल की जगह अनुकम्पा नियुक्ति के लिए नौकरी का आवेदन लेकर उज्जैन शहर के पुलिस कंट्रोल रूम स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। इस बच्ची का नाम इच्छा रघुवंशी है, जो कि अपने पिता की जगह अनुकम्पा नियुक्ति पाने के लिए आवेदन लेकर पहुंची थी। दरअसल उसके पिता देवेंद्र सिंह रघुवंशी महाकाल थाने में प्रधान आरक्षक थे, और इस साल 17 मई को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई थी।

    पति के अचानक जाने से मां-बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़

    तीन सदस्यों के परिवार में इच्छा के पिता कमाने वाले अकेले सदस्य थे। ऐसे में उनके यूं अचानक गुजर जाने से मां-बेटी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया और उनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं बचा। ऐसे में देवेंद्र सिंह के गुजरने के तीन महीने बाद 2 सितंबर को मृतक प्रधान आरक्षक की पत्नी अपनी 8 वर्षीय बेटी इच्छा के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और यहां आरक्षक पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

    आवेदन देने के 25 मिनिट के अंदर मिला नियुक्ति पत्र

    शासकीय कार्य कैसे होते हैं यह तो हम भलीभांति जानते हैं। ऐसे मामलों में आमतौर पर फाइलें इधर से उधर घूमती रहती हैं, साइन और आदेश के बीच समय निकलता जाता है, पर इस मामले ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। मां-बेटी जब अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़ा आवेदन पत्र लेकर पहुंचीं तो उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने अति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल इस बारे में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी और मात्र 25 मिनट के भीतर ही उन्होंने बच्ची को बाल आरक्षक पद पर नियुक्ति का आदेश जारी कर नियुक्ति पत्र परिजन को सौंप दिया।

    नौकरी में बच्ची को करना पड़ेगा यह काम, मिलेगा इतना वेतन

    इच्छा अभी 8 साल की है और चौथी कक्षा में पढ़ती है, हालांकि इसके बावजूद उसका नाम पुलिस कर्मचारी की लिस्ट में दर्ज हो चुका है। पुलिस नियमों के अनुसार जब वो 10वीं कक्षा पास कर लेगी तो स्थायी आरक्षक बन सकेगी। इच्छा को मिलने वाले वेतन की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि बाल आरक्षक को नव आरक्षक से आधा वेतन मिलता है। इसी नियम के तहत इच्छा को हर महीने 15 हजार 113 रुपए वेतन मिलेगा। साथ ही उसे महीने में एक बार थाने आकर साइन करना होगा और इस दौरान उसकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जानकारी भी ली जाएगी। 10 साल बाद जब इच्छा 18 साल की उम्र पूरी कर लेगी और 10वीं की परीक्षा पास कर लेगी, तो उसके बाद वह स्थायी आरक्षक बन पाएगी। इस दौरान पिता की पेंशन उनकी मां को मिलती रहेगी।

  • सहायक अध्यापक भर्ती में 25% आरक्षण विवाद, हाईकोर्ट ने सरकार को किया तलब

    इंदौर
     मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर पूछा है कि सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा में किस आधार पर सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। कोर्ट ने शासन को यह नोटिस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए जारी किया है।

    सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों के लिए राज्य शासन ने 31 दिसंबर 2024 को भर्ती निकाली थी। इस संबंध में मप्र लोकसेवा आयोग ने परीक्षा आयोजित की थी। इसमें सहायक अध्यापकों को 25 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। इस संबंध में शासन ने 24 दिसंबर 2024 को आदेश जारी किया था। इस आदेश को याचिकाकर्ता सोनू जाटव ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

    याचिका में कहा है कि आरक्षण पिछड़े एवं कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई एक संवैधानिक नीति है। सहायक अध्यापक न तो समाज के पिछड़े वर्ग से आते हैं, न ही वे कमजोर वर्ग में शामिल हैं, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाना संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध है। याचिका पर सुनवाई हुई।

    17 जून को नए प्रमोशन के नियम को दी थी मंजूरी
    मोहन यादव कैबिनेट ने 17 जून को नए प्रमोशन नियमों को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार ने 19 जून 2025 को नए नियम बनाकर उन्हें लागू कर दिया। लेकिन सरकार ने न तो सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका वापस ली और न ही पुराने नियम से प्रमोट हुए कर्मचारियों को पदावनत किया। इसका मतलब है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की थी, उसे वापस नहीं लिया। साथ ही, पुराने नियमों के तहत जिन कर्मचारियों का प्रमोशन हुआ था, उन्हें उनके पद से नहीं हटाया गया।

    इसी वजह से जब इन नियमों के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, तो कोर्ट ने सरकार से नए और पुराने नियमों के बीच का अंतर स्पष्ट करने को कहा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस क्यों नहीं ली। जब ये नियम बन रहे थे, तब भी यह मुद्दा उठा था। लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अब इस मामले में सरकार जो जवाब देगी, उससे ही यह तय होगा कि प्रमोशन का रास्ता खुलेगा या प्रमोशन पर रोक लगी रहेगी।

  • नेशनल सिक्योरिटी पर सवाल: सेना में घुसा बांग्लादेशी, अब IB कर रही पड़ताल

    इंदौर
     बांग्लादेशी नागरिक और रोहिंग्याओं की जांच कर रही मध्य प्रदेश की एसआइटी को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पड़ताल में न केवल कई बांग्लादेशी अवैध तरीके से इंदौर में रहते मिले, बल्कि यह भी पता चला कि ऐसी ही एक महिला का बेटा सेना में भर्ती हो गया है।

    आइबी सहित अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों ने शुरू की जांच

    एसआइटी की रिपोर्ट के बाद आइबी सहित अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। एसआइटी ने एक महिला को वापस बांग्लादेश भेज दिया है, जबकि दो अन्य महिलाओं को हिरासत में लिया है।

    बता दें कि पुलिस मुख्यालय से मिली गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी इंटेलिजेंस डॉ. हंसराज ने एसआइटी का गठन किया था। पिछले माह पुलिस का सात सदस्यीय दल बंगाल गया था, जहां पता चला कि इंदौर में कई बांग्लादेशी नागरिक फर्जी आधार और पैनकार्ड बनाकर रह रहे हैं।

    सौरभ ने इंदौर में घर बना लिया

    कॉकद्वीप (कोलकाता) का सौरभ दास भी उनमें एक है। वर्षों पूर्व घुसपैठ कर भारत आए उसके दादा आज भी बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में रेलवे पटरी के समीप रहते हैं। सौरभ ने इंदौर में घर बना लिया और बांग्लादेशी युवती से शादी कर ली।

    पुलिस ने युवती को शाजापुर से पकड़कर वापस भेज दिया, पर सौरभ गायब हो गया। इसी जांच में पता चला कि सौरभ की बहन प्रभा का एक बेटा सेना में भर्ती हो गया है।

    डीसीपी ने बंगाल के बड़े अफसरों से बात की

    बता दें कि बंगाल गई एसआइटी टीम का वहां रहवासियों ने न केवल विरोध किया, बल्कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और दिनभर थाने में बैठाकर रखा। डीसीपी ने बंगाल के बड़े अफसरों से बात की, तब कहीं एसआइटी के सदस्यों को छोड़ा गया।

     

  • नगर पालिका शिवपुरी में ड्रामा: इस्तीफे हुए अमान्य, अब नपा अध्यक्ष की गद्दी डगमगाई

    शिवपुरी 

    केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र में आने वाले शिवपुरी में भाजपा पार्षदों की नाराजगी देखने को मिल रहा है. यहां  नगर पालिका में चल रहा राजनीतिक विवाद एक नया मोड़ ले चुका है. दरअसल, भाजपा पार्षदों ने कुछ दिन पहले नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया. इसके बाद बीजेपी के साथ-साथ कांग्रेस और निर्दलीय समेत कुल 18 पार्षदों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, सुनवाई के दौरान कलेक्टर ने सभी पार्षदों के इस्तीफे नामंजूर कर दिए हैं.

    पार्षदों के इस्तीफे नामंजूर होने से वर्तमान में नपा अध्यक्ष की कुर्सी का खतरा टल गया है. हालांकि, यह खतरा सिर्फ अस्थायी रूप से टला है. क्योंकि बताया जा रहा है कि कलेक्टर की जांच में अध्यक्ष गायत्री शर्मा दोषी पाई गई हैं और उनके खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई हो सकती है.

    भाजपा की बढ़ी मुश्किलें
    गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के संसदीय क्षेत्र शिवपुरी में यह घटना भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है. क्योंकि पार्टी के ही आधे से ज्यादा पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ एकजुट हो गए. इन पार्षदों में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और निर्दलीय पार्षद भी शामिल हैं. इन पार्षदों ने पहले अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश में लगे थे. बीते 28 अगस्त को भाजपा के 12, कांग्रेस के 4 और दो निर्दलीय पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपने इस्तीफे सौंपे थे. 

    नपा अध्यक्ष पर गिरेगी गाज 
    हालांकि, इनके इस्तीफे को नामूंजर कर दिया गया. कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने सभी पार्षदों के इस्तीफों को 'उचित कारण' न होने के चलते नामंजूर कर दिया. लेकिन सबसे खास बात यह है कि इस घटना के बाद कलेक्टर ने पार्षदों द्वारा लगाए गए नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा भष्ट्राचार के आरोपों की जांच की गई. जिसमें नपा अध्यक्ष को वित्तीय अनियमितताओं और अन्य गड़बड़ियों के लिए दोषी पाया गया है. इस मामले में इससे पहले दो पूर्व और एक वर्तमान सीएमओ को निलंबित हो चुका है. वहीं, अब नपा अध्यक्ष पर भी गाज गिरने की संभावना है.

    बता दें कि शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा बीजेपी से आती हैं. जिनकी गिनती पूर्व खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के समर्थकों में की जाती है. इनको हटाने के लिए बीते दिनों उन्होंने करैरा में एक मंदिर में शपथ ली थी कि अगर अध्यक्ष को नहीं हटाया गया तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे. इसके बाद 18 पार्षदों ने इस्तीफा भी दे दिया. इस विवाद ने न सिर्फ स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि इससे बीजेपी कार्यकर्ताओं में भी आपस में नाराजगी देखने को मिली. 

    कलेक्टर ने क्यों नहीं मजूंदर इस्तीफा
    इस पूरे मामले को लेकर शिवपुरी कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी ने कहा, "पार्षदों द्वारा भ्रष्टाचार संबंधी जो भी आरोप और शिकायतें हैं, उन पर जांच और कार्रवाई चल रही है. जो भी तथ्य आएंगे उनके आधार पर कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी. पार्षद अगर इस्तीफा व्यक्तिगत स्वास्थ्य, पारिवारिक कारणों को बताते हुए देते, जिनके कारण वह बतौर पार्षद समय नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी स्थिति में इस्तीफे पर विचार किया जाता. सिर्फ अध्यक्ष या किसी अन्य पर आरोप इस्तीफे का प्रमाणिक कारण नहीं है. 

  • मुख्यमंत्री साय बोले – संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी

    रायपुर,

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ आदिवासी कंवर समाज युवा प्रभाग रायपुर द्वारा आयोजित प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत – 2025 करमा तिहार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पारंपरिक विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति हमारे पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है। इस संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी, बल्कि नैतिक कर्तव्य भी है। ऐसे पर्व और परंपराएँ समाज को एकजुट होने का अवसर देती हैं, जिससे स्नेह, सद्भाव एवं सौहार्द की भावना विकसित होती है।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि कंवर समाज के युवाओं द्वारा राजधानी रायपुर में करमा तिहार का आयोजन किया जा रहा है। हमारी आदिवासी संस्कृति में अनेक प्रकार के करमा तिहार मनाए जाते हैं। आज एकादशी का करमा तिहार है, जो हमारी कुंवारी बेटियों का पर्व है। इस करमा तिहार का उद्देश्य है कि हमारी बेटियों को उत्तम वर और उत्तम गृहस्थ जीवन मिले। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर बेटियाँ अच्छे वर और अच्छे घर की कामना करती हैं। इसके बाद दशहरा करमा का पर्व आता है, जिसमें विवाह के पश्चात पहली बार जब बेटी मायके आती है, तो वह उपवास रखकर विजयादशमी का पर्व मनाती है। इसी प्रकार जियुत पुत्रिका करमा मनाया जाता है, जिसमें माताएँ पुत्र-पुत्रियों के दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। यह एक कठिन व्रत होता है, जिसमें माताएँ चौबीस घंटे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास करती हैं।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यदि छत्तीसगढ़ की बात करें तो यहां अंग्रेजों के विरुद्ध 12 आदिवासी क्रांतियाँ हुईं। हमारी सरकार नया रायपुर स्थित ट्राइबल म्यूजियम में आदिवासी संस्कृति के महानायकों की छवि को आमजन की जागरूकता के लिए प्रदर्शित करने मॉडल के रूप में उकेरा जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को आमंत्रित किया जा रहा है। उनके करकमलों से इस म्यूजियम का शुभारंभ किया जाएगा।

    संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत बनाए रखना न केवल हमारी जिम्मेदारी बल्कि नैतिक कर्तव्य भी – मुख्यमंत्री साय
    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी समाज के सशक्तिकरण पर विशेष जोर देती रही है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने आजादी के लगभग 40 वर्षों बाद आदिवासी विभाग का पृथक मंत्रालय बनाकर आदिवासी समाज के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हीं के बताए मार्ग पर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आदिवासी समाज के बेहतरी एवं समग्र विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के लिए पीएम जनमन योजना का संचालन कर रहे हैं, जिससे हितग्राहियों को शत-प्रतिशत योजनाओं का लाभ मिल रहा है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे डॉ. रमन सिंह ने बस्तर, सरगुजा एवं मध्य क्षेत्र प्राधिकरण का गठन कर विकास को गति प्रदान करने का कार्य किया।

    मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि युवा आदिवासियों को स्वरोजगार से जोड़ते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से हमने नई उद्योग नीति बनाई है, जिसमें बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आदिवासी बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कोई कठिनाई न हो। इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना राज्य में ही की जा रही है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली परंपरा रही है। इसी परंपरा के निर्वहन में आज हम करमा तिहार मना रहे हैं। हमारी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। साय जी के नेतृत्व में ही बस्तर संभाग में बस्तर पांडुम के नाम से ओलंपिक का आयोजन किया गया, जिसकी चर्चा पूरे भारत में हुई। कश्यप ने इस अवसर पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

    संरक्षक, अखिल भारतीय कंवर समाज विकास समिति पमशाला, जशपुर, श्रीमती कौशिल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज और प्रकृति एक-दूसरे के अभिन्न अंग हैं। आदिवासी समाज के लिए प्रकृति सदैव आराध्य रही है। करमा पर्व प्रकृति प्रेम का पर्व है। हमारी संस्कृति अत्यंत गौरवशाली रही है और उसका संरक्षण तथा समय के साथ संवर्धन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि समाज की महिलाएँ आगे आकर इस संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी को प्रकृति पर्व भादो एकादशी व्रत करमा तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
    इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राम कुमार टोप्पो, विधायक आशाराम नेताम, विधायक प्रबोध मिंज, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम राम सेवक सिंह पैकरा, केशकला बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, सभापति जिला पंचायत धमतरी टीकाराम कंवर, प्रदेश अध्यक्ष कंवर समाज हरवंश सिंह मिरी, अध्यक्ष कंवर समाज रायपुर महानगर मनोहर सिंह पैकरा सहित कंवर समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

     

  • 425 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद, रीवा में ट्रक जब्त – ड्राइवर हिरासत में

     रीवा
     बीती शाम करीबन 6 बजे गुढ़ पुलिस को मुखबिर से एक सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि एक विस्फोटक वाहन जिसका नं. यूपी 70 एचटी 4843 है। इस वाहन में विस्फोटक पदार्थ भरा हुआ है। इसे अवैध तरीके से कहीं ले जाया जा रहा है। इतना सुनने के बाद ही पुलिस अलर्ट हो गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस गाड़ी को तलाशने हुए इटार पहाड़ पहुंची। जहां वाहन मिल गया। वाहन में ड्राइवर मौजूद था। उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे।

    पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया और गाड़ी थाना ले आए। चालक को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 288, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 5(ए),6 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरी. शैल यादव, प्र.आर. राकेश वर्मा, आरक्षक मनोज निनामा, प्र.आर. अयोध्या प्रजापति, आर.रोवर हालदार, आर विपिन यादव, आर मनोज द्विवेदी, आर राजकुमार गुप्ता, आर अनिल दाहिया, सैनिक संतोष मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    विस्फोटक हुआ बरामद

    जब्त वाहन क्रमांक यूपी 70 एचटी 4843 से पुलिस को विस्फोटक इण्डोसुपर पावर 90-32 एमएस की राड के 17 नग खाखी रंग के कार्टून जिनका वजन 25 केजी प्रति कार्टून है। कुल वजन 425 किलो है। एक कार्टून खुला हुआ जिसमें करीबन 10 किलो उपरोक्त विस्फोटक राड है। दो बंडल लाल रंग का ब्लास्टिंग में उपयोग करने वाले तार व एक खुले हुए कार्टून मे विस्फोटक ऐसेसीरिज, ड्राइवर द्वारा पेश संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

    ग्वालियर का रहने वाला है ड्राइवर

    पुलिस ने वाहन के ड्राइवर को भी गिरफ्तार किया है। ड्राइवर का नाम सौरभ प्रजापति पिता पूरन प्रजापति उम्र 25 वर्ष है। वह ग्राम टिकुला थाना मोहना जिला ग्वालियर हाल पता जय मां विंध्यवासिनी इन्टर प्राइजेज मैंगजीन ग्राम लतीफपुर थाना कोरांव जिला प्रयागराज उ.प्र. का रहने वाला है।

  • जबलपुर फैक्ट्री में CBI रेड, भ्रष्टाचार के आरोप में DGM को दिल्ली ले जाई एजेंसी

    जबलपुर 

    भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोपों के चलते सीबीआई ने बुधवार को जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में बड़ी कार्रवाई की. इस दौरान टीम ने डीजीएम दीपक लांबा से गहन पूछताछ की. लांबा के खिलाफ पहले ही सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर रखी है. आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की और इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा.

    जानकारी के मुताबिक, लांबा के नागपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पदस्थ रहते समय यह मामला सामने आया था.सीबीआई ने 25 अगस्त को दर्ज एफआईआर में नागपुर की कंपनी ऑटोमेशन इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज के मालिक मोहित ठोलिया और तत्कालीन डीजीएम दीपक लांबा पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों की मिलीभगत से सरकारी ठेके में गंभीर अनियमितताएं की गईं, जिसके चलते लाखों रुपये का नुकसान हुआ.
    सीबीआई मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज

    सीबीआई की टीम ने इस प्रकरण की तह तक जाने के लिए जबलपुर और नागपुर समेत चार स्थानों पर छापेमारी की. इसमें आरोपितों के घर और दफ्तर शामिल थे. छापों के दौरान सीबीआई को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. जांच अधिकारियों के अनुसार, ये दस्तावेज आरोपों को और मजबूत करते हैं तथा यह साबित करते हैं कि नियमों को दरकिनार कर निजी स्वार्थ साधे गए.
    लांबा ने निजी कंपनी को दिलाया लाभ

    शिकायत में यह भी उल्लेख है कि दीपक लांबा ने नागपुर की ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी (OFAJ) में उप महाप्रबंधक रहते हुए नियमों के विरुद्ध एक प्रोप्राइटरशिप फर्म की स्थापना की. बाद में इस फर्म को टेंडर दिलाने के लिए अपनी आधिकारिक स्थिति का गलत इस्तेमाल किया. सीबीआई का मानना है कि इस पूरे खेल में सरकारी खजाने को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया और लाभ निजी कंपनी को दिलाया गया.

    फिलहाल सीबीआई ने डीजीएम दीपक लांबा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और उनसे भ्रष्टाचार की पूरी श्रृंखला को लेकर सवाल-जवाब हो रहे हैं. एजेंसी इस मामले में मिले दस्तावेजों का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण भी कर रही है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ेगा तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है.

     

  • दिल्ली में पकड़ा गया शारिक मछली का गुर्गा, मिठाई के डिब्बे से देना चाहता था रिश्वत

    भोपाल 

    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि नई दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर भोपाल के शारिक मछली गैंग से जुड़ा एक शख्स पहुंचा और उन्हें प्रलोभन देने की कोशिश की. लेकिन कानूनगो ने सख्त नाराजगी जताते हुए आरोपी को फटकार लगाई और तुरंत बाहर निकलवा दिया. इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई है. 

    प्रियंक कानूनगो ने 'X' पर पोस्ट में लिखा, "मेरे दिल्ली सरकारी आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक व्यक्ति, जो स्वयं को मध्य प्रदेश का निवासी बता रहा था, मुझसे मिलने आया. उसने कहा कि वह भोपाल के शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का व्यवसाय करता है और उसकी ओर से आया है. उसने बताया कि शारिक को भारी नुकसान हुआ है और उसे छोड़ दिया जाए. मैंने उसे डांटकर भगा दिया. वह अपने साथ लाई मिठाई छोड़ना चाहता था, जो उसने दरवाजे पर रखकर भागते समय छोड़ दी. हमने पुलिस को शिकायत की, और पुलिस ने मिठाई जप्त कर ली.

    शारिक के खिलाफ हिंदू लड़कियों को नशीले पदार्थ देने, बलात्कार, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरण कराने के साथ-साथ वंचित केवट-मांझी समुदाय के वंशानुगत तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जा करने के मामलों में मेरे निर्देश पर जांच चल रही है. जांच पूरी सख्ती और निष्पक्षता से की जाएगी."

    प्रॉपर्टी सौदे के नाम पर लालच
    कानूनगो के मुताबिक, शख्स ने प्रॉपर्टी डील के नाम पर लालच देने की कोशिश भी की. वो अपने साथ मिठाई का डिब्बा भी लाया था और भेंट स्वरूप देना चाहता था. लेकिन उन्होंने सख्ती से इनकार करते हुए आरोपी को बाहर निकलवा दिया. बताया जाता है कि वह मिठाई का डिब्बा दरवाजे पर ही छोड़कर वहां से भाग गया. अब पुलिस ने मिठाई का डिब्बा जब्त कर जांच शुरू कर दी है.

  • नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम

    नई लेदरी वार्ड 9 में गणेश पूजा पर धूमधाम

    जागरण, बच्चों का डांस और फैंसी ड्रेस कार्यक्रम बना आकर्षण

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    नगर पंचायत नई लेदरी वार्ड नंबर 9 में गणेश पूजा के अवसर पर भव्य जागरण का आयोजन किया गया। इस मौके पर बच्चों ने डांस और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। नन्हें-मुन्नों ने देवी-देवताओं का रूप धारण कर सभी का मन मोह लिया।

    कार्यक्रम के दौरान मनेन्द्रगढ़ के मंजीत सिंह और वार्ड पार्षद विकाश दिवान (जूडो) ने अपनी प्रस्तुति से भक्तिमय माहौल बना दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों पर वार्डवासियों ने जमकर तालियां बजाईं और आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

    समापन अवसर पर अध्यक्ष, पार्षद और वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों के हाथों से बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस पहल से पार्षद की सराहना करते हुए वार्डवासियों ने उन्हें धन्यवाद दिया।

  • स्मार्ट सिटी इंदौर: नगर निगम ने लॉन्च किया ऐप, CM ने फ्लैग ऑफ की 50 ई-AC बसें

    इंदौर 

     स्वच्छता में अव्वल इंदौर शहर में अब सफाई करवाने और कचरा उठवाने की ऑनलाइन सुविधा भी मिलेगी। घर पर फूड डिलीवर करने वाली नामी कंपनियों की तर्ज पर नगर निगम भी ऐप बेस्ड सुविधा शुरू करने जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) गुरुवार को क्विक साफ नामक ऐप लॉन्च करेंगे। इससे ऑनलाइन ऑर्डर कर घर की सफाई कराई जा सकेगी। निगम इस सुविधा के बदले शुल्क लेगा। ऐप लॉन्चिंग के साथ सीएम 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को हरी झंडी दिखाएंगी। वहीं स्वच्छता में नंबर वन आने पर सफाई मित्रों के साथ भोज में शामिल होंगे।

    इंदौर में दौड़ेंगी ई-बस

    एआइसीटीएसएल के अनुसार, 60 करोड़ की लागत वाली 50 इलेक्ट्रिक एसी बसों को सीएम हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये बसें सिंगल चार्ज में 180 किमी चलेंगी। नेट कास्ट मॉडल पर संचालित होने वाली बसों को सरकार द्वारा 40 प्रतिशत वीजीएफ दिया जाएगा और ऑपरेशन कॉस्ट शून्य रहेगी।

    ऑन डिमांड सफाई देने वाला पहला शहर

    मकान शिफ्टिंग, छोटी-बड़ी पार्टी या अन्य समारोह के बाद कचरा हटवाना या आयोजन स्थल की सफाई करवाना बड़ी चुनौती होता है। कई बार आयोजनकर्ता इस कचरे को खुले स्थान पर फेंक देते हैं। ऐसे कचरे को हटाने में अब निगम मदद करेगा। शहरवासी ऐप से रिक्वेस्ट कर सकेंगे। निर्धारित शुल्क पर निगम ये सुविधा देगा। बता दें. इंदौर ऑनलाइन सफाई सुविधा देने वाला देश का पहला शहर बनेगा।

  • रेस्क्यू ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाने वाले युवाओं को मिला कलेक्टर-एसएसपी का सम्मान

    मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन

    टावर में मौजूद सभी  लोगों को सुरक्षित निकाला गया

    कलेक्टर ने कहा कि ऐसे जाबांज युवा समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत

    रायपुर

    राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीते रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन-पुलिस और विशेष कर कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों और सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोस् को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।

    गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह विशेष रूप से हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में जनहानि न होने पाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ-साथ अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुंचा और बचाव कार्य जुट गया। बेबीलॉन टावर में फसे लोगों को समय रहते ही सुरक्षित निकाल लिया गया है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते इस दुर्घटना में जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।

        इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरो को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया और कहा कि यह सारे लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत है। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना फंसे लोगों को बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें श्री सोमेश साव, श्री देवाशीष बरिहा, श्री आकाश साहू, श्री विशाल यादव, श्री अभिषेक सिन्हा श्री ए.वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
        
        कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज़ बच्चों ने अपने समाज की संस्कृति और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है कि कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करें एवं इनके माता-पिता वंदनीय हैं जिन्होंने अपनी संतानों की इतनी अच्छी परवरिश की, जो अपने समाज के समक्ष उदाहरण बनकर उभरें हैं। कलेक्टर ने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और मैं एयरपोर्ट में थे। चूंकि मुख्यमंत्री श्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने हमें तुरंत घटना स्थल पर जा कर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुड़ जाने का निर्देश दिए। इसके तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुंच गए। उस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी श्री पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई और सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझााने के काम में डटे थे। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में लेकर बाहर निकाला।

        घटना की सूचना मिलते ही पहले एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी श्री पुष्पराज सिंह घटना स्थल पहंुच गए। परिस्थियों को देखते हुए वे दोनो टीम के साथ 7वे माले पर पहुंच गए और उपस्थित लोंगो को समझाया कि घबराएं नही और सावधानी बरते हुए सीढ़ियों से बाहर निकलने का रास्ता बताया, जिससे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाहर निकल आए।  

    श्री सोमेश सहित युवाओं ने अपनी जान की नही की परवाह, बचाई जानें

    श्री सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना देकर सहायता करने को कहा वे 10 मिनट के भीतर घटनास्थल पहुंच गए। वहां पहंुच कर बेसमेंट में मौजूद फायर एक्यूपमेंट को इकठ्ठा किया और सीढ़ियों से उपर चढते हुए सभी फ्लोर पर लगे आग बुझाते चले गए। उन्होंने नगर निगम कर्मचारी श्री ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में थे, उन्होंने उन युवाओं को गीले कपड़े के मास्क के रूप में उपयोग करने को कहा। कुछ देर बाद श्री सोमेश, श्री ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुंच गए और टीम के साथ फसें लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

  • IET में रैगिंग का मामला: एक पर 25 हजार, तीन पर 15-15 हजार फाइन – 4 सीनियर बाहर

    इंदौर

    देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए। 

    विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था।

    फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी।

    बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए।

    एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है।

    ‌‌विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।

     

  • तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    रायपुर : लोकपरंपराएं एवं संस्कृति समाज को जोड़ने का बेहतर माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    महिलाएँ हर क्षेत्र में कर रही प्रदेश का नाम रोशन: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

    तीजा महिलाओं का मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

    राजस्व मंत्री निवास में तीजा मिलन, गीत-संगीत और लोकनृत्य से गूंजा वातावरण

    रायपुर

    सावन-भादो में छत्तीसगढ़ की धरती पर पारंपरिक उत्सवों का विशेष महत्व रहता है। इसी क्रम में आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के निवास में तीजा मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा, गीत-संगीत और लोकनृत्य की अनूठी छटा देखने को मिली। महिलाएँ पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर लोकगीतों की मधुर धुनों से वातावरण को उल्लासमय बना रही थीं।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन को समाज की एकता और संस्कृति की पहचान बताया। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आस्था और विश्वास का पर्व है। महिलाएँ इस दिन पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत करती हैं। हमारी लोकपरंपराएँ समाज को जोड़ती हैं और यही हमारी सांस्कृतिक धरोहर है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कजली एकादशी जैसे पर्व केवल धार्मिक महत्व नहीं रखते, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता का संदेश भी देते हैं। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की भावना को मार्गदर्शक बताया।

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोक संस्कृति एवं त्योहारों से होती है। यहाँ की महिलाएँ न केवल परिवार और समाज को संवार रही हैं, बल्कि शिक्षा, राजनीति, सेवा और हर क्षेत्र में योगदान देकर प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं को संस्कृति की संरक्षक बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

    राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज तीजा मिलन समारोह में प्रदेश की संस्कृति और परंपरा के रंगों का संगम देखने को मिला। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं मायका में उपवास करती है। महिलाओं को मायका से जुड़ी यादों को तरोताजा करने का पर्व होता है।

    तीजा मिलन कार्यक्रम में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन परोसे गए। लोकनृत्य और गीतों ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। महिलाएँ एक-दूसरे को तीजा की बधाइयाँ देती रहीं। यह आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएँ आज भी समाज के ताने-बाने को मजबूती प्रदान कर रही हैं। तीजा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि महिलाओं की शक्ति, सांस्कृतिक धरोहर और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है।

    कार्यक्रम में मंत्रिमंडल के सदस्य आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल, वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव,पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, श्रीमती कमलेश जांगड़े और विधायक अनुज शर्मा, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने महिलाओं को तीजा की शुभकामनाएँ दीं और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

  • रायपुर: लुत्ती बांध हादसे के पीड़ितों से मिले कृषि मंत्री, दिलाया हर संभव मदद का भरोसा

    रायपुर

    बलरामपुर जिले में लुत्ती डैम टूटने से हुए हादसे के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम स्वयं घटना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया। मंत्री नेताम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में शासन-प्रशासन उनके साथ खड़ा है। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों से चर्चा कर पशुहानि व फसल क्षति की जानकारी ली और तत्काल मुआवजा राशि का चेक प्रदान किया। इस दौरान कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे।

    मंत्री नेताम ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस आपदा से हुए क्षति की भरपाई भले ही पूरी तरह संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार हर संभव मदद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मकान क्षति, फसल हानि और पशु हानि का विस्तृत सर्वे कर नियमानुसार शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य में लगातार जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीम लगी हुई हैं। साथ ही घायलों के बेहतर ईलाज का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास, भोजन, पानी, चिकित्सकीय सुविधा प्राथमिकता से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं इस घटनाक्रम की जानकारी ली है और स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि पीड़ि़त परिवार को हर संभव सहयोग व सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में आपके साथ खड़ी है।

    इस दौरान मंत्री नेताम के द्वारा प्रभावित परिवार देवंती, संदीप, फुलमतिया को सहयोग राशि प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने पशुहानि के लिए गांगरेल को 64 हजार रुपये, कन्हाई को 37,500 हजार रुपये, खिलबानुस को 32 हजार एवं फसल क्षति के लिए राजेश्वर सिंह को 8,500 रुपये, सुखदेव को 7,520 रुपये, सुरेश को 7,520 रुपये संदीप को 01 लाख रुपये, कुल 02 लाख 57 हजार 40 रुपये का मुआवजा राशि प्रदान किया।

    आवागमन बहाल करने शुरू हुआ कार्य

    हादसे से न केवल ग्रामीणों की फसल और पशुधन को नुकसान पहुंचा, बल्कि आधारभूत संरचना भी प्रभावित हुई है। बांध का पानी बहने से बांध के नीचे डाउनस्ट्रीम साइड में वर्ष 2014 में निर्मित मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बने दो पुल एवं सड़क को भारी क्षति पहुंची है। दोनों पुल बह जाने से क्षेत्र के आवागमन को सुचारू बनाए रखने कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के आदेशानुसार दोनों पुलों के स्थान पर अस्थायी डायवर्सन निर्माण का कार्य  प्रारंभ कर दिया गया है। वर्तमान में यह कार्य तेजी से प्रगतिरत है और प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किया जा सके ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

  • रायपुर से ऐलान: आदिवासी अंचलों तक पहुँचेगा आधुनिक स्वास्थ्य तंत्र – CM विष्णुदेव साय

    रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संकल्प: आदिवासी अंचलों सहित सभी नागरिकों तक पहुँचे विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर

    बस्तर में शुरू होगा 200 करोड़ की लागत से 240 बिस्तरों का हाई-टेक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, अब मरीजों को इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा रायपुर और बिलासपुर

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल तेलंगाना के बीच लाइसेंस समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह अनुबंध प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के अंतर्गत किया गया है।

    इस अवसर पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के अधिकारी जयदीप दास गुप्ता एवं श्रीनिवास राव तथा कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल हैदराबाद के अध्यक्ष डॉ. गुरुनाथ रेड्डी, डॉ. रघुनाथ रेड्डी और के.वी. रेड्डी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आदिवासी अंचलों सहित प्रदेश के हर नागरिक तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पूर्व इस अस्पताल के निर्माण की शुरुआत की गई थी और आज जब छत्तीसगढ़ अपनी रजत जयंती मना रहा है, तब इस एमओयू का होना ऐतिहासिक महत्व रखता है। गणेश महोत्सव के पावन अवसर पर हुआ यह समझौता प्रदेशवासियों के लिए शुभ संकेत है।

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर क्षेत्र के लोग लंबे समय से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रहे हैं, किंतु अब यह अस्पताल उनके लिए वरदान साबित होगा। विशेषकर नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों के लिए यह जीवनरक्षक सिद्ध होगा। पहले घायल जवानों को एयर एंबुलेंस से रायपुर भेजना पड़ता था, अब जगदलपुर में ही उन्हें अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध होगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। बस्तर अंचल में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना राज्य और क्षेत्रवासियों के लिए गर्व की बात है। पहले ये सेवाएँ केवल रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में उपलब्ध थीं, लेकिन अब बस्तर के लोग भी इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगा।

    स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने जानकारी दी कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण पर 200 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसमें से 120 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 80 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने वहन किए हैं। राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने भी इस परियोजना में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि यह अस्पताल 11 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अत्याधुनिक मशीनों एवं उपकरणों से सुसज्जित है।

    यह 10 मंजिला अस्पताल 240 बिस्तरों की क्षमता वाला होगा। इसमें हृदय रोग (कार्डियोलॉजी), किडनी रोग (नेफ्रोलॉजी), मस्तिष्क रोग एवं न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसे विभाग संचालित होंगे। ओपीडी, आईसीयू और आपातकालीन सेवाओं सहित गहन चिकित्सा की अत्याधुनिक सुविधाएँ यहाँ उपलब्ध होंगी। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम सरकारी दर पर उपचार प्रदान करेगी।

    सरकारी दर पर उपलब्ध इन सेवाओं का लाभ न केवल बस्तर संभाग बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के मरीज उठा सकेंगे। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कॉन्टिनेंटल हॉस्पिटल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने इस ऐतिहासिक पहल को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर बताया। इससे बस्तर अंचल के लाखों लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा और बड़े शहरों पर उनकी निर्भरता कम होगी। यह अस्पताल न केवल बस्तर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के मरीजों के लिए नई आशा और जीवनदायी सुविधा साबित होगा।

  • छत्तीसगढ़ बनेगा मुफ्त बिजली वाला राज्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वादा

    CM विष्णुदेव साय का ऐलान: जीरो पावर कट स्टेट से अब छत्तीसगढ़ की ओर मुफ्त बिजली

    छत्तीसगढ़ बनेगा मुफ्त बिजली वाला राज्य, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया वादा

    रायपुर से बड़ी घोषणा: जीरो पावर कट के बाद अब हर घर को मुफ्त बिजली – CM साय

    मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में संयुक्त पावर कंपनीज मुख्यालय भवन की रखी आधारशिला

    एक पेड़ माँ के नाम अभियान में किया वृक्षारोपण

    रजत जयंती वर्ष पर साझा की 25 वर्षों की विकास यात्रा

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर सेक्टर-24 में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। रजत जयंती वर्ष और गणेशोत्सव जैसे पावन अवसर पर सम्पन्न इस समारोह में उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और भवन का थ्री-डी मॉडल अनावृत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊँचाई देगा, तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय को मजबूत करेगा और उपभोक्ताओं को एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध कराएगा। उन्होंने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत मौल पौधरोपण किया।

    छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की 25 वर्षीय यात्रा यह प्रमाण है कि जब संकल्प और संवेदनशीलता साथ चलें तो परिणाम ऐतिहासिक होते हैं। वर्ष 2000 में प्रदेश केवल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन करता था, आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में 1320 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र का शुभारंभ इस उपलब्धि को और सुदृढ़ करने वाला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह प्रगति हर नागरिक के विश्वास, मेहनत और भागीदारी का परिणाम है।

    उन्होंने कहा कि हाल ही में सम्पन्न उनकी जापान और दक्षिण कोरिया यात्रा ने यह अनुभव कराया कि छत्तीसगढ़ अब वैश्विक स्तर की अधोसंरचना और कार्यसंस्कृति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। संयुक्त मुख्यालय भवन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन का निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह ऊर्जा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बने।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि नई उद्योग नीति के अंतर्गत पावर सेक्टर में हाल ही में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की ज़रूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने छत्तीसगढ़ को मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर कर दिया है और अब दूरस्थ अंचलों तक इस योजना का लाभ पहुँच रहा है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को राज्य निर्माण में उनके योगदान के लिए नमन किया। उन्होंने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।

    कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

    छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    उल्लेखनीय है कि संयुक्त मुख्यालय भवन 10,017 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नौ मंजिला स्वरूप में निर्मित होगा। इसमें  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड और पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे। 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, कर्मचारियों के लिए जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। यह भवन बीईई की पाँच सितारा और गृहा की फाइव स्टार ग्रीन रेटिंग मानकों के अनुरूप निर्मित होगा तथा भवन प्रबंधन प्रणाली से इसका संपूर्ण संचालन होगा।

    नवा रायपुर में बन रहा यह अत्याधुनिक भवन मंत्रालय, संचालनालय और पुलिस मुख्यालय के समीप होने से अंतर्विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ करेगा तथा प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र को नई ऊँचाई प्रदान करेगा।

  • सेवा पखवाड़ा के तहत BJP करेगी रक्तदान, स्वास्थ्य जांच व स्वच्छता अभियान, PM मोदी के जन्मदिन पर खास आयोजन

    रायपुर

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को भाजपा सेवा पखवाड़ा के रूप में मनाएगी. इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रेसवार्ता हुई, जिसमें राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने 17 सितंबर से शुरू होने वाले सेवा पखवाड़ा की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि, 17 सितंबर को पूरे देश के हर एक जिले में रक्तदान शिविर का आयोजन होगा. 18 से 2 अक्टूबर तक हर मंडलों में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा. इस मौके पर पूरे देश में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा.

    राष्ट्रीय महामंत्री राधा मोहन दास ने कहा, 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक भाजपा सेवा पखवाड़ा मनाएगी. प्रधानमंत्री के जन्मदिन से गांधी जयंती तक कई कार्यक्रम होंगे. सेवा पखवाड़ा के तहत देशभर में स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा. हर स्थानीय निकाय के क्षेत्र में नमो पार्क को विकसित करेंगे. 7 दिनों का निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी होगा, जिसमें अलग-अलग संस्थाओं की मदद ली जाएगी.

    हर जिलों में होगी संगोष्ठी, मोदी के जीवन पर लगाई जाएगी प्रदर्शनी
    उन्होंने बताया, 17 सितंबर को सभी जिलों में संगोष्ठी का आयोजन होगा. प्रधानमंत्री मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी. अधिक से अधिक शैक्षणिक संस्थाओं में प्रधानमंत्री मोदी की जीवनी दिखाएंगे. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा. देश के एक हजार 33 जगहों पर नागरिक संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान स्व. दीनदयाल उपाध्याय की सोच को जनता के बीच लेकर जाएंगे. स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

  • पीएम-मित्र पार्क मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों एवं व्यवसायियों के लिए होगी बड़ी उपलब्धि

    नवजात शिशुओं की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच के साथ की जाएगी कार्रवाई

    स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और कलेक्टर को दिए निर्देश

    पीएम-मित्र पार्क मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों एवं व्यवसायियों के लिए होगी बड़ी उपलब्धि

     इंदौर 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर प्रवास के दौरान प्रदेशवासियों को डोलग्यारस की शुभकामनाएं और धार जिले के बदनावर में स्थापित होने वाले पीएम मित्रा पार्क की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस पार्क से एक लाख रोजगार प्रत्यक्ष रूप से तथा दो लाख रोजगार अप्रत्यक्ष रूप से निर्मित होंगे। इस दृष्टिकोण से यह अत्यंत महत्वपूर्ण उद्योग होगा। इससे मालवा निमाड़ क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों सहित इससे जुड़े व्यवसायियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क दो हजार एकड़ क्षेत्र का बड़ा प्रोजेक्ट है। यह जनजातीय अंचल के धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खण्डवा आदि समूचे कपास उत्पादक क्षेत्र की दृष्टि से बड़ा वस्त्र उद्योग का केंपस बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वयं की योजना है, जिसको मध्यप्रदेश सरकार ने बाकी राज्यों की तुलना में सबसे तेज गति से भूमिपूजन लायक बनाया है। उन्होंने बताया कि आज नई दिल्ली में देश और दुनिया के वस्त्र उद्यमियों के साथ इस योजना को शेयर भी किया गया है। इससे बड़े पैमाने पर उद्यमी यहां आएंगे और मध्यप्रदेश से जुड़ेंगे। स्थानीय नागरिकों को रोजगार देंगे। युवा, गरीब, मजदूर किसान इन सभी की जिंदगी की बेहतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जो अभियान चलाया जा रहा है, यह उसी सिलसिले की एक बड़ी कड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा समय अब वापस लौट रहा है, हमारे चारों ओर कारखानों की बयार आ रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्टेट प्रेस क्लब की एआई पर केन्द्रित स्मारिका का विमोचन भी किया।

    लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर एमवाय अस्पताल में नवजात शिशुओं की हुई मृत्यु को दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। इस तरह की घटनाएं न हो इसके लिए समस्या का स्थाई समाधान किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गंभीर घटना एवं लापरवाही के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, कलेक्टर को निर्देश दिए है कि इस प्रकरण में उच्च स्तरीय जाँच करायी जाये और दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।