• मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में सम्मिलित हुए

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के फूल डोल चल समारोह में दी सहभागिता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन में ङोल ग्यारस पर आयोजित बैरवा समाज के फूल ङोल चल समारोह में शामिल हुए। समारोह में जगह जगह लगाए गए स्वागत मंचों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्पमाला और साफा पहनाकर स्वागत किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर बैरवा समाज के प्रत्येक अखाड़े को 11-11 हजार की राशि और सभी झाकियों को 25-25 हजार की राशि देने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चल समारोह में वृंदावन जैसा आनंद बाबा श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन में हो रहा है। उन्होंने कहा की इस जुलूस का आनंद प्रतिवर्ष बढ़ता जाये यही कामना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ङोल ग्यारस की शुभकामनायें दी | इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेडा, महापौर मुकेश टटवाल,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव,संजय अग्रवाल और बैरवा समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीगणेश उत्सव में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार रात खजूर मस्जिद चौराहे पर नगर गणेश, पटनी बाजार स्थित स्वर्ण से श्रृंगारित श्रीगणेश और श्रीवरुण देव अखंड ज्योति मंदिर स्थित गणेश और गीता कॉलोनी के गणेश उत्सव में शामिल हुए और पूजन कर आरती की।

    वरुण देव अखंड ज्योति मंदिर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान का पूजन कर लाड़ली बहनों से चर्चा कर उन्हें डोल ग्यारस की मंगलकामनाएं दी। इस अवसर पर लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ फोटो भी खिंचवाई।

     

  • नगर निगम ने बनाई रूपरेखा: महादेव घाट पर पर्यावरण-अनुकूल तरीके से होगा गणेश विसर्जन

    रायपुर

    गणेश चतुर्थी पर्व के उपरांत 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी को शहरभर से लाई गईं श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन इस वर्ष भी खारून नदी के किनारे महादेव घाट पर निर्मित विसर्जन कुंड में किया जाएगा. नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने इसके लिए विस्तृत आदेश जारी किए हैं.

    आयुक्त ने बताया कि विसर्जन शोभायात्रा शारदा चौक से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती, लाखे नगर, सुन्दर नगर होते हुए महादेव घाट पहुंचेगी. लाखे नगर चौक से महादेव घाट तक वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी.

    नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप इस बार भी प्रतिमाओं का नदी में विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा. प्रतिमाओं का विसर्जन केवल निर्मित कुंड में ही होगा ताकि नदी का जल प्रदूषित न हो. पूजन सामग्री को अलग कर उपयुक्त स्थान पर रखा जाएगा. साथ ही ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी.

    नगर निगम ने गणेश विसर्जन की संपूर्ण व्यवस्था के लिए समिति गठित की है, जिसके नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पांडेय होंगे. समिति के सदस्य विद्युत, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे. विसर्जन स्थल पर गोताखोर, मोटरबोट, एम्बुलेंस, प्राथमिक उपचार केंद्र, अग्निशमन वाहन और पंडितों की व्यवस्था की जाएगी.

    आयुक्त ने सभी जोन कमिश्नरों और संबंधित अधिकारियों को 6 से 12 सितंबर तक ड्यूटी पर रहने निर्देशित किया है. शहर के अन्य तालाबों में विसर्जन न हो, इसके लिए अस्थायी कुंड बनाए जाएंगे. विसर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था, सड़क मरम्मत, साफ-सफाई और पेयजल टैंकरों की भी व्यवस्था की जा रही है.

    आयुक्त ने नगर निगम रायपुर की ओर से गणेश विसर्जन स्थल महादेव घाट खारून नदी के तट पर सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था करने निगम अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। इस समिति के नोडल अधिकारी अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय मो. नं. 9424264100 को बनाया गया है. समिति में प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर मो.नं. 9425502640, प्रभारी अधीक्षण अभियंता राजेश नायडू मो. नं. 9644000770, प्रभारी नगर निवेशक आभास मिश्रा मो. नं. 9907992294, जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470, जोन 6 कमिश्नर हितेन्द्र यादव मो.नं. 8253087778, उपायुक्त स्वास्थ्य प्रीति सिंह मो. नं. 8319517473 को सम्मिलित किया गया है. यह प्रशासनिक समिति गणेश विसर्जन के लिए, शामियाना, लाईट, माईक, गोताखोर, चिकित्सा सुविधा आदि की व्यवस्था करेगी। इस समिति को आवश्यक सहयोग देने जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल मो.नं. 9238343470 को निर्देशित किया गया है.

  • ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़’ अभियान के तहत कांग्रेस 9 सितंबर को करेगी शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रीय नेता पहुंचेंगे बिलासपुर

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित धांधली और चुनाव प्रणाली में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है. मंगलवार को राजीव भवन में आयोजित बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने 9 सितंबर को बिलासपुर में ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़’ रैली आयोजित करने का निर्णय लिया.

    इस रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता भी शामिल होंगे. पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक में रैली की तैयारियों पर चर्चा हुई. बैज ने जिला अध्यक्षों के साथ रणनीति बनाई और संगठनात्मक कमेटियों के गठन की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में मतदाता सूची में अनियमितताओं की शिकायतों पर भी मंथन हुआ, जिसमें विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त रिपोर्ट्स पर विचार-विमर्श किया गया.

  • बाढ़ से तबाही: 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न, 394 लोगों की जान गई

    भोपाल
    इस साल प्रदेश के 21 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण 394 जनहानि हुई, वहीं पांच हजार मकान क्षतिग्रस्त हुए। 1814 पशुहानि भी हुई। शिवपुरी, बुरहानपुर, दमोह, अशोकनगर, धार, छतरपुर, रायसेन, उमरिया, बड़वानी, मंडला और कटनी जिलों में 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पर फसलें प्रभावित हुई हैं। 17,500 किसानों को अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि स्वीकृत की गई है।

    सीएम ने दिए राहत कार्य बढ़ाने के निर्देश
    यह जानकारी अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव द्वारा बुधवार को की गई समीक्षा में सामने आई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत की कार्रवाई आरंभ की जाए। जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए।

    आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। ऐसे में जिलों में प्रशासन सक्रिय रहे। पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थिति में पुल पार न करने की चेतावनी की व्यवस्था की जाए। अस्थायी कैम्प, राशन एवं भोजन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री संभावित स्थानों पर सुनिश्चित होनी चाहिए।

    इन जिलों में हुई औसत से अधिक बारिश
    प्रदेश में एक जून से दो सितंबर तक 38.24 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मंडला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक तो गुना, मंडला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में सर्वाधिक वर्षा दर्ज हुई।

  • इंदौर बना ग्लोबल मॉडल, लैटिन अमेरिकी देशों को सिखाया कचरा प्रबंधन का फॉर्मूला

     इंदौर
     देश में लगातार आठ वर्षों से स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर रहने वाले इंदौर की प्रसिद्धि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुकी है। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल इंदौर की स्वच्छता के रहस्यों को जानने के लिए यहां आ चुके हैं।
    कचरा प्रबंधन के तौर-तरीके जानने पहुंचा संयुक्त प्रतिनिधि मंडल

    यह जानना उनके लिए दिलचस्प है कि आठ वर्ष पूर्व जिस शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लगे रहते थे, वहां अब स्वच्छता का ऐसा माहौल कैसे बना। इंदौर की सफलता का यह मॉडल लैटिन अमेरिकी देशों ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर और ग्वाटेमाला के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय दौरे के दौरान देखा।

    दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे

    दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने कचरे से सीएनजी बनाने वाले संयंत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहले यहां कचरे के पहाड़ थे, लेकिन अब हरियाली है।प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर के कचरा प्रबंधन के तरीकों को समझने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से सवाल किए।

    उन्होंने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम, अनुपयोगी वस्तुओं के पुन: उपयोग और सीवेज प्लांट से निकलने वाले उपचारित जल के उपयोग के तरीकों को भी जाना। इंदौर का स्वच्छता माडल न्यूनतम खर्च में अधिकतम स्वच्छता को दर्शाता है।

    यह मॉडल न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी आदर्श माना जा रहा है। अब तक 40 से अधिक देशों के 850 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडल इंदौर आकर यहां से स्वच्छता का पाठ सीख चुके हैं।

     

  • नरसिंहपुर सीवरेज प्रोजेक्ट का प्रायोगिक परीक्षण सफल, अंतिम चरण में पहुँचा निर्माण

    नरसिंहपुर
    मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा जर्मन विकास बैंक केएफडब्ल्यू के सहयोग से नरसिंहपुर में संचालित सीवरेज परियोजना का कार्य अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। इस अत्याधुनिक परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्र में सुनियोजित मलजल प्रबंधन सुनिश्चित कर नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करना है। इस परियेाजना का सफल प्रायोगिक परीक्षण जारी है। मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत कार्यरत है।

    उल्लेखनीय है कि परियोजना के अंतर्गत नरसिंहपुर में दो आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिनकी क्षमता क्रमशः 6.25 मिलियन लीटर प्रति दिन (एमएलडी) और 2.75 एमएलडी है। परियोजना में 6 इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन का निर्माण भी किया गया है। इसके साथ ही नगर में लगभग 122 किलोमीटर लंबी सीवरेज पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे पूरे नेटवर्क को सुव्यवस्थित रूप से जोड़ा गया है।

    नरसिंहपुर सीवरेज परियोजना 105 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित है। इस परियोजना के माध्यम से 15 हजार 4 सौ से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा जाना है, इस परियोजना में अभी तक 13 हजार से अधिक कनेक्शन दिए जा चुके है। परियोजना के पूरा होने पर इससे नगरवासियों को बेहतर स्वच्छता सेवाएं प्राप्त होने के साथ बीमारियों के खतरे में उल्लेखनीय कमी होगी। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन से नदी, नालों और जल स्रोतों में गंदे जल के प्रवाह पर नियंत्रण होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

     

  • स्वरोजगार का सुनहरा अवसर, MP सरकार दे रही है 25-50 लाख तक का लोन

    भोपाल 

    छोटे-छोटे कारोबार को बढ़ावा देने और युवाओं को जॉब मांगने की बजाए रोजगार देने वाला बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रयासरत है. सरकार छोटे उद्यमियों को बढ़ाकर देश और मध्य प्रदेश को आर्थिक तरक्की पर ले जाना चाहती है. सरकार बिजनेस करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता के तौर पर बिना गारंटी लोन मुहैया करा रही है. सरकार 10 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन दे रही है. इसके लिए आपको चयन करना होगा कि आप किस तरह का लोन लेना चाहते हैं.

    मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अब रीवा जिले के बेरोजगारों के लिए एक मजबूत सहारा बनती जा रही है. 10 जनवरी 2022 को शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक जिले में सैकड़ों युवाओं ने लाभ लेकर अपना खुद का व्यवसाय खड़ा किया है. योजना के तहत उद्योग क्षेत्र में अधिकतम ₹50 लाख और सर्विस या बिज़नेस सेक्टर में अधिकतम ₹25 लाख तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 3% ब्याज सब्सिडी अधिकतम 7 वर्षों तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दी जाती है. यह सब्सिडी सीधे हितग्राहियों के खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे युवाओं को लोन चुकाने में राहत मिलती है.

    कैसे उठाएं फायदा?
    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. आवेदक की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए. इसके अलावा परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और आवेदक बैंक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए.

    मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना बेरोजगारों को सिर्फ आर्थिक मदद नहीं दे रही, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है. स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने में यह योजना कारगर साबित हो रही है. अगर आप भी कोई बिजनेस शुरू करने का सपना देखते हैं, तो यह योजना आपके लिए एक सुनहरा अवसर हो सकती है.

    MSME लोन योजना
    सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्गीय और छोटे कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यह लोन दिया जाता है. यह लोन कारोबारी को बिना किसी गारंटी के 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है. इस योजना के तहत 8% का ब्याज दर चुकाना पड़ता है. 12 दिन के भीतर यह लोन उद्यमी के खाते में प्राप्त हो जाता है. यह उन कारोबारियों के लिए जो अपना व्यवस्या शुरू करना चाहते हैं. इस लोन की अच्छी बात यह है कि इसमें उम्र का लिमिट नहीं है.

    आधार कार्ड: पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड अनिवार्य है.

    जाति प्रमाण पत्र: पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित होने का प्रमाण.

    मूल निवास प्रमाण पत्र: आवेदक का मध्य प्रदेश का निवासी होना आवश्यक है.

    आय प्रमाण पत्र: आर्थिक स्थिति का सत्यापन करने के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है.

    फोटो: हाल ही की पासपोर्ट आकार की फोटो.

    बैंक खाता विवरण: ऋण की राशि सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी, इसलिए बैंक खाता जानकारी अनिवार्य है.

    योजना रिपोर्ट: जिस व्यवसाय को शुरू करना है, उसकी संक्षिप्त योजना रिपोर्ट.

    पैन कार्ड: कर मामलों के लिए पैन कार्ड का विवरण अनिवार्य है.

    कोटेशन: जिस व्यवसाय को आप शुरु करने जा रहे हैं कहां से कौन सा सामान लेंगे उसकी जानकारी. बाद में बदला भी जा सकता है.

  • शिक्षक दिवस पर मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा सम्मान

    मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, शिक्षक दिवस पर उल्लेखनीय कार्य के लिये नई दिल्ली में होंगे सम्मानित

    मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में सम्मानित

    शिक्षक दिवस पर मध्यप्रदेश के दो शिक्षकों का राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा सम्मान

    भोपाल

    प्रदेश के 2 शिक्षकों को वर्ष 2025 का राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 5 सितम्बर शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया जायेगा। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षकों में दमोह जिले की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। आगर-मालवा जिले के भेरूलाल ओसारा माध्यमिक शिक्षक शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला खेरिया सुसनेर में पदस्थ हैं। प्रदेश के समस्त 55 जिलों में से 45 जिलों में 145 शिक्षकों द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिये अपना पंजीयन कराया गया था। इसके बाद राज्य स्तरीय चयन समिति ने 6 शिक्षकों की अनुशंसा केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को भेजी थी। इस प्रक्रिया के बाद प्रदेश के 2 शिक्षकों का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिये हुआ है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिये चयनित शिक्षकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय कार्यों के लिये सम्मानित होने वाले शिक्षक प्रदेश के अन्य शिक्षकों के लिये भी प्रेरणा का कार्य करेंगे।

    शीला पटेल प्राथमिक शिक्षक

    श्रीमती शीला पटेल ने अपनी शाला में बच्चों को खेल-खेल में आनंदमयी शिक्षा दी है। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउण्डेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) का क्रियान्वयन किया है। इसी के साथ उन्होंने अवकाश के दिनों में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिये विशेष कक्षाओं का संचालन किया। श्रीमती शीला पटेल ने अवकाश के दिनों में समर कैम्प एवं विंटर कैम्प का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पदस्थापना के शाला के गाँव की हर गली व मोहल्लों में जगह-जगह पर बच्चों को सिखाने के उद्देश्य से शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाया। शिक्षिका श्रीमती पटेल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये शून्य लागत पर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार किया। बच्चों में समझ को बढ़ावा देने के लिये समूह में आपस में चर्चा और उनकी सहभागिता को बढ़ाने का काम प्रमुख रूप से किया।

    प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा

    प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा ने अपनी पदस्थ शाला में विषय-वस्तु की गहन समझ के साथ शिक्षण कार्य किया और बच्चों में नैतिकता और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिये ईको क्लब और क्लैप क्लब के संयोजन से ठोस कार्य किया। बच्चों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और हरित जीवन-शैली के बारे में नवाचार करते हुए शिक्षा दी। शिक्षक भेरूलाल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता के साथ लेखन की वर्कशॉप भी निरंतर आयोजित की। उन्होंने डिजिटल युग की महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन सुरक्षा जागरूकता फैलाने के लिये महत्वपूर्ण काम किया। बच्चों को साइबर अपराध के खतरों, सोशल मीडिया का सुरक्षित रूप से उपयोग, पासवर्ड की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उनके इस कार्य से आसपास के अनेक शिक्षकों ने भी प्रेरणा ली है।

     

  • चीतों के दीदार का सुनहरा मौका, पर्यटकों के लिए खुल रहा कूनो नेशनल पार्क

    भोपाल 
     टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश अब चीता स्टेट भी बन गया है. मध्यप्रदेश में अब पर्यटक खुले जंगलों में चीता सफारी का मजा ले सकेंगे. दरअसल, मध्यप्रदश के कूनो नेशनल पार्क में रोमांचक चीता सफारी शुरू होने जा रही है. इसमें पर्यटक खुली जीप में बैठकर कूनो के खुले जंगल में घूम रहे चीतों को देख सकेंगे. कूनो में हीरा गेट और टिक्टोली गेट से 1 अक्टूबर के बाद से सफारी शुरू होगी.

    कूनो में चीता सफारी 1 अक्टूबर के बाद

    कूनो पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए कूनो सफारी यादगार बनाने के लिए पर्यटन विभाग 5 अक्टूबर से कूनो नेशनल पार्क के पास कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल और 12 सितंबर से गांधी सागर फॉरेस्ट रिट्रीट शुरू करने जा रहा है. इसमें पर्यटकों के लिए टेंट सिटी, एडवेंचर गेम्स जैसी की सुविधाएं मिलेंगी.

    खुली जीप में बैठकर नजदीक से देखें चीते

    मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में कूनो को तीन साल पूरे होने जा रहे हैं. 17 सितंबर 2022 को 8 चीते नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाए गए थे. इसके बाद 18 फरवरी 2023 के 12 चीते दक्षिण अफ्रीका से भारत आए थे. अब कूनो नेशनल पार्क में पर्यटक खुले जंगल में चीतों का दीदार कर सकेंगे.

    चीतों के दीदार के साथ प्राकृतिक सुंदरता का मजा ले सकेंगे टूरिस्ट 

    पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ला ने बताया, '' कूनो में चीतों के दीदार होने की उम्मीद अब बहुत ज्यादा है. चीतों की संख्या भी अब बढ़ गई है. कूनो के हीरा गेट और टिक्टोली गेट से 1 अक्टूबर के बाद से सफारी शुरू होगी. टूरिज्म जोन इस बार ओपन रहेगा. इस बार जो भी कूनो जाएंगे वह चीता देख पाएंगे. भारत में चीता देखना अपने आप में सपने जैसा है, जो अब संभव हो सकेगा.''

    कूनो में चीतों की संख्या बढ़कर हुई 30

    कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हालांकि, पिछले तीन सालों के दौरान कई बार कूनो से दुखद खबरें भी आईं, लेकिन अब कूनो में चीतों के कुनबे में संख्या 30 पहुंच गई है. कूनो नेशनल पार्क में 9 वयस्क सहित कुल 26 चीते मौजूद हैं. 9 वयस्क चीतों में 6 मादा और 3 नर हैं. खासबात यह है कि इनमें 17 भारत में ही जन्मे शावक हैं और खुले जंगल में घूम रहे हैं.

    कूनो में पर्यटन बढ़ाने पर वन विभाग व पर्यटन विभाग का जोर

    कूनो में 16 चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं. बाकी दो मादा चीता वीरा और नीरवा अपने नन्हें शावकों के साथ हैं, जबकि बाकी दो नर चीतों को गांधी सागर में शिफ्ट किया गया है. इस तरह मध्यप्रदेश में कुल 30 चीता मौजूद हैं.

    कूनो और गांधी सागर में कर रहे डेवलपमेंट

    अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया, '' चीता आने के पहले कूनो टूरिज्म के मैप पर नहीं था, लेकिन अब कूनो टूरिज्म साइट के मैप पर प्रमुखता से आ गया है. इसी उद्देश्य के लिए कूनो और गांधीसागर साइट को डेवलप किया गया है. दूसरे प्रदेश जो नहीं कर पा रहे, वह मध्यप्रदेश कर रहा है. दूसरे राज्यों में उनके प्रचलित स्थान है, जहां लगातार पर्यटकों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जबकि मध्यप्रदेश में नए 50 स्थानों को टूरिज्म के लिए डेवलप किया जा रहा है.''

    अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इससे मध्यप्रदेश का पर्यटन में विविधता बढ़ रही है और पर्यटक अलग-अलग स्थानों पर पहुंच रहे हैं. कूनो और बांधवगढ़ भी तेजी से पर्यटन स्थल के रूप में अपना स्थान तेजी से बना रहे हैं.

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की अतिवृष्टि तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा

    जिला प्रशासन, उर्वरक उपलब्धता और वितरण के संबंध में किसान संगठनों से निरंतर सम्पर्क और संवाद बनाए रखें
    उर्वरक वितरण व्यवस्था की हो सघन मॉनीटरिंग और अनुचित गतिविधियों पर करें कठोर कार्यवाही
    अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत के लिए हो तत्काल कार्यवाही
    जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलब्ध कराई जाए
    राज्य शासन हर स्थिति में किसानों के साथ

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिलों में उर्वरक वितरण के संबंध में जिला प्रशासन आवश्यक व्यवस्था बनाए। उपलब्ध उर्वरक की उचित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से निरंतर संवाद और संपर्क में रहे। उर्वरक वितरण की व्यवस्था में किसान संगठन के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। जिलों में यदि उर्वरक वितरण को लेकर अव्यवस्था होती है तो उसके लिए जिला कलेक्टर उत्तरदायी होंगे। राज्य सरकार हर स्थिति में किसानों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों और जिलों में उर्वरक वितरण की स्थिति की बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन से समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित अधिकारी उपस्थित थे। सभी जिले के कलेक्टर एवं संबंधित अधिकारी वर्चुअली जुड़े।

    किसानों को जिले में उपलब्ध उर्वरक की वास्तविक स्थिति से निरंतर करावाये अवगत
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों में उर्वरक उपलब्धता की सघन समीक्षा की जाए। साथ ही जिले में उपलब्ध उर्वरक के स्टॉक की जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी साझा करें, इससे किसानों को जिले में उर्वरक उपलब्धता की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन डबल लॉक, पैक्स और निजी विक्रय केंद्रों का आकस्मिक सत्यापन और उनकी मॉनिटरिंग अनिवार्य रूप से करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता होने पर उनका संचालन तत्काल आरंभ किया जाए। कृषि, सहकारी बैंक, विपणन संघ के अधिकारी निरंतर सम्पर्क में रहें।

    उर्वरक से संबंधित अवैध गतिविधियों के लिए हुईं 53 एफ.आई.आर और 88 लायसेंस किए निरस्त
    बैठक में खरीफ 2025 के लिए यूरिया, डी.ए.पी, एन.पी.के, एस.एस.पी, एम.ओ.पी तथा डी.ए.पी + एन.पी.के की उपलब्धता, ट्रांजिट की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही नेनो एवं जैविक उर्वरक वितरण कार्यक्रम के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बताया गया कि उर्वरक की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली उर्वरक आदि से संबंधित प्रकरणों पर कार्यवाही करते हुए 53 एफ.आई.आर दर्ज की गई और 88 लायसेंस निरस्ती, 102 लायसेंस निलंबन सहित 406 विक्रय प्रतिबंधित की कार्यवाही की गई।

    उर्वरक की बेहतर वितरण व्यवस्था में हुए नवाचारों का करें अनुसरण
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उर्वरक वितरण व्यवस्था के संबंध में धार, दमोह, जबलपुर और रीवा जिले के कलेक्टरों से चर्चा की। दमोह कलेक्टर ने बताया कि किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से सतत् सम्पर्क और संवाद सुनिश्चित करते हुए वितरण व्यवस्था में उनका सहयोग लिया जा रहा है। साथ ही टोकन वितरण और उर्वरक वितरण को अलग-अलग किया गया है। टोकन तहसील कार्यालय से बांटे जा रहे हैं और वितरण विक्रय केन्द्रों से किया जा रहा है। जबलपुर कलेक्टर ने बताया कि किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरक वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं। बोर्ड न पर टोकन नंबर प्रदर्शित कर उर्वरक वितरण किया जा रहा है। डिस्पले बोर्ड पर जिले में उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा भी प्रदर्शित की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य जिलों को भी इस प्रकार के नवाचार अपनाने के निर्देश दिए।

    बाढ़ और अतिवृष्टि की स्थिति में सजग और सक्रिय रहे पुलिस प्रशासन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जिन-जिन क्षेत्रों में भी अतिवृष्टि और बाढ़ से फसलों को क्षति हुई है, वहां राहत के लिए तत्काल कार्रवाई आरंभ की जाए। साथ ही जनहानि और पशु हानि की स्थिति में 24 घंटे में राहत उपलबध कराई जाए। बाढ़ के दौरान अस्थाई कैम्प व्यवस्था, राशन वितरण, भोजन वितरण आदि की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामग्री सभी संभावित स्थानों पर उपलब्ध हो। आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना है। सभी जिलों में पुलिस प्रशासन सक्रिय और सजग रहते हुए पुल-पुलिया में बैरिकेटिंग और बाढ़ की स्थि‍ति में पुल क्रास न करने की चेतावनी की व्यवस्था जैसी सभी आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें।

    प्रदेश में दर्ज की गई औसत से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा
    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1 जून से 2 सितम्बर तक 971.5 एमएम अर्थात् 38.24 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो औसत से 21 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश के 21 जिलों में भिण्ड, छतरपुर, श्योपुर, ग्वालियर, नीमच, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, अलीराजपुर, सिंगरौली, राजगढ़, मण्डला, सीधी, टीकमगढ़, गुना, नरसिंहपुर, दतिया, रतलाम, उमरिया, रायसेन और सिवनी में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक वर्षा गुना, मण्डला, श्योपुर, रायसेन और अशोकनगर में दर्ज हुई। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जलभराव की स्थित की जानकारी भी प्रस्तुत की गई।

     

  • कर चोरी पर शिकंजा: MP में GST-EOW ने 16 ठिकानों से बरामद किए 20 करोड़ के सबूत

    भोपाल
    आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ(ईओडब्ल्यू) और राज्य जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने प्रदेश के 12 जिलों में 16 स्थानों पर छापा मारा। इस दौरान 20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी है। ये कारोबारी फर्जी बिलों के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेते थे।

    मामले की जांच अभी जारी है, जिसमें और बड़े स्तर पर कर चोरी का पता चलने की संभावना है। ईओडब्ल्यू को फर्जी बिलिंग के माध्यम से बड़े स्तर पर कर चोरी की जानकारी मिली थी। ईओडब्ल्यू की टीम ने जीएसटी के अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी का संयुक्त प्लान बनाया।
     
    सबसे पहले सिंगरौली में छापेमारी की गई। यहां से मिले दस्तावेज और पूछताछ के आधार पर अन्य जिलों में छापेमारी की गई। ईओडब्ल्यू को सूचना मिली थी कि कर सलाहकार अनिल कुमार शाह बैढ़न जिला सिंगरौली के द्वारा अनेक फर्मो से बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर स्थानीय फर्मो को उपलब्ध कराया गया।

    इसके एवज में शाह ने कमीशन लिया है। फर्मों द्वारा बिना माल अथवा सेवाओं के वास्तविक प्राप्ति के आइटीसी लेकर लगभग 20 करोड़ की राजस्व क्षति शासन को पहुंचाई गई है। जांच दल द्वारा जब्त किए गए दस्तावेजों एवं डिजिटल डाटा का परीक्षण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद कर चोरी की सही राशि पता चल सकेगी।

    संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न फर्मो एवं संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर कई संदिग्ध लेन-देन एवं फर्जी बिलिंग किए जाने संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। ईओडब्ल्यू रीवा के पुलिस अधीक्षक अरविंद सिंह ठाकुर और जीएसटी के सहायक आयुक्त दीप खरे की निगरानी में 10 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी जांच में जुटे हैं। बता दें कि इसके पहले इसी वर्ष ईओडब्ल्यू ने आइटीसी के माध्यम से जीएसटी चोरी का अंतरराज्यीय नेटवर्क पकड़ा था। इसमें 34 करोड़ रुपये की कर चोरी का अनुमान था।

  • धार्मिक जुलूस के दौरान खुले तार न रखें, हाईटेंशन लाइनों से दूरी बनाएं रखें : ऊर्जा मंत्री तोमर

    भोपाल 
    ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आम जनता से आग्रह किया है कि धार्मिक जुलूस के  दौरान बिजली के खुले तार न रखें, साथ ही हाईटेंशन लाइनों से पर्याप्‍त दूरी बनाएं रखें। करेंट से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए कुछ बातों का ध्‍यान रखना आवश्‍यक है।

    बिजली कंपनी ने कहा है कि इन दिनों गणेशोत्‍सव चरम पर है। जगह-जगह झांकियां सजाई गई हैं, बड़े-बड़े पंडालों में गणेश प्रतिमाएं विराजमान हैं। पंडालों में रोशनी के लिए अस्‍थाई कनेक्‍शन लेकर व्‍यवस्‍थाएं भी की गई हैं। ऐसे में ध्‍यान देने योग्‍य बात यह है कि बिजली के तार खुले छोड़ने अथवा जगह-जगह ज्‍वाइंट होने पर करंट लगने का खतरा बना रहता है। इसलिए बिजली के तारों को खुला न छोड़ें। इन्‍हें बच्‍चों की पहुंच से दूर रखें तथा इंसुलेटेड तार का ही उपयोग करें। इसी तरह जुलूस के दौरान रोशनी करने के लिए लगाए गए बिजली के तार तथा अन्‍य उपकरणों को पहुंच से दूर रखें ताकि करंट से कोई दुर्घटना घटित न हो।

    हाथ ठेले पर या बड़े वाहन पर झांकी निकालने के दौरान बिजली के खंबों, तार तथा हाईटेंशन लाइनों से दूरी बनाएं रखें। यदि जरूरत पड़े तो बांस अथवा लकड़ी के सहारे बिजली के तार को हटाएं। उन्‍हें हाथ से हटाने की जोखिम न लें। कंपनी ने कहा है कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए आमजन भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करें एवं बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बना कर ही झांकी-पंडाल लगाएं ताकि करंट से होने वाली संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

    उपभोक्‍ताओं से अपील की गई है कि विद्युत लाइनों /ट्रांसफार्मरों एवं उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें तथा सुरक्षित दूरी बनायें रखें। यदि कहीं बिजली के तार टूटे हों तो इसकी सूचना तत्काल शिकायत कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912 पर, उपाय एप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में दें। जमीन पर पड़े तारों को छूने या स्पर्श करने की गलती न करें साथ ही पार करने का प्रयास न करें। बारिश के दौरान विद्युत खम्बे के पास पानी भराव वाले स्थान से निकलने की जल्दी न करें। सावधानी अवश्‍य बरतें क्योंकि बारिश के दौरान करंट लीकेज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

     

  • रीवा में खाद वितरण व्यवस्था को बनायें सुविधाजनक : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    3 दिवसों में पहुंचेगी ढाई रैक
    रीवा जिले में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा

    भोपाल
    उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में रीवा ज़िले की खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रीवा सहित विंध्य क्षेत्र में सिंचाई साधनों की सतत वृद्धि से खाद की मांग भी लगातार बढ़ी है। कई जागरूक कृषक वर्ष में तीन फसलें ले रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि किसानों को सही समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने खाद के स्टॉक और वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टोकन वितरण व्यवस्था सुचारू रहे और किसानों की सुविधा के लिए अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।

    बैठक में जानकारी दी गई कि 3 दिवस के अंदर रीवा में 2 फुल और 1 हाफ रैक यूरिया पहुंचेगी। एनएफएल की 1 हज़ार 900 मे.टन की रैक रात तक जिले में पहुंचने की संभावना है। इफको की फूलपुर प्लांट से 2 हज़ार 700 मे. टन की रैक रवाना की गई है, जो कल शाम तक जिले में पहुंच जाएगी। वहीं चंबल फ़र्टिलाइज़र की आधी रैक कल लोडिंग में आएगी, जो 6 सितम्बर की शाम तक जिले में पहुंचने की संभावना है।

    एमडी एमपी मार्कफेड श्री आलोक कुमार सिंह ने बताया कि रीवा जिले में गत वर्ष 1 अप्रैल से 1 सितम्बर 2024 तक 23 हज़ार मे. टन यूरिया का विक्रय हुआ था। इसके विरुद्ध इस वर्ष 1 सितम्बर तक 26 हज़ार 860 मे. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 23 हज़ार 360 मे. टन यूरिया का विक्रय हो चुका है एवं 1 हज़ार 500 मे. टन शेष है। 1 हज़ार 300 मे.टन की आधी रैक 31 अगस्त की रात को जिले में पहुंच चुकी है। बैठक में यह भी बताया गया कि इस वर्ष डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एडवांस प्लानिंग की गई है। गत वर्ष 30 सितम्बर 2024 तक 18 हज़ार 674 मे. टन डीएपी और एनपीके का विक्रय हुआ था, जबकि इस वर्ष 23 हज़ार मे. टन उपलब्धता है। इसमें से 16 हज़ार 544 मे. टन का विक्रय किया जा चुका है और 6 हज़ार 463 मे. टन अभी उपलब्ध है। बैठक में संचालक कृषि श्री अजय गुप्ता सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा

    मंत्री श्री सारंग ने सितंबर से दिसंबर तक केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर दिये निर्देश

    भोपाल
    केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में बुधवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल और युवा कल्याण मंत्रियों की वर्चुअल बैठक आयोजित हुई। आगामी सितंबर से दिसंबर 2025 तक निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर आयोजित बैठक में सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सहभागिता की। बैठक के बाद मंत्री श्री सारंग ने भोपाल स्थित टीटी नगर स्टेडियम के मेजर ध्यानचंद हॉल में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाले विविध कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयोजन व्यापक स्तर पर हो और उसकी पहुंच प्रदेश के हर जिले, हर ब्लॉक और विशेषकर युवाओं तक सुनिश्चित की जाए। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष सिंह, उप-सचिव श्री अजय श्रीवास्तव, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्री राकेश गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिये बनेगी टीम
    बैठक में मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यक्रम के लिये गतिविधियों का समयबद्ध और क्रियान्वयन योग्य विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कार्यक्रमों के संचालन और समन्वय के लिए विभागीय स्तर पर समर्पित टीम का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर वर्चुअल बैठकों के माध्यम से भी अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिये, जिससे सभी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें।

    मंत्री श्री सारंग ने कहा कि कार्यक्रमों की सफल क्रियान्विति के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और आईटी, सोशल मीडिया एवं मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, इससे इन आयोजनों का संदेश आमजन और विशेषकर युवाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचे।

    सितंबर–दिसंबर तक होंगे युवा केंद्रित कार्यक्रम
    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सितंबर से दिसंबर 2025 तक युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार विविध आयोजन होंगे। सितंबर–अक्टूबर में “नमो पदयात्रा” और 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक “सेवा पखवाड़ा” मनाया जाएगा, जिसमें सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर देश के 75 विश्वविद्यालयों में विशेष आयोजन होंगे। जिसमें मध्यप्रदेश के चिन्हित विश्वविद्यालय भी प्रतिभागी करेंगे। अक्टूबर–नवंबर में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर सांस्कृतिक व खेलकूद गतिविधियाँ और तीन दिवसीय पदयात्रा होगी। नवंबर–दिसंबर में “संविधान पदयात्रा” तथा “विकसित भारत युवा कनेक्ट” के तहत संवादात्मक कार्यक्रम होंगे। 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विशेष आयोजन किया जाएगा।

     

  • भाजपा विधायक जज कॉल विवाद में घिरे, कांग्रेस ने पद से हटाने की मांग की

    भोपाल
    मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराधवगढ़ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अवैध खनन से जुड़े मामले में हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति को फोन कर सुर्खियों में आए विधायक पाठक पर कांग्रेस ने कदाचरण(अनुचित आचरण) का आरोप लगाते हुए विधानसभा सदस्यता से बर्खास्त करने की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि प्रमाण सामने हैं।

    30 दिन जेल में रहने पर सदस्यता समाप्त करने का कानून लाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब इस घटना का संज्ञान लेकर विधायक पाठक पर कार्रवाई करानी चाहिए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस प्रकरण का संज्ञान लेकर विधानसभा की सदस्यता समाप्त करें। इस मामले को लेकर पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल मंगुभाई पटेल और विधानसभा अध्यक्ष से भेंट भी करेगा।
      
    बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में करोड़ों के अवैध खनन से जुड़ी एक याचिका में विधायक पाठक के परिवार ने हस्तक्षेप याचिका दायर कर खुद को सुने जाने की मांग की है। अवैध खनन का आरोप विधायक पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों पर है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि उन्होंने ही अवैध खनन की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) से की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई न करके मामले को निपटा दिया गया।

    याचिका में ईओडब्ल्यू को ही पक्षकार बनाया गया है। इसी कारण विधायक पाठक की पत्नी निर्मला पाठक व पुत्र यश पाठक तरफ से हस्तक्षेप याचिका दायर की गई है। सुनवाई न्यायमूर्ति विशाल मिश्र की एकल पीठ में चल रही थी। विधायक पाठक ने न्यायमूर्ति को फोन कर इस मामले में बातचीत करने का प्रयास किया।

    इसके बाद न्यायमूर्ति इस सुनवाई से हट गए। उन्होंने नोट शीट में विधायक के फोन आने का उल्लेख किया है। मप्र बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा कहते हैं कि जनप्रतिनिधि से अच्छे आचरण की अपेक्षा की जाती है। जो प्रकरण सामने आया है, वह नैतिकता की दृष्टि से सबसे बड़ा अपराध है।

  • स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट

    अगस्‍त में 2 करोड़ 41 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में  मिली 3 करोड 30 लाख की रियायत

    भोपाल 
    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत, माह अगस्‍त-2025 में कुल दो लाख 41 हजार 592 उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ छूट का लाभ दिया गया, जिसकी कुल राशि 3 करोड़ 30 लाख रूपए है। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर ये छूट दी गई है।

    स्मार्ट मीटर के फायदे  ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।
     बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
     ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
     ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
     ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।
     ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
    ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है।

     

  • धार में होगा PM मित्र पार्क का भव्य निर्माण, CM ने निवेशकों को आमंत्रित कर दिया

    भोपाल
    'मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में अग्रणीय राज्य है। गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच टैक्सटाइल सेक्टर का पीएम मित्र पार्क बनाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए प्रदेश में कच्चे माल से लेकर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह विक्रमादित्य का परिक्षेत्र रहा है, जहां बेहतर कानून व्यवस्था है। मध्यप्रदेश निवेशकों की अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरे इसके लिए हर संभव व्यवस्थाएं विकसित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश नहीं, अब यह मॉडल प्रदेश हो गया है।'

    यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 सितंबर को नई दिल्ली में कही। सीएम डॉ. यादव 'इंवेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन पीएम मित्र पार्क' के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सारी सुविधाएं मौजूद हैं। यहां निवेश करने उद्योगपतियों को लाभ होगा। उनके लिए प्रदेश में सारी सुविधाएं मौजूद हैं। बता दें, देश के 7 पीएम मित्र पार्क से एक लाख करोड़ का निवेश और 10 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
     
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर स्तर पर किसान, बाजार और परंपराओं को गति प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में टैक्सटाइल सेक्टर को नई दिशा मिल रही है। भारत प्राचीन काल से कपड़ा उद्योग, मसाला व्यापार और स्वर्ण आभूषण के मामले में दुनिया में अग्रणी था। लेकिन, तकनीक के अभाव ने हमारी क्षमता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। भारत सरकार कठिन समय में सभी के साथ खड़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयात शुल्क में छूट मिलना उद्योगों को पुनर्स्थापित करने के लिए एक मदद है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्र पार्क युवाओं के लिए रोजगार और प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए अहम सिद्ध होगा। वर्तमान में समय थोड़ा कठिन है, लेकिन यही समय है सही समय है निवेश का।

    उद्योगपतियों के सुझावों पर गंभीरता से विचार
    केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कपड़ा मंत्रालय उद्योगपतियों की ओर से आ रहे सुझावों पर संवेदनशीलता से विचार कर रहा है। जीएसटी काउंसिल की बैठक और मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उद्योगपतियों को खुशखबरी मिल सकती है। दुनिया में टैक्सटाइल सेक्टर का 800 बिलियन डॉलर का मार्केट है। मंत्रालय ने 40 देशों में निर्यात के लिए कार्ययोजना तैयार की है।

    पिछले दिनों इंदौर में टैक्सटाइल सेक्टर के उद्यमियों से मिला था। आज भी उद्योगपतियों का वही उत्साह नजर आ रहा है। भारत किसी के लिए दरवाजा बंद नहीं करता है, लेकिन अपने स्वाभिमान से खिलवाड़ भी बर्दाश्त नहीं करते हैं। उद्योगपति धार के पीएम मित्र पार्क में निवेश के लिए जाएं। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रो इंडस्ट्रलियस्ट हैं।

    एमपी पहला ग्रीन फील्ड राज्य
    केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय सचिव नीलम शमी राव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला ग्रीन फील़्ड राज्य है। राज्य ने पीएम मित्र पार्क में औद्योगिक जमीन आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में लॉजिस्टिक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। धार का बाघ प्रिंट मशहूर है। इस प्रिंट को पूरी तरह से नदी के पानी का उपयोग कर प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है। राज्य सरकार यहां एक क्राफ्ट विलेज बनाने के लिए कार्य कर रही है। प्रदेश की चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां भी प्रसिद्ध हैं।

     

  • पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ : मंत्री परमार

    मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए "डिजिटल मूल्यांकन" की बना रहे हैं कार्ययोजना
    मंत्री श्री परमार ने सुनी विद्यार्थियों के मन की बात, नियमानुरूप क्रियान्वयन का दिया आश्वासन
    उच्च शिक्षा विभाग द्वारा "विद्यार्थी संवाद" कार्यक्रम का हुआ आयोजन

    भोपाल 
    विद्यार्थियों की परीक्षाओं के मूल्यांकन की पारदर्शिता के लिए, डिजिटल मूल्यांकन की कार्ययोजना बना रहे हैं। इससे विद्यार्थियों के मूल्यांकन की प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो सकेगी। साथ ही विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की सार्वजनिक उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने भोपाल स्थित होटल पलाश रेसीडेंसी के सभाकक्ष में, उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित "विद्यार्थी संवाद" कार्यक्रम में सहभागिता कर कही।

    उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विश्वविद्यालय, आवंटित भारतीय भाषाओं जैसे कन्नड़, गुजराती, तमिल, तेलगु, बांग्ला, असमिया आदि को सिखाने की कार्ययोजना पर क्रियान्वयन कर रहे हैं। इससे हिंदी भाषी मध्यप्रदेश से, देश भर में सभी भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान के भाव का संदेश जाएगा। श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति वर्ष 2020 के अनुसरण में, शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं। श्री परमार ने कहा कि भारत का ज्ञान, सार्वभौमिक था। हमारी संस्कृति में ज्ञान का दस्तावेजीकरण नहीं था। हमारे पूर्वजों ने शोध एवं अध्ययन कर, ज्ञान को परंपरा के रूप में समाजव्यापी बनाया था। अतीत के विभिन्न कालखंडों में, योजनाबद्ध रूप से हमारे ज्ञान को दूषित करने का कुत्सित प्रयास किया गया। श्री परमार ने कहा कि भारतीय समाज में विद्यमान परंपरागत ज्ञान को पुनः शोध एवं अनुसंधान के साथ, वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सापेक्ष युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में दस्तावेजीकरण से समृद्ध करने की आवश्यकता हैं। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हर क्षेत्र हर विषय में, भारत विश्वमंच पर अग्रणी और सर्वश्रेष्ठ था। हमारे पूर्वजों के पास समृद्ध ज्ञान एवं तकनीक थी। उन्होंने भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े विविध उदाहरण प्रस्तुत कर, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समृद्ध भारतीय ज्ञान पर विस्तृत प्रकाश डाला। मंत्री श्री परमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों के ज्ञान पर गर्व का भाव जागृत कर, वर्ष 2047 के विकसित भारत की संकल्पना सिद्धि में सहभागिता करने की आवश्यकता है। मंत्री श्री परमार ने कहा कि पुरातन काल से, भारतीय शिक्षा पद्धति एवं न्याय पद्धति विश्व में सर्वश्रेष्ठ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारत के दर्शन के आधार पर, भारत केंद्रित शिक्षा की ओर अग्रसर होने का महत्वपूर्ण अवसर दिया है।

    मंत्री श्री परमार ने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके लिए आवश्यक संसाधनों, शिक्षकों एवं अन्य समस्त आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लगातार कार्य हो रहे हैं। मंत्री श्री परमार ने विद्यार्थियों के मन की बात सुनी और उनके सुझावों पर नियमानुरूप क्रियान्वयन के लिए उन्हें आश्वस्त भी किया।

    कार्यक्रम में भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग के शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता कर, अपनी जिज्ञासा, अपेक्षाएं एवं महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसरण में पाठ्यक्रम की उपलब्धता, संकाय वृद्धि, स्नातकोत्तर में उन्नयन, कैम्पस प्लेसमेंट, संसाधनों की उपलब्धता, छात्राओं के लिए आवागमन की सुविधा, संस्थान परिसर की सुरक्षा सहित विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। इस दौरान छात्रा सुश्री रोशनी मालवीय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में आयोजित कार्यशाला में सीखी ब्राम्ही लिपि में, स्वलिखित रचना भेंट की।

    अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने कार्यक्रम के उद्देश्य से विद्यार्थियों को अवगत कराया एवं उनके सुझावों को सुना। श्री राजन ने कहा कि विद्यार्थियों के समस्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार मंथन कर, आवश्यक क्रियान्वयन करेंगे। श्री राजन ने कहा कि उच्च शिक्षा के परिवेश को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए, विद्यार्थियों से संवाद का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा।

    कार्यक्रम में आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा सहित छात्र प्रतिनिधि के रूप में छात्र अक्षत राजौरिया एवं छात्रा दिशा शिवहरे मंचासीन थे। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारीगण एवं प्राध्यापकगण भी उपस्थित थे।

     

  • खाद्य मंत्री राजपूत ने 1.50 करोड़ की लागत से निर्मित रेस्ट हाउस का किया लोकार्पण

    भोपाल
    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को सुरखी विधानसभा क्षेत्र में राहतगढ़ के पास चौकी में 1 करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक सर्किट हाउस का लोकार्पण किया।

    खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने  कहा कि राहतगढ़ को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करना मेरा सपना है। हमारा लक्ष्य है कि इस क्षेत्र के लोग बड़े शहरों जैसी सभी आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। यह सर्किट हाउस न केवल अधिकारियों और पर्यटकों के लिए सुविधाजनक ठहराव प्रदान करेगा, बल्कि यह राहतगढ़ को एक नई पहचान भी देगा। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस सागर संभाग का सबसे व्यवस्थित और सुसज्जित सर्किट हाउस है। सर्किट हाउस में सभी कमरों में एयर कंडीशन, आधुनिक ड्राइंग रूम, डाइनिंग हॉल और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्किट हाउस न केवल राहतगढ़ की शान बढ़ाएगा, बल्कि यहां आने वाले अतिथियों को घर जैसा आराम देगा। उन्होंने कहा कि सुरखी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की मैं स्वयं नियमित समीक्षा करता हूं, जिससे क्षेत्रवासियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिलें। मेरा संकल्प है कि राहतगढ़ क्षेत्र विकास के हर पैमाने पर अग्रणी बने।

    निर्धारित समय पर पूरा हुआ निर्माण कार्य

    मंत्री श्री राजपूत ने सर्किट हाउस के निर्माण कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करने के लिए संबंधित विभागों, अधिकारियों  और कांट्रेक्टर की प्रशंसा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्किट हाउस का रखरखाव नियमित रूप से किया जाए और इसकी सुंदरता व सुविधाओं में कोई कमी न आए। यहां 24 घंटे दो कर्मचारी मौजूद रहें, जिससे अतिथियों को तुरंत सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें। साथ ही उन्होंने सर्किट हाउस परिसर में लगे पेड़-पौधों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, जिससे परिसर में हरियाली और स्वच्छता बनी रहे। मंत्री श्री  राजपूत ने  राहतगढ़ के विकास के लिए अपनी भविष्य की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि  सरकार जनकल्याण और क्षेत्रीय विकास के लिए कटिबद्ध है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और भारी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी खंडेलवाल को बधाई

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ राजनेता, विधायक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की है कि श्री खंडेलवाल के मार्गदर्शन में प्रदेश में सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य होंगे और जनसेवा के नए कीर्तिमान बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से श्री खंडेलवाल के उत्तम स्वास्थ्य और यशस्वी जीवन की कामना की है।