
CG : सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने व नियद नेल्लानार योजना के संबंध में अधिकारी तैयारी पूर्ण कर लें
उत्तर बस्तर कांकेर , कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज समय-सीमा की बैठक लेकर विभागों में लंबित प्रकरणों की साप्ताहिक प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने आगामी मई माह में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार, बस्तर मुन्ने तथा नियद नेल्लानार 2.0 के क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर लेें। विशेष तौर पर ग्राम पंचायत एवं क्लस्टर स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों के आयोजन को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
आज सुबह 11 बजे कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने बताया कि सुशासन तिहार के तहत मई माह के प्रथम अथवा द्वितीय सप्ताह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रवास संभावित है। अतः तदनुरूप विभाग के अधिकारी अपनी तैयारियां पूर्ण रखें तथा शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों को सेच्युरेशन मोड में योजनाओं का लाभ दिलाएं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर निर्देशित किया कि कोई भी पात्र हितग्राही इससे वंचित होने न पाए। बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में अधोसंरचना एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उन्होंने राजस्व विभाग में लंबित प्रकरणों को 30 अप्रैल तक निराकृत करने के लिए निर्देशित किया। इसके अलावा 01 मई से प्रारंभ होने वाली जनगणना 2027 के लिए अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के सीईओे हरेश मंडावी ने बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार 2.0 के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक जानकारी अधिकारियों को दी।
इसके अलावा कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना, डीफ एवं निष्क्रिय बैंक खातों की जानकारी, विशेष केन्द्रीय सहायता मद, आयुष्मान भारत एवं वय वंदना योजना सहित विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा कर निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस दौरान संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अधीन गठित जिला योजना एवं निगरानी समिति के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अपूर्ण कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। इस अवसर पर सभी अनुविभागीय अधिकारी एवं जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।

