छत्तीसगढ़बिलासपुर जिला

CG : सुप्रीम कोर्ट ने मुंगेली गैंगरेप मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज की

बिलासपुर । मुंगेली जिले में मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती से सामूहिक दुष्कर्म और अश्लील वीडियो बनाने के बहुचर्चित मामले में मुख्य आरोपित जलेश रात्रे को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने हाई कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपित की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने हाई कोर्ट के तीन फरवरी 2026 के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार किया। मामला मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र का है। घटना 19 दिसंबर 2024 की बताई गई है। आरोप के अनुसार, गांव में रहने वाली 22 वर्षीय मानसिक रोगी युवती शाम के समय नहाने के लिए तालाब गई थी।

इसी दौरान आरोपित जलेश रात्रे और उसके साथियों ने युवती को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपितों ने घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया था। बाद में गांव के लोगों ने आरोपितों के मोबाइल फोन से वीडियो बरामद कर पुलिस को सौंपा था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई की थी। मुख्य आरोपित जलेश रात्रे ने दूसरी जमानत याचिका दाखिल करते हुए खुद को निर्दोष बताया था। उसने अदालत में दलील दी थी कि घटना के समय वह पेट्रोल लेने गया हुआ था।

वहीं, राज्य शासन की ओर से अदालत में सकारात्मक एफएसएल रिपोर्ट और पीड़िता की मानसिक स्थिति का हवाला दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने तीन फरवरी 2026 को आरोपित की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने मोबाइल से मिले वीडियो और जांच रिपोर्ट को महत्वपूर्ण साक्ष्य माना था। आरोपित ने हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने देरी माफी आवेदन स्वीकार करने के बाद मामले की सुनवाई की, लेकिन हाई कोर्ट के आदेश को विधिसम्मत मानते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही मुख्य आरोपित को किसी प्रकार की राहत नहीं मिल सकी।

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